इन्सानियत

दोस्तों सलाम आदाब आज में आप के सामने एक  नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ। उस अध्याय का नाम है "इन्सानियत"। 
आज का दौर बहुत ही नाजुक है, लेकिन इस दौर में एक बेदाग इन्सान मिलना बहुत ही मुश्किल है। आज दूनिया इन्सानियत के पैगाम पर जरुर चल रही है, नहीं तो ये दुनिया तभी मिटती नजर आ जाती है। 
इन्सानियत की मतलब है कि दुनिया में कोई भी धर्म हो या कोई भी जाति क्यों न हो जो सुख दुःख में एक दूसरे के काम आए उसे इन्सान कहते हैं। 
आज के वक्त में इन्सानियत किसी धर्म या जाती में नहीं बस्ती है बल्कि वो एक सैवा  के बहाने बाहर ही दिखाई देती है। 
इन्सानियत के विपरीत हैवानियत है, जहाँ हैवानियत खत्म हो जाती है वहाँ से फिर इन्सानियत दोडती नज़र आती है। जी इस इन्सानियत और हैवानियत का ताअ़लुक़ किसी भी जाती और धर्म से नहीं होता है, आज के दौर में हर धर्म या सम्प्रदाय में कुछ अच्छे लोग👫👬👭 और कुछ बुरे लोग भी होते हैं, जहाँ आज अच्छे लोग निवास करते हैं वहां इन्सानियत नज़र आती है, तो इस का मतलब यह नहीं कि दुनिया में अच्छे लोग खत्म हो गये, नहीं लोग अभी भी ज़िन्दा है और इन्सानियत उनके दिलों में भी ज़िन्दा है। यह भी बात सत्य है कि हैवानियत के बदले इन्सानियत नहीं मिलती, मगर इन्सानियत के बदले इन्सानियत जरूर मिलती है। 
आज किसी अस्पताल में एक हिन्दू मरीज को खून की सख्त जरूरत है तो उस को उस अस्पताल में खून नहीं मिलता है तो वो जगह जगह पता करता है है लेकिन अचानक एक मुस्लिम युवक को इस बात का पता चलता है🔍👀❗ यकीनन वो रोजेदार  होता है और रोज़ा खोल कर एक हिन्दू बहिन की खून देकर जान बचाता है तब उस  शख़्स के अन्दर हिंदू और मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है तब वाकई मे ं उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत हो जाती है। तो इसी तरह हिंदू भाई भी मुस्लिम की जान बचाता है तो उस के अन्दर हिन्दू मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है बल्कि उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत होती है। 
आप दूसरे लोगों के सामने जेसा बरताव (व्यवहार)  करोगै, आप के साथ वैसा ही बर्ताव करेंगे। अगर आप दूसरे लोगों के साथ मीठै मूंह से बात करोगे तो आप के साथ सामने वाला भी मीठे मूंह से बात करैगै। आप जिस को इज्जत दोगे सामने वाला आप को भी इज्जत देगा, अगर आप उन को बैइज़्त करोगे तो आप को भी बैइज़्ती मिलेगी। 
इन्सानियत का मतलब लोगो के सुख दुःख में काम आना और भाईचारा क़ायम रखना। 


।। जय हिंद जय भारत।। 






अमीर आदमी की 10 आदतें

जी हाँ दोस्तों👭👬👫  आज में आप के सामने ऐक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ उस अध्याय का नाम है "अमीर आदमी की 10 आदतें"। तो दोस्तों आज के समय में हर कोई आदमी अमीर बनना चाहता है, उस के लिए कड़ी मेहनत करता है , लेकिन कयी लोग सफल होते हैं और कयी लोग सफल नहीं हो पाते हैं। अमीर आदमी के लिए में कुछ आदतें बताने जा रहा हूँ। 
1.खान-पान पर ध्यान देना  
2.सुबह जल्दी उठना। 
3.अमीर आदमी अपनी गलतियां दूसरों पर नहीं थोपता। 
4.अमीर की सोच💭 बड़ी होती है। 
5.अमीर लोग जल्दी 🏃शादी नहीं करते हैं। 
6.अमीर आदमी अपने स्वास्थ्य को समय समय पर  जांच करवाते हैं। 
7.अमीर आदमी ज़िन्दगी में जोखिम लेने से नहीं डरता। 
8.अमीर आमदनी से पहले पैसा खर्च नहीं करता है। 
9.जल्दी उठना अमीर की आदत है। 
10.सुबह जल्दी नहाना🚿 अमीर आदमी की विशेषता है। 


   ।। य हिंद जय भारत।। 




Story, कहानी📖

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नयी कहानी📖 लेकर हाज़िर हुआ हूँ। 
एक आदमी दिन☀ में बाजार जाता है और हाथ में लालटेन ली हुई है और उस को टोर्च को चालू कर के पूरे बाज़ार में ईधर से ऊधर घूम रहा है, तब एक आदमी की नज़र उस टोर्च वाले आदमी पर पड़ी और कहा जनाब दिन☀ में लालटेन लेकर क्यों घूम रहे हो?  और क्या 👀 देख रहे हो, तब उस आदमी ने कहा जनाब में बाजार में आदमी को देख👀 रहा हूँ। 
तो सामने वाले आदमी ने कहा जनाब बाज़ार में तो इन्सानो की कोई कमी नहीं है ,यहाँ तो आदमी कंधे से कंधा टकरा कर चल रहा है इतनी भीड़ है, तो आप किसको देख रहे हो, तो उस शख्स ने कहा कि जनाब बाजार में ऐसे आदमी को देख रहा हूँ जो ईमानदार, दयानतदार, सच्चा, और नेक दिल और शरीफ इन्सान को देख रहा हूँ। 
तो उस शख्स ने कहा कि जनाब बाजार में ऐसे आदमी मिलना बहुत ही मुश्किल है, क्योंकि जो ज़माना शरीफ था वो चला🚶👣👣 गया अब ज़माना पहले वाला नहीं रहा है। जमाने के साथ लोग भी बदल चुके हैं। 

प्रेरणा और मार्गदर्शन

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया महत्वपूर्ण बिंदु लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो बिंदु है-प्रेरणा और मार्गदर्शन। 
इन दो शब्दों का हर इंसान की ज़िन्दगी में बहुत ही महत्व है। आज विशेष सन्दर्भ इन दो शब्दों के बारे में छात्रों के लिए बात करना चाहता हूं। 
जी हाँ इस मुल्क के अन्दर यूवाओं की कोई कमी नहीं है और आज कल हर यूवा वर्ग का तबका रोटी🍞 कमाने के लिए या नोकरी करने के लिए मेहनत करता नज़र आता है। आज भारत के अन्दर लगभग 22करोड़ छात्र यूवा वर्ग बेरोजगार है। तो मैं आज उनके लिए विशेष बातचीत💬 करुंगा। 

जी हाँ आज के समय में जितनी विद्यिर्थी वर्ग मेहनत करता है, शायद ही उतनी कोई करता होगा। क्योंकि इन की मेहनत अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण करने की होती है। और दूसरा छात्रों का वो वर्ग जो कोलेज में जाकर पढाई करते हैं और प्रतियोगिता की बहुत सारी परीक्षाएं देते हैं लेकिन कम लोग ही उत्तीर्ण कर पाते हैं। कम छात्र ही एसे होते हैं जो कठिन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करते हैं। 
क्योंकि बहुत  सारे छात्र एसे होते हैं जिनके पास न तो आगे बढने के लिए प्रेरणा होती है और न ही मार्गदर्शन। व्यक्ति के अन्दर सबसे पहले मन या मस्तिष्क में किसी उद्देश्य के प्रति प्रेरणा जगेगी, तब वो व्यक्ति काम के प्रति कदम 👣 बढाएगा। काम करने का मन में भाव तो जाग गया लेकिन कार्य को कैसे करना है, इस के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो उस के लिए सबसे ज़रुरी चीज़ है मार्गदर्शन। अगर व्यक्ति के अन्दर मार्गदर्शन की भावना भरी हुई है तो वो व्यक्ति कभी असफल नहीं होगा। 
मार्गदर्शन का मतलब है कि व्यक्ति को किस रास्ते में जाना है और कैसे जाना है, वही दिशा बताने का जो काम करता है वो है मार्गदर्शन। यह मार्गदर्शन व्यक्ति के अन्दर होता नहीं है लेकिन बाहर से दिया जाता है, अध्यापक द्वारा या किसी अन्य अधिकारी द्वारा दिया जाता है। 

विद्यार्थी े के आगे बढने लिए कुछ टिप्स जिन का आप जरूर फोलो करैं। 
1.अपनी पढाई के लिए समय सारणी के अनुसार पढाई करें। 
2.जो कठिन विषय है उस विषय को सबसे पहले पढैं। 
3.जीवन में अनूशासन बना कर रखिये। 
4.किताबों से लगातार जुड़े रहे ं। 
5.पढाई के दौरान प्रेरणा स्रोत कहानियाँ पढैं। 
जब तक हम लोग अध्यापक एवं अन्य अधिकारी बच्चों को पढाई के प्रति दिशा निर्देश नहीं दैंगे तो वो बच्चा कामयाब कैसे हो सकता है। आज कल बहुत सारे छात्र परीक्षाओं में पिछड़ रहे है उसका महत्वपूर्ण कारण है मार्गदर्शन न मिलना। मार्गदर्शन अगर सही नहीं मिला तो  उस की मैहनत भी बैकार  चली जाएगी। 
विद्यार्थी के अन्दर सबसे पहले अपना उद्देश्य समझ में आएगा,उद्देश्य के बारे में प्रेरणा जगेगी, फिर उस को मार्गदर्शन मिलेगा, उस के बाद उद्देश्य के प्रति लगातार प्रयास करेगा, बार बार प्रयास करने से सफल हो जाता है। 
   

    धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त, लेखक, वक्ता एवं समाज सेवी मुराद खान।। 

