इन्सानियत

दोस्तों सलाम आदाब आज में आप के सामने एक  नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ। उस अध्याय का नाम है "इन्सानियत"। 
आज का दौर बहुत ही नाजुक है, लेकिन इस दौर में एक बेदाग इन्सान मिलना बहुत ही मुश्किल है। आज दूनिया इन्सानियत के पैगाम पर जरुर चल रही है, नहीं तो ये दुनिया तभी मिटती नजर आ जाती है। 
इन्सानियत की मतलब है कि दुनिया में कोई भी धर्म हो या कोई भी जाति क्यों न हो जो सुख दुःख में एक दूसरे के काम आए उसे इन्सान कहते हैं। 
आज के वक्त में इन्सानियत किसी धर्म या जाती में नहीं बस्ती है बल्कि वो एक सैवा  के बहाने बाहर ही दिखाई देती है। 
इन्सानियत के विपरीत हैवानियत है, जहाँ हैवानियत खत्म हो जाती है वहाँ से फिर इन्सानियत दोडती नज़र आती है। जी इस इन्सानियत और हैवानियत का ताअ़लुक़ किसी भी जाती और धर्म से नहीं होता है, आज के दौर में हर धर्म या सम्प्रदाय में कुछ अच्छे लोग👫👬👭 और कुछ बुरे लोग भी होते हैं, जहाँ आज अच्छे लोग निवास करते हैं वहां इन्सानियत नज़र आती है, तो इस का मतलब यह नहीं कि दुनिया में अच्छे लोग खत्म हो गये, नहीं लोग अभी भी ज़िन्दा है और इन्सानियत उनके दिलों में भी ज़िन्दा है। यह भी बात सत्य है कि हैवानियत के बदले इन्सानियत नहीं मिलती, मगर इन्सानियत के बदले इन्सानियत जरूर मिलती है। 
आज किसी अस्पताल में एक हिन्दू मरीज को खून की सख्त जरूरत है तो उस को उस अस्पताल में खून नहीं मिलता है तो वो जगह जगह पता करता है है लेकिन अचानक एक मुस्लिम युवक को इस बात का पता चलता है🔍👀❗ यकीनन वो रोजेदार  होता है और रोज़ा खोल कर एक हिन्दू बहिन की खून देकर जान बचाता है तब उस  शख़्स के अन्दर हिंदू और मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है तब वाकई मे ं उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत हो जाती है। तो इसी तरह हिंदू भाई भी मुस्लिम की जान बचाता है तो उस के अन्दर हिन्दू मुस्लिम की भावना जागृत नहीं होती है बल्कि उस के अन्दर इंसानियत की भावना जागृत होती है। 
आप दूसरे लोगों के सामने जेसा बरताव (व्यवहार)  करोगै, आप के साथ वैसा ही बर्ताव करेंगे। अगर आप दूसरे लोगों के साथ मीठै मूंह से बात करोगे तो आप के साथ सामने वाला भी मीठे मूंह से बात करैगै। आप जिस को इज्जत दोगे सामने वाला आप को भी इज्जत देगा, अगर आप उन को बैइज़्त करोगे तो आप को भी बैइज़्ती मिलेगी। 
इन्सानियत का मतलब लोगो के सुख दुःख में काम आना और भाईचारा क़ायम रखना। 


।। जय हिंद जय भारत।। 






अमीर आदमी की 10 आदतें

जी हाँ दोस्तों👭👬👫  आज में आप के सामने ऐक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ उस अध्याय का नाम है "अमीर आदमी की 10 आदतें"। तो दोस्तों आज के समय में हर कोई आदमी अमीर बनना चाहता है, उस के लिए कड़ी मेहनत करता है , लेकिन कयी लोग सफल होते हैं और कयी लोग सफल नहीं हो पाते हैं। अमीर आदमी के लिए में कुछ आदतें बताने जा रहा हूँ। 
1.खान-पान पर ध्यान देना  
2.सुबह जल्दी उठना। 
3.अमीर आदमी अपनी गलतियां दूसरों पर नहीं थोपता। 
4.अमीर की सोच💭 बड़ी होती है। 
5.अमीर लोग जल्दी 🏃शादी नहीं करते हैं। 
6.अमीर आदमी अपने स्वास्थ्य को समय समय पर  जांच करवाते हैं। 
7.अमीर आदमी ज़िन्दगी में जोखिम लेने से नहीं डरता। 
8.अमीर आमदनी से पहले पैसा खर्च नहीं करता है। 
9.जल्दी उठना अमीर की आदत है। 
10.सुबह जल्दी नहाना🚿 अमीर आदमी की विशेषता है। 


