मोबलिचीग Moblyching

मोबलिचीग :- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये शब्द बहुत ही खतरनाक है, आपको मालूम है कि इस शब्द का उदय पिछले पांच साल में काफि चर्चा में चल रहा है, लेकिन इससे पहले भी था लेकिन इतना विस्तार इस शब्द का नहीं था। इस शब्द का निर्माण करने वालों ने काफी समय योजना बनाई है तब जा के मोबलिचीग इस मुकाम पर पहुँची है। 
आखिर मोबलिचीग करने वालों का मकसद क्या है? 
मोबलिचीग करने वाले उस समय से करते आ रहे हैं जब देश के अन्दर संविधान का निर्माण हो रहा था और उस समय देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले की हत्या हुई थी और उस घटना के बाद मोबलिचीग का गिरोह सक्रिय रूप से भूमिका निभा रहा है, उसके बाद राजीव गाँधी की हत्या होती है, फिर सिखों की गर्दनें काटी जाती है, उसके बाद 1992 में बाबरी कांड घटित होताहै। 2002 में गुजरात का दंगा भीड़ का रूप ले लेते हैं। और पिछले पांच साल में में अनगिनत घटनाओं ने वृहत रुप धारण कर लिया। आखिर क्या कारण है कि देश के संविधान निर्माण से लेकर आज तक ये सारी घटनाएं इतनी जल्दी क्यों फैल रही है। ये घटनाएं किसी एक या दो कोम, समुदाय के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही है। 
आखिर इस मुल्क को हम कहाँ तक लेके जा रहे हैं, इस मुल्क का विकास किसी एक समुदाय को मारने से विकास की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगर विकास की प्रक्रिया पूरी होती है तो एक समुदाय को मूल्क आजाद होने से पहले ही पूरा करना चाहिए था अब देश का निर्माण हो रहा है, और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
आखिर क्यों एक समुदाय को हाशिये का शिकार बना रहा है?  ये बड़ा सोचने लायक विषय है, क्या ये समुदाय कहीं बाहर से आया हुआ है या इस समुदाय का इस मुल्क में कोई योगदान नहीं है?  क्या ये समुदाय आप से भेदभाव करता है?  क्या ये समुदाय आप को बिना वजह परेशान कर रहा है। अगर नही। तो इतनी परेशानी आप को क्यों हो रही है?  आज जो समुदाय मोबलिचीग का शिकार है क्या उन्होंने देश के अन्दर भ्रष्टाचार किया है क्या?  अगर नही किया है तो आप ने एक बड़ी गलती कर दी! 😢😱😿।
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानों का योगदान
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानो ने क्या किया वो में आप को बता रहा है आखिर कोई कमी रह जाए तो बता दैना। इस मुल्क को आजाद करवाने में मुसलमानों की भागीदारी सबसे पहले है और अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ जिहाद का फतवा लगाने वाला मुस्लिम उलेमा था। महात्मा गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मूस्लिम वर्ग ही खड़ा था, गाधीं जी के साथ कोई नोटंकी नहीं खैल रहे थे वो देश के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई💪👊🔫 लड रहे थे। देश का मुसलमान हर जगह देश की परेशानी में साथ खड़ा रहा, भूखे को खाना खिलाया और प्यासे को पानी पिलाया। गरीब और मजलूम लोगों की सहायता की। मुसलमान को आप ने जेसा संविधान में हक़ दिया उसी तक ही सीमित रहा ,उससे आगे बढ़ ही नहीं पाया, उससे आगे अपनी ज़बान खोली भी नहीं। लेकिन फिर भी आप मुसलमान से परेशान, एसा क्यों?  आखिर आप लोगो ने देश को बर्बाद करने में कोई कमी नहीं रखी, और अपनी समस्या सुलझाने के लिए देश के अन्दर रेलवे की लाईने तोड़ दी और  देश की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन मुसलमान यहाँ तक चुप बैठा है। आप ने मुसलमान की मस्जिद को तबाह व बर्बाद कर दिया और मुसलमान को गाय के नाम से हत्या🔪 की। और मुसलमान को दाड़ी देख कर आंतकवादी का इल्ज़ाम लगाया,फिर बैचारा मुसलमान परेशान होकर कानून के दायरे में रह कर काम किया, ता के देश को कोई परेशानी न आये, आखिर आप ही इस मुल्क का एक कदम नुकसान कर सकते हैं तो मुसलमान भी दो कदम नुकसान कर सकते थे और कर सकते हैं। आप ये मत समझो कि मुसलमान बहरे है और उनसे कुछ नहीं हो सकता है ये ख्याल आप के दिमाग़ से निकाल देना ।

