इन्सानियत

दोस्तों सलाम आदाब आज में आप के सामने एक  नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ। उस अध्याय का नाम है "इन्सानियत"। 
आज का दौर बहुत ही नाजुक है, लेकिन इस दौर में एक बेदाग इन्सान मिलना बहुत ही मुश्किल है। आज दूनिया इन्सानियत के पैगाम पर जरुर चल रही है, नहीं तो ये दुनिया तभी मिटती नजर आ जाती है। 
इन्सानियत की मतलब है कि दुनिया में कोई भी धर्म हो या कोई भी जाति क्यों न हो जो सुख दुःख में एक दूसरे के काम आए उसे इन्सान कहते हैं। 
आज के वक्त में इन्सानियत किसी धर्म या जाती में नहीं बस्ती है बल्कि वो एक सैवा  के बहाने बाहर ही दिखाई देती है। 
इन्सानियत के विपरीत हैवानियत है, जहाँ हैवानियत खत्म हो जाती है वहाँ से फिर इन्सानियत दोडती नज़र आती है। जी इस इन्सानियत और हैवानियत का ताअ़लुक़ किसी भी जाती और धर्म से नहीं होता है, आज के दौर में हर धर्म या सम्प्रदाय में कुछ अच्छे लोग👫👬👭 और कुछ बुरे लोग भी होते हैं, जहाँ आज अच्छे लोग निवास करते हैं वहां इन्सानियत नज़र आती है, तो इस का मतलब यह नहीं कि दुनिया में अच्छे लोग खत्म हो गये, नहीं लोग अभी भी ज़िन्दा है और इन्सानियत उनके दिलों में भी ज़िन्दा है। यह भी बात सत्य है कि हैवानियत के बदले इन्सानियत नहीं मिलती, मगर इन्सानियत के बदले इन्सानियत जरूर मिलती है। 
आज किसी अस्पताल में एक हिन्दू मरीज को खून की सख्त जरूरत है तो उस को उस अस्पताल में खून नहीं मिलता है तो वो जगह जगह पता करता है है लेकिन अचानक एक मुस्लिम युवक को इस बात का पता चलता है🔍👀❗ यकीनन वो रोजेदार  होता है और रोज़ा खोल कर एक हिन्दू बहिन की खून देकर जान बचाता है तब उस  शख़्स के अन्दर हिंदू और मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है तब वाकई मे ं उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत हो जाती है। तो इसी तरह हिंदू भाई भी मुस्लिम की जान बचाता है तो उस के अन्दर हिन्दू मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है बल्कि उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत होती है। 
आप दूसरे लोगों के सामने जेसा बरताव (व्यवहार)  करोगै, आप के साथ वैसा ही बर्ताव करेंगे। अगर आप दूसरे लोगों के साथ मीठै मूंह से बात करोगे तो आप के साथ सामने वाला भी मीठे मूंह से बात करैगै। आप जिस को इज्जत दोगे सामने वाला आप को भी इज्जत देगा, अगर आप उन को बैइज़्त करोगे तो आप को भी बैइज़्ती मिलेगी। 
इन्सानियत का मतलब लोगो के सुख दुःख में काम आना और भाईचारा क़ायम रखना। 


।। जय हिंद जय भारत।। 






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