   ।। य हिंद जय भारत।। 




Story, कहानी📖

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नयी कहानी📖 लेकर हाज़िर हुआ हूँ। 
एक आदमी दिन☀ में बाजार जाता है और हाथ में लालटेन ली हुई है और उस को टोर्च को चालू कर के पूरे बाज़ार में ईधर से ऊधर घूम रहा है, तब एक आदमी की नज़र उस टोर्च वाले आदमी पर पड़ी और कहा जनाब दिन☀ में लालटेन लेकर क्यों घूम रहे हो?  और क्या 👀 देख रहे हो, तब उस आदमी ने कहा जनाब में बाजार में आदमी को देख👀 रहा हूँ। 
तो सामने वाले आदमी ने कहा जनाब बाज़ार में तो इन्सानो की कोई कमी नहीं है ,यहाँ तो आदमी कंधे से कंधा टकरा कर चल रहा है इतनी भीड़ है, तो आप किसको देख रहे हो, तो उस शख्स ने कहा कि जनाब बाजार में ऐसे आदमी को देख रहा हूँ जो ईमानदार, दयानतदार, सच्चा, और नेक दिल और शरीफ इन्सान को देख रहा हूँ। 
तो उस शख्स ने कहा कि जनाब बाजार में ऐसे आदमी मिलना बहुत ही मुश्किल है, क्योंकि जो ज़माना शरीफ था वो चला🚶👣👣 गया अब ज़माना पहले वाला नहीं रहा है। जमाने के साथ लोग भी बदल चुके हैं। 

प्रेरणा और मार्गदर्शन

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया महत्वपूर्ण बिंदु लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो बिंदु है-प्रेरणा और मार्गदर्शन। 
इन दो शब्दों का हर इंसान की ज़िन्दगी में बहुत ही महत्व है। आज विशेष सन्दर्भ इन दो शब्दों के बारे में छात्रों के लिए बात करना चाहता हूं। 
जी हाँ इस मुल्क के अन्दर यूवाओं की कोई कमी नहीं है और आज कल हर यूवा वर्ग का तबका रोटी🍞 कमाने के लिए या नोकरी करने के लिए मेहनत करता नज़र आता है। आज भारत के अन्दर लगभग 22करोड़ छात्र यूवा वर्ग बेरोजगार है। तो मैं आज उनके लिए विशेष बातचीत💬 करुंगा। 

जी हाँ आज के समय में जितनी विद्यिर्थी वर्ग मेहनत करता है, शायद ही उतनी कोई करता होगा। क्योंकि इन की मेहनत अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण करने की होती है। और दूसरा छात्रों का वो वर्ग जो कोलेज में जाकर पढाई करते हैं और प्रतियोगिता की बहुत सारी परीक्षाएं देते हैं लेकिन कम लोग ही उत्तीर्ण कर पाते हैं। कम छात्र ही एसे होते हैं जो कठिन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करते हैं। 
क्योंकि बहुत  सारे छात्र एसे होते हैं जिनके पास न तो आगे बढने के लिए प्रेरणा होती है और न ही मार्गदर्शन। व्यक्ति के अन्दर सबसे पहले मन या मस्तिष्क में किसी उद्देश्य के प्रति प्रेरणा जगेगी, तब वो व्यक्ति काम के प्रति कदम 👣 बढाएगा। काम करने का मन में भाव तो जाग गया लेकिन कार्य को कैसे करना है, इस के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो उस के लिए सबसे ज़रुरी चीज़ है मार्गदर्शन। अगर व्यक्ति के अन्दर मार्गदर्शन की भावना भरी हुई है तो वो व्यक्ति कभी असफल नहीं होगा। 
मार्गदर्शन का मतलब है कि व्यक्ति को किस रास्ते में जाना है और कैसे जाना है, वही दिशा बताने का जो काम करता है वो है मार्गदर्शन। यह मार्गदर्शन व्यक्ति के अन्दर होता नहीं है लेकिन बाहर से दिया जाता है, अध्यापक द्वारा या किसी अन्य अधिकारी द्वारा दिया जाता है। 