     । । जय हिंद जय भारत।। 






अनुशासन Discipline

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया बिंदु लैकर हाज़िर हुआ हूँ वो है अनुशासन। अनुशासन अपने आप में एक महत्वपूर्ण शब्द है और इसका अर्थ भी एक 
मायने रखता है। अगर व्यक्ति कहीं पर या किसी भी क्षेत्र में काम कर रहा है तो उस के लिए अनुशासन जरूर है। अनुशासन जीवन का एक पहलू बन चुका है। 


अनुसाशन का मतलब क्या है? 
अनुशासन एक जीवन गुजारने का तरीका है और यह हर क्षेत्र में पाया जाता है। अनुशासन के बिना जीवन भी अनुचित लगता है, क्योंकि जो व्यक्ति कहीं पर या किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उस के लिए अनुशासन ज़रूरी है। 
अनुशासन का मतलब यह है कि जो व्यक्ति किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उसे संस्थान का नियम होता है और अपनी समय सारणी होती है उसका अपना क्षेत्र होता है। उस संस्थान के समयानुसार चलना और नियमानुसार काम करना और अपने दायरे में रह कर कार्य करना है और उस ओफिस के स्टाफ साथियों से बातचीत करने का तरीका और उनके साथ किया गया व्यवहार ही  अनुशासन है। 

अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उस के पास अगर अनुशासन है तो वो व्यक्ति सबसे बड़ा सम्मान पा सकता है। 
अनुशासन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु है जिनको फोलो करके आप महत्वपूर्ण मंजिल तक जा सकते हैं
1.ईमानदारी :- आप किसी भी क्षेत्र में        काम कर रहे हैं तो आप का उस काम को ईमानदारी से कार्य करै तो आप को        अनुशासन के नाम की प्रसिद्धि मिल        सकती है। 
2.सच्चाई:- अनुशासन के मायने में दूसरा पहलू है सच्चाई। अगर आप अपनी संस्थान में सच्चाई के साथ कार्य करते हैं तो आप पर भरोसा💛 किया जा सकता है और आप की छवि उभर सामने आ जाएगी। 
3.नैतिकता:- अनुशासन का तीसरा महत्वपूर्ण पहलू है नैतिकता। जी हाँ कोई भी क्षेत्र या काम हो या कोई भी संस्थान क्यों न हो वहाँ पर आप का आचरण, आदतें अच्छी है तो आप नैतिकता के हिस्सेदार बन जाओगे। 
4.व्यवहार :- अनुशासन का चोथा महत्वपूर्ण पहलू है व्यवहार। इस का भी संस्थान में या काम में महत्वपूर्ण पहलू है। 
5.कठिन परिश्रम:- जी हाँ इस के बिना हमारी गाड़ी चलने वाली नहीं है, क्योंकि इस मैहनत की हर क्षेत्र में सख्त जरूरत होती है, कहते हैं न बिना मेहनत के तख्तो ताज हासिल👉👍👌 नहीं होते हैं। 
अगर ये पांच खास बाते जो अपने जीवन में उतार दै तो वो आदमी अनुशासन की श्रेणी में आ जाता है और वो आदमी सम्मान का अधिकार पा सकता है। 


दोस्तों👭👬👫 आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हो या किसी भी संस्थान में काम कर रहे हो तो सबसे पहले आप को अनुशासन की सख्त जरूरत है बिना अनुशासन के आप की पहचान नहीं होगी। 
अनुशासन को आप अपनी ज़िंदगी में उतारते है ं तो आप को आगे बढ़ने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाएगी। 



धन्यवाद🙏💕 ,मैं आप का दोस्त, लेखक, वक्ता, एवं समाज सेवी मुराद खान। 

।। जहाँ हिंद जय भारत।। 


सफलता🏆💪, SUCCESS🏆💪

सफलता🏆💪:- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज  एक महत्वपूर्ण विषय के बारे में चर्चा 
करेंगे कि सफलता क्या है?  
दोस्तों👭👬👫 सफलता एक एसी चीज है, जो आप को आप के अपने उद्देश्य तक ले जाती है, वही सफलता है। 

सफलता🏆💪 के उद्देश्य क्या है? 
     आप की सफलता के कुछ भी उद्देश्य जैैैसेे
कोई आदमी बड़े पद पर जाना चाहता है, कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व करना चाहता है, कोई अपने बिजनेस के पथ पर जाना चाहता है, कोई बड़ा संस्थान खोल कर सफलता🏆💪 प्राप्त करना चाहता है। इसी प्रकार हर व्यक्ति के ज़िन्दगी में कुछ न कुछ छोटे -बड़े उद्देश्य जरूर होते लेकिन पूरे  उद्देश्य हर किसी के नहीं होते हैं।  लेकिन पूरे वही कर पाता है जो अपना ध्यान लक्ष्य पर हरदम टिका हुआ हो। ओर उसी राह पर व्यक्ति ईमानदारी से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ता है तो वो एक दिन जरूर कामयाब होगा। 
आज कयी ऐसे लोग👫👬👭 है जो अपने काम में सफल तो होना चाहते हैं  अगर सफल नहीं हो पाते हैं तो दोष ओरों को या अपनी किस्मत, लक, भाग्य को देते है, दोस्तों ये तीनों शब्द अपने आप में अधूरे हैं इन तीनों शब्दों को दोष दैने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि लक में दो अक्षर हैं, और भाग्य में ढाई अक्षर है, किस्मत में साढ़े तीन अक्षर हैं जो कि यह अक्षर अपने आप में अधूरा हैं। रहा चोथा शब्द जो एक परिपूर्ण शब्द है वो है मेहनत। जो मैैैहनत के अलावा दूूूसरा कोई विकल्प नहीं है। आप  किसी भी क्षेत्र में जाओगे लेकिन मैहनत तो करनी ही हैै बगेर मैैहन के कोई  भी क्यों न हो लेकिन 
कामयाब  नहीं होगा, यह सत्य है। 

सफलता के लिए आप को अपनी नयी रणनीति बनानी होगी और उस हिसाब से समय को भी  स्थापित करना होगा, फिर उस का विज़न आप के दिमाग में सेव  करना होगा और उसके बाद क्या❓ लगातार मेहनत ही करनी है, अगर मैहनत नहीं करेंगे तो कामयाबी भी नहीं मिल पाएगी। 
दोस्तों👭👬👫 आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हो, वो आप का क्षेत्र आप की पसंद का है तो आप उस कार्य में देर मत कीजिये  और लग जाईए, मेहनत कीजिये आप को सफल होने के लिए आप को कोई रोक नहीं सकता, बस आप के जिज्ञासा, जोश, जुनून और ज़ज़़्बा होना चाहिए। 
"मैहनत करने वाले उतना ही छोड़ते हैं जितना, इन्तजार करने वाले"- ए पी जे अब्दुल कलाम। 
दोस्तों👭👬👫 आप इस कलाम साहब जी के कथन से समझ गये होंगे। 
   धन्यवाद🙏💕। मैं आप का दोस्त लेखक, वक्ता, एव स्वतंत्र विचारक, 
मुराद खान  



   ।। जय हिंद जय भारत।। 






बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। save children children read


जी हाँ दोस्तों आज में आप के सामने एक नया विषय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो विषय है-"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ "। यह नारा श्री प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दिया था और इसी नाम से योजना📝 भी चलाई थी। 
योजना की शुरुआत 22जनवरी , 2015 हरियाणा के पानीपत शहर से शुरू की थी जिसके उद्देश्य निम्नलिखित थै। 
1.बैटियों को खतरे की घण्टी से बचाना। 
2.बेटियों के लिए शिक्षा🎒🏫📚🎓            सुनिश्चित करना। 
3.पक्ष पाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया का          उन्मूलन। 
जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये थे उद्देश्य जो केन्द्र सरकार ने लागू किये थे, और समझने योग्य बात यह है कि ये योजना कितनी सफल रही और कितनी असफल रही। 


लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूँ कि पिछली केन्द्र सरकार की कोई भी योजना हो, कोई खास सफल नहीं हो पायी है, क्योंकि या अच्छी तरीके से मोनिटरिंग नहीं की गई। इस बेटियों के जिम्मेदार कैवल एक सरकार भी नहीं है इस के जिम्मेदार उनके अभिभावक भी है और रिश्तेदार भी है। बेटियों को घर में सुरक्षित🔏 रखने और उनकी देखभाल करने की भी जिम्मेदारी माता पिता की है। इस काम में किसी अकेले आदमी की कोई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि की जिम्मेदारी बराबर है। आज भारत के अन्दर कयी एसै कारण मिलेगे जिससे बेटियों को खतरे में डाला जा रहा    है। 
1.बेटियों को मन के अनुरूप शादी नहीं         करने देना। 
2.बेटियों को पूरी पढाई नही करने देना। 
3.कयी कयी समाज आज भी बैटियों को      जन्म देकर झाड़ियों में फैक देते है, या        अस्पताल के आस पास ही फेंक देते है। 
4.बेटियां लोभ लालच के चक्कर में पड़        जाना  जिससे अफेयर का शिकार हो          जाना। 
5.प्रेम मै धोखाधड़ी हो जाना। 
6.बेटियों को उचित संस्कार नहीं मिलना       यह भी कारण है। 
7.अगर कोई गरीब होने की वजह से दहेज    कम दे पाते हैं तो यह भी एक बड़ा पाप       है। 
8.ऐसै बहुत कुछ अभिभावक है जो बच्चे       और बच्ची के अवसर में भैदभाव भाव        रखते हैं और बच्ची को पराया धन 💰        मानते हैं। 


आज ये सब अनहोनी जो घटनाएं हो रही है इस का जिमेदार कोन?  

