प्रेरणा और मार्गदर्शन

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया महत्वपूर्ण बिंदु लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो बिंदु है-प्रेरणा और मार्गदर्शन। 
इन दो शब्दों का हर इंसान की ज़िन्दगी में बहुत ही महत्व है। आज विशेष सन्दर्भ इन दो शब्दों के बारे में छात्रों के लिए बात करना चाहता हूं। 
जी हाँ इस मुल्क के अन्दर यूवाओं की कोई कमी नहीं है और आज कल हर यूवा वर्ग का तबका रोटी🍞 कमाने के लिए या नोकरी करने के लिए मेहनत करता नज़र आता है। आज भारत के अन्दर लगभग 22करोड़ छात्र यूवा वर्ग बेरोजगार है। तो मैं आज उनके लिए विशेष बातचीत💬 करुंगा। 

जी हाँ आज के समय में जितनी विद्यिर्थी वर्ग मेहनत करता है, शायद ही उतनी कोई करता होगा। क्योंकि इन की मेहनत अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण करने की होती है। और दूसरा छात्रों का वो वर्ग जो कोलेज में जाकर पढाई करते हैं और प्रतियोगिता की बहुत सारी परीक्षाएं देते हैं लेकिन कम लोग ही उत्तीर्ण कर पाते हैं। कम छात्र ही एसे होते हैं जो कठिन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करते हैं। 
क्योंकि बहुत  सारे छात्र एसे होते हैं जिनके पास न तो आगे बढने के लिए प्रेरणा होती है और न ही मार्गदर्शन। व्यक्ति के अन्दर सबसे पहले मन या मस्तिष्क में किसी उद्देश्य के प्रति प्रेरणा जगेगी, तब वो व्यक्ति काम के प्रति कदम 👣 बढाएगा। काम करने का मन में भाव तो जाग गया लेकिन कार्य को कैसे करना है, इस के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो उस के लिए सबसे ज़रुरी चीज़ है मार्गदर्शन। अगर व्यक्ति के अन्दर मार्गदर्शन की भावना भरी हुई है तो वो व्यक्ति कभी असफल नहीं होगा। 
मार्गदर्शन का मतलब है कि व्यक्ति को किस रास्ते में जाना है और कैसे जाना है, वही दिशा बताने का जो काम करता है वो है मार्गदर्शन। यह मार्गदर्शन व्यक्ति के अन्दर होता नहीं है लेकिन बाहर से दिया जाता है, अध्यापक द्वारा या किसी अन्य अधिकारी द्वारा दिया जाता है। 

विद्यार्थी े के आगे बढने लिए कुछ टिप्स जिन का आप जरूर फोलो करैं। 
1.अपनी पढाई के लिए समय सारणी के अनुसार पढाई करें। 
2.जो कठिन विषय है उस विषय को सबसे पहले पढैं। 
3.जीवन में अनूशासन बना कर रखिये। 
4.किताबों से लगातार जुड़े रहे ं। 
5.पढाई के दौरान प्रेरणा स्रोत कहानियाँ पढैं। 
जब तक हम लोग अध्यापक एवं अन्य अधिकारी बच्चों को पढाई के प्रति दिशा निर्देश नहीं दैंगे तो वो बच्चा कामयाब कैसे हो सकता है। आज कल बहुत सारे छात्र परीक्षाओं में पिछड़ रहे है उसका महत्वपूर्ण कारण है मार्गदर्शन न मिलना। मार्गदर्शन अगर सही नहीं मिला तो  उस की मैहनत भी बैकार  चली जाएगी। 
विद्यार्थी के अन्दर सबसे पहले अपना उद्देश्य समझ में आएगा,उद्देश्य के बारे में प्रेरणा जगेगी, फिर उस को मार्गदर्शन मिलेगा, उस के बाद उद्देश्य के प्रति लगातार प्रयास करेगा, बार बार प्रयास करने से सफल हो जाता है। 
   

    धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त, लेखक, वक्ता एवं समाज सेवी मुराद खान।। 

     । । जय हिंद जय भारत।। 






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