मंच पर कैसे बोले,how to speak on munch

आज का महत्वपूर्ण अध्याय है मंच पर कैसे बोला जाए, बहुत सारे ऐसे लोग👫👬👭 होते हैं जिनको मंच पर बोलने के लिए कहते हैं तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है। क्योंकि उन्होंने कभी मंच पर बोलने का अभ्यास ही नहीं किया। जब कभी लोग अपने रिश्तेदार, मित्रों, और परिवार के सदस्यों से बात करनी होती है तो वे बेधड़क तसल्ली के साथ करते हैं। लेकिन जब इन लोगों को भीड़ में कभी मंच पर बोलने के लिए कहा जाता है तो इनके शरीर से पसीना छूटने लगता है। 

तो आईये मंच पर बोलने के महत्वपूर्ण मुख्य बिन्दु:-
1. लम्बी सांस खींचे, लम्बी सांस खींचने से आक्सीजन का संचार बढता है, इससे आप के शरीर का पसीना आना बंद कर दैता है।
दो मिनट आंखे बंद कर के गहरी सांस छोड़े फिर शरीर को धीरे धीरे ढीला छोडै।

2. जिस विषय पर बोलने जा रहे हो, उस विषय की अच्छी तैयारी करके जाएं।

3. जब आज मंच पर जाए तो बड़े आत्मविश्वास के साथ जाएं, और चेहरे पर मुस्कराहट होनी चाहिए।
मंच पर आराम से जाएं, हड़बड़ाए नहीं।

4.अपनी बोडी लैंग्वेज को आत्मविश्वास के साथ इशारों के साथ, रखें।

5. घबराने का प्रमुख कारण है या तो तैयारी नहीं होती है।

6. लोगों के सामने मंच पर बोलते है तो उनकी आंखों में आंखे डालकर बात करैं।

7.बार बार उसी बात को न दोहराए।

8.सीखना बंद न करें, निरंतर तैयारी करते रहे ं।

धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया, में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर
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Kashmir freedom ,कशमीर स्वतंत्र

आज का दिन बहुत ही एतिहासिक है , इस फैसले का हम मोदी सरकार का स्वागत करते हैं कि कश्मीर और भारत के बीच खड़ी धारा 370 का आज अंत कर दिया। साथ ही धारा 35 A को भी हटाया और कश्मीर के दो टुकड़े कर दिए एक लद्दाख केनद्रशासित प्रदेश और दूसरा जम्मू कश्मीर कैन्द्रशासित प्रदेश बनाने गये हैं। अब भारत के अन्दर 28 राज्य और 9 केन्द्र शासित प्रदेश है। 
मोदी सरकार ने धारा 370 क्यों हटायी ,क्या कारण रहा होगा?  आज मोदी सरकार के फैसले का देश मुबारक बाद दे रहा है, और बहुत कुछ लोग है जो इस फैसले का मुखालिफत  भी कर रहा है।
कशमीर को भारत के साथ विलय करने में महत्वपूर्ण भूमिका किसकी थी?  
जम्मू कश्मीर में विलय करने की महत्वपूर्ण भूमिका पंडित जवाहरलाल नेहरू जी और महाराजा हरि सिंह की थी। जब भारत आजाद हुआ तब जम्मू कश्मीर ने ये फैसला लिया था कि हम अपना अलग स्टेट बनाएंगे, तब उस पर पाकिस्तान विलय करने के लिए दबाव डालता रहा, तब जम्मू कश्मीर ने भारत से सहायता मांगी, तब जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर को भारत के साथ विलय करने का दबाव बनाया। तब जम्मू कश्मीर के महाराजा ने कुछ अपनी शर्तें रखी जिस की वजह से धारा 370 और 35 A को रखना पडा , तब ये ममजबूरन वाली स्थिति बनी हुई थी, तब जम्मू कश्मीर को अलग राज्य नहीं बनने देना और पाकिस्तान के साथ विलय नहीं होने देना। 
आज कश्मीर में क्या है जो 70 सालो मे ये स्थिति बनी हुई थी  और अब उस में क्या परिवर्तन हुआ है वो में आप को बता रहा हूँ। 
पहले और अब तक स्थिति में क्या अंतर है?
1.जम्मू कश्मीर में बाहर के लोग ज़मीन नहीं खरीद सकते थे। 
अब बाहर के लोग जमीन खरीद सकते हैं। 