विद्यार्थी े के आगे बढने लिए कुछ टिप्स जिन का आप जरूर फोलो करैं। 
1.अपनी पढाई के लिए समय सारणी के अनुसार पढाई करें। 
2.जो कठिन विषय है उस विषय को सबसे पहले पढैं। 
3.जीवन में अनूशासन बना कर रखिये। 
4.किताबों से लगातार जुड़े रहे ं। 
5.पढाई के दौरान प्रेरणा स्रोत कहानियाँ पढैं। 
जब तक हम लोग अध्यापक एवं अन्य अधिकारी बच्चों को पढाई के प्रति दिशा निर्देश नहीं दैंगे तो वो बच्चा कामयाब कैसे हो सकता है। आज कल बहुत सारे छात्र परीक्षाओं में पिछड़ रहे है उसका महत्वपूर्ण कारण है मार्गदर्शन न मिलना। मार्गदर्शन अगर सही नहीं मिला तो  उस की मैहनत भी बैकार  चली जाएगी। 
विद्यार्थी के अन्दर सबसे पहले अपना उद्देश्य समझ में आएगा,उद्देश्य के बारे में प्रेरणा जगेगी, फिर उस को मार्गदर्शन मिलेगा, उस के बाद उद्देश्य के प्रति लगातार प्रयास करेगा, बार बार प्रयास करने से सफल हो जाता है। 
   

    धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त, लेखक, वक्ता एवं समाज सेवी मुराद खान।। 

     । । जय हिंद जय भारत।। 






अनुशासन Discipline

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया बिंदु लैकर हाज़िर हुआ हूँ वो है अनुशासन। अनुशासन अपने आप में एक महत्वपूर्ण शब्द है और इसका अर्थ भी एक 
मायने रखता है। अगर व्यक्ति कहीं पर या किसी भी क्षेत्र में काम कर रहा है तो उस के लिए अनुशासन जरूर है। अनुशासन जीवन का एक पहलू बन चुका है। 


अनुसाशन का मतलब क्या है? 
अनुशासन एक जीवन गुजारने का तरीका है और यह हर क्षेत्र में पाया जाता है। अनुशासन के बिना जीवन भी अनुचित लगता है, क्योंकि जो व्यक्ति कहीं पर या किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उस के लिए अनुशासन ज़रूरी है। 
अनुशासन का मतलब यह है कि जो व्यक्ति किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उसे संस्थान का नियम होता है और अपनी समय सारणी होती है उसका अपना क्षेत्र होता है। उस संस्थान के समयानुसार चलना और नियमानुसार काम करना और अपने दायरे में रह कर कार्य करना है और उस ओफिस के स्टाफ साथियों से बातचीत करने का तरीका और उनके साथ किया गया व्यवहार ही  अनुशासन है। 

अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी संस्थान में काम कर रहा है तो उस के पास अगर अनुशासन है तो वो व्यक्ति सबसे बड़ा सम्मान पा सकता है। 
अनुशासन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु है जिनको फोलो करके आप महत्वपूर्ण मंजिल तक जा सकते हैं
1.ईमानदारी :- आप किसी भी क्षेत्र में        काम कर रहे हैं तो आप का उस काम को ईमानदारी से कार्य करै तो आप को        अनुशासन के नाम की प्रसिद्धि मिल        सकती है। 
2.सच्चाई:- अनुशासन के मायने में दूसरा पहलू है सच्चाई। अगर आप अपनी संस्थान में सच्चाई के साथ कार्य करते हैं तो आप पर भरोसा💛 किया जा सकता है और आप की छवि उभर सामने आ जाएगी। 
3.नैतिकता:- अनुशासन का तीसरा महत्वपूर्ण पहलू है नैतिकता। जी हाँ कोई भी क्षेत्र या काम हो या कोई भी संस्थान क्यों न हो वहाँ पर आप का आचरण, आदतें अच्छी है तो आप नैतिकता के हिस्सेदार बन जाओगे। 
4.व्यवहार :- अनुशासन का चोथा महत्वपूर्ण पहलू है व्यवहार। इस का भी संस्थान में या काम में महत्वपूर्ण पहलू है। 
5.कठिन परिश्रम:- जी हाँ इस के बिना हमारी गाड़ी चलने वाली नहीं है, क्योंकि इस मैहनत की हर क्षेत्र में सख्त जरूरत होती है, कहते हैं न बिना मेहनत के तख्तो ताज हासिल👉👍👌 नहीं होते हैं। 
अगर ये पांच खास बाते जो अपने जीवन में उतार दै तो वो आदमी अनुशासन की श्रेणी में आ जाता है और वो आदमी सम्मान का अधिकार पा सकता है। 


दोस्तों👭👬👫 आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हो या किसी भी संस्थान में काम कर रहे हो तो सबसे पहले आप को अनुशासन की सख्त जरूरत है बिना अनुशासन के आप की पहचान नहीं होगी। 
अनुशासन को आप अपनी ज़िंदगी में उतारते है ं तो आप को आगे बढ़ने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाएगी। 



