Man is capitalism in three Qutions इन्सान की काबलियत तीन प्रशनों में है

जी हाँ दोस्तों आज का अध्याय बहुत ही महत्वपूर्ण है और अपने आप को समझने के लिए बहुत ही जरूरी है।कोई भी व्यक्ति कैसा भी हो, चाहे अमीर हो या गरीब ,अमीरी और गरीबी किसी पर भी आ सकती है इस में कोई शक की बात नहीं है। अथार्त ये तो कुदरत का खेल हे।कि हम अपने आप को कहाँ तक समझने का प्रयास करते हैं ये सबसे जरूरी है। व्यक्ति खुद ने कभी अपने आप को समझने का प्रयास किया ही नहीं, क्योंकि उसने कभी अपने आप के अन्दर झांकने का प्रयास ही नही किया। व्यक्ति की काबलियत के तीन महत्वपूर्ण प्रशन 💭❓है, जो में आप को बताने जा रहा हूँ, आप मेरा लेख पढने के बाद जरूर ये तीन प्रशन अपने आप से जरूर करें। 
ये तीन प्रशन है?  
1. में कौन हूँ? 
2. में कहाँ जा रहा हूँ?  
3.में क्या कर सकता हूँ? 

 दोस्तों👭👬👫 ये थे आपके तीन प्रशन जो आप अपने खुद से तीन  प्रशन कीजिये और अपने आप को पहचानिये और फिर उस दिशा में कदम👣 बढाइये,तो आप जरूर सही रास्ते पे जा रहे होंगे। वो पहला प्रशन है - 
1.में कौन हुं?  
ये पहला प्रशन है जिसे आप अपने खुद को पहचानने की क्षमता रखते हैं कि मैं कोन हूँ ये बात आप अपने दिल💜❤ से करते हैं तो आप एक पैज और कलम ✒ ले के बैठ जाओ तो अनगिनत योग्यताएँ लिख सकते हो और अपनी बैकग्राउंड के बारे में, और व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ लिख सकते  हैं। 
2. में कहाँ जा रहा हूँ?  
ये दूसरा प्रशन है जो कि मैं कहाँ जा रहा हूँ, क्या में जिस दिशा में जा रहा हूँ वो दिशा सही है या गलत।  ये प्रशन अपने आप से करें और इस प्रशन पर जरूर गौर करें, ता की आप अपनी जिंदगी को सही  रास्ते पर ले   जा सकें । 

3. में क्या कर सकता हूँ?  
इस प्रशन का उत्तर भी आप खुद ढूढे और इस प्रशन को करने के लिए आप बहाने मत बनाइये कि मैं गरीब हूँ, ये काम में नहीं कर सकता, तो आप का ये बहाना है। गरीबी में जन्म लेना कोई गुनाह नहीं है मगर गरीब ही रहकर मर जाना ये गलत है। आप वो काम कर सकते हैं जो दुनिया ने आज तक नहीं किया। 

दोस्तों👭👬👫 इन तीन प्रशनों की काबलियत आप के अन्दर मोजूद है वो है आप की सोच 💭, व्यवहार और अच्छी आदतें। 

में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर। 
मोबाइल📱 नम्बर 6378616491
                       7023347607

शुक्रिया धन्यवाद🙏💕। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...