मोबलिचीग Moblyching

मोबलिचीग :- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये शब्द बहुत ही खतरनाक है, आपको मालूम है कि इस शब्द का उदय पिछले पांच साल में काफि चर्चा में चल रहा है, लेकिन इससे पहले भी था लेकिन इतना विस्तार इस शब्द का नहीं था। इस शब्द का निर्माण करने वालों ने काफी समय योजना बनाई है तब जा के मोबलिचीग इस मुकाम पर पहुँची है। 
आखिर मोबलिचीग करने वालों का मकसद क्या है? 
मोबलिचीग करने वाले उस समय से करते आ रहे हैं जब देश के अन्दर संविधान का निर्माण हो रहा था और उस समय देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले की हत्या हुई थी और उस घटना के बाद मोबलिचीग का गिरोह सक्रिय रूप से भूमिका निभा रहा है, उसके बाद राजीव गाँधी की हत्या होती है, फिर सिखों की गर्दनें काटी जाती है, उसके बाद 1992 में बाबरी कांड घटित होताहै। 2002 में गुजरात का दंगा भीड़ का रूप ले लेते हैं। और पिछले पांच साल में में अनगिनत घटनाओं ने वृहत रुप धारण कर लिया। आखिर क्या कारण है कि देश के संविधान निर्माण से लेकर आज तक ये सारी घटनाएं इतनी जल्दी क्यों फैल रही है। ये घटनाएं किसी एक या दो कोम, समुदाय के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही है। 
आखिर इस मुल्क को हम कहाँ तक लेके जा रहे हैं, इस मुल्क का विकास किसी एक समुदाय को मारने से विकास की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगर विकास की प्रक्रिया पूरी होती है तो एक समुदाय को मूल्क आजाद होने से पहले ही पूरा करना चाहिए था अब देश का निर्माण हो रहा है, और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
आखिर क्यों एक समुदाय को हाशिये का शिकार बना रहा है?  ये बड़ा सोचने लायक विषय है, क्या ये समुदाय कहीं बाहर से आया हुआ है या इस समुदाय का इस मुल्क में कोई योगदान नहीं है?  क्या ये समुदाय आप से भेदभाव करता है?  क्या ये समुदाय आप को बिना वजह परेशान कर रहा है। अगर नही। तो इतनी परेशानी आप को क्यों हो रही है?  आज जो समुदाय मोबलिचीग का शिकार है क्या उन्होंने देश के अन्दर भ्रष्टाचार किया है क्या?  अगर नही किया है तो आप ने एक बड़ी गलती कर दी! 😢😱😿।
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानों का योगदान
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानो ने क्या किया वो में आप को बता रहा है आखिर कोई कमी रह जाए तो बता दैना। इस मुल्क को आजाद करवाने में मुसलमानों की भागीदारी सबसे पहले है और अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ जिहाद का फतवा लगाने वाला मुस्लिम उलेमा था। महात्मा गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मूस्लिम वर्ग ही खड़ा था, गाधीं जी के साथ कोई नोटंकी नहीं खैल रहे थे वो देश के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई💪👊🔫 लड रहे थे। देश का मुसलमान हर जगह देश की परेशानी में साथ खड़ा रहा, भूखे को खाना खिलाया और प्यासे को पानी पिलाया। गरीब और मजलूम लोगों की सहायता की। मुसलमान को आप ने जेसा संविधान में हक़ दिया उसी तक ही सीमित रहा ,उससे आगे बढ़ ही नहीं पाया, उससे आगे अपनी ज़बान खोली भी नहीं। लेकिन फिर भी आप मुसलमान से परेशान, एसा क्यों?  आखिर आप लोगो ने देश को बर्बाद करने में कोई कमी नहीं रखी, और अपनी समस्या सुलझाने के लिए देश के अन्दर रेलवे की लाईने तोड़ दी और  देश की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन मुसलमान यहाँ तक चुप बैठा है। आप ने मुसलमान की मस्जिद को तबाह व बर्बाद कर दिया और मुसलमान को गाय के नाम से हत्या🔪 की। और मुसलमान को दाड़ी देख कर आंतकवादी का इल्ज़ाम लगाया,फिर बैचारा मुसलमान परेशान होकर कानून के दायरे में रह कर काम किया, ता के देश को कोई परेशानी न आये, आखिर आप ही इस मुल्क का एक कदम नुकसान कर सकते हैं तो मुसलमान भी दो कदम नुकसान कर सकते थे और कर सकते हैं। आप ये मत समझो कि मुसलमान बहरे है और उनसे कुछ नहीं हो सकता है ये ख्याल आप के दिमाग़ से निकाल देना ।

लेकिन इस देश के अन्दर स्सता भाव मुसलमान का है इस को खरीद लैगै। मुसलमानो से मेरी अपील है कि इस मुल्क के अन्दर बहुत सारे अच्छे लोग रहते हैं और उनके साथ आप अच्छा बर्ताव करो और उनको साथ लेकर चलो। उनलोगों को बुरा मत कहो। उन को हकीकत बात बताओ ता की वो अपना समर्थन कर सके। और जो बुरे लोग है और अपने से जलते है उनको कानून के जरिये  उनको सबक सिखाया जाए। जब तक अपने को पुरा भरोसा है कानून पर। तब तक हम कानून के सहारे ही आगे बढेंगे।


इस लेख के माध्यम से हिन्दू और मुसलमानो से अपील करता हूँ कि आप सत्य और असत्य का पता लगाए, फिर आगे कदम उठाएं, सभी हिन्दू मुस्लिम मिल जुलाई कर रहे और देश के अन्दर एकता और भाईचारा बना कर रखें,  देश का माहौल बहुत ही खराब है जरा सतर्क रहे। देश का विकास अमन चैन से ही बढेगा।

शुक्रिया। धन्यवाद

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