धन्यवाद🙏💕 ,मैं आप का दोस्त, लेखक, वक्ता, एवं समाज सेवी मुराद खान। 

।। जहाँ हिंद जय भारत।। 


सफलता🏆💪, SUCCESS🏆💪

सफलता🏆💪:- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज  एक महत्वपूर्ण विषय के बारे में चर्चा 
करेंगे कि सफलता क्या है?  
दोस्तों👭👬👫 सफलता एक एसी चीज है, जो आप को आप के अपने उद्देश्य तक ले जाती है, वही सफलता है। 

सफलता🏆💪 के उद्देश्य क्या है? 
     आप की सफलता के कुछ भी उद्देश्य जैैैसेे
कोई आदमी बड़े पद पर जाना चाहता है, कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व करना चाहता है, कोई अपने बिजनेस के पथ पर जाना चाहता है, कोई बड़ा संस्थान खोल कर सफलता🏆💪 प्राप्त करना चाहता है। इसी प्रकार हर व्यक्ति के ज़िन्दगी में कुछ न कुछ छोटे -बड़े उद्देश्य जरूर होते लेकिन पूरे  उद्देश्य हर किसी के नहीं होते हैं।  लेकिन पूरे वही कर पाता है जो अपना ध्यान लक्ष्य पर हरदम टिका हुआ हो। ओर उसी राह पर व्यक्ति ईमानदारी से मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ता है तो वो एक दिन जरूर कामयाब होगा। 
आज कयी ऐसे लोग👫👬👭 है जो अपने काम में सफल तो होना चाहते हैं  अगर सफल नहीं हो पाते हैं तो दोष ओरों को या अपनी किस्मत, लक, भाग्य को देते है, दोस्तों ये तीनों शब्द अपने आप में अधूरे हैं इन तीनों शब्दों को दोष दैने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि लक में दो अक्षर हैं, और भाग्य में ढाई अक्षर है, किस्मत में साढ़े तीन अक्षर हैं जो कि यह अक्षर अपने आप में अधूरा हैं। रहा चोथा शब्द जो एक परिपूर्ण शब्द है वो है मेहनत। जो मैैैहनत के अलावा दूूूसरा कोई विकल्प नहीं है। आप  किसी भी क्षेत्र में जाओगे लेकिन मैहनत तो करनी ही हैै बगेर मैैहन के कोई  भी क्यों न हो लेकिन 
कामयाब  नहीं होगा, यह सत्य है। 

सफलता के लिए आप को अपनी नयी रणनीति बनानी होगी और उस हिसाब से समय को भी  स्थापित करना होगा, फिर उस का विज़न आप के दिमाग में सेव  करना होगा और उसके बाद क्या❓ लगातार मेहनत ही करनी है, अगर मैहनत नहीं करेंगे तो कामयाबी भी नहीं मिल पाएगी। 
दोस्तों👭👬👫 आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हो, वो आप का क्षेत्र आप की पसंद का है तो आप उस कार्य में देर मत कीजिये  और लग जाईए, मेहनत कीजिये आप को सफल होने के लिए आप को कोई रोक नहीं सकता, बस आप के जिज्ञासा, जोश, जुनून और ज़ज़़्बा होना चाहिए। 
"मैहनत करने वाले उतना ही छोड़ते हैं जितना, इन्तजार करने वाले"- ए पी जे अब्दुल कलाम। 
दोस्तों👭👬👫 आप इस कलाम साहब जी के कथन से समझ गये होंगे। 
   धन्यवाद🙏💕। मैं आप का दोस्त लेखक, वक्ता, एव स्वतंत्र विचारक, 
मुराद खान  



   ।। जय हिंद जय भारत।। 






बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। save children children read


जी हाँ दोस्तों आज में आप के सामने एक नया विषय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो विषय है-"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ "। यह नारा श्री प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दिया था और इसी नाम से योजना📝 भी चलाई थी। 
योजना की शुरुआत 22जनवरी , 2015 हरियाणा के पानीपत शहर से शुरू की थी जिसके उद्देश्य निम्नलिखित थै। 
1.बैटियों को खतरे की घण्टी से बचाना। 
2.बेटियों के लिए शिक्षा🎒🏫📚🎓            सुनिश्चित करना। 
3.पक्ष पाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया का          उन्मूलन। 
जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये थे उद्देश्य जो केन्द्र सरकार ने लागू किये थे, और समझने योग्य बात यह है कि ये योजना कितनी सफल रही और कितनी असफल रही। 


लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूँ कि पिछली केन्द्र सरकार की कोई भी योजना हो, कोई खास सफल नहीं हो पायी है, क्योंकि या अच्छी तरीके से मोनिटरिंग नहीं की गई। इस बेटियों के जिम्मेदार कैवल एक सरकार भी नहीं है इस के जिम्मेदार उनके अभिभावक भी है और रिश्तेदार भी है। बेटियों को घर में सुरक्षित🔏 रखने और उनकी देखभाल करने की भी जिम्मेदारी माता पिता की है। इस काम में किसी अकेले आदमी की कोई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि की जिम्मेदारी बराबर है। आज भारत के अन्दर कयी एसै कारण मिलेगे जिससे बेटियों को खतरे में डाला जा रहा    है। 
1.बेटियों को मन के अनुरूप शादी नहीं         करने देना। 
2.बेटियों को पूरी पढाई नही करने देना। 
3.कयी कयी समाज आज भी बैटियों को      जन्म देकर झाड़ियों में फैक देते है, या        अस्पताल के आस पास ही फेंक देते है। 
4.बेटियां लोभ लालच के चक्कर में पड़        जाना  जिससे अफेयर का शिकार हो          जाना। 
5.प्रेम मै धोखाधड़ी हो जाना। 
6.बेटियों को उचित संस्कार नहीं मिलना       यह भी कारण है। 
7.अगर कोई गरीब होने की वजह से दहेज    कम दे पाते हैं तो यह भी एक बड़ा पाप       है। 
8.ऐसै बहुत कुछ अभिभावक है जो बच्चे       और बच्ची के अवसर में भैदभाव भाव        रखते हैं और बच्ची को पराया धन 💰        मानते हैं। 


आज ये सब अनहोनी जो घटनाएं हो रही है इस का जिमेदार कोन?  

इस घटना के जिम्मेदार हम खुद है दूसरा कोई नहीं है, क्योंकि भारतीय🇮🇳👳 समाज इतना बड़ा है कि प्रत्येक के 🏡🏠घर में बैठे और बैटियां है, उनकी हिफाजत करना किसका कार्य है ??
ये सब काम हमारा है, हमें खुद को बैटियों की निगरानी रखनी है और उसका पालन पोषण भी बेटे के समान ही करना है, शिक्षा🎒🏫📚🎓 भी  बैटों के समान ही दिलानी है। उन बचियों की दिशा और दशा हमै ही पूर्ण करनी है। शिक्षा के साथ साथ संसकार भी दिलाने है बिना संस्कार वाली शिक्षा हमारे काम की नहीं है। बच्चे ओर बच्चियों में शिक्षा या अन्य अवसर के प्रति भैदभाव नहीं करना है। 

उपर्युक्त जो बातैं मैने बतायी, इन बातों का सही से उल्लेख किया जाऐ तो एसी घटनाएं शायद ही कम घटै। और भारतीय समाज पर धब्बा नहीं लगेगा। 
भारतीय🇮🇳👳 समाज में कुछ ऐसी मान जातियाँ हैं जो अपनी बच्चियों को ऊंची तालीम देते है और उनका पालन पोषण अच्छी तरह से करते हैं, ऐसी घटना  वहां पर कम होगी जहाँ शिक्षा का स्तर काफी उंचा होगा। 
कुछ ऐसी भारतीय🇮🇳👳 समाज की जो जातियाँ हैं वहां पर शिक्षा🎒🏫📚🎓 का स्तर काफी नीचा है और वो अपनी बच्चियों को तालीम उचित रूप से दे नहीं पाते हैं ं। और उस समाज की बच्चियाँ काफी अपने अवसरों के प्रति जागरूक नही होती है जिससे ये घटनाएं आम हो जाती है। और भारत देश एसी घटनाओं का शिकार हो जाता है। 

निवेदन🙏😊:- मेरा आप सभी से निवेदन है कि अपनी बच्चियों को और बहिनों कौ दीनी तालीम और दुनिया की तालीम देने से कंजूसी न करें। जितना हो सके उतना पैसा तालीम पर खर्च करिये। क्योंकि शिक्षा🎒🏫📚🎓 सबसे बड़ी दौलत है और शिक्षा के बिना हम अंधेरे में डूबे हुए है  शिक्षा के बिना हम अपने अधिकार 
और कर्तव्य को कैसे पहचानैगै। 
आज ये लेख 📰 मुझे इसलिए लिखना✏ पड़ा कि हर दिन एक न एक घटना लडकियों के बारे में अखबार में न छपी हो।
इससे एसा महसूस हो रहा था कि पूरा देश
 गंदा हो चुका है। 
     धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त लैखक, वक्ता, एव समाज
 सेवी, मुराद खान। 