इस घटना के जिम्मेदार हम खुद है दूसरा कोई नहीं है, क्योंकि भारतीय🇮🇳👳 समाज इतना बड़ा है कि प्रत्येक के 🏡🏠घर में बैठे और बैटियां है, उनकी हिफाजत करना किसका कार्य है ??
ये सब काम हमारा है, हमें खुद को बैटियों की निगरानी रखनी है और उसका पालन पोषण भी बेटे के समान ही करना है, शिक्षा🎒🏫📚🎓 भी  बैटों के समान ही दिलानी है। उन बचियों की दिशा और दशा हमै ही पूर्ण करनी है। शिक्षा के साथ साथ संसकार भी दिलाने है बिना संस्कार वाली शिक्षा हमारे काम की नहीं है। बच्चे ओर बच्चियों में शिक्षा या अन्य अवसर के प्रति भैदभाव नहीं करना है। 

उपर्युक्त जो बातैं मैने बतायी, इन बातों का सही से उल्लेख किया जाऐ तो एसी घटनाएं शायद ही कम घटै। और भारतीय समाज पर धब्बा नहीं लगेगा। 
भारतीय🇮🇳👳 समाज में कुछ ऐसी मान जातियाँ हैं जो अपनी बच्चियों को ऊंची तालीम देते है और उनका पालन पोषण अच्छी तरह से करते हैं, ऐसी घटना  वहां पर कम होगी जहाँ शिक्षा का स्तर काफी उंचा होगा। 
कुछ ऐसी भारतीय🇮🇳👳 समाज की जो जातियाँ हैं वहां पर शिक्षा🎒🏫📚🎓 का स्तर काफी नीचा है और वो अपनी बच्चियों को तालीम उचित रूप से दे नहीं पाते हैं ं। और उस समाज की बच्चियाँ काफी अपने अवसरों के प्रति जागरूक नही होती है जिससे ये घटनाएं आम हो जाती है। और भारत देश एसी घटनाओं का शिकार हो जाता है। 

निवेदन🙏😊:- मेरा आप सभी से निवेदन है कि अपनी बच्चियों को और बहिनों कौ दीनी तालीम और दुनिया की तालीम देने से कंजूसी न करें। जितना हो सके उतना पैसा तालीम पर खर्च करिये। क्योंकि शिक्षा🎒🏫📚🎓 सबसे बड़ी दौलत है और शिक्षा के बिना हम अंधेरे में डूबे हुए है  शिक्षा के बिना हम अपने अधिकार 
और कर्तव्य को कैसे पहचानैगै। 
आज ये लेख 📰 मुझे इसलिए लिखना✏ पड़ा कि हर दिन एक न एक घटना लडकियों के बारे में अखबार में न छपी हो।
इससे एसा महसूस हो रहा था कि पूरा देश
 गंदा हो चुका है। 
     धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त लैखक, वक्ता, एव समाज
 सेवी, मुराद खान। 


      ।।  जय हिंद जय भारत।। 







शिक्षा 🎒🏫📚🎓की कमी

आज भारत में शिक्षा की कमी। 



दोस्तों 👭👬👫सलाम आदाब!  आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो टोपिक है, शिक्षा की कमी। जी हाँ इस बात में कोई शक नहीं है कि भारत के अन्दर शिक्षा की भयंकर कमी है। इस का  अन्दाजा इस बात से लगाया जाता है कि भारत के सरकारी स्कूलों जर्जर हालात से ही मालूम चल जाता है। आज भारत के अन्दर शिक्षा की कमी के एक उदाहरण नहीं इस के  अनैक उदाहरण हैं, यहाँ कुछ बातें में बिन्दु  वार बताना चाहता हूँ। जो निम्नलिखित हैं-
1.भारत के पासआर्थिक संसाधनों की           कमी।
2.शिक्षा 📪पद्धति का असुनिश्चित  होना। 
3.जनता में शिक्षा के प्रति जागरूकता की      कमी। 
4.बैरोज़गारी की मारा मारी ज़यादा होना। 
5. गरीब लोग👫👬👭 महंगी शिक्षा तक      पहुँच नहीं पाते। 
6.शिक्षा की स्पष्ट नीतियों को लागू नहीं         करना। 
जी हाँ दोस्तों तो ये थी शिक्षा के प्रति कमियाँ जो भारत को पीछे धकेल रही है। आज के समय में शिक्षा सब कै लिए अनिवार्य है और बिना शिक्षा के आप का विकास संभव नहीं है यह बात निश्चित है। 
आज 🌏 विश्व में बहुत बहुत सारे देश विकसित इसलिए है कि उनके पास शिक्षा के प्रति अनूकूल साधन है और वो लोग👫👬👭 अपना ज्यादा समय कार्य करने में गुजारते है ं। 

आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा की हालत बहुत बहुत ही खराब है वहाँ पर जो सरकार छात्रों को सुविधा देती है जैसे-
पाठ्यपुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाना, दोपहर का मध्याह्न का भोजन🍴 उपलब्ध करवाना, खेल सामग्री उपलब्ध करवाना एसी बहुत सारी  चीज़ें फ्री में उपलब्ध करवाती है सरकार, जो यह सरकारी स्कूलों में पूर्ण रूप से इनका संचालन नहीं होता है। सरकारी स्कूलों में अध्यापक स्टाफ की भयंकर कमी〽। स्कूल के अन्दर मूल भूत संसाधनों की कमी। एसी भयंकर कमी के चलते सरकारी स्कूलों में शिक्षा पूर्ण रुप से संचालित  नहीं होती है।  आज भारत की 70 फीसदी आबादी सरकारी में छात्र पढाई करते हैं और बाकी छात्र अपने आर्थिक स्थिति की मजबुती के कारण निजी विद्यालयों में पढाई करवाते हैं जो उच्च गुणवत्ता वाली है। 
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा उस स्कूल🏫 की पढाई उत्तम 💯✨ नहीं होने के कारण या तो पढाई बीच में ही छोड़ देगा या किसी निजी स्कूल में दाखिला लेगा। आज भी भारत देश के अन्दर इतनी ग़रीबी है कि लौगों को अपने एक समय के लिए खाना भी समय पर नहीं मिलता है। आज इस भूखमरी के कारण लोग👫👬👭 निजी स्कूल तो दूर की बात एक सरकारी स्कूल में पढ नहीं पाता है। 
आज वही लोग 👫👬👭 जो सरकारी नौकरियों में जाते हैं और बड़े बड़े पदों पर आसीन हैं जो निजी स्कूलों में शिक्षा हासिल करके जाते हैं। 
आज हमारे मुल्क में शिक्षा की कमी से देश के हालात काफी नाजुक है- 
1.लोगों के अन्दर सोच💭 की कमी। 
2.छोटी छोटी बातों को लेकर झगड़े होना। 
3.रिशतेदारों में अनबन। 
4.ऐक दूसरे को आगे नहीं बढने देना। 
5.एकता की कमी होना। 
6.लोगों में इन्सानियत का बंटवारा जाना। 
7.लोग धर्म एवं जाती के आधार पर बंट         जाते हैं। 
8.लालच के चक्कर में आकर किसी की हत्या🔪 कर दैना। 
9.बाल विवाह ज्यादा होना। 
10.दहैज की अत्यधिक मांग करना। 
11.रूढिवादिता  की भावना लोगों में भरी       हुई है। 
12.जाती के आधार पर भैदभाव। 
13 अपने अवसरों के प्रति जागरूकता की       कमी।
14.अत्यधिक  नशे का  सैवन  करना। 
15.बेटियो को शिक्षा🎒🏫📚🎓 से दूर रखना। 

तो दोस्तों👭👬👫 ये है शिक्षा की कमी के हालात ये घटनाएं हमारे देश में आम हो चुकी है ऐसी बड़ी बड़ी बड़ी घटनाएं न जाने कितनी होती होगी। लेकिन घटनाएं वहाँ पर होती है जहाँ शिक्षा की कमी〽 होती है। 
दोस्तों👭👬👫 आप सब समझदार है इन घटनाओं से दूर रहें और ज्यादा से ज्यादा शिक्षा🎒🏫📚🎓 हासिल करैं और अपने भाई, बहिनों और बच्चों को👶👶🍼 शिक्षा प्रदान करावे। 
  "इल्म नूर है जहालत अंधेरा है
   इल्म ज़िन्दगी के लिए, ज़िन्दगी वतन के     लिए"।। 

   धन्यवाद🙏💕। में आप का दोस्त लेखक, वक्ता एवं समाज सेवी मुराद खान। 


       ।।जय हिंद जय भारत।। 



प्यारा वतन भारत

भारत:-                                                        "हिंन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
         रंग -रूप,  वैश  भाषा चाहे अनैक               हैं"

 जी हाँ दोस्तों आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो टोपिक है, "प्यारा वतन भारत" । इस पुरे संसार में अगर देखा जाए तो दुनिया का सबसे अज़ीम मुल्क भारत ही है, क्योंकि भारत के अन्दर बहुत सारे मजहब साथ में मिल कर भाईचारे के साथ रहते हैं और  उन्हेंं ये हक  संविधान भी 
देता है। वैसे देखा जाए तो भारत हर नजरिये से प्यारा है। 
क्योंकि भारत का नक्शा देखने में सबसे अलग है, भारत का नक्शा चोकोर है और उसकी उस की तीनों सीमाएं पानी💧 से घिरी हुई है, भारत के अन्दर की भोगोलिक स्तिथि भारत के उत्तर में पहाड़ है, तो पश्चिम में थार का रेगिस्तान🏜 है ,और भारत के मध्य में उपजाऊ मैदान है और दक्षिण में पठार है। इस तरह भारत विविधता की दृष्टि से एक प्यारा मुल्क है। 

भारत को विविधता का धनी देश क्यों कहते हैं?  
क्योंकि भारत के अन्दर सभी धर्मों के लोग हिन्दू, मुस्लिम,सिख ईसाई साथ रहते हैं और उनमें कयी प्रकार की जातियाँ रहती है, उनका खान-पान  रहन -सहन, सांस्कृतिक तोर तरीके अलग अलग है ं ,उनकी भाषा और बोलियाँ अलग अलग है और धार्मिक पद्धति अलग अलग है उस के बावजूद भी सभी लोग एक दुसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनके सांस्कृतिक त्योहार में सम्मिलित होते हैं और देश की शासन प्रणाली में एकता कै धागे में बंधे हुए है ं।