लेकिन इस देश के अन्दर स्सता भाव मुसलमान का है इस को खरीद लैगै। मुसलमानो से मेरी अपील है कि इस मुल्क के अन्दर बहुत सारे अच्छे लोग रहते हैं और उनके साथ आप अच्छा बर्ताव करो और उनको साथ लेकर चलो। उनलोगों को बुरा मत कहो। उन को हकीकत बात बताओ ता की वो अपना समर्थन कर सके। और जो बुरे लोग है और अपने से जलते है उनको कानून के जरिये  उनको सबक सिखाया जाए। जब तक अपने को पुरा भरोसा है कानून पर। तब तक हम कानून के सहारे ही आगे बढेंगे।


इस लेख के माध्यम से हिन्दू और मुसलमानो से अपील करता हूँ कि आप सत्य और असत्य का पता लगाए, फिर आगे कदम उठाएं, सभी हिन्दू मुस्लिम मिल जुलाई कर रहे और देश के अन्दर एकता और भाईचारा बना कर रखें,  देश का माहौल बहुत ही खराब है जरा सतर्क रहे। देश का विकास अमन चैन से ही बढेगा।

शुक्रिया। धन्यवाद

भ्रष्टाचार Curption

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो है "भ्रष्टाचार"।  भ्रष्टाचार क्यों और कैसे हो रहा है, मुख्यतः क्या कारण है इन्ही कारणों का हम पता लगाएंगे। 
भ्रष्टाचार क्यों फैल रहा है?  
भ्रष्टाचार का मतलब होता है भ्रष्ट से डूबा हुआ अथार्त रिश्वत लेना। रिश्वत इसलिए लेते हैं उस   देश के निवासियों की अपनी तनख्वाह से पूर्ति नहीं होती है, जिस के कारण वो कर्मचारी पैसों की लालच लेकर काम करते हैं, अगर सामने वाला भी पैसे🤑💸💵💴💶💰💳 न दे तो उनका काम  भी नहीं हो रहा है, आखिर वो करे तो क्या करे बेचारा। अगर वो आदमी जागरूक हे तो एन्टी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवा सकता है। भ्रष्टाचार फैलने का मुख्य कारण है उस देश में गरीबी की मारा मारी  ये सबसे बड़ी समस्या है।
भ्रष्टाचार कहाँ पर ज्यादा फैलता है? 
भ्रष्टाचार वहाँ पर सबसे ज्यादा फैलता है जहाँ पर रोजगार की कमी पायी जाती हो और उस देश में जनसंख्या ज्यादा हो, तो एसे मुल्कों में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा को छूता हुआ नज़र आता है। उस देश के निवासियों में कम्पीटीशन ज्यादा हो चाहे कोई भी क्षेत्र क्यों न हो,सरकारी क्षेत्र हो या गैर सरकारी क्षेत्र हो  लेकीन रोजगार सब को बराबर मात्रा में नहीं मिलता है। हर जगह आदमी रोजी रोटी कमाने के लिए परेशान  नजर आता है। उस देश के अधिकतर लोग👫👬👭 विदेश में जाकर मेहनत मजदूरी करते हैं।
भ्रष्टाचार की समस्या कैसे हल हो सकती है?  
जिस देश में अगर भ्रष्टाचार की समस्या अधिक है उस मुल्क को अपने क्षेत्र में रोजगार के उपाय लागू करने पडेंगे और रोजगार के नये नये स्किल पैदा करने पड़ेंगे। जिससे उस देश के निवासी सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे हैं उनको अच्छी मजदूरी देनी होगी जिससे वो आदमी संतुष्ट रह कर देश के लिए काम कर सके। और निजी क्षेत्र में भी रोजगार के माडल को विकसित करने की सख्त जरूरत पड़ती है, बहुत सारे यूवा साथी अपना खुद का व्यवसाय चलाने के लिए तैयार होतें है तो क्षेत्र उन के लिए अवसर पैदा करने की सख्त जरूरत होती है।
भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगै? 
जिस देश में अगर करप्शन ज्यादा चल रहा है तो उस देश की सरकार को हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार ब्यूरो खोलने पड़ेगा और देश की जनता को जागरूक करना पड़ेगा, और उन के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे जिससे उस देश की जनता सुखी रह कर अपना जीवन गुजार सके और भ्रष्टाचार मुक्त करवाने में सहायता कर सके।
 भ्रष्टाचार फैलने के क्या नुकसान होते हैं?  
जिस देश में भ्रष्टाचार ज्यादा फैलता है उस देश में शांति और समानता नहीं रहेगी, इसमें अमीर और मध्यम वर्ग के लोग👫👬👭 ही पैसे🤑💸💵💴💶💰💳 के बलबूतेबढैंगे  बढैंगे और गरीब तबका पीछे रह जाएगा, जिससे समाज में अशांति और भ्रष्टाचार का अड्डा फैलता जाएगा, आखिर में जनता तंग आकर देश में विद्रोह करेगी। जिससे राज्य को नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
 
