मुल्क के अन्दर 💉🔪आत्महत्या का ग्राफ 📈 क्यों बढ रहा है?

आज में आप के सामने एक विशेष टोपिक पर संवाद कर रहा हूँ, हमारे मुल्क के अन्दर हर दिन☀ एक पोधा पनपता है और हर दिन एक नया पौधा उजड़ता है, ये खबर सुन कर हम और आप दुख जरूर महसूस होता होगा, और साथ ही भारत सरकार और राज्य सरकार को भी दुख जरूर होता होगा। लेकिन वो सरकारैं  क्या कर सकती है, किसी की मौत को रोकना न तो सरकार के बस की बात है न ही किसी चिकित्सक की। हाँ ये बात जरूर है कि अगर जनसंख्या बढती है तो सरकार के लिए चिंता का विषय जरूर है कि इन मौतों को कैसे रोका जाए। सरकार उस दिशा में गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं जरूर लागू करतीं हैं, जिससे मोत का ग्राफ जरूर घटता नजर आता है।
लोग👫👬👭 आत्महत्या क्यों करते हैं? 
हमारे लिए और आपके लिए यानी हम सब के लिए चिंता का विषय जरूर है कि लोग आत्महत्या करने पर क्यों मजबूर हो जाते हैं, ये सबसे बड़ा चिंता का विषय है। लोगों का जो सपना होता है वो पूरा नहीं हो पाता है जिसके कारण लोग अपनी ही जान लेने पर उतारू हो जाते हैं। उनका सपना किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है, हाँ यह ज़रूर है कि अधिकतर आत्महत्या प्यार के चक्कर में पड़ने से होती है। कयी लोग ऐसे भी है जिनकी मैहनत का फल उनको पूरा नहीं मिलता है, या अच्छी सी नौकरी नहीं मिल पाती है, अधिक मेहनत करने के बाद भी, जिसके कारण भी आत्महत्याएं ज्यादा होती है। आत्महत्याओं का 📈ग्राफ बढना ये संकेत देता है कि उस देश में गरीबी की ओर इशारा करता है, उस देश के निवासियों का कोई भी छोटा मोटा काम हो कृषि / सरकारी नौकरी / निजी जाब / या किसी भी काम में असफल होना बार बार,  जिस के कारण आत्महत्याओं का ग्राफ बढ रहा है। आत्महत्याओं का ग्राफ प्यार के चक्कर में ज्यादा बढ रहा है, जिस को लेकर हम और सब दुख के भागीदार हैं।
किसी भी सपने को पूरा नहीं कर पाना क्या उसका इलाज आत्महत्या ही है?  
नहीं। इस प्रशन 💭❓ का उत्तर है कि जो भी आप काम कर रहे हौ चाहे वो काम कृषि का हो या अच्छी नोकरी का हो या कोई रिश्ता सबंध का हो, उस काम का आप डट कर मुकाबला कीजिये और संघर्ष जारी रखिये। बिना संघर्ष के तख्तो ताज हासिल नहीं होतें है। असली इन्सान तो वही है जो संघर्ष करके जीन्दगी को गुजारै और बिना संघर्ष किये इन्सान दुनिया से चला जाए वो इन्सान ही कैसा?  जिन्दगी का नाम ही संघर्ष है। तो क्यों न होंसले बुलंद करके ज़िन्दगी से क्यों  नहीं मुकाबला किया जाए। अपने आप के अन्दर झांक कर पहले प्रशन 💭❓ कीजिये 👉
में क्या  कर सकता हूँ?
में कोन हूँ? 
मेरा जीवन क्या है?
दोस्तों इन प्रश्नों के अन्दर झांकने से पता चल जाता है कि आप के अन्दर छुपी हुई योग्यता बाहर आ जाती है।
प्रशन 1। में क्या कर सकता हूँ?
इस प्रशन का उत्तर है आप वो कर सकते हैं जो आज तक नहीं किया, कोई भी काम क्यों न हो और कैसा भी आप से बड़ा नहीं होता है, बस आप की सोच का फर्क होता है अपनी सोच💭 बड़ी रख कर काम करैं।
प्रशन 2 में कोन हूँ?
इस प्रशन का उत्तर है कि आप कोन है, आप वो है इस दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। आप को खुद को पहचानने की जरूरत है अपने आप को।
प्रश्न 3 मेरा जीवन क्या है? 
इस प्रशन का उत्तर है कि आप का जीवन क्या है, अपनी योग्यता को पहचानीए और योग्यता के अनुरूप कार्य करिये।

दोस्तों आज में हमारे देश की बात कर रहा हूँ कि मुल्क के अन्दर आत्महत्या औं का ग्राफ बढ रहा है हर दिन न जाने कितने लोग आत्महत्या के फंदे को चूमते है ,अपनी ज़िंदगी से हारना  कोई गुनाह नहीं है लेकिन हार कर आत्महत्या करना यह सबसे बड़ा पाप है। आप अपनी जिंदगी को जैसी बनाना चाहते हैं वैसी ही बन जायेगी  आप जिनदगी को बड़ी बनाईए।

में उन माँ बाप और अभिभावकों से  अपील करता हूँ कि आप अपने बच्चों और बचियों का ख्याल रखिये और उनकी हर जरूरत उचित हो उसको पूरा करने की कोशिश कीजिये। आप का बच्चा या बच्ची कोई भी काम कर रहे हैं तो उन के ऊपर कोई दबाव न डाले जिससे आप का बच्चा आत्महत्या करने पर मजबूर न हो।
अभी राजस्थान का का बाड़मेर जिला आत्महत्या को लेकर सुर्खियों में  है हर दिन समाचार पत्र में कोई न कोई बुरी खबर जरूर सुनने को मिलती है।


धन्यवाद दोस्तों👭👬👫, में आप का दोस्त लेखक  वक़्ता, अध्यापक मुराद खान जयसिंधर ।

जय हिंद जय भारत।।


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