इस प्रकार भारत कौ 👤  दुनिया प्यार से देखती है। भारत अपने आप में एक खास मुल्क बनता जा रहा है, भारत भी अब शक्ति शाली देश बन चुका है। दुनिया के सबसे पावरफुल दैशों में शुमार होने जा रहा है। भारतीय🇮🇳👳 लोगों में जितनी मुहब्बत है उतनी ही शायद ही किसी देश में होगी। भारत के अन्दर आज अगर ऐकता ओर भाईचारा है तो उस का श्रेय 💳 में भारतीय संविधान को देना चाहता हूं और संविधान बनाने वाली  कमेटी की सोच को सलाम। 

इस प्यारे भारत को आज भी कुछ लोग👫👬👭 देश की हसीन संस्कृति को धूमिल करना चाहते हैं और देश को बर्बाद करना चाहते लेकिन उन लोगो की सोच कभी पूरी नहीं होगी।  इन्शा अल्लाह। 
लेकिन इस देश को जितना बर्बाद करना  चाहिंगे उतना ही ये देश अपने आप में मज़बूत होता जाएगा  नफरत कै बदले नफरत काम में नहीं आएगी बल्कि नफरत कै बदले प्यार काम में आएगा। इस मुल्क में फैली हुई नफरत को प्यार ही मिटा सकता है बाकी दुनिया की कोई चीज़ नहीं मिटा सकती  है। । 
              

      धन्यवाद🙏💕 दोस्तों👭👬👫, 
में आप का दोस्त, लेखक, वक्ता और समाज सेवी, मुराद खान। 

     ।। जय हिंद जय भारत।। 









राजनीति, Political.

राजनीति:- जी हाँ दोस्तों आज में
 के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ। वो टोपिक है "राजनीति" जी आज पुरे विश्व 🌏में आज राज चल रहा है वो राज किसका है वो राज है नीतियों अथार्त सिद्धांतों का है।ये बात में कर रहा हूँ लोकतांत्रिक सरकार की जिसमें राजनीतिक पार्टियां निश्चित  समय अवधि के बाद चुनाव लड़ते हैं और उस देश का विकास करने के लिए संविधान की क़सम लेकर वो सत्ता धारी कुर्सी पर बैठते हैं और देश का शासन चलाते हैं।
अब मैं बात करना चाहता हूँ हमारे देश भारत की जो राजनीति में क्या स्थिति है?  ये जानना बहुत ज़रूरी है। हमें इस बात की खुशी है कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है यहाँ पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं अन्य सभी धर्मों के लोग👫👬👭 मिल कर साथ रहते हैं और विकास एवं संविधान के अनुसार सभी को बराबरी का हिस्सा मिलता है। जनसंख्या की
 दृष्टि से  विश्व🌏 में दूसरे स्थान पर है। भारत की जनसंख्या लगभग 125करोड़ है। तो सीधी सी बात है कि राजनीतिक दल भी अधिक है, 7-8 राष्ट्रीय दल है और कुछ स्थानीय दल भी है जिनकी तादाद बहुत ज्यादा है। भारतीय🇮🇳 चुनाव पांच साल में होते हैं। भारत  के पांच साल का समय चुनाव में गुज़र जाता है   MLA, MP,  राज्य सभा, राष्ट्रीपति, ओर सथानीय सरकारैं  सरपंच
और प्रधान के ये सारे चुनाव पांच साल में ही होते हैं एक साथ नहीं बल्कि प्रत्येक संस्थान के चुनाव एक साल या दो साल के मध्य होते हैं। जो विकास की दृष्टि से बहुत हानिकारक है।
इससे भारत की आर्थिक स्थिति खराब और समय का भी दुरूपयोग होता है।
मेरा सुझाव है कि भारत सरकार को चुनाव पूरे भारत के एक साथ करवाना चाहिए जिससे यह स्थिति देश के लिए ठीक रहेगी। 
आज भारत के अन्दर राजनीति किस तरह हो रही है इस के बारे में, में आप को बताने जा रहा 🚶👭रहा हूँ। भारत में हर पांच साल बाद चुनाव होते हैं और निर्वाचन विभाग चुनाव करवाता है,। सभी दल अपना -अपना प्रचार प्रसार करते हैं और विकास की बड़ी बड़ी बातें करते हैं। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हो जाते हैं और जो प्रतिनिधि जीत 🏆 जाता है वो पांच साल में जितना पैसा कमाना होता है उतना वो में से कमा लेते हैं उनको कोई रोकने वाला नहीं है। यह बात सत्य है। लेकिन पांच साल के अन्दर कोई प्रतिनिधि अपने खास आदमी का विकास करवाता है बाकी की तरफ कोई मुतवज्जो नहीं है। चाहे कोई भी दल हो या कोई भी व्यक्ति क्यों नहीं,  सभी अपनी अपनी पूर्ति करने में लगे रहते हैं।
जैसे ही पांच साल पुरे होते हैं वापस चुनाव का दौर आ जाता है और नैता लोग बडी बडी बातें करते हैं और विकास के मूद्दा भुनाते है और जनता को पैसे देकर लालच देकर वोट☑ लेकर जीत 🏆 जाते हैं और पांच साल फिर मजे करते हैं।
इस दलों में या पार्टियों में कयी प्रकार के लोग रहते हैं हर एक  व्यक्ति अपने आप में अलग होता है कोई व्यक्ति अपनी जनता को चाहने वाला होता है कोई व्यक्ति जनता के प्रति निष्क्रिय होता है यकीनन जो नेता लोग निष्क्रिय होते हैं उन्हें जनता सबक सिखा देती है अगर जनता ही मूर्ख या भोली भाली है तो उस क्षेत्र का नेता भी मोज करता है। राजनीतिक के मामले में राजस्थान की जनता बहुत चालाक हैं इस बात का उदाहरण है कि हर पांच साल बाद सरकार बदलती रहती एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा। बाकी राज्यों में ऐसा उदाहरण आप को शायद  ही मिलेगा।

लेकिन आज कल जो चुनाव होते हैं वो विकास के नाम पर नहीं⛔ बल्कि जाती, धर्म, लालच, समाज, मन्दिर, मस्जिद के नाम पर चुनाव होते हैं विकास का नाम भी गायब हो जाने लगता है, अगर विकास का मुद्दा गायब हो गया तो समझो उस देश का कानून भी खतरे में हो सकता है, हाँ यह बात भी सत्य है। कोई भी पार्टी जैसा बोलती है वैसा ही जवाब सामने वाला देता है लेकिन जनता के लिए जो ज़रूरी मुद्दे हैं और मूल भूत आवश्यकताएँ हैं उसकी तरफ किसी का भी ध्यान⚠ नहीं है। फिर भी जनता एसे लोगों को चुन कर संसद में भेजती है और जो संसद में बोल ही नहीं पाते हैं। कोई 10  फीसदी जो प्रतिनिधि जनता के लिए क्षेत्र अच्छे कार्य करते हैं और जनता की समस्या संसद में उठाते हैं समस्या का समाधान निकलवाते है ं। अछा नेता वह होता है जो जनता की भलाई एवं कल्याण कारी काम करै और जनता को पूरा पूरा हिसाब देवे। जनता उनको अपना मसीहा मानती है। जनता के लिए विकास के कार्य करे वही सबसे अच्छा है। 

आज हमारा देश खतरे में है उसका एक उदाहरण नहीं है बल्कि बहुत बहुत सारे उदाहरण है जनता के सामने, जनता भी समझ चुकी है कि अब उसे ही चुन कर संसद में भैजैंगे जो ईमानदार, एवं कर्तव्य निष्ट हो
-जगह जगह पर साम्प्रदायिक हिंसा।
-निर्वाचन विभाग पर पक्ष पात का आरोप।
-देश के मुख्य न्यायाधीश पर झूठे आरोप।
ये सब देश को खतरे में  डालने वाले उदाहरण है। 
           धन्यवाद🙏💕 दौस्तो ं। 
में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, समाज सेवी, मुराद खान। 
 ।।  जय हिंद जय भारत। । 






इण्टर नेट Internet

इण्टर नेट:- जी हाँ दोस्तों आज हम इण्टर नेट के बारे में चर्चा करैैंगे।
आज की दुनिया ईनटरनेट पर निर्भर है।
आज से  पांच सो साल पहले ईनटरनेट का नाम भी नहीं था। पुराने समय में पूरा काम बिना ईनटरनेट की सहायता से होता था।     उस समय ईनटरनेट की  जानकारी किसी को मालूम नहीं थी। पूराने समय में संदेशों का चलन काफी महत्वपूर्ण था। उस काल में बड़े बड़े लोग👫👬👭। राजा, महाराजा, भूसंपत्ति, ज़मीदारो के संदेश व उनके विचारों को भेजने के लिए अपने खुद के ही सेवकों को संदेश लेकर जाना पडता था। ईसमे यह मूसीबत थी कि उनका भेजा गया संदेश बहूत दिनों के बाद पहूचता था। आज के इस आधूनिक काल में देखा जाए तो ईनटरनेट का विस्तार बहूत ही तेजी से हो रहा है। किसी भी व्यक्ति को अपना संदेश📱 भेजना हो घर में बैठे फोन से संदेश भेजा और सिर्फ पांच मिनट के अन्दर सामने वाले का वापस जवाब भी मिलता है। इसमें दो चीजों की बचत हुई। 1.समय की बचत। 2.काम का जल्दी से निपटारा।
लाभ:- इन्टरनेट का विस्तार होने से आज कोई भी काम जल्दी से
 जाता है और समय की भी बचत हुई है आज हम अपने घर बैठे- बैठे घर, बिजली, पानी एवं मोबाईल का रिचार्ज या भुगतान घर🏡 बैठे कर सकते हैं। और बाहर कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है, इतनी टैक्नोलॉजी सस्ती हो गई है। आज कल सारा काम इन्टरनेट के ज़रिए घर🏡 बैठे ही हो रहा है। व्यक्ति को कोई भी काम करना है तो उस का हल मोबाईल  के हर अनुप्रयोग में दिया हुआ है उस को देख कर सकते हैं कोई भी दस्तावेज बनाना है पड़ता है तो सीधा ओनलाइन से हाथों हाथ दस्तावेज बन जाता है।