धन्यवाद 🙏💕 शुक्रिया। 
      में आप का दोस्त लेखक मुराद खान। 

  जय हिंद जय भारत।। 





एक देश एक चुनाव One country one election

जी हाँ आज का विषय देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये देश के लिए सौभाग्य की बात है या दुर्भाग्य की बात है कि  देश के लिए अब एक ही समय में चुनाव होने जा रहे हैं, ये निर्णय आज देश के वज़ीर ए आज़म श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लिया है, उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलायी और कहा एक देश है तो चुनाव भी एक ही बार, एक समय में होना चाहिए। जी हाँ ये बातें कहाँ तक उचित है या अनुचित है।  लेकिन इन दलों में दो टुकड़े हो गये हैं एक दल भाजपा एवं अन्य सहयोगी पार्टियां, दूसरे पक्ष में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल। कांग्रेस के पक्ष में दलों ने बैंठक में हिस्सा लेना बंद कर दिया। आखिर क्या कारण है कि विपक्ष सर्व दलीय बेठक में हिस्सा क्यों नहीं ले रहा है?  आईए विपक्ष के आरोप जानते हैं। 
.मोदी की चुनावी क्रांति पर कोहराम क्यों? 
1. एक देश एक चुनाव पर सरकार की सबसे बड़ी पहल। 
2.प्रधान मंत्री की बेठक का कांग्रेस ने किया बायकाट। 
3.बीजेपी पर असली समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप। 
4.एक देश एक चुनाव को संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। 
5.एक देश एक चुनाव देश की तरक्की के लिए क्या जरुरी?  

देश के वज़ीर ए आज़म जब सर्व दलीय बेठक बुलाने का निर्णय लिया तो कुछ लोग और पार्टियों ने बेठक में न जाने से मना कर दिया, क्या ये उनका निर्णय सही है?  बल्कि उस बैठक का हिस्सा बन कर तर्क और वितर्क करके समस्या का समाधान करते, बल्कि ये एक साथ चुनाव करवाना इतना संभव नहीं है  फिर भी इस संवैधानिक मान्यता के तहत इस समस्या को सही करना था। एक साथ चुनाव करवाना कितना सही है और कितना गलत है?  ये बताना मुश्किल है मेरे हिसाब से,  एक साथ चुनाव करवाना देश के विकास के लिए काफी लाभदायक रहेगा  इस के पीछे दो कारण है , एक देश को आर्थिक बोझ से बचाना, और दूसरे देश के अलग अलग हिस्सों में आदर्श आचार संहिता का पालन की वजह से देश के विकास की गति का रुक जाना। ,जिससे देश का विकास काफी सही गति से चलता रहे। शायद आज सर्व दलीय बेठक में एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में दो गुट हो गये हैं और सबसे ज्यादा लोग एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है,  हा ये उनका अपना निर्णय है।, इस निर्णय का न तो संविधान में ज़िक्र है, बस एक आदमी के निर्णय का फैसला है, अब इसका भी इन्तजार है जनता को। 


धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया। 
          ।   जय हिंद जय भारत।।   ,  






