Important points of Board classes in rajasthan board ajmer महतवपूर्ण बिन्दु बोर्ड कक्षाओं के लिए

विद्यार्थी जीवन एक स्वर्ण जीवन !


     विद्यार्थी के पांच लक्षण
काग चेष्ठा, वगो ध्यानम,श्वान निंद्रा
अल्पाहारी यथेचु गृह त्यागी।


इल्म नूर है, जहालत अंधेरा है ,
इल्म ज़िंदगी के लिए
 जिन्दगी वतन के लिए।


शिक्षा एक शेरनी का दूध है ,
जो जितना पियेगा,
वो उतना ही दहाड़ेगा 

प्रिय छात्रों!


जी हां प्रिय छात्रों! आज का युग शिक्षा का है ,जिसमें हर बच्चा पढ़ना चाहता है और मेहनत करके कामयाब होना चाहता है ,उनके मां बाप का एक सपना होता है की हमारा बच्चा शिक्षा में कामयाबी हासिल करे, अध्यापक , डॉक्टर, पुलिस वकील या बड़ा ऑफिसर बने लेकिन कुछ सही रणनीति नही बनाने की वजह से वो अपना मुकाम हासिल नहीं कर पाता है ,इसी वजह से अक्सर विद्यार्थी परीक्षा में अपने उद्देश्य में कामयाब नही हो पाते है । या तो वो परीक्षा में फेल हो जाते है या अपेक्षाओं के अनुरूप प्रतिशत नही बना पाते है सबसे ज्यादा बच्चा तनाव महसूस करने लगता है और डिप्रेशन का शिकार हो जाता है । इस तनाव से बचना चाहिए।    जिंदगी आप के लिए एक बहुत ही  महत्वपूर्ण है,कभी तनाव न ले ,जीवन में मस्त होकर जिए।कभी कोई आपका काम सही समय पर नही होता है या आप फेल हो जाते है तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वो आप की किस्मत में कुदरत ने लिखा ही नहीं था जो आप फालतू को टेंशन ले रहे हो ।आप अपना पूरा भरोसा अल्लाह पर रखते हुए अपने लक्ष्य पर मेहनत करते रहे ,कामयाबी देने वाली जात अल्लाह की है ।
✍🏻 *पढाई करते समय ध्यान देने योग्य बातें* 📚 

1. पढाई हमेशा कुर्सी टेबल पर बैठकर ही करें, बिस्तर पर लेटकर बिलकुल भी न पढ़े । लेटकर पढ़ने से पढ़ा हुआ दिमाग में बिलकुल नही जाता बल्कि नींद आने लगती है ।

2. पढ़ते समय टेलीविजन न चलाये और रेडियो   या गाने भी बंद रखे*

3. पढाई के समय मोबाइल स्विच ऑफ़ कर दे या साईलेंट मोड में रखे ।*

4. पढ़े हुए पाठ्य को लिखते भी जाये, इससे आपकी एकाग्रता भी बनी रहेगी और भविष्य के लिए नोट्स भी बन जायेंगे ।

5. कोई भी पाठ्य कम से कम तीन बार जरूर पढ़े।

6. रटने की प्रवृत्ति से बचे जो भी पढ़े उस पर विचार मंथन जरूर करें ।

7. शॉर्ट नोट्स जरूर बनाये ताकि वे परीक्षा के समय काम आये ।

8. पढ़े हुए पाठ्य पर विचार विमर्श अपने मित्रो से जरूर करें, ग्रुप डिस्कशन पढ़ाई में लाभदायक होता है।*

9. पुराने प्रश्न पत्रों के आधार पर महत्वपूर्ण टॉपिक को छांट ले और उन्हें अच्छे से तैयार करें ।

10. संतुलित भोजन करें क्योंकि ज्यादा भोजन से नींद और आलस्य आता है, जबकि कम भोजन से पढ़ने में मन नहीं लगता है और थकावट, सिरदर्द आदि समस्याएं होती है ।

11. चित्रों, मानचित्रो, ग्राफ, रेखाचित्रो आदि की मदद से पढ़े । ये अधिक समय तक याद रहते है ।

