दोस्तों👭👬👫 नमस्कार आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो अध्याय है व्यवहार। जी हाँ आज में इसी विषय पर बात करना चाहता हूं कि दुनिया में कोई भी व्यक्ति क्यों न हो जहाँ तक एक माँ-पिता की संतान ही क्यों न हो लेकिन उनके व्यवहार में अन्तर दिन☀ और रात 🌃 का होता है।
जी बिलकुल तह बात सत्य है कि यहाँ तक सगे भाइयों में फर्क होता है, उनके स्वभाव, आदतें, रुचियां, और अन्य कार्यों में फर्क नज़र आता है। घर 🏡 में जन्म🐣 लेने वाले हर सदस्य अपने आप में अलग होते हैं, वो सदस्य भावात्मक रूप से जुड़े रहते हैं और कार्य कारण में एक दूसरे से अलग नज़र आते है, उन सदस्यों में कार्य करने की क्षमता अलग होती है, कोई मजबूत होता है तो कोई कमज़ोर होता है तो कोई मोटा तो कोई पतला होता है, और कोई छोटा तो कोई बड़ा होता है। हर सदस्य की अपनी आदतें अलग अलग होती है, प्रत्येक सदस्य की रूचियाँ अलग अलग होती है, यहाँ📍 तक कोई आलसी होता है तो कोई सक्रिय होता है, कोई सदस्य ज्यादा समय तक सोता है कोई कम समय तक सोता है। तो कोई सदस्य कम खाना खाता है तो कोई ज्यादा खाना खाता है। तो कहने का मतलब यह है कि हर सदस्य अपने आप में आदत, रुचि और व्यवहार में अलग अलग होता है।
आप का व्यवहार ही आप के लिए महान होता है, आप किसी भी व्यक्ति के सामने जिस लहजे में बात करोगे तो सामने वाला उसी लहज़े में बात करेगा। आप मीठा बोलोगे तो सामने वाला मीठा बोलेगा। आप गलत बोलोगे तो सामने वाला ही उसी अंदाज में बात करेगा। व्यवहार शब्द आप ज़िन्दगी में सबसे महत्वपूर्ण है, इस को अगर संवार कर रखते हैं तो आप को जीवन में भुगतना नहीं पड़ेगा।
आप का व्यवहार ही आप के लिए महान होता है, आप किसी भी व्यक्ति के सामने जिस लहजे में बात करोगे तो सामने वाला उसी लहज़े में बात करेगा। आप मीठा बोलोगे तो सामने वाला मीठा बोलेगा। आप गलत बोलोगे तो सामने वाला ही उसी अंदाज में बात करेगा। व्यवहार शब्द आप ज़िन्दगी में सबसे महत्वपूर्ण है, इस को अगर संवार कर रखते हैं तो आप को जीवन में भुगतना नहीं पड़ेगा।
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