      ।।  जय हिंद जय भारत।। 







शिक्षा 🎒🏫📚🎓की कमी

आज भारत में शिक्षा की कमी। 



दोस्तों 👭👬👫सलाम आदाब!  आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो टोपिक है, शिक्षा की कमी। जी हाँ इस बात में कोई शक नहीं है कि भारत के अन्दर शिक्षा की भयंकर कमी है। इस का  अन्दाजा इस बात से लगाया जाता है कि भारत के सरकारी स्कूलों जर्जर हालात से ही मालूम चल जाता है। आज भारत के अन्दर शिक्षा की कमी के एक उदाहरण नहीं इस के  अनैक उदाहरण हैं, यहाँ कुछ बातें में बिन्दु  वार बताना चाहता हूँ। जो निम्नलिखित हैं-
1.भारत के पासआर्थिक संसाधनों की           कमी।
2.शिक्षा 📪पद्धति का असुनिश्चित  होना। 
3.जनता में शिक्षा के प्रति जागरूकता की      कमी। 
4.बैरोज़गारी की मारा मारी ज़यादा होना। 
5. गरीब लोग👫👬👭 महंगी शिक्षा तक      पहुँच नहीं पाते। 
6.शिक्षा की स्पष्ट नीतियों को लागू नहीं         करना। 
जी हाँ दोस्तों तो ये थी शिक्षा के प्रति कमियाँ जो भारत को पीछे धकेल रही है। आज के समय में शिक्षा सब कै लिए अनिवार्य है और बिना शिक्षा के आप का विकास संभव नहीं है यह बात निश्चित है। 
आज 🌏 विश्व में बहुत बहुत सारे देश विकसित इसलिए है कि उनके पास शिक्षा के प्रति अनूकूल साधन है और वो लोग👫👬👭 अपना ज्यादा समय कार्य करने में गुजारते है ं। 

आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा की हालत बहुत बहुत ही खराब है वहाँ पर जो सरकार छात्रों को सुविधा देती है जैसे-
पाठ्यपुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाना, दोपहर का मध्याह्न का भोजन🍴 उपलब्ध करवाना, खेल सामग्री उपलब्ध करवाना एसी बहुत सारी  चीज़ें फ्री में उपलब्ध करवाती है सरकार, जो यह सरकारी स्कूलों में पूर्ण रूप से इनका संचालन नहीं होता है। सरकारी स्कूलों में अध्यापक स्टाफ की भयंकर कमी〽। स्कूल के अन्दर मूल भूत संसाधनों की कमी। एसी भयंकर कमी के चलते सरकारी स्कूलों में शिक्षा पूर्ण रुप से संचालित  नहीं होती है।  आज भारत की 70 फीसदी आबादी सरकारी में छात्र पढाई करते हैं और बाकी छात्र अपने आर्थिक स्थिति की मजबुती के कारण निजी विद्यालयों में पढाई करवाते हैं जो उच्च गुणवत्ता वाली है। 
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा उस स्कूल🏫 की पढाई उत्तम 💯✨ नहीं होने के कारण या तो पढाई बीच में ही छोड़ देगा या किसी निजी स्कूल में दाखिला लेगा। आज भी भारत देश के अन्दर इतनी ग़रीबी है कि लौगों को अपने एक समय के लिए खाना भी समय पर नहीं मिलता है। आज इस भूखमरी के कारण लोग👫👬👭 निजी स्कूल तो दूर की बात एक सरकारी स्कूल में पढ नहीं पाता है। 
आज वही लोग 👫👬👭 जो सरकारी नौकरियों में जाते हैं और बड़े बड़े पदों पर आसीन हैं जो निजी स्कूलों में शिक्षा हासिल करके जाते हैं। 
आज हमारे मुल्क में शिक्षा की कमी से देश के हालात काफी नाजुक है- 
1.लोगों के अन्दर सोच💭 की कमी। 
2.छोटी छोटी बातों को लेकर झगड़े होना। 
3.रिशतेदारों में अनबन। 
4.ऐक दूसरे को आगे नहीं बढने देना। 
5.एकता की कमी होना। 
6.लोगों में इन्सानियत का बंटवारा जाना। 
7.लोग धर्म एवं जाती के आधार पर बंट         जाते हैं। 
8.लालच के चक्कर में आकर किसी की हत्या🔪 कर दैना। 
9.बाल विवाह ज्यादा होना। 
10.दहैज की अत्यधिक मांग करना। 
11.रूढिवादिता  की भावना लोगों में भरी       हुई है। 
12.जाती के आधार पर भैदभाव। 
13 अपने अवसरों के प्रति जागरूकता की       कमी।
14.अत्यधिक  नशे का  सैवन  करना। 
15.बेटियो को शिक्षा🎒🏫📚🎓 से दूर रखना। 