2.जम्मु कश्मीर में विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्ष का था। 
अब कार्यकाल 5 वर्ष का होगा। 
3.संसद पहले जम्मू कश्मीर को लेकर सीमित कानून बना सकती थी। 
अब अपनी इच्छा अनुसार विस्तार से कानून बना सकती है। 
4.जम्मू कश्मीर में पंचायत के पास कोई अधिकार नहीं थे। 
अब बाकी राज्यों की तरह सारे अधिकार मिलेंगे। 
5.जम्मु कश्मीर में अल्पसंख्यक हिन्दू,और सिक्खों को आरक्षण नहीं मिलता था। 
सरकारी नोकरियों में अब आरक्षण मिलेगा। 
6.राज्य का झंडा🏁 अलग होता था, 
अब देश का झंडा तिरंगा ही रहेगा। 

7.जम्मू कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता थी। 
अब एकल नागरिकता ही होगी, सबके पास। 

8.भारत के प्रतीको का सम्मान नही करते थे, 
अब सम्मान नही करने पर सजा मिलेगी। 
9.सूचना का अधिकार लागू नहीं होता था, 
अब सूचना का अधिकार लागू होगा।


हिन्दुस्तान का 73 वां स्वतंत्रता दिवस, 2019 अगस्त 15

दोस्तों जैसा कि आप सब को मालूम है कि हमारे मुल्क को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी। उससे पहले हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी का शिकार था। भारत की पहली क्रांति 1857 से लेकर 15  अगस्त 1947 के युग के भीतर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मुख़तलिफ जगहों पर लडाईया होती रही, लेकिन वास्तविक जन्गे  आज़ादी 1915 में महात्मा गांधी जी के भारत आने पर ही  कार्य योजना बना कर महात्मा गांधी के नेतृत्व में ही तीन महन आंदोलन चलाए गए।, 1.असहयोग आंदोलन, 2.सविन्य अवज्ञा आंदोलन 3.भारत छोड़ो आंदोलन।गांधी जी ने खिलाफत आंदोलन जो मुस्लिम बधुओ का उस को अपने साथ मिला लिया, और दलित, हरिजनों के लिए उद्दार का काम किया। देश के अलग अलग जगह पर भ्रमण किया और देश के किसानों की समस्याओं का निस्तारण करवाया, और गांधी जी को लोग बापू के नाम से पुकारने लगे। अगर देश को आजादी मिली तै गांधी जी के नेतृत्व में ही मिली वो भी गांधी जी दो शब्दों के पुजारी थे सत्य और अहिंसा जिनके बल पर अंग्रेजो  को झुकना पड़ा।, गांधी जी को पता था कि हमारा देश कैसे आज़ाद हो सकता है उसके लिए उसने पूरे देश का भ्रमण किया और लोगों समस्याओं को निकट से परखा और समझा  ओर उनकी समस्याओं का हल निकालने का अंग्रेजी हुकूमत से प्रयास करवाया। लेकिन गांधी जी के नेतृत्व का सभी भारतीयों ने साथ दिया और देश को आजाद होने में समय लगा, मगर देश गांधी जी के नेतृत्व में, सभी के सहयोग, सभी देशवासियों के मिल कर अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ने से देश आजाद हो गया। 
आज हमारे देश को आजाद हुएं को 732 साल हो चुके  है,और 73 वां साल लग चुका है। हमारे मुल्क ने काफी विकास की प्रगति की ,विकास के  नये नये आयाम छुए है देखा जाए तो देश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। भारत जैसा देश दुनिया में शायद ही मिलेगा, भारत की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है, भारत के अन्दर सभी मज़हब के लोग रहते हैं और 💯💯 जातियाँ निवास करती है। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत जैसे अज़ीम मुल्क में हिन्दू और मुसलमान साथ में रहना भाईचारे के साथ बड़े गर्व की बात है। लेकिन जब ये स्थिति उलट हो जाती है तो ये पूरा का पूरा खैल बिगड़ जाता है। ये काम वही लोग करते हैं जिनके अन्दर परिवार में जिनको नफरत सिखाई गयी है और उनको प्रेम मोहब्बत का पाठ नहीं पढाया गया। हर देश में कुछ असामाजिक तत्व होते हैं जिनकी वजह से देश भी बर्बाद होता है  और समाज भी बदनाम होता है। ये लोग अपने स्वार्थ के लिए एसा करते हैं जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ता है, देश के अन्दर विकास के पहिये की रफ़्तार धीमी हो जाती है। 