भारत की संसद / पंचायत का हाल

जी हाँ दोस्तों सलाम आदाब, आज में आप को एक बेहद आश्चर्यजनक जानकारी बताने जा रहा हूँ आप ज़रा इसे ध्यान से पढियेगा। 
वो नया अध्याय है "भारत की सबसे बड़ी पंचायत का हाल" जी हाँ यह सच है कि कल दिनांक 18-06-2019को जब सांसद पांच साल के कार्य काल की शपथ लेते हैं तब बीच में धार्मिक नारे कहाँ से ये जगह लेते हैं, ये बातें समझ में तो पहले भी आ चुकी है लेकिन अब पूर्ण रूप से समझ में आ चुकी है कि भारत कहने क्या जा रहा है?  और करने क्या जा रहा है?  इन दोनों बातों में कल की घटना नै स्पष्ट कर दिया। देश का वज़ीर ए आज़म देश के उत्थान की बात करता है सबको साथ लेकर चलने की बात करता, लेकिन वही उस के मंत्री / वज़ीर देश में अन्य पार्टी के सांसद जब संसद भवन में शपथ ग्रहण करते हैं तब बीच में धार्मिक नारे लगाते हैं और पूरा संसद भवन  शोर से खलबला  उठता है।, क्या यह सब देश के उत्थान के लिए हो रहा है?  
आज हम बड़े बड़े गर्व से कहते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, इस देश के अन्दर सभी हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई साथ रहकर  देश के लिए अच्छा पैगाम देते हैं, हाँ यह बात भी सत्य है, लेकिन इसके उलट स्थिति कुछ ओर ही है। 
आज हम 21 वीं सदी की बात करने जा रहे हैं, क्योंकि ये घटनाएं भी 21 वीं सदी में घटित हो रही है, तो इन बातों को हमें ज़रूर समझना चाहिए और उस पर विशलेषण करना चाहिए कि देश के अन्दर ऐसी नोबत क्यों आ पड़ी जिससे देश की सबसे बड़ी पंचायत में धार्मिक नारे लगाने पडते है और एक दूसरे की भावना को ठेस पहुँचाया जाता है, तो इन सब बातों के पीछे का राज क्या है और पिछले 18 सालों की स्थिति का जायज़ा लेते हैं देश के अन्दर कितना विकास हुआ है और कितना विकास बाकि है तो आईये मे आप को पिछले अठारह साल की स्थिति के बारे में स्पष्ट करवा देता हूँ जरा आप इन आंकड़ों को पढ कर चोंक जाएंगे। 


पिछले अठारह साल के आंकड़े और देश की स्थिति- 
1.पिछले अठारह साल से देश में पुलिस👮🚔 के 5लाख पद खाली पड़े हैं। 
2.शिक्षा विभाग में अध्यापकों के प्राईमरी और उच्च प्राईमरी के 10 लाख पद खाली पड़े हैं। 
3.सैना के 55हजार पद खाली पड़े हैं। 
4.देश में 543 सांसद है, एक सांसद के पिछे 22लाख 20हजार 38 लोग है। 
5. 21वीं सदी में बीते अठारह साल में 1लाख 15 हजार छात्रों👦📖🎒 ने ख़ुद कुशी की है। 
6 बीते अठारह साल से 3लाख किसानों ने ख़ुद कुशी की है। 
7 बीते अठारह साल में वायु प्रदूषण से 10 लाख बच्चों की मौत हुई है। 
8.बीते अठारह साल में खराब पानी की वजह से 15 लाख लोगों की मौत हो जाती है। 
9. महिला के रेप में एक घंटे में एक केस दर्ज हो जाता है, बताओ देश की क्या स्थिति है?  
10. दलित उत्पीड़न प्रति दिन☀ 25 केस थाने में दर्ज होतै है। 
11. देश के अन्दर 85फसदी असमानता बढ गई है। 

दोस्तों तो आप ने ये आंकड़े जरूर पढ़ें होंगे, और आप समझ भी गये होंगे कि देश के अन्दर क्या हालात हैं, और सबसे बड़ी पंचायत में क्या माजरा चल रहा है,, वाकई में देश बदल रहा है या धर्म बदल रहा है, बात समझ में नहीं आ रही है  लोगों की भीड़ किधर जा रही है, क्या ये भीड़ जिस तरफ खड़ी है क्या ये सच्चाई की तरफ है। 
जिस तरफ बहुत ही कम लोग खड़े हैं, शायद ही वो झूठ में डूबे हुए है, समझना आप लोगो को है कि सत्य क्या है?  और असत्य क्या है?   दोस्तों फैसला आप के हाथ में है, सही और गलत का निर्णय करना आप को है, क्योंकि आप एज्टेयूकेटेड  है। 
ये वही लोग है जिन्हें आप लोगो ने चुन कर संसद तक भेजा है, क्या ये लोग आप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, अगर आप को सही अर्थों में महसूस हो भी रहा है कि हमारा प्रतिनिधित्व हो रहा है, तो देश की सबसे बड़ी संसद में ये धार्मिक नारे एक- दूसरे के प्रति नहीं लगाते, देश के सांसदों के अन्दर अन्दर इतनी एकता नहीं है जो, जो मिल कर भारतीय🇮🇳👳 जनता का विकास करा सके।, देश का विकास तो आप ने देख लिया है  बल्कि आप का प्रतिनिधित्व करने वालों ने देश का विनाश करवा दिया। ये में नहीं कह रहा हूँ, ब्लकि ये ऊपर दिये गये आंकड़े कह रहे हैं। 

तो दोस्तों आप ने देश के हालात जान लिए, और देश के अन्दर आंकड़ों कि स्थिति भी जान ली।  देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को भी जान लिया, कुछ समय पहल कांफ्रेंस करने सड़क पर बाहर आ गयी थी। देश के अन्दर भर्षटचारीयो के अड्डे को देख लिया करोड़ों, अरबों का घोटाला करके बाहर विदेश चले गए। अब आपने ई वी एम मशीन को भी देख लिया बस एक पार्टी की तरफ खडी़ है। 