तो दोस्तों👭👬👫 ये है शिक्षा की कमी के हालात ये घटनाएं हमारे देश में आम हो चुकी है ऐसी बड़ी बड़ी बड़ी घटनाएं न जाने कितनी होती होगी। लेकिन घटनाएं वहाँ पर होती है जहाँ शिक्षा की कमी〽 होती है। 
दोस्तों👭👬👫 आप सब समझदार है इन घटनाओं से दूर रहें और ज्यादा से ज्यादा शिक्षा🎒🏫📚🎓 हासिल करैं और अपने भाई, बहिनों और बच्चों को👶👶🍼 शिक्षा प्रदान करावे। 
  "इल्म नूर है जहालत अंधेरा है
   इल्म ज़िन्दगी के लिए, ज़िन्दगी वतन के     लिए"।। 

   धन्यवाद🙏💕। में आप का दोस्त लेखक, वक्ता एवं समाज सेवी मुराद खान। 


       ।।जय हिंद जय भारत।। 



प्यारा वतन भारत

भारत:-                                                        "हिंन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
         रंग -रूप,  वैश  भाषा चाहे अनैक               हैं"

 जी हाँ दोस्तों आज में आप के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो टोपिक है, "प्यारा वतन भारत" । इस पुरे संसार में अगर देखा जाए तो दुनिया का सबसे अज़ीम मुल्क भारत ही है, क्योंकि भारत के अन्दर बहुत सारे मजहब साथ में मिल कर भाईचारे के साथ रहते हैं और  उन्हेंं ये हक  संविधान भी 
देता है। वैसे देखा जाए तो भारत हर नजरिये से प्यारा है। 
क्योंकि भारत का नक्शा देखने में सबसे अलग है, भारत का नक्शा चोकोर है और उसकी उस की तीनों सीमाएं पानी💧 से घिरी हुई है, भारत के अन्दर की भोगोलिक स्तिथि भारत के उत्तर में पहाड़ है, तो पश्चिम में थार का रेगिस्तान🏜 है ,और भारत के मध्य में उपजाऊ मैदान है और दक्षिण में पठार है। इस तरह भारत विविधता की दृष्टि से एक प्यारा मुल्क है। 

भारत को विविधता का धनी देश क्यों कहते हैं?  
क्योंकि भारत के अन्दर सभी धर्मों के लोग हिन्दू, मुस्लिम,सिख ईसाई साथ रहते हैं और उनमें कयी प्रकार की जातियाँ रहती है, उनका खान-पान  रहन -सहन, सांस्कृतिक तोर तरीके अलग अलग है ं ,उनकी भाषा और बोलियाँ अलग अलग है और धार्मिक पद्धति अलग अलग है उस के बावजूद भी सभी लोग एक दुसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनके सांस्कृतिक त्योहार में सम्मिलित होते हैं और देश की शासन प्रणाली में एकता कै धागे में बंधे हुए है ं।

इस प्रकार भारत कौ 👤  दुनिया प्यार से देखती है। भारत अपने आप में एक खास मुल्क बनता जा रहा है, भारत भी अब शक्ति शाली देश बन चुका है। दुनिया के सबसे पावरफुल दैशों में शुमार होने जा रहा है। भारतीय🇮🇳👳 लोगों में जितनी मुहब्बत है उतनी ही शायद ही किसी देश में होगी। भारत के अन्दर आज अगर ऐकता ओर भाईचारा है तो उस का श्रेय 💳 में भारतीय संविधान को देना चाहता हूं और संविधान बनाने वाली  कमेटी की सोच को सलाम। 

इस प्यारे भारत को आज भी कुछ लोग👫👬👭 देश की हसीन संस्कृति को धूमिल करना चाहते हैं और देश को बर्बाद करना चाहते लेकिन उन लोगो की सोच कभी पूरी नहीं होगी।  इन्शा अल्लाह। 
लेकिन इस देश को जितना बर्बाद करना  चाहिंगे उतना ही ये देश अपने आप में मज़बूत होता जाएगा  नफरत कै बदले नफरत काम में नहीं आएगी बल्कि नफरत कै बदले प्यार काम में आएगा। इस मुल्क में फैली हुई नफरत को प्यार ही मिटा सकता है बाकी दुनिया की कोई चीज़ नहीं मिटा सकती  है। । 
              

      धन्यवाद🙏💕 दोस्तों👭👬👫, 
में आप का दोस्त, लेखक, वक्ता और समाज सेवी, मुराद खान। 

     ।। जय हिंद जय भारत।। 









राजनीति, Political.