12. पढाई में कंप्यूटर या इन्टरनेट की मदद ले सकते हैं।

रख हौंसला वो मंजर भी आएगा ,
प्यासे के पास चल कर समंदर भी आएगा,
ए मंजिल के मुसाफिर ,मंजिल भी मिलेगी ,
मंज़िल मिलने का मज़ा भी आएगा ।।



 परीक्षा से पूर्व तैयारी करने के महत्त्वपूर्ण बिंदु 
1.परीक्षा से पूर्व दिनों में नींद बराबर रूप से लेते रहे ।
2. ज्यादा तनाव और दबाव महसूस न करें।
3. जितना पाठ्यक्रम हो चुका है उसका वापस दोहरान करे।,घबराने की आवश्यकता नहीं है ।
4.आप के लिखे हुए नोट्स का वापस रिवीजन करें ।
5.समय समय पर कक्षा टेस्ट देते रहे और समय के अनुरूप प्रश्न पत्र को हल करें।
6. पिछले वर्ष के चार साल के प्रश्न पत्रों को अच्छी तरह से पढ़ ले और चेक भी कर लें की प्रश्न कहां से और केसे आते है इससे आप को अनुभव हो जायेगा ।
7.परीक्षा से पूर्व आरबीएसई बोर्ड द्वारा जो मॉडल पेपर निकाले जाते है है उनको हल अवश्य करें।
8.आप दिन में 8 से 10 घंटे नियमित रूप से अध्ययन करे।
9.परीक्षा के दिनों में आप की नींद 8 घण्टे अनिवार्य है ।
10.परीक्षा के दिनों में चिंता ,अवसाद,दबाव, घबराहट और नकारात्मक प्रवृति से दूर रहे ।
11.रोजाना एक घंटा अपना खेलने में बिताए।
12. रोजाना सुबह शाम मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक और हल्की कसरत जरूर करें ताकि आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहे ।
13. सतुलित और उचित आहार ग्रहण करे, ज्यादा मात्रा में न खाएं की पढ़ने की बजाए नींद का ज्यादा गलबा आ जाए।

खुद ही को कर इतना बुलंद की हर तकदीर से पहले,खुदा खुद बंदे से पूछे कि बता तेरी रज़ा क्या है ?


परीक्षा हॉल में ध्यान रखने योग्य बातें!