समझ में नहीं आ रहा है कि ये सब क्या हो रहा है हमारे देश में, लगता है सबको नींद  आ गयी। 


धन्यवाद दोस्तों, में आप का दोस्त, लैखक, वक्ता, स्वतंत्र विचारक, मुराद खान। 


आप मेरे लेख को जरूर पढ़ें और आगे भी शैयर करें, कमैंट करके जरूर अपनी राय दे ं

धन्यवाद🙏💕, शुक्रिया।। 


।।  जय हिंद जय भारत।। 


ड्रेस कोड का महत्व।

जी हाँ दोस्तों सलाम आदाब आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो है "ड्रेस कोड का महत्व"। 
जी हाँ आज सरकार के हर विभाग के कर्मचारियों की ड्रेस अलग- अलग नमूने एवं विभिन्न प्रकार के रंगों की होती है, तो इस के पीछे क्या कारण है?  
आइये हम जानते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है, एक राजनेता की ड्रेस सफेद, एक पुलिस👮 की ड्रेस खाकी रंग की, एक वकील की ब्लैक पैंट👖 और सफेद शर्ट ऊपर काला कोट अनिवार्य है, एक डाक्टर की सफेद पैट शर्ट ऊपर सफेद कोट अनिवार्य है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की ड्रेस भी एक भगवा रंग की निश्चित कर दी है यहाँ तक की कोलेज के छात्रों की ड्रेस एक निश्चित है। एक सैनिक कर्मचारी की ड्रेस भी अलग है। 
क्या कारण है कि इन सब विभागों की ड्रेस अलग अलग है तो आईये में बताता हूँ कि ऐसा क्यों हो रहा है, ये ड्रेस कोड हमैं, और इन स्वयं को क्या पैगाम मिलता है, इनकी सीमा कहाँ तक है ।
वकील/ एडवोकेट:-1.ये वो वकील है जो मुल्जिम लोगों को इंसाफ या न्याय ⚖दिलाते हैं। ये काले रंग की वर्दी और कोट इसलिए पहनते है कि दो मुल्जिमों  का न्याय बारीकी से करते हैं, किसी की भी पक्ष बाजी नही करते हैं, काली ड्रेस किसी भी मुल्जिम के पक्ष में नहीं होती है। 
2.दूसरा कारण है मुल्जिम और वकील मे फर्क  का नज़र आना। अगर वकील और मुल्जिम में फर्क नजर नहीं आएगा तो दोनों के बीच कोई महत्व नहीं रहेगा। कोई एक दूसरे के फर्क भी महसूस नहीं होगा और पहचान🆔 भी नहीं रहेगी। 
3.वकील की काली ड्रेस का विशेष महत्व है कि उनकी ड्यूटी समय पर ही पहने, अगर बिना ड्यूटी पहन के रखी है तो उस का कोई महत्व नहीं रहेगा। वकील की ड्रेस कोड समय पर ही महत्व देगी। 
डाक्टर/ चिकित्सक🏥:- जी हाँ आप चिकित्सक के बारे में आप अच्छी तरह  जानते हैं और अस्पताल में आप ने चिकित्सक को देखा भी और आप की जीवन में एक बार जरूर मुलाकात भी जरूर हुई होगी। चिकित्सक मरीज का इलाज करता है, और उसके सफेद ड्रेस ओर सफेद कोट पहन कर देखा होगा जरूर। तो ऐसा क्या कारण है कि एक मरीज का इलाज करने वाला सफेद ड्रेस पहनता है, ये एक अलग अलग दैश का नियम📏 बना हुआ है कि मरीज का इलाज करने वाला चिकित्सक सफेद ड्रेस पहनेगा, और संदेश उस जनता को मिलता है कि वो मरीजों का इलाज करता है और उनके अन्दर शांति की बात करता है। 
इन सब अधिकारियों की ड्रेस कोड का विशेष महत्व होता है कि ये समय समय पर जनता की सैवा करते हैं और उन्हें गलत रास्ते पर जाने से रोकते है ं। 
वकील का काम है इंसाफ करना,
डाक्टर काम है मरीज का इलाज करना। 
पुलिस👮 का काम है जनता कि रक्षा करना। 
आर्मी सेना काम है देश की रक्षा करना। 
राजनेता का काम है  जनता की कल्याण कारी काम करना। 
तो इन सब के अलग अलग काम है और इनकी ड्रेस कोड भी अलग अलग है, ये अपनी सैवाऐं  अपनी वर्दी के मुताबिक देते हैं। 