आज भारत जैसे हसीन मुल्क में न जाने कैसी कैसी समस्याएं देश के सामने उठ खडी हुई है जो हमारे देश को गुलाम बनाने के लिए फिर से मजबूर कर रही है। ये समस्याएं हमारे देश के लिए घातक साबित हो रही है, जो आए दिन☀ हम अखबारों और टेलीविजन📺 के जरिये से सुन और देख रहे हैं - आतंकवाद, नक्सलवाद, माबलिचीग, बेरोजगार, भूखमरी, भ्रष्टाचार, ना जाने अनगिनत समस्याएं और भी है जो हमे हमारे मुल्क को गुलाम बनाती नजर आ रही है। ये समस्याएं हमारे मुल्क के लिए अच्छी नहीं है बहुत बूरी है, लेकिन इन समस्याओं से हम सब लोग वाकिफ है फिर भी बेखबर है, कि ये समस्याएं कैसे उत्पन्न होती है। 

आखिर इन समस्याओं का निस्तारण कौन करेगा और कैसे होगा, इन समस्याओं से हमें ही पानी होगी। में आप सभी देशवासियों से हाथ✋ जोड़ कर अपील करता हूँ कि देश गलत रास्ते पर जा रहा है, हमें देश को बचाना है, देश की समस्याओं का समझ कर उनका निस्तारण करना है  आगे हमारा सबसे बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, उस दिन को हम लोग बड़ी शान ओर शौकत के मनाते है, मनाना भी चाहिए । लेकिन देश की समस्याओं को समझना सबसे जरूरी है। हम लोग उस दिन  को तो प्रेम हर्षोल्लास के साथ मनाते है और बाकी दिनों को भूल जाते हैं। लेकिन घटनाएं तो रुकने का नाम ही नहीं लेती है, तरातर बढती जा रही है । साल में दो दिन ऐसे होते हैं जो हमें देश को एक डोर में बांध के रखते हैं, बाकी दिनों में इसका कोई असर नहीं पड़ता। 













दिल 💜❤ दहलाने वाली कहानी

बाहर बारिश☔ हो रही थी, अन्दर क्लास चल रही थी, तभी एक अध्यापक ने कहा कि आज आप प्रत्येक छात्र को में 100 - 100 रुपये💵 दूं तो आप लोग क्या खरीदोगे तो किसी छात्र ने कहा कि मैं तो ट्रोफी खरीदूंगा, तो किसी ने कहा में विडियो गेम खरीदूंगा, तब अध्यापक की नज़र एक ऐसे छात्र पर पड़ी जो अपने विचारों में डूबा हुआ था, तब अध्यापक ने कहा बेटा आप क्या खरीदोगे, बोलते क्यों नहीं हो, तो उसने कहा कि मैं मेरी माँ के लिए चश्मा खरीदूंगा। तो अध्यापक ने कहा बेटा चश्मा खरीदने के लिए तेरे पिताजी है चशमा तो तेरे पिताजी खरीद सकते हैं तू तेरे लिए क्या खरीदेगा, तो उस छात्र की बात सुन कर अध्यापक का गला भर आया  , उसने कहा सर मेरे पिताजी इस दुनिया में अब नहीं रहे। मेरी माँ लोगों के कपड़े सील कर मुझे खिलाती पिलाती है और मेरी पढाई का खर्चा भी भरती है । में चाहता हूं कि मेरी माँ को चश्मा खरीद के दूं ता की वो अच्छे से देख सके और कपड़े सील कर मेरी पढाई का खर्चा चला सके, और में पढ कर बड़ा आदमी बन के मां की सेवा कर सकूँ, तब अध्यापक ने उसको अपनी जैब से 100 रुपये💵 ओर उधार दिए और कहा कि ये 100 रुपये मेरे वादे के और ये 100 रूपये उधार दे रहा हूँ, जब रोजगार लगे तब वापस लोटा देना। लेकिन 20 साल बाद बाहर बारिश हो रही थी, अन्दर क्लास चल रही थी, उस बाहर अचानक लाल 🔴 बत्ती वाली गाड़ी आ के रुकती है और पूरी स्कूल 🏫 में सन्नाटा छा गया। पूरा स्कूल स्टाफ चोकन्ना सा रह गया। तब एक कलेक्टर वृहद अध्यापक के पैरों को छूता है और अध्यापक  उस कलेक्टर को बाहों में कश कर ऊपर उठा लेते हैं और कलेक्टर कहता है कि आप मेरे सर हाथ रखें में धन्य हो जाऊँ। 

सीख :- दोस्तों जीवन में कभी मग़रूर मत करना,  साधारण रहना,अपने को कभी कमज़ोर मत आंकना शहंशाह को कभी फकीर, और फकीर को कभी शहंशाह बनने में देर नही लगती।। 