हानि:- इन्टरनेट


के जैसी से विस्तार होने से मनूष्य में आलसी पन आ गया है। क्योंकि प्राचीन काल में मनूष्यों को कठिन काम करना पड़ता था। आज के समय में इन्टरनेट पर बहुत सारी गन्दी चीजों का शिकार हो रहा है जिसे वो व्यक्ति लक्ष्य से भटक जाता है और उसकी लाईफ भी खराब हो जाता है। अधिकतर समय इन्टरनेट पर गुज़ारने से व्यक्ति के अन्दर उदासीनता एवं चिड़चिड़ापन आ जाता है। और उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर भी पड़ने लगता है।
      धन्यवाद🙏💕 दोस्तों👭👬👫
में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, अध्यापक एवं समाज सेवी, मुराद खान । 




प्रकृति Nature🌿🍃

Natur प्रकृति🌿🍃:- जी हाँ 
                      दोस्तों👭👬👫 आज में एक नये टोपिक लेकर हाज़िर हुए है और टोपिक अपने आप में खास है और विशिष्ट भी है क्योंकि प्रकृति के बारे में आप सभी जानते हैं कि इस कै बिना हमारा जीवन कैसे चल पाएगा ये असंभव है। 
प्रकृति पर मनुष्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर है, मनूष्य के अलावा पशु🐮 पक्षी एवं वन्य प्राणी भी शामिल हैं, ये वन्य जीव पूर्ण रूप से प्रकृति🌿🍃 पर निर्भर है। लेकिन इस की हिफाज़त करना मनुष्य के जिम्मे है। प्रकृति को बिगाड़ना और सुधारना मनुष्य का ही काम है। मनुष्य प्राचीन काल में प्रकृति को देवी अथवा माँ मानकर उसकी पूजा करता था और प्रकृति से डर रखता था क्यों?  क्योंकि उस काल में मनुष्य पूर्ण रूप से प्रकृति पर ही निर्भर था दूसरा विकल्प मनुष्य के पास था ही नहीं। मनुष्य का खाना, पीना, उठना, बैठना सारी क्रियाएँ पैड़-पोधौं के अन्दर ही होती थी। मनुष्य की सारी पूर्ति प्रकृति देवी करती थी क्योंकि उस काल में न तो इतनी जनसंख्या थी और न ही इतने पशु- पक्षी थे। उस काल में भी मनुष्य पशूओं का शिकार 🔫करके खाता था और अपना जीवन खानाबदोश व्यतीत करता था। आज भी इस आधुनिक युग में कुछ वर्ग प्रकृति की रक्षा कर रहा है जिसके परिणाम कुछ खास नजर नहीं आ रहै है। आज भी कुछ ऐसी जनजातियाँ जो अपना गुज़ारा प्रकृति🌿🍃 के अन्दर रह कर चलाते हैं तो भला इससे स्पष्ट हो गया है कि प्रकृति की रक्षा कोन कर रहा है। लेकिन इस का सदुपयोग तो सभी कर रहे हैं और दुरूपयोग भी सभी करते हैं तो इस का ज़िम्मेदार कौन?  ज़िम्मेदार मनुष्य। 
लेकिन आज मनुष्य प्रकृति🌿🍃 से हट कर दूर भले ही गया है लेकिन दूर रह कर भी पेड़ों-पोधों से जो सामग्री ले रहा है या उपयोग कर रहा है हां प्रकृति🌿🍃 की वस्तुएँ लेने से मना कोई नहीं करता है लेकिन उसका संरक्षण कोई नहीं करता ये सबसे बड़ी समस्या है।

लेकिन आज का युग आधुनिक टैक्नोलॉजी का है और सारा काम मशीनों से हो रहा और प्रकृति को कितना नुकसान या फायदा हो रहा है ये कोई आकलन नहीं करता । आज भी हमारे खाने की सारी की सारी वस्तुएँ हमैं पैड़-पोधौं से मिलती है, वहाँ से खाने  के लिए फल और फूल तो ले रहे हैं उस 🌳 पेड़ का संरक्षण नहीं कर रहे हैं। ये सबसे बड़ी गलती है मनुष्य की। प्रकृति सभी को बराबर मात्रा में में हमें खाने की सामग्री दे रही है बल्कि वो ये नहीं पूछती कि आप का धर्म, जाती क्या है? 
लेकिन इस  संसार में कुछ ऐसे क्षेत्र है जहाँ पर मानव आपस में लड़ते हैं, धर्म और जाति के नाम पर। 

प्रकृति🌿🍃 की ओर इस संसार की कुछ हद तक सरकारें भी ध्यान देने लगी है। नयी नयी योजनाएं चला रही है और लोगों को इस कार्य में प्रोत्साहित भी कर रही है फिर भी परिणाम सकारात्मक नहीं आ रहा है। परिणाम सकारात्मक तब आएगा जब आम जन में प्रकृति के प्रति रूचि जागृत होगी और उसकी कमी महसूस होगी। 
प्रकृति के अन्दर जो प्राचीन काल में जो चीज़ें शुद्ध खाने को मिलती थी वो अब प्रकृति ने देना बंद कर दिया, क्योंकि अब जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और प्रकृति का विनाश हो रहा है, पीने के लिए जल की भयंकर कमी हो रही है। 
प्रकृति का सर्वनाश हो रहा है यह कहना कोई गलत नहीं है। 
कोई भी मुल्क की सरकार हो चाहे वो लोकतांत्रिक हो या राजतांत्रिक, ये सरकारें प्रकृति पर कितना ध्यान दे पाती है?  इस की मुझे कोई खास जानकारी नहीं है हां ये में कह सकता हूँ। हाँ हमारे हिन्दूस्तान की जो सरकार है उस के बारे में जरूर कुछ कहना चाहता हूँ। भारत सरकार के जब चुनाव का समय आता है तब विकास नाम का कोई मुद्दा नहीं होता है कुछ एक के सिवा। उस समय इनको धर्म, जाती, मन्दिर, मस्जिद की याद आती है और जब सत्ता मिल जाती है तब इधर से उधर करके पांच साल का समय निकाल लेते हैं विकास गायब तो प्रकृति ओर हरियाली की तरफ कौन देखेगा।प्रकृति की चीज़ें मीठी तो सब को लगती है मगर ध्यान कम लोग ही दे पाते हैं। 
          धन्यवाद🙏💕 दोस्तों, में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, निजी अध्यापक एवं समाज सेवी। मुराद खान।। 
     ।।  जय हिंद जय भारत।। 

   



शिक्षक, Teachers

दोस्तों👭👬👫 नमस्कार!  आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ। वो टोपिक है " शिक्षक", जैसा कि आप को मालूम है कि शिक्षक के बिना किसी भी समाज का विकास नहीं, अगर समाज का विकास का नहीं है तो उस देश का विकास कहाँ और कैसे होगा?? 
तो मैं आप को शिक्षक के बारे में कुछ नयी जानकारी दे रहा हूँ
शिक्षक शब्द के कुछ पर्यायवाची:-

- अध्यापक, गुरु, टीचर, सर, उस्ताद और मास्टर।
शिक्षक अथवा गुरु की परिभाषा:-
एक एसा शिक्षक जो समाज को सुधारने का काम करता है और उन व्यक्तियों में बोद्धिक विकास के रास्ते को खोलता है, एव आगे बढने का पथ भी बताता है।

शिक्षक का महत्व:- आज  इस पूरे संसार की                                बात करें तो एसा लगता है कि शिक्षक के बिना संसाााार का पहिया चलने वाला नहीं है ये हकीकत में सत्य है।
चाहे वो शिक्षक धार्मिक शिक्षा देता हो या अधार्मिक शिक्षा देता हो । लेकिन एक शिक्षक एसा काम करता है जो कोई ओर नहीं कर सकता, एक शिक्षक इंसान को अर्श से लेकर फर्श पर पहुंचा सकता है यह कार्य केवल शिक्षक ही कर सकता है।
इस संसार में तीन शब्द बहुत छोटे हैं, लेकिन उन शब्दों की अगर व्याख्या की जाए तो उनका अर्थ समुद्र जितना निकलेगा। वो है-- माँ, बाप और गुरु। दोस्तों
                       जीीीी जीते जी इन तीन लोगों की दुुनिया में ज़रूर इज़्ज़त करना अगर इनकी इज़्ज़त नही की तो समझो आप  का जीवन बर्बाद है, अगर आप ने इन का दिल 💜❤ जीत लिया तो आप को किसी के सामने झुकना नही पड़ेगा। और न ही पछताना पड़ेगा।
ये गुरु आप को वह दुनिया और दीनी तालीम सिखाते हैं जिससे आप वहाँ शिखर तक पहुँच पाते हैं, गुरु शब्द भले ही छोटा हो लेकिन इसके शब्द का अर्थ व्यापक है। ये आप को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं बांटता है बल्कि जीवन को किसी रूप में गुज़ारना चाहिए, और किस तरह जीवन को जिया जाए। वैसे शिक्षक को समाज का हथियार कहा गया है और शिक्षा 🎒🏫📚🎓को समाज का आधार कहा गया है। 
वैसे शिक्षक की प्राचीन काल में लोग बहुत इज़्ज़त करते थे और शिक्षक को ईश्वर का रूप माना जाता था। उस काल में लोगों का नज़रिया सकारात्मक था, उन लोगों का जीवन शिक्षक पर निर्भर ही था शायद, पहले ज़माने में लोग इतने पढ़े लिखे लोग नहीं थे, और उनका कुछ काम काज का हिसाब किताब करवाना होता तो शिक्षक के पास जाते थे। उस काल में लोग शिक्षक का मान सम्मान सच्चे दिल से करते थे। उस काल में शिक्षक जो बच्चों को ज्ञान देता था वो नये नये हुनर सिखाता था और छोटे मोटे काम करना सिखाता था। 