धन्यवाद🙏💕 दोस्तों में आप का दोस्त ,लेखक ,वक्ता       मुराद खान। 

               ।। जय हिंद जय भारत।।          

                  शुक्रिया                              । 






संस्कार

दोस्तों👭👬👫 नमस्कार!  आज में आप को एक नये बिंदु की ओर लेकर चलता हूँ, वो बिंदु है - संस्कार। जी  हां यह शब्द अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण है, इस शब्द की अहमियत हमें तब पता चलती है जब किसी बच्चे की खराब वाणी या भाषा के मूंह से निकलने से पता चलता है🔍 कि इस के परिवार जनों ने इस को कैसे संस्कार या लक्षण सिखाए है। 
जी बिलकुल यह बात सही है कि हर धर्म और समाज में अपने अपने नियम-कायदे होते हैं, और वै सभ्य माँ-बाप अपने बच्चो को धार्मिक भावना और प्रेम मोहब्बत के  अच्छे संस्कार , लक्षण और अच्छी बातें जरूर सिखाते हैं और सही सलाह देते हैं। लेकिन हर धर्म और समाज में कुछ अपवाद भी होते हैं जो अच्छे संस्कार की बजाय बुरे संस्कार सीखते हैं या तो उनके माता पिता में कुछ कमी〽 होती है, या उनकी संतान बाहरी दुषित वातावरण में मिल कर बुरे लक्षण सीख जाते हैं और बुरी हरकते करने लगते हैं। 
हर समाज और धर्म यही चाहता है कि हमारी औलाद या संतान अच्छे लक्षण सीखै और भले काम करे, जिससे माँ बाप का नाम  रौशन हो, एक सभ्य समाज में अच्छा पैगाम मिले। लेकिन बदकिस्मती से लोग अपने स्वार्थ के लिए बुरे काम भी करते हैं, जिससे इन्सानियत की परिभाषा धूमिल हो जाती है। 
कहते हैं न जेसा राजा वैसी प्रजा ,उसी प्रकार जेसा खानदान होगा वैसी ही औलाद या संतान होगी इस बात में कोई दो राय नही है, क्योंकि जो बच्चे अपना कर्म करते हैं  उसे उनके परिवार की स्थिति के बारे में पता चल जाता है, चाहे वो बच्चा कर्म अच्छा करे या बुरा करे। आज अगर किसी माँ बाप की संतान गलत काम करती है तो 90 फीसदी कारण जिम्मेदार उन के मां बाप और परिवार ही है,और 10 फीसदी लोग गलत काम बाहरी वातावरण से सीखते हैं क्योंकि एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले बच्चे को मां बाप जेसा सिखाएंगे वैसा ही वो सीखता जाएगा। बच्चे का दिमाग खाली कागज़ के समान होता है, माँ बाप जैसी आदतें, कर्म, रूचियाँ और व्यवहार अपनाएंगे तो वैसी ही आदतें बच्चे सीखैगैं।
आज के मां बाप से अनुरोध है कि आप अपनी लाडली संतान को अच्छी लक्षण सिखाइये, अच्छी आदतें विकसित करै और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करैं, बच्चे की हर उचित ज़रुरतैं पूरी करें। हर धर्म और हर समाज में जन्म लेने वाला बच्चा अपने धर्म और समाज के अनुसार संस्कार ढलते हैं और उनके के अन्दर अच्छे संस्कार और बुरे संस्कार भी मिलते हैं , ये शुरुआत में तो छोटी समस्याएं है लेकिन बाद में ये समस्याऐ उन्हीं लोगों को दुख देती है।ये छोटे छोटे बुरे संस्कार बाद में आदत का रुप धारण करते हैं। 