1. सबसे पहले अपने रोल नंबर देख कर ही अपनी सीट पर बैठे ।
2.आपके पास अच्छे से चलने वाले दो कलम होने चाहिए।
3.आप के पास ज्योमेट्री बॉक्स और स्केल वगैरा सभी साधन होने चाहिए।
4.आपको परीक्षा में बुकलेट कॉपी (answer sheet) दी जाती है उस पर आप को फोरमेल्टी पूरी करनी होती है ।
आपको रोल नंबर अंको और शब्दो में लिखना चाहिए , दिनाक और वार , विषय,जिस विषय की परीक्षा हो , स्कूल का नाम , वार्षिक परीक्षा और सत्र ये लिखने अनिवार्य है ।
5 .पेपर से कॉपी आप को 15 मिनट पहले  दी जाती है ,ताकि आप अपनी औपचारिकता को  आराम से पूरी करे।
6.आप की परीक्षा का समय 3 घण्टे और 15 मिनट का समय होता है ।
7.आप का प्रश्न पत्र 80 नम्बर का होता है।
8.आप का प्रश्न पत्र चार खंडों में विभाजित होता है । खंड  अ, ब, स,और द।
9.सभी प्रश्न करने अनिवार्य है ।
10.जो प्रश्न आप को अच्छे से याद है ,उनको पहले ही हल करे,ताकि आप का समय बच सके।
11. प्रश्न पत्र को सबसे पहले अच्छी तरह पढ़ ले,जो प्रश्न समझ में नहीं आ रहा है उसको दो या तीन बार जरूर पढ़ें।
13.सभी प्रसनों को उसी  खण्ड में  उत्तर दे जिस खंड का वो प्रश्न है ।
14.आप की कॉपी में Quetion या प्रश्न लिखने की कोई जरूरत नहीं है आप जो प्रश्न कर रहे हो उस का नम्बर लगाकर ही सीधा उत्तर लिखे ।
15.आपकी लिखावट का बहुत फर्क पड़ता है ।
आपकी जैसी लेखन शैली है कोई बात नही लेकिन आप लिखते समय आप कॉपी की एक लाइन में आठ से दस शब्द ही लिखे । शब्द साफ सुथरे लिखे , मात्रा या बिंदु की गलती नही करे। 
आप की लेखन शैली examinner को प्रभावित करती है और आप को अच्छे से नंबर दे देता है । क्यों की उसके पास बहुत सारे कॉपियों के बंडल चेक करने होते है । जिस कॉपी को चेक करने में कम समय लगता है उसको नंबर ज्यादा देता है ।
16. कॉपी में ज्यादा खाली जगह न छोड़ें।
17.आप की कॉपी में ज्यादा कांट छांट भी न करे
18.जो बड़े प्रश्न है या अथवा वाले है उनमें से को अच्छे से याद हो कोई एक ही करे ,दोनो प्रश्न गलती से कर भी लिए नंबर नही मिलेगा ।
19.जो प्रश्न निंब्धात्मक है उन्हें प्वाइंट या बिंदु बनाकर उत्तर लिखे।
20.आप की कॉपी में रफ कार्य का अंतिम पृष्ठ होता है ,जो की गणित या विज्ञान में जरूरत पड़ती है ।
21.आप चित्र वगैरा पेंसिल से बनाएं, 🖋️ कलम से नही ।
22. प्रश्न पत्र पूरा हल करने के बाद आप के शेष खाली रहे पर्ष्ठों को कलम से क्रोस कर दे।
23. प्रश्न पत्र पूरा करने के बाद कार्य समाप्त लिख दे ताकि ये समझा जाए की आप के द्वारा किया गया कार्य पूर्ण हो गया ।
24. प्रश्न के उत्तर लिखने के बाद आप अगला Q.   एक लाइन खाली छोड़ कर ही लिखे ।
25.प्रत्येक प्रश्न का उत्तर शब्द सीमा के अंदर ही देने का प्रयास करें।
25.आपको सप्लीमेंट्री या अतिरिक्त कॉपी नही मिलेगी । पहले से आप के पास कॉपी होगी वो आप के लिए पर्याप्त होगी ।
26. प्रश्न पत्र का स्तर सरल से कठिन की ओर होगा ।
26.सभी प्रश्नों के अंक सामने दिए होंगे ।
27.आप परीक्षा के दौरान सोचालय जाते है तो आप के रोल नंबर लिखे जायेंगे ।
28.आप अगर कलम बदलते है तो आप के रोल नम्बर लिखवाने पड़ते है ।


धन्यवाद! में  उम्मीद करता हु की ये परीक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बिंदु अच्छे से समझ में आ गए होंगे।आप इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अमल जरूर करेंगे।

मंज़िल से आगे बढ़,मंजिल तलाश कर ,
दरिया तुझे मिले तो समंदर तलाश कर ।।

 जय हिंद धन्यवाद दोस्तों! 
आप का दोस्त ,लेखक,अध्यापक , मुराद खान जयसिधर, बाड़मेर।।
@7023347607









                
      
                  

       

जेल भरो आंदोलन by मौलाना तौकीर रज़ा खां साहब

      जैल भरो आन्दोलन अभियान !

जैल भरो आंदोलन से सरकार पर कितना असर!

अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य के जिले बरेली से सय्यद तौकीर रज़ा खां साहब ने जेल भरो आंदोलन अभियान की शुरुआत की थी जिसका मकसद था, हमारे मुल्क हिंदुस्तान के खराब होते हालत को देख कर बहुत ही आहत हुए हालांकि इस वक्त मैं हर कोई समुदाय चाहे वो मुस्लिम हो या गैर मुस्लिम समुदाय के लोग हो  जितनी भी मुस्लिम तंजीमे चाहे जमीयत उलमा ए हिंद हो , मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हो या कोई और मुस्लिम तंजीम है ,जो सेकुलर दिमाग रखता हो वो हर कोई परेशान है । आज के मौजूदा दौर में जो सरकार सत्ता में है मुसलमानो के खिलाफ नए नए मुद्दे बना कर पेश करती है और मुसलमानो को आजमाती है की मुसलमान हमारी विचार धारा को किस हद तक मानता है ।
सरकार मुसलमानो के विरोध में ही कानून क्यों ला रही है ?और समुदाय के विरोध में कानून क्यों नही ला रही है ? बीजेपी सरकार का क्या उद्देश्य है ?
मौलाना तौकीर रज़ा साहब ने जो जेल भरो आंदोलन जुम्मे के दिन जो आंदोलन किया इससे उनके साथ हजारों अनुयायी बाढ़ की तरह गली मोहल्लों में बवंडर की तरह गूंज से भर गई जिसे यूपी सरकार ने पुलिस फ़ोर्स को लगा कर जेल जाने से हजारों लोगों को रोकने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी । 
तौकीर रज़ा साहब के अहम मुद्दे ?
उनका कहना था की जिस तरह सरकार मुस्लिम समुदाय के खिलाफ व्यवहार कर रही है वह बहुत खतरनाक है , मौलाना ने ये भी कहां की हम मुसलमान इस सरकार के फैसलों में खामोश रहे इसलिए सरकार हमारे खिलाफ नए नए कानून और बिल ला रही है । ये सरकार मुसलमानो के खिलाफ शरीयत में छेड़ छाड़ कर रही है जो मुसलमानो को यकीनन कबूल नहीं है ।
1.सरकार मस्जिदों को तोड़ कर मंदिर में परिवर्तन कर रही है । देश की अदालतें सरकार के दबाव में आकर आस्था के आधार पर फैसले दे रही है ,जो हमे कत्तई मंजूर नहीं है ।
बाबरी मस्ज़िद का फैसला आया हम ने उस फैसले को माना मगर वो फैसला टाइटल शूट के आधार पर नही था बल्कि आस्था के आधार पर दिया ,उसमे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने ये स्वीकार किया की मस्जिद मंदिर तोड़कर नही बनाई गई है बल्कि बहुमत को आस्था के आधार पर फैसला दिया मुसलमान अमन पसंद खामोश रहा ,लेकिन बाबरी मस्जिद के फैसले पर चुप रहने से हमारे खिलाफ आए दिन आस्था के आधार पर फैसले लागू हो रहे है जो को सरकार जुल्म व जब्बर कर रही है ।
2.मुफ्ती सलमान अजहरी जो इस्लामिक स्कॉलर है उसको एक शायरी बोलने से गिरफ्तार कर दिया, जिससे सरकार आए दिन इससे पूर्व भी मुस्लिम उलेमाओं को गिरफ्तार कर चुकी है ,जो को हमारे लिए चिंता का विषय है ।
कई उलेमा आज भी जेलो में बंद है जिनके लिए जमीयत उलमा ए हिंद पुरजोर तरीके से अदालत में केस लड़ रही है और कई उलेमाओं को आजाद भी करवाया है ,चाहे वो किसी भी फिरके के आलिम हो ।
3. उनका तीसरा मुद्दा था , गैर कानूनी तौर से मदरसो और उनके घरों पर बुलडोजर चलाना ये संविधान के खिलाफ है । उनका कहना था की जिस व्यक्ति ने जुर्म किया है उसको सजा देने का काम अदालत का है न की सरकार का है उस अकेले व्यक्ति की सजा पूरे परिवार के लोगों की सामूहिक संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर धवस्त कर देना ये कोनसा कानून है ।
4. उनका कहना है को सरकार मुस्लामनों के खिलाफ तरह तरह के कानून ला रही ,सरकार ये सोच के ला रही है की मुस्लिम लोग खामोश है । ये खामोशी कल सरकार के लिए  शायद भारी पड़ जायेगी जिससे इस देश को किसी प्रकार का नुकसान न झेलना पड़ा ,ये सोच कर अमन पसंद लोग खामोश बैठे है ।












What is this Uniform civil code in India ?









1.What is this Uniform civil code in India ?