लेकिन आज के शिक्षक में सब कुछ बदल गया, रंग, रूप, वेश भाषा प्रेम ज्ञान, जिस तरह समय बदल रहा है वैसे ही लोगों का नज़रिया बदल रहा है। आज के युग में जो सरकारी शिक्षक स्कूल🏫 में लगे हुए है उनके नज़रिए में बहुत फर्क आ गया है। क्यों, क्योंकि वो एक सरकारी स्कूल में पढाते है ं और सरकारी काग़ज़ों की कमी पूर्ति करने के लिए ज़्यादा समय उसी काम में व्यस्त रहता है और छात्रों पर पूरा ध्यान नही दे पाता है वैसे भी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भयंकर कमी है। आज के समय में शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है और लोग काफी जागरुक भी हुए है। आज कल हर आदमी अपनी संतान को शिक्षित बनाना चाहता है और शिक्षित भी हो रहै है ंं, 
आज भी शिक्षकों के कयी रूप वो अपने अपने अंदाज में शिक्षा का विस्तार करते हैं। लोगों की नजरों में वो शिक्षक महत्वपूर्ण है जो ईमानदार, नेतिकता, सचचाई, और मेहनती होना चाहिए और समय का पाबंद भी हो  उसका मान सम्मान लोगों के दिलों में बरकरार है। 


    धन्यवाद 🙏💕 दोस्तों👭👬👫, 
मैं आप का दोस्त लेखक, वक्ता , अध्यापक, एवं समाज सेवी, मुराद खान। 







शिक्षा, Education

दोस्तों👭👬👫 नमस्कार, में आज आप को शिक्षा के बारे में चर्चा करने जा रहा हूँ, कि शिक्षा का मतलब क्या होता है?  आप के मस्तिष्क में एक सम्प्रत्य  बन गया है कि "किताबी ज्ञान"। क्या यह हमारी वास्तविक शिक्षा🎒🏫📚🎓 है जो हमैं कमरे की बंद दीवारों के अन्दर पढाई जाए। अगर इस का उत्तर नहीं भी है तो आज हिन्दुस्तान के अन्दर यही शिक्षा हमैं भी दी जा रही है। बंद कमरे में जो शिक्षा दी जाती है उसके परिणाम है कि भारत आज एक विकासशील देश माना गया है और है भी। इस में कोई शक की बात नहीं है।
लेकिन जब भारत की तुलना दूसरे विकसित मुल्कों के साथ करते हैं तो प्रमुख कारण यह निकल कर आता है कि शिक्षा पद्धति में बदलाव। अमेरिका, चाईना, जापान जैसे मूल्कों  में बच्चों को  खिलोने, मोडल, चित्र, विडियो, ओडियौ द्वारा पढाते है और छोटे बच्चों को खिलोने हाथ में दिए जाते हैं और वो बच्चा खिलोना देख कर तोड़ना, बनाना, जोड़ना ओटोमेटिक सीख जाता है क्यों, क्योंकि उनके पास शिक्षा की स्पष्ट नितियां है और उनके अन्दर जिज्ञासा की प्रबल भावना भरी हुई है तब जा के वो मुल्क जल्दी तरक्की करता है।
और भारत जैसे बड़े मुल्क में खिलोने की बात तो दूर रही लैकिन आज सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को किताबें भी नहीं मिल पाती है यह हालात हैं इस मुल्क का। और न तो प्रत्येक सरकारी स्कूलों में  में पुरे अध्यापक  भी नही है, अगर है भी तो उनको सिर्फ कागज़ी पूर्ति में लगाया जाता है और स्कूल की औपचारिकता निभाने के लिए।। फिर भारत तरक्की कैसे कर पाएगा। जब हम सरकारी स्कूल का अवलोकन करते हैं तो ऐसा लगता है कि यहाँ पर पहले ऐक सभ्यता पनपी थी, एसा एहसास हो रहा है, क्योंकि उस सरकारी स्कूल के अन्दर जब प्रवेश करैंगे तो कचरे का ढेर, सामग्री इधर उधर बिखरी हुई नजर आएगी, स्कूल के रंग रोगन का पता नहीं, अन्दर बोर्ड की हालत खराब होगी। और शोचालय, रसोई की हालत उससे भी बदतर होगी, और अध्यापकों की कमी तो है ही। तब भी भारत डिजिटल सपने को साकार करने में लगा हुआ है। बड़े शर्म की बात है।।
शिक्षा क्या है??
      शिक्षा एक जीवन का अभिन्न अंग है, व्यक्ति को अपना भविष्य सुधारने के लिए शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य है, शिक्षा के बिना व्यक्ति का विकास संभव नहीं है यह आज की
के समय में हर समझदार इंसान को मालुम है।
शिक्षा कैसी हो??
शिक्षा व्यवहारिक ज्ञान होना चाहिए और हमारे जीवन से जुड़ी हुई होनी चाहिए, सिर्फ किताबों वाली शिक्षा हमारे काम की नहीं होनी चाहिए। हमें आगे का रास्ता बताने वाली शिक्षा होनी चाहिए।

कौनसा मुल्क तरक्की जल्दी करता है??
 वही मुल्क तरक्की जल्दी कर पाएगा जिस के शिक्षा उच्च कोटि की हो और नये संसाधनों के साथ शिक्षा दी जाती है, और वो लोग पढने में नहीं बल्कि समझने में ज़्यादा समय लगाते हैं।
   धन्यवाद🙏💕 दोस्तों, में आप का दौस्तो लेखक, वक्ता, अध्यापक, एव समाज सेवी मुराद खान। 

लोकतंत्र , Democratic

लोकतंत्र:- लोकतंत्र यानी जनता का शासन, जनता के लिए जनता द्वारा चुुना
  गया  शासन।।
लोकतंत्र हर एक मायने में बहुत कुछ खास है और ये हमैं एक नई ताकत या सत्ता हासिल करने का अवसर देता है।पृथ्वी🌎 नामक गृह पर बसे हुए मुल्क, मुल्कों में अलग-  अलग सरकारें पायी जाती है जो कि सरकारों के तीन प्रकार हैं 1.लोकतंत्र
             2.राजतंत्र
             3.तानाशाही
उपर्युक्त सरकारों के प्रकार में सबसे सर्वश्रेष्ठ सरकार अगर है तो वो है लोकतांत्रिक सरकार। क्योंकि ये सरकार जिस मुल्क में पायी जाती है तो उस राज्य और देश की जनता 90 फीसदी तक सही सलामत होती है। यानी कि इस सरकार को चुनने या बनाने का अवसर जनता के पास है और जनता अपनी पंसद के उम्मीदवार को चुनती है और वो शख्स जनता के भले के लिए ज़रूर अच्छे कार्य करता है।
आज इस पूरे मुल्क में लोकतांत्रिक सरकार का सबसे ज्यादा विस्तार फैला हुआ है और जनता की पंसद की सरकार लोकतंत्र सरकार है।
रही बात दो अन्य सरकारों कि जो कि न तो अपनी इच्छा अनुसार कार्य करती है और न ही जनता की आवाज को सुनती है इसलिए ये सरकारें विश्व🌏 के कम हिस्सो पर फैली हुई है, अपनी खुद की ईच्छा अनुसार कार्य करती है।

लोकतांत्रिक सरकार में क इ  पार्टी चुनाव में हिस्सा लेती है और जिस पार्टी का बहुमत ज़्यादा होता है वो पार्टी अपने मुल्क के क़ानून के मुताबिक हुकूमत चलाती है, लेकिन उस हर ऐक पार्टी का जो कार्य काल पांच साल या चार वर्ष का होता है जैसे ही कार्य काल की अवधि खत्म हो जाती है इलैक्शन कमीशन दुबारा समय पूर्व चुनाव करवाता है और नयी सरकार का गठन होता है और वो सरकार उस देश का शासन चलाती, जनता के लिए कल्याण कारी योजनाएं लागू करती है और देश को प्रगति के पथ पर आगै बढाती है।।

लोकतंत्र सरकार में, व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्याय पालिका यानी सरकार के तीनों अंगों के प्रति सम्मान भागीदारी होती है जिसे जनता खुश रहती है।।
लोकतंत्र सरकार में जनता को अधिकार दिये हुए है और वो अपने अधिकारौं का लाभ उठा सकती है और अपना हक़ सरकार से मांग सकती है। वही उस मुल्क के निवासियों को प्रमुख कर्तव्य भी दिये होते हैं जिससे उनको उन कर्तव्यौं का अनुसरण करना पड़ता है।।
       धन्यवाद🙏💕 दोस्तों ऐ
   में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, अध्यापक, एवं समाज सेवी।।



Golden Quotes स्वर्ण तथ्य

1.अगर हार की  कोई संभावना न हो तो जीत      का कोई अर्थ नहीं है -रोबर्ट एच स्कुलर। 
2.साथ आना शुरुआत होती है, साथ रहने से        प्रगति होती है और साथ काम करने से            सफलता🏆💪 मिलती है-हेनरी फोर्ड। 
3.जिस व्यक्ति में सफलता के लिए आशा और       आत्मविश्वास है, वही व्यक्ति उच्च शिखर
     पर पहुँचते हैं ं- अज्ञात 
4.जब आप किसी चीज में यकीन करें तो पूरी
    तरह करें, निस्संदेह और निर्विवाद रुप से-
                     वोल्ट डिज्नी


Full Form 2

WHO:- world🌏 Health                                 Organization.
WWF:-World🌏 Wild Life Fund.
FCI:-Food Corporation of India
FIR:- First Information Report.
GAIL:- Gas Authority of India                     Limited.
GSI:-Geological Survey of India.
NEET:-National Eligibility Cum                   Entrance Test.
AIDS:- Aqwired Imuno,                                Deficiency Syndromes.
HIV:-Humman Immuno                            Deficiency Virus..
HMT:-Hindustan Mashinen                       Tools.

