जी हाँ दोस्तों आज में आप के सामने एक नया विषय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो विषय है-"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ "। यह नारा श्री प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दिया था और इसी नाम से योजना📝 भी चलाई थी।
योजना की शुरुआत 22जनवरी , 2015 हरियाणा के पानीपत शहर से शुरू की थी जिसके उद्देश्य निम्नलिखित थै।
1.बैटियों को खतरे की घण्टी से बचाना।
2.बेटियों के लिए शिक्षा🎒🏫📚🎓 सुनिश्चित करना।
3.पक्ष पाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्मूलन।
जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये थे उद्देश्य जो केन्द्र सरकार ने लागू किये थे, और समझने योग्य बात यह है कि ये योजना कितनी सफल रही और कितनी असफल रही।
लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूँ कि पिछली केन्द्र सरकार की कोई भी योजना हो, कोई खास सफल नहीं हो पायी है, क्योंकि या अच्छी तरीके से मोनिटरिंग नहीं की गई। इस बेटियों के जिम्मेदार कैवल एक सरकार भी नहीं है इस के जिम्मेदार उनके अभिभावक भी है और रिश्तेदार भी है। बेटियों को घर में सुरक्षित🔏 रखने और उनकी देखभाल करने की भी जिम्मेदारी माता पिता की है। इस काम में किसी अकेले आदमी की कोई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि की जिम्मेदारी बराबर है। आज भारत के अन्दर कयी एसै कारण मिलेगे जिससे बेटियों को खतरे में डाला जा रहा है।
1.बेटियों को मन के अनुरूप शादी नहीं करने देना।
2.बेटियों को पूरी पढाई नही करने देना।
3.कयी कयी समाज आज भी बैटियों को जन्म देकर झाड़ियों में फैक देते है, या अस्पताल के आस पास ही फेंक देते है।
4.बेटियां लोभ लालच के चक्कर में पड़ जाना जिससे अफेयर का शिकार हो जाना।
5.प्रेम मै धोखाधड़ी हो जाना।
6.बेटियों को उचित संस्कार नहीं मिलना यह भी कारण है।
7.अगर कोई गरीब होने की वजह से दहेज कम दे पाते हैं तो यह भी एक बड़ा पाप है।
8.ऐसै बहुत कुछ अभिभावक है जो बच्चे और बच्ची के अवसर में भैदभाव भाव रखते हैं और बच्ची को पराया धन 💰 मानते हैं।
आज ये सब अनहोनी जो घटनाएं हो रही है इस का जिमेदार कोन?
इस घटना के जिम्मेदार हम खुद है दूसरा कोई नहीं है, क्योंकि भारतीय🇮🇳👳 समाज इतना बड़ा है कि प्रत्येक के 🏡🏠घर में बैठे और बैटियां है, उनकी हिफाजत करना किसका कार्य है ??
ये सब काम हमारा है, हमें खुद को बैटियों की निगरानी रखनी है और उसका पालन पोषण भी बेटे के समान ही करना है, शिक्षा🎒🏫📚🎓 भी बैटों के समान ही दिलानी है। उन बचियों की दिशा और दशा हमै ही पूर्ण करनी है। शिक्षा के साथ साथ संसकार भी दिलाने है बिना संस्कार वाली शिक्षा हमारे काम की नहीं है। बच्चे ओर बच्चियों में शिक्षा या अन्य अवसर के प्रति भैदभाव नहीं करना है।
उपर्युक्त जो बातैं मैने बतायी, इन बातों का सही से उल्लेख किया जाऐ तो एसी घटनाएं शायद ही कम घटै। और भारतीय समाज पर धब्बा नहीं लगेगा।
भारतीय🇮🇳👳 समाज में कुछ ऐसी मान जातियाँ हैं जो अपनी बच्चियों को ऊंची तालीम देते है और उनका पालन पोषण अच्छी तरह से करते हैं, ऐसी घटना वहां पर कम होगी जहाँ शिक्षा का स्तर काफी उंचा होगा।
कुछ ऐसी भारतीय🇮🇳👳 समाज की जो जातियाँ हैं वहां पर शिक्षा🎒🏫📚🎓 का स्तर काफी नीचा है और वो अपनी बच्चियों को तालीम उचित रूप से दे नहीं पाते हैं ं। और उस समाज की बच्चियाँ काफी अपने अवसरों के प्रति जागरूक नही होती है जिससे ये घटनाएं आम हो जाती है। और भारत देश एसी घटनाओं का शिकार हो जाता है।
निवेदन🙏😊:- मेरा आप सभी से निवेदन है कि अपनी बच्चियों को और बहिनों कौ दीनी तालीम और दुनिया की तालीम देने से कंजूसी न करें। जितना हो सके उतना पैसा तालीम पर खर्च करिये। क्योंकि शिक्षा🎒🏫📚🎓 सबसे बड़ी दौलत है और शिक्षा के बिना हम अंधेरे में डूबे हुए है शिक्षा के बिना हम अपने अधिकार
और कर्तव्य को कैसे पहचानैगै।
आज ये लेख 📰 मुझे इसलिए लिखना✏ पड़ा कि हर दिन एक न एक घटना लडकियों के बारे में अखबार में न छपी हो।
इससे एसा महसूस हो रहा था कि पूरा देश
गंदा हो चुका है।
धन्यवाद🙏💕।
में आप का दोस्त लैखक, वक्ता, एव समाज
सेवी, मुराद खान।
।। जय हिंद जय भारत।।

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