हिन्दुस्तान का 73 वां स्वतंत्रता दिवस, 2019 अगस्त 15

दोस्तों जैसा कि आप सब को मालूम है कि हमारे मुल्क को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी। उससे पहले हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी का शिकार था। भारत की पहली क्रांति 1857 से लेकर 15  अगस्त 1947 के युग के भीतर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मुख़तलिफ जगहों पर लडाईया होती रही, लेकिन वास्तविक जन्गे  आज़ादी 1915 में महात्मा गांधी जी के भारत आने पर ही  कार्य योजना बना कर महात्मा गांधी के नेतृत्व में ही तीन महन आंदोलन चलाए गए।, 1.असहयोग आंदोलन, 2.सविन्य अवज्ञा आंदोलन 3.भारत छोड़ो आंदोलन।गांधी जी ने खिलाफत आंदोलन जो मुस्लिम बधुओ का उस को अपने साथ मिला लिया, और दलित, हरिजनों के लिए उद्दार का काम किया। देश के अलग अलग जगह पर भ्रमण किया और देश के किसानों की समस्याओं का निस्तारण करवाया, और गांधी जी को लोग बापू के नाम से पुकारने लगे। अगर देश को आजादी मिली तै गांधी जी के नेतृत्व में ही मिली वो भी गांधी जी दो शब्दों के पुजारी थे सत्य और अहिंसा जिनके बल पर अंग्रेजो  को झुकना पड़ा।, गांधी जी को पता था कि हमारा देश कैसे आज़ाद हो सकता है उसके लिए उसने पूरे देश का भ्रमण किया और लोगों समस्याओं को निकट से परखा और समझा  ओर उनकी समस्याओं का हल निकालने का अंग्रेजी हुकूमत से प्रयास करवाया। लेकिन गांधी जी के नेतृत्व का सभी भारतीयों ने साथ दिया और देश को आजाद होने में समय लगा, मगर देश गांधी जी के नेतृत्व में, सभी के सहयोग, सभी देशवासियों के मिल कर अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ने से देश आजाद हो गया। 
आज हमारे देश को आजाद हुएं को 732 साल हो चुके  है,और 73 वां साल लग चुका है। हमारे मुल्क ने काफी विकास की प्रगति की ,विकास के  नये नये आयाम छुए है देखा जाए तो देश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। भारत जैसा देश दुनिया में शायद ही मिलेगा, भारत की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है, भारत के अन्दर सभी मज़हब के लोग रहते हैं और 💯💯 जातियाँ निवास करती है। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत जैसे अज़ीम मुल्क में हिन्दू और मुसलमान साथ में रहना भाईचारे के साथ बड़े गर्व की बात है। लेकिन जब ये स्थिति उलट हो जाती है तो ये पूरा का पूरा खैल बिगड़ जाता है। ये काम वही लोग करते हैं जिनके अन्दर परिवार में जिनको नफरत सिखाई गयी है और उनको प्रेम मोहब्बत का पाठ नहीं पढाया गया। हर देश में कुछ असामाजिक तत्व होते हैं जिनकी वजह से देश भी बर्बाद होता है  और समाज भी बदनाम होता है। ये लोग अपने स्वार्थ के लिए एसा करते हैं जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ता है, देश के अन्दर विकास के पहिये की रफ़्तार धीमी हो जाती है। 

आज भारत जैसे हसीन मुल्क में न जाने कैसी कैसी समस्याएं देश के सामने उठ खडी हुई है जो हमारे देश को गुलाम बनाने के लिए फिर से मजबूर कर रही है। ये समस्याएं हमारे देश के लिए घातक साबित हो रही है, जो आए दिन☀ हम अखबारों और टेलीविजन📺 के जरिये से सुन और देख रहे हैं - आतंकवाद, नक्सलवाद, माबलिचीग, बेरोजगार, भूखमरी, भ्रष्टाचार, ना जाने अनगिनत समस्याएं और भी है जो हमे हमारे मुल्क को गुलाम बनाती नजर आ रही है। ये समस्याएं हमारे मुल्क के लिए अच्छी नहीं है बहुत बूरी है, लेकिन इन समस्याओं से हम सब लोग वाकिफ है फिर भी बेखबर है, कि ये समस्याएं कैसे उत्पन्न होती है। 

आखिर इन समस्याओं का निस्तारण कौन करेगा और कैसे होगा, इन समस्याओं से हमें ही पानी होगी। में आप सभी देशवासियों से हाथ✋ जोड़ कर अपील करता हूँ कि देश गलत रास्ते पर जा रहा है, हमें देश को बचाना है, देश की समस्याओं का समझ कर उनका निस्तारण करना है  आगे हमारा सबसे बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, उस दिन को हम लोग बड़ी शान ओर शौकत के मनाते है, मनाना भी चाहिए । लेकिन देश की समस्याओं को समझना सबसे जरूरी है। हम लोग उस दिन  को तो प्रेम हर्षोल्लास के साथ मनाते है और बाकी दिनों को भूल जाते हैं। लेकिन घटनाएं तो रुकने का नाम ही नहीं लेती है, तरातर बढती जा रही है । साल में दो दिन ऐसे होते हैं जो हमें देश को एक डोर में बांध के रखते हैं, बाकी दिनों में इसका कोई असर नहीं पड़ता। 













कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...