धन्यवाद🙏💕। 
       ।। जय हिंद जय भारत। । 



कुंई या बेरी

  • कुंई या बेरी:- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ वो है कुईं। 
  • यह एक पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत है। 
स्थानीय भाषा में कुईं को बेरी कहते हैं ये बेरियां पश्चिमी राजस्थान के जिलों में पायी जाती है। इसका महत्व आज भी बरकरार है, लेकिन इससे पहले अत्यधिक बेरियों का महत्व था, आज पेयजल सुविधाओं  में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे बेरियों के महत्व में कुछ कमी आ गयी। आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व लोग पानी के लिए बेरियों पर ही निर्भर थे, क्योंकि उस समय पेयजल सुविधाओं का अभाव था इसलिए लोग पानी के लिए बेरियों पर ज़्यादा तवज्जो देते थे। 
आज उतना तवज्जो नहीं देते हैं क्योंकि इस के पीछे दो अहम कारण है- 
1.पाना का स्तर कम हो जाना, क्योंकि बरसात का पानी (पालर पानी) ही बेरियों के तल में जमा हो जाता है जिसे लोग पानी को चड़स  के द्वारा बाहर निकालते हैं। आज पश्चिम राजस्थान में वर्षा की भयंकर😱 कमी की वजह से पानी💧 का जलस्तर नीचे चला गया है, इससे लोगों का मोह बेरियों से हट गया है। 
2.पेयजल सुविधाओं में विस्तार, आज जमीन का पानी निकलने के लिए बड़ी बड़ी मशीनों से पाताल का पानी निकाला जाता है, उसके अलावा नहरों के पानी को उपलब्ध करवाना। 
बेरी का आकार:- बेरी की गहराई 10-15 मीटर   तक होती है ,बेरी अन्दर से चोड़ाई  2-3फीट तक होती है। इस के अन्दर जो पाणी मिलता है उसे पालर पानी कहते हैं, बेरी कि खुदाई करने वाले को चेजारा  कहते हैं। पश्चिम राजस्थान में पेयजल का महत्वपूर्ण स्रोत आज भी बेरियां है ,लेकिन कुछ बेरियों में आज भी पानी अथाह भरा पड़ा है, ज्यादातर बेरियां पानी💧 से सूख चुकी है और यहाँ तक रेत ⌛ से दब चुकी है। 
धन्यवाद🙏💕। 
  ।। जय हिंद जय भारत।। 

अनमोल वचन एवं अर्थ

"इला न देणी  आपणी हालरिय हुलराय 
पूत सिखा व पाल ण मरण बड़ाई माय "।। 
भावार्थ:- एक माँ अपने बच्चे को पालणे में झूला झुलाती हुई कहती है कि अपनी ज़मीन किसी को मत देना चाहे शत्रु कितना भी हमला कर दे, भले ही मर जाना मगर अपनी ज़मीन किसी को मत देना। अगर आप ने ज़मीन किसी दुशमन को दे भी दी तो इस आंचल की कसम है ,चाहे कैसी भी मुसीबत सामने आ जाए मगर हिम्मत नहीं हारनी है। 
दिन ☀ आंथ्यो  थाक्या बलद 
पियो न 💧🚰 पानी क्यारी एक। 
भावार्थ:- एक किसान पूरा दिन☀ परिश्रम कर रहा है और कूंए  से पानी बलदौं द्वारा
द्वारा निकाल कर पोधौं को पिला रहा है और लेकिन एक चीज भूल गया, क्योंकि उन पौधों के बीच क्यारी नहीं बनाई हुई है और वो बेचारा किसान और पशु परिश्रम करके थक गया क्योंकि उसने सारे पोधौं को पानी नहीं मिल रहा था, वो इसलिए कि पानी की नालिया नहीं बनाई हुई थी। 
बड़ा भ ईया तो क्या भया, जैसे पैड़ खजूर
पंछी को छाया न मिले फल लागे अति दूर। 
भावार्थ:- ये कहावत बहुत ही बड़िया है कि बड़ा होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन उसके अंदर गुण और काबलियत होनी चाहिए । खजुराखजुरा का 🌳पेड़ बड़ा होता है आखिर किस काम का है लेकिन न पक्षीयों को छाया मिलती है और फल 🍎🍊🍌🍉🍇🍒🍍 भी बहुत दूर लगते हैं। तो हमारे लिए कोई काम का पेड़ नहीं है। 