मीडिया💿📰🎙

मीडिया💿 को सरकार का चौथा स्तम्भ माना😯💭 गया है। मीडिया सरकार एंव जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करता है।
मीडिया का महत्वपूर्ण कार्य यह है कि जनता की समस्याएं उठा कर सरकार के सामने रखै और सरकार को इस कार्य हेतु उन्हें ध्यान दिलाएं। मीडिया का यह भी फर्ज़ बनता है कि सरकार की कल्याण कारी योजनाएं जनता के सामने रखैं। और जनता उस योजना का लाभ उठाऐं। वास्तव में मीडिया का काम है कि धरातल पर लोगों की समस्याएं उठाकर सरकार के सामने पैश करें।

मीडिया के पास वो शक्ति है जिससे वो कैसी भी जानकारी सरकार से मांग सकते हैं और कोई भी महत्वपूर्ण कार्य और योजना पर प्रशन 💭❓ पूछ सकते हैं और उसका जवाब मांग सकते हैं।

मीडिया वेसे कई  प्रकार के है तथा उनके काम और सीमा एक ही है। लेकिन उनके काम का आधार अलग अलग है।

जनता का वास्तव में जो सेवक है वो है मीडिया, क्योंकि जनता की आवाज कोई सीधे न सुनकर मीडिया के माध्यम से सुनते हैं और सरकार की नाकामियां जनता के सामने रखते हैं जिससे उनको जनता का सैवक कहा गया है।

मीडिया सरकार के प्रत्येक कार्य पर पैनी नज़र रखै हूऐ है मीडिया और भ्रष्टाचार, अन्याय, आंतकवादी, आदि ऐसी कइ घटनाओं के मोके पर आवाज बुलंद करते हैं।




Fact तथ्य

दुनिया में सबसे ज्यादा बोर्ड गेम यानी लूडो, चेस आदी जर्मनी में बिकते है ं। 
# तितलियाँ किसी वस्तु का स्वाद अपने परों से चलती है। 

#TYPEWRITER सबसे लंबा शब्द है, जो की- बोर्ड की एक ही लाईन पर टाईप होता है। 

#व्यक्ति खाना खाए बिना कयी सप्ताह गुजार सकता है, लेकिन सोए बिना केवल 11 दिन ही रह सकता है। 

# ठण्डे पानी की अपेक्षा गर्म पानी अधिक तेजी से बर्फ ❄ में बदलता है। 

# आप को भी यह कभी याद नहीं रहेगा कि आप का सपना कहां से शुरू हुआ था। 

# एक की-बोर्ड पर टोयलेट से 60 गुना अधिक रोगाणु होते हैं। 

# ओक्टोपस के तीन हृदय होते हैं। 

#बुध ग्रह पर एक दिन पृथ्वी के दो वर्ष जितना होता है। 

# आइसलैंड में पालतू कुत्ता रखना क़ानून कै विरूद्ध है। 

#हिमालयी याक के दूध🍼 का रंग गुलाबी होता है। 

#केवल तोता एक मात्र ऐसा पक्षी है जो अपनी चोंच के उपरी और निचले दोनों हिस्सों को हिला सकता है। 

#महीला के हृदय की की दर पुरूषों की तुलना में अधिक होती है। 

#चींटी अपने भार से 300गुना अधिक भार खींच सकती है। 

#हमारे शरीर में 👂ओर 👃 एसे अंग है जो जीवन भर बढते रहते हैं। 

#हमारे मस्तिष्क में इतनी बिजली🕹🔋🔌 होती है कि उससे एक बल्ब 💡जल सकता है।।।

प्रेरणा स्रोत शायरी।

'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा
हम बुलबुले हैं इसकी गुलिस्ताँ हमारा'।। 

फानूस बन कर जिसकी हिफाजत हवा करे
वो शमा क्या बुझे जिससे रोशन खुदा करे। 

इल्म नूर है जहालत अंधेरा है 
इल्म जिंदगी के लिए जि़न्दगी वतन के लिए

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी है हम वतन है हिन्दूस्तान हमारा। 

खुद ही को कर इतना बुलंद कि हर तक़दीर से पहले खुदा खुद बंदे से पूछे कि बता तेरी रज़ा क्या है।। 

निगाहों में मंजिल थी गिरे और गिर कर संभलते रहे, हवाओं  ने बहुत कोशिश की
मगर चिराग आँधियों में भी जलते रहे।। 

दिल में जो बात निकलती है असर रखती है
पर नहीं ताकत ए परवाज़ मगर रखती है।। 

अम्ल से ज़िन्दगी बनती है जन्नत भी और जहन्नुम भी
ये खाकी अपनी फितरत में न नूरी है न नारी है।। 

सोदागिरी  नहीं है ये इबादत खुदा की है
ए खबर ज़रा की तमन्ना भी छोड़ दे।। 

मस्जिद तो बना दी शब्द भर में
ईमान की हरारत वालों ने
मन अपना पुराना पापी हैं बरसो में
  नमाज़ी बन न सका। 

नयी जानकारी new information

1.बवंडर या टौर्नेडो क्या होते हैं? क्या हमारे देश में भी आते हैं? 
टोर्नेडो मूलतः वात्याचचक्र है। यानी घूमती हवा। यह हवा न सिर्फ तेज़ी से घूमती है बल्कि ऊपर उठती जाती है। इस की चपेट में जो भी चीज़ें आती है वैसे भी हवा में ऊपर उठ जाती है। इस प्रकार धूल ओर हवा से बनी काफी ऊंची दीवार या मीनार चलती जाती है और रास्ते में जो भी चीज़ मिलती है उसे तबाह कर देती है। इनके के ई रूप है। इनके साथ गडगडाहट, आंधी, तूफान  और बिजली भी कड़ है। ये हमारे देश में अक्सर आते है ं।।
2.घड़ी में ज़्यादा से ज्यादा 12 ही क्यों बजते हैं? 
हम जानते हैं कि धरती अपनी धुरी पर 24घंटे में पूरी तरह घूमती है। इस 23घंटे को हम एक दिन कहते हैं। दिन ☀को हम ने 24 घंटे में बांटा है। इन 24घंटे में से आधे में दिन और आधे में रात होती है। इसलिए 12 घंटे की घड़ी होती है। दिन को अंग्रेजी में एएम (पूर्वाह्न)
रात को अंग्रेजी को पीएम ( अपहर्न/) कहते हैं। यों 24 घंटे वाली घड़ियाँ भी होती है। 🚄रेलवे की ⏰घड़ी में तो 23ओर 24ही बजते हैं।
3.दुनिया की पहली मस्जिद कौन सी है? 
दुनिया की पहली मस्जिद मुहम्मद साहब ने बनवायी थी, जो मदीना मुनव्वरा  में मस्जिद कुबा  कहलाती है।
4.रावण के पिता का नाम क्या था? 
विश्रवा। विश्रवा महान ऋषि पुलस्त्य के पुत्र थे। उन की माता का नाम हविर्भूवा था। विश्रवा अपने पिता के समान वेदों के विद्धान थे।
        आप का दोस्त, लेखक, वक्ता, अध्यापक एवं समाज सेवी मुराद खान। 




अभिभावकों से विनम्र अपील।

आज में उन अभिभावकों के बारे में बातचीत 💬करने जा रहा हूँ, जिनके बच्चें सरकारी अथवा गैर सरकारी विद्यालयों में पढाई करते हैं। उन बच्चों के अभिभावक अथवा संरक्षक कितना ध्यान⚠ दे पाते हैं और उनकी ज़रुरत पूरी कैसे करते हैं। तो आइये मेरे साथ में आप को वो महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहा हूँ।
1.सबसे पहले आप अपने बच्चे को स्कूल           भेजें।
2.अपने बच्चे को विद्यालय की सामग्री                 ज़रूरत  के मुताबिक खरीद कर देवैं।
3.आप विद्यालय के संपर्क में रहैं।
4.अभिभावक मीटिंग हमेशा अटैण्ड करें।
5.बच्चे की साफ - सफाई के बारे में ध्यान⚠        दैं।
6.बच्चे का व्यवहारिक ज्ञान की जांच करें।
7.बच्चै की कोपियां चैक करैं।
8.बच्चे से हंस कर बात करें।
9.बच्चे को विद्यालय में अच्छा पर्दर्शन करने       पर उसको इनाम दें जिससे आप का बच्चा          बुहुत खुश होगा।
10.बच्चे के खानपान पर ध्यान दें।
11.बच्चे के अन्दर अच्छी आदतें विकसित            करावे ं।
12.अच्छे लडकों की संगति में रहैं।
13.बच्चे का सभी के सामने अच्छा व्यवहार          होना चाहिए।
14.अपना गृह कार्य समय पर करने वाला               होना चाहिए।
15.मता -पिता की बातों को अनुसरण करने          वाला होना चाहिए।
              धन्यवाद🙏💕 में आप का दोस्त, लेखक , वक्ता, अध्यापक,  एवं समाज सेवी।
मुराद खान।
   