Edul Azhaa ( बकरा ईद)

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब, आज में आप से ईदुल अज़हा के बारे में जानकारी दूंगा। आप लोग जरूर इस जानकारी को पढैं और आगे भी शैयर करें ं। इस साल ईदुल अज़हा अंग्रेजी तारीख 12 अगस्त 2019 बरोज़ सोमवार को होने जा रही है, अब इस्लामिक तारीख को ईद हमेशा, इस्लामिक महीने ज़िलहिज की 10 तारीख को मनाई जाती है। 
ईदुल अज़हा इस्लाम मज़हब का प्रमुख त्योहार है, और मुस्लिम लोग बड़ी शान से मनाते है और शरियत के मुताबिक अमल भी करते हैं। ईद के मुबारक मौके पर लोग एक दुसरे को मुबारक बाद देते हैं और एक दूसरे को दावत भी देते हैं एक दूसरे को खाना भी खिलाते हैं। गरीब लोगों को खाना भी खिलाते है और एक दूसरे के साथ खुशियाँ भी बांटते हैं। 

ईदुल अज़हा:- 
                     ईदुल अज़हा अरबी भाषा का शब्द है, जिसको कुर्बानी की ईद या सुन्नते इब्राहिम या बकरा ईद भी कहते हैं। 
इस दिन मुस्लिम लोग अपने प्रिय जानवर की कुर्बानी देते हैं जैसे  बकरा,भेड़ एवं ऊंट, भैंस की भी कुर्बानी देते हैं। 

ईदुल अज़हा क्यों मनाई जाती है:- 
ये कुर्बानी ईद हमारे नबी हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की रिवायत से जुड़ी हुई है, एक दिन अल्लाह पाक ने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का इम्तिहान (परीक्षा)  ली, और कहा कि आप अपने प्रिय चीज की कुर्बानी करो ,तब आप ने अपने बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम को स्नान वगैरह करवाके जंगल की तरफ ले गए और आप ने अपनी आंखों पर पट्टी बाँध कर गर्दन पर छुरी चलाई, बाद में देखा तो अपने बेटे की जगह भेड़ जि़बाह  हो गई और अपने बेटे सुरक्षित है। इह तरह अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा ली थी, हकीकी ईमान जानने के लिए। तब से लेकर आज तक लोग उनकी याद में कुर्बानी करते आ रहें हैं। 
ईद की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी:- 
1. सुबह जल्दी उठा। 
2.गुस्सल करना, स्नान🛀 करना। 
3.मिस्वाक करना। 
4.उम्दा से उम्दा कपड़े पहनना  जो पास में मोजूद हो। 
5.खुशबू लगाना। 
6.ईद की नमाज़ से पहले कुछ नहीं खाना। 
7.ईदगाह के रास्ते में जाते वक्त तकबीर बुलंद आवाज़ में पढैं। 
8.एक रास्ते में जाना दूसरे रास्ते में वापस आना। 
9.ईद की नमाज़ के बाद ही कुरबानी करें। 