धन्यवाद🙏💕 में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, मुराद खान। 

    ।। जय हिंद जय भारत।। 

Advise सलाह

सलाह:- जी हाँ दौस्तो आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो है सलाह। जी  हाँ आज के दौर में हर कोई कुछ नया काम करना चाहता है लेकिन उस काम कै लिए हर किसी व्यक्ति से सलाह ली जाती है लेकिन कितने लोग सही सलाह देते हैं और कितने लोग गलत सलाह देते हैं। आज दुनिया के अन्दर दो तरह के लोग रहते हैं एक सकारात्मक दृष्टि वाले और दूसरे नकारात्मक दृष्टि वाले। कितने लोग👫👬👭 ऐसे है जो लोगों को जाने अनजाने में गलत सलाह देते हैं, में आज आप को स्पष्ट बता रहा हूँ कि दुनिया में 70 फीसदी लोग गलत सलाह देते हैं क्योंकि उनको उस काम कै बारे में जानकारी नहीं होती है।  या उनके अन्दर नकारात्मकता की भावना भरी हुई होती है। कयी लोग👫👬👭 ये चाहते हैं कि इस व्यक्ति को अगर अच्छी सलाह दे भी दी तो यह मेरे से आगे बढ़ जाएगा और मेरे रास्ते में बाधा डालेगा, मुझे आगे बढने से जरूर घाटा होगा, इस दृष्टि से बहुत सारे लोग👫👬👭 सलाह मांगने वाले को गलत सलाह देते हैं वो अपना रास्ता भटक जाता है। आज कल बहुत सारे लोग👫👬👭 ऐसे होते हैं जो एसे लोगों से सलाह लेते हैं जिनसे उनको उस काम से कोई मतलब नहीं होता है। वही लोग उनकी  हिम्मत को हरा देते हैं। आज में आप को बता रहा हूँ कि सलाह ऐसे लोगों से लेनी चाहिए, जिनको उस काम से जानकारी ज्यादा होनी चाहिए। आप अगर बड़ा बिजनेस करना चाहते हैं तो बिजनेस मैं उच्च पद पर है उनसे सलाह लो।, अगर आप निजी स्कूल खोलना चाहते हैं तो स्कूल जो खोल के बैठा है उनसे सलाह लो, आप कलैक्टर बनने का सपना है तो आप कलैक्टर बना हुआ है उनसे सलाह लो, अगर आप वकील बनना चाहते हैं तो हाई कोर्ट के एडवोकेट से सलाह लो। आप अगर एक्स यू वी जैसी बड़ी गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो आप ओटो वाले से सलाह नहीं ले सकते, अगर सलाह ले भी ले ली तो आप एक महान इन्सान नही बल्कि मूर्ख इन्सान कहलाओगे। ये है सलाह। जो हर इंसान के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन किससे सलाह लैनी चाहिए वो सबसे महत्वपूर्ण है। 

दोस्तों👭👬👫 सलाह सबसे महत्वपूर्ण है, आज बड़े दिग्गज भी सलाह को अहम मानते हैं, और सलाह लेनी भी चाहिए, सलाह ऐसे लोगों से लो जो उस काम की जानकारी रखता हो और  अच्छे आचरण वाला हौ, सकारात्मक दृष्टि वाला हो। सलाह लेने से कोई पाप नहीं होता है। बल्कि सलाह गलत लैने  से पाप होता है। 

धन्यवाद🙏💕, में आप का दोस्त लेखक, वक़्ता, सामाजिक कार्यकर्ता मुराद खान। 

     । ।जय हिंद जय भारत।। 

व्यवहार Behavior

दोस्तों👭👬👫 नमस्कार आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो अध्याय है व्यवहार। जी हाँ आज में इसी विषय पर बात करना चाहता हूं कि दुनिया में कोई भी व्यक्ति क्यों न हो जहाँ तक एक माँ-पिता की संतान ही क्यों न  हो लेकिन उनके व्यवहार में अन्तर दिन☀ और  रात 🌃 का होता है। 
जी बिलकुल तह बात सत्य है कि यहाँ तक सगे भाइयों में फर्क होता है, उनके स्वभाव, आदतें, रुचियां, और अन्य कार्यों में फर्क नज़र आता है। घर 🏡 में जन्म🐣 लेने वाले हर सदस्य अपने आप में अलग होते हैं, वो सदस्य भावात्मक रूप से जुड़े रहते हैं और कार्य कारण में एक दूसरे से अलग नज़र आते है, उन सदस्यों में कार्य करने की क्षमता अलग होती है, कोई मजबूत होता है तो कोई कमज़ोर होता है तो कोई मोटा तो कोई पतला होता है, और कोई छोटा तो कोई बड़ा होता है। हर सदस्य  की अपनी आदतें अलग अलग होती है, प्रत्येक सदस्य की रूचियाँ अलग अलग होती है, यहाँ📍 तक कोई आलसी होता है तो कोई सक्रिय होता है, कोई सदस्य ज्यादा समय तक सोता है कोई कम समय तक सोता है। तो कोई सदस्य कम खाना खाता है तो कोई ज्यादा खाना खाता है। तो कहने का मतलब यह है कि हर सदस्य अपने आप में आदत, रुचि और व्यवहार में अलग अलग होता है। 
आप का व्यवहार ही आप के लिए महान होता है, आप किसी भी व्यक्ति के सामने जिस लहजे में बात करोगे तो सामने वाला उसी लहज़े में बात करेगा। आप मीठा बोलोगे तो सामने वाला मीठा बोलेगा। आप गलत बोलोगे तो सामने वाला ही उसी अंदाज में बात करेगा। व्यवहार शब्द आप ज़िन्दगी में सबसे महत्वपूर्ण है, इस को अगर संवार कर रखते हैं तो आप को जीवन में भुगतना नहीं पड़ेगा। 



Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...