Good habits of studants अच्छे विद्यार्थी की विशेषताएं।

प्रिय दोस्तों👭👬👫 आज में आप को ऐक अच्छे विद्यार्थी के बारे में जानकारी देने जा रहा हूँ। एक ऐसा विद्यार्थी जो उनके के अन्दर बहुत
सारी विशैषताऐं पायी जाती है जिससे वो ऐक  अच्छा विद्यार्थी कहलाता है, उसके अंदर अच्छे लक्षण, अच्छी आदतें, पायी जाती है।
1.ईमानदारी का परिचय देना।
2.सत्य बोलना।
3.अनुशासन में रहना।
4.हमेशा साफ सफाई में रहना।
5.अपना काम समय पर करना।
6.बडे लोगों की इज्जत करना।
7.सभी लोगों के सामने अच्छा व्यवहार करना।      8.स्कूल का काम समय पर पूरा करना।
9.मित्रो एवं दोस्तों की सहायता करना।
10.फालतू खर्च नहीं⛔ करना।
11.अपनै काम के प्रति जागरूक रहना।
12.पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना।
13.अपनी पढाई को समय सारणी के अनुसार काम करना।
14.अच्छी लिखावट पर तवज्जो देना।
15.बार -बार पढाई पर तवज्जो देना।
        धन्यवाद🙏💕



परीक्षा और कक्षा में टोपर कैसे बनैं।

आज का समय प्रतियोगिता का समय है, हर कोई अभ्यर्थी चाहता है कि मैं ही कक्षा और कोई भी परीक्षा में टौप मेरीट में आऊं , लेकिन उसके लिए कुछ टिप्स महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें ये फोलो करने पडते है, और बहुत सारे छात्र, इस सिस्टम को फ़ॉलो नहीं करते हैं जिसकी वजह से वे छात्र कोई भी परीक्षा टौप करने से पीछे रह जाते हैं।  
1.कक्षा में ध्यान दें जो पढाया जाऐ :- कक्षा- कक्ष में पढाते समय ध्यान देंवें। बहुत सारे विद्यार्थी अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पाते हैं इसकी वजह यही है कि वो कक्षा में पूरा ध्यान नही दे पाते हैं। आप कक्षा में बीच (मध्यम)  वाली बैंच पर बैठे ता कि आप का ध्यान इधर- उधर भटके नहीं और आप का दिमाग स्थिर रहे। कक्षा में जो पढाया जाता है उसका पूरा पूरा ध्यान से सुने और समझे और घर जाकर दुबारा अध्ययन करें, जिससे आप का पढाया हुआ जल्दी याद होगा। क ई विद्यार्थी घर जाकर दुबारा अध्ययन नहीं करते हैं जिसके कारण वे टोप  करने से रह जाते हैं। 
कक्षा टोप  करने का फार्मूला:- 
1.कक्षा में पढाई गयी चीज़ को ध्यान से पढैं। 
2.हमैशा पहले या दूसरे बैंच पर बैठे ता कि आप का ध्यान भटके नहीं। 
3.कक्षा में पढाई गयी चीज़ का घर पर दुबारा अध्ययन करें। 
2.कक्षा टोप करने के लिए समय सारणी जरूरी है। 
कक्षा में जो पढाया जाता है उसका सूनियोजित तरीके से अध्ययन करना चाहिए, अगर प्रत्येक विषय को अध्ययन का समय बराबर नहीं मिलता है तो किसी एक दो विषय में कमज़ोर हो सकतें हैं। प्रत्येक विषय के लिए समय सारणी जरूरी है, सभी विषयों को बराबर समय देना चाहिए। अच्छे नम्बर लाने के लिए सभी विषयों का गहराई से अध्ययन करें। अगर समय सारणी नहीं बनाई है तो आप का ध्यान इधर उधर भटके सकता है और दिमाग स्थिर नहीं रहेगा और आप असफल हो सकते हैं। 
1.प्रत्येक विषय के लिए समय सारणी बनाऐं। 
2.रोजाना समय पर पढाई करैं। 
3.खेल का समय भी निश्चित करें। 
3.नोट्स बना कर पढाई करें। 
अगर आप कक्षा में या कोई भी परीक्षा में प्रथम आना चाहते हैं तो उस के लिए नोट्स ज़रुरी है, क्योंकि लिखी हुई चीज़ जल्दी याद होती है,। सभी विषयों को समयानुसार पढने के बाद आप उनका नोट्स बनाते हैं तो वो चीज़ जल्दी समझ में आ जाती है और याद भी हो जाती है। नोट्स में उन्हीं चीजो ं को नोट करते हैं जो महत्वपूर्ण होती है, सफलता में नोट्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
1.स्कूल या कोलेज में जो पढाया जाऐ उसका नोट्स बनाऐं। 
2.प्रत्येक विषय के अलग अलग नोट्स बनाऐं। 
3.महत्वपूर्ण सामग्री का नोट्स बनाऐं। 

4 परीक्षा शुरू होने से पहले पढाई जारी रखें। 
बहुत सारे छात्र परीक्षा के दो या चार दिन☀ पहले ही पढाई करना चालू करते हैं जबकि ये तरीका गलत है, अगर छात्र को कमयाब  और सफल होना है तो परीक्षा से पहले लगातार अध्ययन📚✏ जारी रखें, जिससे विद्यार्थी जल्दी कामयाब हो सकता है। परीक्षा से पहले आप अगर पाठ्यक्रम को पूरा कर पाते हैं तो आप की परीक्षा बड़ीया परफॉरमेंस कर सकते हैं। 
1 परीक्षा शुरू होने से पहले पाठ्यक्रम खत्म करें। 
2.परीक्षा के दो या तीन हफ्ते पहले दुबारा अध्ययन शुरू करैं। 
3.परीक्षा के समय सिर्फ ओर सिर्फ पढाई पर फोकस करें। 
5.पढाई से ध्यान हटाने वाली चीज़ों से दूर रहैं। 
अगर आप हकीकत में परीक्षा को टोप करना चाहते हैं और आप के मन में है कि मुझे डोक्टर बनना है तो उस ओर ही ध्यान केंद्रित करैं। बाकी इधर उधर ना भटकें। और आप को सोशल मीडिया💿 से दूरी बना कर रखें। बुरी संगत वाले लोगों के साथ संबंध💏 छोड़ देना चाहिए। 
1.परीक्षा के समय टेलीविजन📺 को देखना बिलकुल बंद करें। 
2.फेसबूक, ट्विटर, और अन्य सोशल मीडिया💿 का उपयोग बिलकुल बंद करैं। 
3.ज़्यादा देर तक इन्टरनेट पर समय न बिताएंगे। 
4.
मोबाइल📱 का उपयोग बिलकुल कम करें। 
6.कक्षा में पढाई करने वाले बच्चों के साथ रहें। 
कक्षा का एक होशियार छात्र उन्ही छात्रों के साथ अक्सर रहता है जो कि वे पढाई में टोप होतें हैं। अगर आप भी पढाई में टोप करना चाहते हैं तो होशियार बच्चों के साथ रहना होगा और उनसे दोस्ती करनी पड़ेगी जिससे कि आप को उन से बाहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
1.होशियार बच्चों के साथ रहैं। 
2.सकारात्मक  सोच वाले बच्चों के साथ रहैं। 
3.उनसे कुछ नया सीखते रहें। 
7.कमज़ोर विषय को ज्यादा ध्यान दें। 
ज़्यादातर बच्चों की आदत होती है कि वे सरल लगने वाले विषय पर ज़्यादा फोकस करते हैं जो कि यह तरीका एकदम गलत है। आप को हमेशा उस विषय पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है जो आप को कठिन लगता है। सरल विषय पर हम जल्दी पकड़ बना सकते हैं बल्कि कठिन विषय को सरल बनाने के लिए उस पर ज़्यादा समय लगता है। 
1.जो विषय सरल है उसको कम समय दें। 
2.जो विषय आप को ज्यादा कमज़ोर लगता है उसको ज्यादा पढैं। 
3.गणित जैसे विषयों में ज्यादा मेहनत करैं। 
 8.हमेशा पुराने प्रशन पत्रों को हल करैं। 
परीक्षा टोप करने से पहले आप को अपना परीक्षा पैटर्न याद होना, और परीक्षा से पहले आप पिछली परीक्षा औं के प्रशन पत्रों का अवलोकन करैं और दुबारा गहराई से अध्ययन करें ं जिससे आप की परीक्षा सरल हो सकती है और आप कामयाबी के शिखर को छू सकते हैं। प्रशन पत्र हल करने से आप को परीक्षा देने का मालूम हो जाएगा और परीक्षा में पेपर किस प्रकार का आऐगा ये भी आप को मालूम हो जाएगा। 
        #लहरों से डर कर नोका  पार नहीं होती
           कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।। #
             धन्यवाद🙏💕 आप का दोस्त मुराद खान, लेखक, अध्यापक, एव सामाजिक👥 कार्य कर्ता।। 




अच्छा विद्यार्थी Good student

     Good habits of student   

अच्छे विद्यार्थी की विशेषताएं                                                            






 


दोस्तों आज हम एक अच्छे विद्यार्थी के बारे में बात करेंगे, जो कि उनके अन्दर, अच्छे गुण, अच्छी आदतें और अच्छा व्यवहार पाया जाता है। एक विद्यार्थी को अच्छा कौन बनाता है उसके बारे में आज हम चर्चा करेंगे।
ऐक अच्छे विद्यार्थी के सामान्य पांच लक्षण पाए जाते हैं " काग चेष्टा, बको ध्यानम, श्वान निन्द्रा, अल्पाहारी यथेचु  गृह त्यागी। "
एक अच्छे विद्यार्थी में उपर्युक्त विशैषताऐं होनी ज़रूरी है- कौऐ  जेसी चालाकी, बगूले  जेसा ध्यान, कुत्ते जेसी हल्की नींद😴, कम खाना, और घर छोड़कर ज्ञान हासिल करना।
1.कम खाना।
2.कम बोलना।
3.हल्की नींद लेना।
4.बगूले जेसा ध्यान।
5.सोचना ज़यादा, बोलना कम
6.कठीन मेहनत करना।
7.अनुशासन में रहना।
8.बार बार अध्ययन करना।
9.उद्देश्य निश्चित होना।
10.लक्षय पर ध्यान केंद्रित होना।



Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...