जी हां दोस्तों सलाम व आदाब जैसा कि आपको मालूम है कि हमारे मुल्क में कई तरह के मुद्दे आए दिन चलते रहते है अभी हाल फिलहाल भारत के अंदर उत्तराखंड राज्य के अंदर वहां की भाजपा सरकार ने UCC को लागू किया है । यूनिफॉर्म सिविल कोड  क्या है ? UCC क्या है? और सरकार लागू क्यों करना चाहती है ?सरकार का क्या उद्देश्य है? और UCC का इतिहास कब का है ? UCC लागू करने के क्या फायदे हैं ? और क्या नुकसान है ? इन तमाम सवालों के एक-एक सवाल  का जवाब बारीकी से मैं आपको बताने जा रहा हूं। आप मेरे इस लेख को जरूर पढ़िए ताकि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मजीद जानकारी मिलती रहेगी।


UCC क्या है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड ( समान नागरिक संहिता)  है । देश में सभी समुदायों और धर्मों को जीवन में समानता लाने की वकालत करता है ।
ये कानून सभी धर्मो और समुदायों के एक समान कानून की बात करता है जो की भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में इसका उल्लेख है ।

UCC का इतिहास !
UCC का इतिहास आज से तकरीबन सो साल पहले का है ,जो भारत में अंग्रजों ने शुरुआत की थी । 19 वी शताब्दी में अंग्रेजो ने शासकों के अपराध ,अनुबंध,और शबुतो के बारे में में। भारतीय कानून संहिता का उल्लेख किए जाने का प्रावधान है ।
 हालांकी अंग्रेजी हुकूमत ने इस कानून से मुस्लामनो और हिंदुओ को अलग रखा था। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानून से बाहर रखा था ।
क्योंकि ईसाई समुदाय एकेश्वर में। विश्वास करते थे और उन्हें भारत के अंदर हिंदू और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक रीति रिवाज को समझना चाह रहे थे लेकिन अंग्रेजो का मुख्य उद्देश्य भारत में पैसा लूटना और व्यापार करना था न को किसी विवाद में पड़ना ।

बीजेपी सरकार UCC को  क्यों लागू करना चाहती है ? 
बीजेपी सरकार का ये एक अहम मुद्दा है की देश के अंदर UCC लागू करके सभी धर्मो और समुदायों के पारिवारिक कानूनों को एक समान रूप से  लागू करना ताकि एक देश में एक ही तरह का कानून हो और सभी नागरिकों किसी प्रकार की उलझन नही हो ,ये इनका एक लीगल बिंदु है ।
हिंदुस्तान के अंदर विश्व के लगभग सभी धर्म निवास करते है इसलिए ज़ाहिर सी बात है की सभी धर्मो के रीति रिवाज और पारिवारिक कानून और जीवन गुजारने के अलग अलग तरीके उनके अपने धर्म के अनुसार है ।
शायद ये बात बीजेपी सरकार को हज़म नहीं होती है की इस तरह भारत में सभी समुदायों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जाए जिसे  कुछ नया परिवर्तन हो जाए ।

UCC लागू करने का उद्देश्य!
UCC की बात अंग्रेजी हुकूमत के बाद आजाद भारत में बीजेपी हुकूमत ने ही की है क्योंकि इनका मुख्य उद्देश्य जो इनकी भावना से जुड़ा हुआ ये है की इस मुल्क को आज़ाद करवाने के बाद  सभी धर्म एक साथ भाई चारे के साथ केसे रह रहे है ? बीजेपी और आरएसएस को इसी बात से दर्द है ।
बीजेपी के मेनिफेस्टो में ये बात प्रमुख रूप से उल्लेखित है ,इस बात की प्रमुख दलील है की बीजेपी के बड़े बड़े नेता पब्लिक मीटिंग में कई बार ज़िक्र कर चुके है,की देश के अंदर UCC लागू हो कर ही रहेगा । 
यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का एक और उद्देश्य ये है की इस्लाम मज़हब को मानने वाले मुस्लमानो को निशाना बनाया जाए ताकि देश को कमजोर करके हम लोग इस मुल्क पर शासन करें । हिंदुस्तान के अंदर इस्लाम और मुसलमानो को निशाना बनाने के लिए आज ये पहला कानून नहीं लाई है बल्कि इसके अलावा बहुत सारे क्वानीन हमारे सामने आ चुके है और भी आयेंगे शायद। तीन तलाक, सी ए का कानून, लव जिहाद, UCC, एनआरसी, एनपीआर, घर वापसी  ऐसे बहुत सारे कानून जो बीजेपी ने  देश में लागू कर दिए है न जाने देश में और कौन कौन से कानून लाना चाहती है ।
ऐसे कानून लाने से साफ जाहिर होता है की बीजेपी और आरएसएस मुस्लमानों के सख्त खिलाफ है ,तरह तरह के उनके खिलाफ हथकंडे अपना रहे हैं जिसे मुसलमान कमजोर हो जाए और हमारे दबाव में रह कर हमारी गुलामी करे ये उनका असली मकसद है! लेकिन ऐसी उम्मीद है इंशा अल्लाह ऐसा हो नही पाएगा वो अपने मंसूबों में कामयाब नही होगी ।