Good student of Twenty Rules, अच्छे विद्यार्थी के 20 नियम।

1.सुबह जल्दी उठ कर ईश्वर, अल्लाह की इबादत ( पूजा) करें- 

2. अपने माँ- बाप का सम्मान करें। 

3.प्रतिदिन अध्ययन 📚✏करें। 

4.अपनी अध्ययन सामग्री सही जगह पर रखें। 

5.अपने अध्ययन 📚✏कक्ष और आस पास की जगह को साफ सुथरा रखें। 

6.हमेशा प्रेरित रहें। 

7.साफ सुथरे कपड़े पहनें। 

8.खुश रहें। 

9.कभी भी गलती करने से न डरें। 

10.अपना ज्ञान हासिल करने के मौके ढूंढ। 
11.लगातार प्रयास करते रहे ं। 

12.एकाग्र होकर पढाई करें। 

13.अपने काम से काम रखें। 

14.समय सारणी के अनुसार पढाई करें। 

15.खान पान का ख्याल रखें। 

16.बुजुर्गों का सम्मान करें। 

17.मधूर वाणी बोलें।

18.नशे से दूर रहें। 

19.शारीरिक और मानसिक स्वछता पर ध्यान दें। 

20.पर्यावरण जैसे कार्यक्रम में भाग लें। 

Bhart scout guide of general knowledge


नवयुवकों के लिए एक स्वयंसेवि और गैर सरकारी, शैक्षिक आन्दोलन है। जो किसी जाति, मूल वंश और सम्प्रदाय से बिना भेदभाव से मुक्त ये द्वार🚪  प्रत्येक व्यक्ति के लिए खुला है। ये समाज सेवा करने का मोका भरपुर देता, स्काउट खुद को जीवन जीने की कला और दूसरों के जीवन को कैसे आरामदायक बनाए और उनके दुख सुख में काम आए, यही स्काउटिंग सिखाता है। 1907 में संस्थापक लार्ड बैडेन पावेल ने जो कृत संकल्पित सिधांत दिये थे। 
@ ये देश भक्त और फुर्तीले, सक्रिय, और ऊर्जावान, बुद्धीमान, अग्रगामी और दूरदर्शी नागरिकों का निर्माण करने वाली संस्थान है। 
@उत्म नागरिकता की पाठशाला है। 
@खाली समय का सदुपयोग करना। 
@एक शैक्षिक आंदोलन है। 
@एक स्वेच्छिक अशासकीय संगठन है। 
@ एक खेल जो शिक्षा प्रद है। 
@प्रशन्दायक वातावरण है। 
@नेतृत्व का प्रशिक्षण है। 
@प्रकृति से जुड़ा हुआ रिश्ता है। 
@मनोविज्ञान प्रगतिशील प्रशिक्षण है। 
@पाठ्य सहगामी सर्वोत्तम क्रिया है। 
@व्यक्ति का चारित्रिक, बौद्धिक, शारीरिक     विकास और मानसिक विकास होता है। 
@भाई चारा तथा विश्व🌏 बंधुत्व का पाठ      पढाने वाली संस्थान है। 

उद्देश्य:- 
स्काउटिंग का मुख्य उद्देश्य है कि विश्व के अन्दर प्रत्येक नागरिक को सामाजिकता एवं भाईचारे का पाठ पढाना है, और इस आंदोलन में नवयुवकों की भागीदारी जरूरी है, जिसमें उनकी शारीरिक, बोध्दिक, मानसिक, सामाजिक विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। 

स्काउटिंग एक महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान है जो सभी विश्व के युवाओं के लिए खुला है, इस महत्वपूर्ण कार्य में जो भी नवयुवक भाग लेना चाहता है उनके लिए जीवन जीने के आदर्श तरीके, और शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आध्यात्मिक एंव बौद्धिकता का विकास होता है। स्काउटिंग व्यक्ति को व्यक्तिव बनाना चाहता है, और अच्छा इन्सान भी, साथ में काबिल इन्सान भी बनाता है। 
स्काउटिंग सभी व्यक्तियों को आह्वान करता है कि आओ, इस महान क्रांतिकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपने जीवन को मोज मस्ती के साथ गुजार सके। स्काउटिंग अभिभावकों से विनम्र निवेदन करता है कि आप अपने बच्चों को इस स्काउट में शामिल करिये और उनके अन्दर छुपे हुए गुण और सोच को उभारने का काम करते हैं। स्काउटिंग करने से व्यक्ति के अन्दर सकारात्मक सोच, ऊर्जा, और जीवन जीने की कला, समस्याओं का सहजता से सामना करना ,वो भी सूझ बूझ के साथ समस्याओं का निपटारा करना ही स्काउटिंग है। स्काउटिंग करने से बच्चों के अन्दर नयी सोच, ऊर्जा, और अच्छा इन्सान, सकारात्मक नजरिया, व्यक्तित्व, समाज सेवा का भाव जागृत होता है। 

सिद्धांत:- 
ईश्वर के प्रति कर्तव्य का पालन करना। 
दूसरों के प्रति कर्तव्य का पालन करना। 
स्वयं के प्रति कर्तव्य का पालन करना। 

प्रतिज्ञा:- 
में मर्यादा पूर्वक प्रतिज्ञा करता हूँ कि
1.में यथा शक्ति ईश्वर/ अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करुंगा। 
2.दूसरों की सहायता करूँगा। 
3.स्काउटिंग नियमों का पालन करूँगा। 


स्काउटिंग नियम:- 
1.स्काउटिंग विशवसनिय होता है। 
2.स्काऊट वफादार होता है। 
3स्काउट सबका मित्र होता है। 
4.स्काऊट विनम्र होता है। 
5.स्काऊट पशु पक्षी एवं प्रकृति 🌿🍃का प्रेमी 👱👫होता है। 
6.स्काऊट अनूशासनशील होता है, एवं सार्वजनिक सम्पति की रक्षा करता है। 
7.स्काऊट मित्व्वयी होता है। 
8.स्काऊट मन वचन एवम कर्म से शुद्ध होता है। 


