जी हाँ आज का विषय देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये देश के लिए सौभाग्य की बात है या दुर्भाग्य की बात है कि देश के लिए अब एक ही समय में चुनाव होने जा रहे हैं, ये निर्णय आज देश के वज़ीर ए आज़म श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लिया है, उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलायी और कहा एक देश है तो चुनाव भी एक ही बार, एक समय में होना चाहिए। जी हाँ ये बातें कहाँ तक उचित है या अनुचित है। लेकिन इन दलों में दो टुकड़े हो गये हैं एक दल भाजपा एवं अन्य सहयोगी पार्टियां, दूसरे पक्ष में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल। कांग्रेस के पक्ष में दलों ने बैंठक में हिस्सा लेना बंद कर दिया। आखिर क्या कारण है कि विपक्ष सर्व दलीय बेठक में हिस्सा क्यों नहीं ले रहा है? आईए विपक्ष के आरोप जानते हैं।
.मोदी की चुनावी क्रांति पर कोहराम क्यों?
1. एक देश एक चुनाव पर सरकार की सबसे बड़ी पहल।
2.प्रधान मंत्री की बेठक का कांग्रेस ने किया बायकाट।
3.बीजेपी पर असली समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप।
4.एक देश एक चुनाव को संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
5.एक देश एक चुनाव देश की तरक्की के लिए क्या जरुरी?
देश के वज़ीर ए आज़म जब सर्व दलीय बेठक बुलाने का निर्णय लिया तो कुछ लोग और पार्टियों ने बेठक में न जाने से मना कर दिया, क्या ये उनका निर्णय सही है? बल्कि उस बैठक का हिस्सा बन कर तर्क और वितर्क करके समस्या का समाधान करते, बल्कि ये एक साथ चुनाव करवाना इतना संभव नहीं है फिर भी इस संवैधानिक मान्यता के तहत इस समस्या को सही करना था। एक साथ चुनाव करवाना कितना सही है और कितना गलत है? ये बताना मुश्किल है मेरे हिसाब से, एक साथ चुनाव करवाना देश के विकास के लिए काफी लाभदायक रहेगा इस के पीछे दो कारण है , एक देश को आर्थिक बोझ से बचाना, और दूसरे देश के अलग अलग हिस्सों में आदर्श आचार संहिता का पालन की वजह से देश के विकास की गति का रुक जाना। ,जिससे देश का विकास काफी सही गति से चलता रहे। शायद आज सर्व दलीय बेठक में एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में दो गुट हो गये हैं और सबसे ज्यादा लोग एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है, हा ये उनका अपना निर्णय है।, इस निर्णय का न तो संविधान में ज़िक्र है, बस एक आदमी के निर्णय का फैसला है, अब इसका भी इन्तजार है जनता को।
धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया।
। जय हिंद जय भारत।। ,
.मोदी की चुनावी क्रांति पर कोहराम क्यों?
1. एक देश एक चुनाव पर सरकार की सबसे बड़ी पहल।
2.प्रधान मंत्री की बेठक का कांग्रेस ने किया बायकाट।
3.बीजेपी पर असली समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप।
4.एक देश एक चुनाव को संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
5.एक देश एक चुनाव देश की तरक्की के लिए क्या जरुरी?
देश के वज़ीर ए आज़म जब सर्व दलीय बेठक बुलाने का निर्णय लिया तो कुछ लोग और पार्टियों ने बेठक में न जाने से मना कर दिया, क्या ये उनका निर्णय सही है? बल्कि उस बैठक का हिस्सा बन कर तर्क और वितर्क करके समस्या का समाधान करते, बल्कि ये एक साथ चुनाव करवाना इतना संभव नहीं है फिर भी इस संवैधानिक मान्यता के तहत इस समस्या को सही करना था। एक साथ चुनाव करवाना कितना सही है और कितना गलत है? ये बताना मुश्किल है मेरे हिसाब से, एक साथ चुनाव करवाना देश के विकास के लिए काफी लाभदायक रहेगा इस के पीछे दो कारण है , एक देश को आर्थिक बोझ से बचाना, और दूसरे देश के अलग अलग हिस्सों में आदर्श आचार संहिता का पालन की वजह से देश के विकास की गति का रुक जाना। ,जिससे देश का विकास काफी सही गति से चलता रहे। शायद आज सर्व दलीय बेठक में एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में दो गुट हो गये हैं और सबसे ज्यादा लोग एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है, हा ये उनका अपना निर्णय है।, इस निर्णय का न तो संविधान में ज़िक्र है, बस एक आदमी के निर्णय का फैसला है, अब इसका भी इन्तजार है जनता को।
धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया।
। जय हिंद जय भारत।। ,
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