UCC संविधान के खिलाफ़!
बीजेपी की सरकार ने  आज उत्तराखंड में UCC को लागू कर दिया है जिससे वहां की आवाम ने इस कानून का सख्त विरोध भी किया ,वही प्रदेश की बीजेपी की सरकार ने बहमत के जरिए कानून पास भी करा लिया। वहां की सरकार ने एससी और एसटी ( अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति ) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा है,इससे साफ जाहिर होता है की हुकूमत मुसलमानो के खिलाफ है ।
UCC कानून संविधान के खिलाफ इसलिए है की  देश के अंदर रहने वाले सभी नागरिकों को अनुच्छेद 25,26,29,30 नागरिकों के समानता और धर्म के अनुच्छेद का उल्लघंन करता है ।
दूसरा पहलू ये है की जब प्रदेश की सरकार ने अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति को इस कानून के दायरे से बाहर कर दिया है ,तो मुसलमानो को इस कानून से बाहर क्यों नही कर सकते ये बिलकुल मुसलमानो के साथ धोखा है ।

UCC लागू करने का वैध तरीका क्या है ?
UCC लागू तभी हो सकता है जब एक संप्रदाय के लोग समान विचार धारा वाले लोग हो उनके अंदर अलग अलग कानून हो इसीलिए भारत के अंदर UCC सभी धर्मो के लोगो के लिए ठीक नहीं है । हालांकि UCC कानून सबसे ज्यादा प्रभावित इस्लाम धर्म को कर रहा है  इसीलिए मुस्लिम समुदाय ही इस कानून का विरोध कर रहा है ,क्योंकि बाकी सिख, हिंदू ,जैन और बौद्ध अन्य धर्म के पारिवारिक कानून सभी के मिलते जुलते है इसलिए ओर कोई भी समुदाय मुखर कर सरकार के सामने नहीं आ रहे है । 

UCC के महत्वपूर्ण बिंदु जिन्हे सरकार लागू करने जा रही है 
1. लड़कियों की शादी की उम्र अधिक करने पर विचार, ताकी लड़की ग्रेजुएट बन सके 

2.ग्राम पंचायत स्तर पर शादी का रजिस्टर बनेगा ,पंजीकरण करवाना अनिवार्य है अन्यथा सरकारी सुविधाएं मिलनी बंद हो जाएगी।

3.तलाक का मामला पति पत्नी समान रूप से अब तलाक दे सकेंगे ।

4. बहु विवाह पर प्रतिबंध

5.उतराधिकार में लड़के और लड़कियों का समान अधिकार ।

6.नोकरी पैसा, बेटे की मौत पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में माता पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी ।

7.पत्नी की मौत के बाद उसके अकेले माता पिता का बनेगा पति ।

8. गोद लेना , मुस्लिम महिलाए जिनके संतान नहीं हैं तो अब वह अपने परिवार के बचे और बच्ची को गोद ले सकती है ।

9. हलाला और इद्दत पर रोक 

10. लिव इन रिलेशन शिप पर सरकार को कानूनी सूचना देना अनिवार्य है ।

11. अनाथ बच्चों की परवरिश करने का अधिकार 

12. पति पत्नी का झगडा होने पर बचे दादा दादी या नाना नानी के पास उनके सरंक्षण में रहेंगे ।

13. जनसंख्या नियंत्रण पर रोक ।

इन 13 बिंदुओ पर सरकार UCC लागू करने जा रही है,इससे इस्लाम कितना प्रभावित होगा आप लोग इस लेख को पढ़ कर कॉमेंट करके जरूर बताएं।


बहुत बहुत धन्यवाद आपका।
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लेखक मुराद खान जयसिंधर,बाड़मेर 
7023347607






















Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...