ये थे स्काऊट के नियम, सिध्दांत, प्रतिज्ञा, एव सामान्य जानकारी। अब एक स्काऊट झण्डा गीत में आप को बता रहा हूँ आप इस को भी पढने के साथ साथ लय के साथ गाएं

झण्डा गीत :- 
भारत स्काऊट गाईड झण्डा, ऊंचा सदा रहेगा। 
ऊंचा सदा रहेगा, भारत स्काऊट गाईड झण्डा। 
नीला 🔵रंग गगन सावितृत भातृत्व भाव फैलाता। 
त्रिदल कमल नित तीन प्रतिज्ञाओं की याद दिलाता। 
और चक्र कहता है,प्रति पल आगे कदम बढेगा। 
ऊंचा सदा रहेगा झण्डा ऊंचा सदा रहेगा। 
भारत स्काऊट गाईड झण्डा सदा ऊंचा रहेगा। 


।।      धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया      ।। 

में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर





Indeepedencday of India for now. भारत की आज़ादी से अब तक

दोस्तों नमस्कार, सलाम आदाब आज का अध्याय बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की आज़ादी 15 अगस्त 1947 को मध्य रात्री में हुई थी, ये आज़ादी कैसे मिली और किन से मिली?  ये आज़ादी भारत को कड़ी मश्कत के बाद अंग्रेजों की दास्ताँ से हुकूमत मिली। आज भारत को आजाद हुए को 73 साल हो चुके हैं। आज तक भारत ने कितनी तरक्की की, विश्व के अन्दर भारत की क्या अहमियत है ।भारत अंग्रेजों से आज़ाद भी हो गया और बहुत कुछ तरक्की भी कर ली। भारत की आजादी कैसे मिली और कब मिली और क्या कारण रहे और क्या परिणाम रहे ये सब बातें आप को मालूम है, ज़िक्र करने की कोई जरूरत नही है। महत्वपूर्ण बात ये भी है कि देश की जंगे आज़ादी में कितने तरह के आंदोलन हुए और किनके नेतृत्व में देश को आज़ादी मिली, ये भी जानकारी मालूम है। 

आज महत्वपूर्ण बात ये है कि देश की हकीकत क्या है?  और वाकई मे देश किस दिशा की तरफ जा रहा है, देश वाकई मे विकास की दिशा की तरफ बढ़ रहा है, ये बात बहुत बड़ी खुशी की है कि देश तरक्की की ओर बढ़ रहा है, लेकिन वास्तविक में जितना देश विकसित होने जा रहा उतना ही देश ये पीछे गड्ढे में भी जा रहा है ।क्यों? 
क्योंकि देश के अन्दर आज न जाने कितने प्रकार की समस्याएं हमारे सामने खडी़ हुई है कि हम अपने देश को कहाँ से कहाँ तक ले जा रहे हैं। ये अनहोनी दुखद घटनाएं हम और आप लोग प्रति दिन अखबार, और दूरदर्शन और इण्टरनेट के ज़रिए से हम समाचार  देख और सुन रहे हैं- बेरोजगारी, भूखमरी, भ्रष्टाचार, लिंगानुपात, आतंकवाद, नक्सलवाद, मोबलिचींग, जनसंख्या वृद्धि आदि समस्याएं हमारे देश में उठ खडी़ हुई है जो हमे गुलाम बनाने के लिए मजबूर कर रही है, हम लोग अभी भी इन घटनाओं से बेखबर है। भाईयों और दोस्तों ये घटनाएं हमारी आंखों के सामने से होकर गुजरती है, लेकिन हमें इस बात का जरा बराबर शक भी नहीं लगता। भाईयों और दोस्तों एसी घटनाओं के बारे में चोकन्ना रहे और देश को गड्ढे में डालने से बचाएं और प्यारे मुल्क भारत को सुन्दर और स्वच्छ बनाएं। 
हम आने वाले 15 अगस्त की तारीख को भारत की आज़ादी दिवस के रूप में मनाएंगे  और उस मोके पर बड़ी बड़ी बातें करेंगे कि हमारा मुल्क अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ और सभी मजहब के लोगों ने मिलकर देश को आजाद करवाया। मगर आज हम खुद आजाद हे क्या?  ये प्रशन आप अपने सीने में झांक कर करें।  हकीकत आप को पता चल जाएगी कि देश किस दिशा की तरफ जा रहा है। 


