शिक्षक, Teachers

दोस्तों👭👬👫 नमस्कार!  आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ। वो टोपिक है " शिक्षक", जैसा कि आप को मालूम है कि शिक्षक के बिना किसी भी समाज का विकास नहीं, अगर समाज का विकास का नहीं है तो उस देश का विकास कहाँ और कैसे होगा?? 
तो मैं आप को शिक्षक के बारे में कुछ नयी जानकारी दे रहा हूँ
शिक्षक शब्द के कुछ पर्यायवाची:-

- अध्यापक, गुरु, टीचर, सर, उस्ताद और मास्टर।
शिक्षक अथवा गुरु की परिभाषा:-
एक एसा शिक्षक जो समाज को सुधारने का काम करता है और उन व्यक्तियों में बोद्धिक विकास के रास्ते को खोलता है, एव आगे बढने का पथ भी बताता है।

शिक्षक का महत्व:- आज  इस पूरे संसार की                                बात करें तो एसा लगता है कि शिक्षक के बिना संसाााार का पहिया चलने वाला नहीं है ये हकीकत में सत्य है।
चाहे वो शिक्षक धार्मिक शिक्षा देता हो या अधार्मिक शिक्षा देता हो । लेकिन एक शिक्षक एसा काम करता है जो कोई ओर नहीं कर सकता, एक शिक्षक इंसान को अर्श से लेकर फर्श पर पहुंचा सकता है यह कार्य केवल शिक्षक ही कर सकता है।
इस संसार में तीन शब्द बहुत छोटे हैं, लेकिन उन शब्दों की अगर व्याख्या की जाए तो उनका अर्थ समुद्र जितना निकलेगा। वो है-- माँ, बाप और गुरु। दोस्तों
                       जीीीी जीते जी इन तीन लोगों की दुुनिया में ज़रूर इज़्ज़त करना अगर इनकी इज़्ज़त नही की तो समझो आप  का जीवन बर्बाद है, अगर आप ने इन का दिल 💜❤ जीत लिया तो आप को किसी के सामने झुकना नही पड़ेगा। और न ही पछताना पड़ेगा।
ये गुरु आप को वह दुनिया और दीनी तालीम सिखाते हैं जिससे आप वहाँ शिखर तक पहुँच पाते हैं, गुरु शब्द भले ही छोटा हो लेकिन इसके शब्द का अर्थ व्यापक है। ये आप को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं बांटता है बल्कि जीवन को किसी रूप में गुज़ारना चाहिए, और किस तरह जीवन को जिया जाए। वैसे शिक्षक को समाज का हथियार कहा गया है और शिक्षा 🎒🏫📚🎓को समाज का आधार कहा गया है। 
वैसे शिक्षक की प्राचीन काल में लोग बहुत इज़्ज़त करते थे और शिक्षक को ईश्वर का रूप माना जाता था। उस काल में लोगों का नज़रिया सकारात्मक था, उन लोगों का जीवन शिक्षक पर निर्भर ही था शायद, पहले ज़माने में लोग इतने पढ़े लिखे लोग नहीं थे, और उनका कुछ काम काज का हिसाब किताब करवाना होता तो शिक्षक के पास जाते थे। उस काल में लोग शिक्षक का मान सम्मान सच्चे दिल से करते थे। उस काल में शिक्षक जो बच्चों को ज्ञान देता था वो नये नये हुनर सिखाता था और छोटे मोटे काम करना सिखाता था। 

लेकिन आज के शिक्षक में सब कुछ बदल गया, रंग, रूप, वेश भाषा प्रेम ज्ञान, जिस तरह समय बदल रहा है वैसे ही लोगों का नज़रिया बदल रहा है। आज के युग में जो सरकारी शिक्षक स्कूल🏫 में लगे हुए है उनके नज़रिए में बहुत फर्क आ गया है। क्यों, क्योंकि वो एक सरकारी स्कूल में पढाते है ं और सरकारी काग़ज़ों की कमी पूर्ति करने के लिए ज़्यादा समय उसी काम में व्यस्त रहता है और छात्रों पर पूरा ध्यान नही दे पाता है वैसे भी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भयंकर कमी है। आज के समय में शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है और लोग काफी जागरुक भी हुए है। आज कल हर आदमी अपनी संतान को शिक्षित बनाना चाहता है और शिक्षित भी हो रहै है ंं, 
आज भी शिक्षकों के कयी रूप वो अपने अपने अंदाज में शिक्षा का विस्तार करते हैं। लोगों की नजरों में वो शिक्षक महत्वपूर्ण है जो ईमानदार, नेतिकता, सचचाई, और मेहनती होना चाहिए और समय का पाबंद भी हो  उसका मान सम्मान लोगों के दिलों में बरकरार है। 


    धन्यवाद 🙏💕 दोस्तों👭👬👫, 
मैं आप का दोस्त लेखक, वक्ता , अध्यापक, एवं समाज सेवी, मुराद खान। 







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