आज देश के अन्दर ये सबसे बड़ी समस्याएं हैं जो हमें गुलाम बनाने के लिए मजबूर कर रही है भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद, बैरोजगार, और भूखमरी, जनसंख्या वृद्धि,, अभी एक ओर नयी समस्या उत्पन्न हो चुकी है वो है - आसमानता, मोबलिचींग, और नफरत का माहोल। 
ये समस्याएं हमारे प्यारे मुल्क के लिए समस्या का नासूर बन चुकी है कि हम लोग इन समस्याओं का मुकाबला भी नहीं कर सकते। आज इन समस्याओं का ज़िम्मेदार कौन?  दोस्तों इन समस्याओं का जिम्मेदार अपन लोग, सरकार और समाज  ये तीनो लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि ये समस्याएं इन तीनों लोगों के हाथों से फैलती है और इन समस्याओं को विलुप्त करने के जिम्मेदार भी हम लोग ही है जो अभी भी बे खबर है ं। हमें इन समस्याओं का निजात पाने का तरीका ढूंढना चाहिए और देश के अन्दर भाईचारा और खुशहाली की दुआ और अमन का पैगाम देना चाहिए, ता की देश अपना विकास सही दिशा में कर सके। 

भारत तो अंग्रेजों से तो आजाद हो गया मगर अभी भी अपने आप में आजाद हुआ नहीं है, क्योंकि भारत के अन्दर बेहिसाब समस्याएं उठ खडी हुई है जो हमें आगे बढ़ ने से रोक रही है और गुलाम बनाने के लिए मजबूर कर रही है। 

मेरी आप यूवा और जागरूक लोगों से विनम्र अपील है कि आप लोग मिल कर दैश को डूबने से बचाऐं ता की भारत एक महान देश बन सके। 

शुक्रिया धन्यवाद🙏💕। 
   में आप का दोस्त लेखक, मुराद खान जयसिंधर  
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शिक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर!

#education# सरकार शिक्षा को लेकर कितनी गंभीर नज़र आ रही है, ये सबसे बड़ा सोचनिय विषय है, हमारे और आप के लिए क्यौंकि हमारे और आपके बच्चे सरकारी स्कूलों में जरूर पढते है ं। सरकारी स्कूलों में और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में दिन रात का अंतर होता है, क्योंकि निजी स्कूलें फीस लेकर बच्चों पर तवज्जो देती है और साफ सफाई ,अनुशासन और व्यवहार, पढाई हर चीज़ की नयी नयी जानकारी सिखाते हैं एवं उनके पास सामान्य ज्ञान अथाह भरा पड़ा रहता है। ओर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे के हालात से हम लोग बिलकुल वाकिफ है, और ये क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे की ये स्तिथि है- 
1. सरकारी स्कूलों में भयंकर स्टाफ की कमी, अगर स्टाफ पूरा भी है तो वो अपना फर्ज अदा नहीं करते हैं, वे लोग ट्यूशन के लालच में बड़ी बड़ी कोचिंग में पढाते है। 
2.जिस गाँव में सरकारी विद्यालय है वहाँ के लोग👫👬👭 जागरूक नही है, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि एस एम सी क्या होती है और स्कूल में पढाई क्या चीज़ है। 
3. सरकार सिर्फ और सिर्फ कितने भी स्टाफ क्यों न हो उनको सिर्फ हमेशा नये नये कार्यों का जिम्मा देती रहती है और कागजी कार्रवाई में व्यस्त रखना चाहतीं है ।सरकार शिक्षा के प्रति योजनाएं तो बड़ी बड़ी लागू करतीं हैं मगर वो योजनाएं सिर्फ और सिर्फ काग़ज़ों तक ही सिमीत है। इसलिए सरकारी स्कूल का स्टाफ कागजों में व्यस्त रहता है। 
4. अगर सरकार चाहती तो हर स्कूलों में पूरा स्टाफ लगा देती, मगर सरकार भी यही सोच रही है कि ये सब पढ कर क्या करेंगे, आखिर हमारी कोन सुनेगा। 
5.अगर सरकार शिक्षा के महत्व को समझती तो प्रत्येक सरकारी स्कूलों में एक कलर्क की पोस्ट को स्वीकृति दे चुकी होती है, चाहे स्कूल प्राथमिक स्तर की क्यों न हो। 6.आज उस कलर्क का काम सारा अध्यापक कर रहा है, उनको कलर्क के काम के लिए नहीं लगाया है, उन को बच्चों को पढाने के लिए लगाया है, मगर वो बेचारा अध्यापक करें तो क्या करे, सरकार के कागजों काम समय पर करना जरूरी है। पढाई समय पर करवानी जरूरी नही है। 

क्योंकि आज पढाई को लेकर सरकार शिक्षा के प्रति इतनी गंभीर नहीं है तो दूसरा कौन होगा, क्योंकि जो आज अमीर और मध्यम वर्ग का तबका अपने पैसे🤑💸💵💴💶💰💳 के बलबूते पर बड़ी बड़ी प्राईवेट स्कूलों में बच्चों को पढा रहे हैं। और पीछे बचा गरीब तबका, वो कहाँ जाए क्योंकि उनके के पास दो वक्त का  खाना भी नसीब नहीं होता है, प्राईवेट स्कूल तो दूर की बात है। 

तो ये सरकार का और सरकारी स्कूलों के हालात हैं आप लोग जरा चोकन्ना रहे, ता की समय के साथ जागरूक रहकर आगे प्रगति कर सकें। 

में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर। 

धन्यवाद 🙏💕शुक्रिया।। 
 https://socialworkerandeducationist.blogspot.com/2019/07/important-day-of-celebrating-reasons.html

Man is capitalism in three Qutions इन्सान की काबलियत तीन प्रशनों में है

जी हाँ दोस्तों आज का अध्याय बहुत ही महत्वपूर्ण है और अपने आप को समझने के लिए बहुत ही जरूरी है।कोई भी व्यक्ति कैसा भी हो, चाहे अमीर हो या गरीब ,अमीरी और गरीबी किसी पर भी आ सकती है इस में कोई शक की बात नहीं है। अथार्त ये तो कुदरत का खेल हे।कि हम अपने आप को कहाँ तक समझने का प्रयास करते हैं ये सबसे जरूरी है। व्यक्ति खुद ने कभी अपने आप को समझने का प्रयास किया ही नहीं, क्योंकि उसने कभी अपने आप के अन्दर झांकने का प्रयास ही नही किया। व्यक्ति की काबलियत के तीन महत्वपूर्ण प्रशन 💭❓है, जो में आप को बताने जा रहा हूँ, आप मेरा लेख पढने के बाद जरूर ये तीन प्रशन अपने आप से जरूर करें। 
ये तीन प्रशन है?  
1. में कौन हूँ? 
2. में कहाँ जा रहा हूँ?  
3.में क्या कर सकता हूँ? 

 दोस्तों👭👬👫 ये थे आपके तीन प्रशन जो आप अपने खुद से तीन  प्रशन कीजिये और अपने आप को पहचानिये और फिर उस दिशा में कदम👣 बढाइये,तो आप जरूर सही रास्ते पे जा रहे होंगे। वो पहला प्रशन है - 
1.में कौन हुं?  
ये पहला प्रशन है जिसे आप अपने खुद को पहचानने की क्षमता रखते हैं कि मैं कोन हूँ ये बात आप अपने दिल💜❤ से करते हैं तो आप एक पैज और कलम ✒ ले के बैठ जाओ तो अनगिनत योग्यताएँ लिख सकते हो और अपनी बैकग्राउंड के बारे में, और व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ लिख सकते  हैं। 
2. में कहाँ जा रहा हूँ?  
ये दूसरा प्रशन है जो कि मैं कहाँ जा रहा हूँ, क्या में जिस दिशा में जा रहा हूँ वो दिशा सही है या गलत।  ये प्रशन अपने आप से करें और इस प्रशन पर जरूर गौर करें, ता की आप अपनी जिंदगी को सही  रास्ते पर ले   जा सकें । 

3. में क्या कर सकता हूँ?  
इस प्रशन का उत्तर भी आप खुद ढूढे और इस प्रशन को करने के लिए आप बहाने मत बनाइये कि मैं गरीब हूँ, ये काम में नहीं कर सकता, तो आप का ये बहाना है। गरीबी में जन्म लेना कोई गुनाह नहीं है मगर गरीब ही रहकर मर जाना ये गलत है। आप वो काम कर सकते हैं जो दुनिया ने आज तक नहीं किया। 

दोस्तों👭👬👫 इन तीन प्रशनों की काबलियत आप के अन्दर मोजूद है वो है आप की सोच 💭, व्यवहार और अच्छी आदतें। 

में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर। 
मोबाइल📱 नम्बर 6378616491
                       7023347607

शुक्रिया धन्यवाद🙏💕। 

Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...