राजनीति:- जी हाँ दोस्तों आज में
 के सामने एक नया टोपिक लेकर हाज़िर हुआ हूँ। वो टोपिक है "राजनीति" जी आज पुरे विश्व 🌏में आज राज चल रहा है वो राज किसका है वो राज है नीतियों अथार्त सिद्धांतों का है।ये बात में कर रहा हूँ लोकतांत्रिक सरकार की जिसमें राजनीतिक पार्टियां निश्चित  समय अवधि के बाद चुनाव लड़ते हैं और उस देश का विकास करने के लिए संविधान की क़सम लेकर वो सत्ता धारी कुर्सी पर बैठते हैं और देश का शासन चलाते हैं।
अब मैं बात करना चाहता हूँ हमारे देश भारत की जो राजनीति में क्या स्थिति है?  ये जानना बहुत ज़रूरी है। हमें इस बात की खुशी है कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है यहाँ पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं अन्य सभी धर्मों के लोग👫👬👭 मिल कर साथ रहते हैं और विकास एवं संविधान के अनुसार सभी को बराबरी का हिस्सा मिलता है। जनसंख्या की
 दृष्टि से  विश्व🌏 में दूसरे स्थान पर है। भारत की जनसंख्या लगभग 125करोड़ है। तो सीधी सी बात है कि राजनीतिक दल भी अधिक है, 7-8 राष्ट्रीय दल है और कुछ स्थानीय दल भी है जिनकी तादाद बहुत ज्यादा है। भारतीय🇮🇳 चुनाव पांच साल में होते हैं। भारत  के पांच साल का समय चुनाव में गुज़र जाता है   MLA, MP,  राज्य सभा, राष्ट्रीपति, ओर सथानीय सरकारैं  सरपंच
और प्रधान के ये सारे चुनाव पांच साल में ही होते हैं एक साथ नहीं बल्कि प्रत्येक संस्थान के चुनाव एक साल या दो साल के मध्य होते हैं। जो विकास की दृष्टि से बहुत हानिकारक है।
इससे भारत की आर्थिक स्थिति खराब और समय का भी दुरूपयोग होता है।
मेरा सुझाव है कि भारत सरकार को चुनाव पूरे भारत के एक साथ करवाना चाहिए जिससे यह स्थिति देश के लिए ठीक रहेगी। 
आज भारत के अन्दर राजनीति किस तरह हो रही है इस के बारे में, में आप को बताने जा रहा 🚶👭रहा हूँ। भारत में हर पांच साल बाद चुनाव होते हैं और निर्वाचन विभाग चुनाव करवाता है,। सभी दल अपना -अपना प्रचार प्रसार करते हैं और विकास की बड़ी बड़ी बातें करते हैं। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हो जाते हैं और जो प्रतिनिधि जीत 🏆 जाता है वो पांच साल में जितना पैसा कमाना होता है उतना वो में से कमा लेते हैं उनको कोई रोकने वाला नहीं है। यह बात सत्य है। लेकिन पांच साल के अन्दर कोई प्रतिनिधि अपने खास आदमी का विकास करवाता है बाकी की तरफ कोई मुतवज्जो नहीं है। चाहे कोई भी दल हो या कोई भी व्यक्ति क्यों नहीं,  सभी अपनी अपनी पूर्ति करने में लगे रहते हैं।
जैसे ही पांच साल पुरे होते हैं वापस चुनाव का दौर आ जाता है और नैता लोग बडी बडी बातें करते हैं और विकास के मूद्दा भुनाते है और जनता को पैसे देकर लालच देकर वोट☑ लेकर जीत 🏆 जाते हैं और पांच साल फिर मजे करते हैं।
इस दलों में या पार्टियों में कयी प्रकार के लोग रहते हैं हर एक  व्यक्ति अपने आप में अलग होता है कोई व्यक्ति अपनी जनता को चाहने वाला होता है कोई व्यक्ति जनता के प्रति निष्क्रिय होता है यकीनन जो नेता लोग निष्क्रिय होते हैं उन्हें जनता सबक सिखा देती है अगर जनता ही मूर्ख या भोली भाली है तो उस क्षेत्र का नेता भी मोज करता है। राजनीतिक के मामले में राजस्थान की जनता बहुत चालाक हैं इस बात का उदाहरण है कि हर पांच साल बाद सरकार बदलती रहती एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा। बाकी राज्यों में ऐसा उदाहरण आप को शायद  ही मिलेगा।

लेकिन आज कल जो चुनाव होते हैं वो विकास के नाम पर नहीं⛔ बल्कि जाती, धर्म, लालच, समाज, मन्दिर, मस्जिद के नाम पर चुनाव होते हैं विकास का नाम भी गायब हो जाने लगता है, अगर विकास का मुद्दा गायब हो गया तो समझो उस देश का कानून भी खतरे में हो सकता है, हाँ यह बात भी सत्य है। कोई भी पार्टी जैसा बोलती है वैसा ही जवाब सामने वाला देता है लेकिन जनता के लिए जो ज़रूरी मुद्दे हैं और मूल भूत आवश्यकताएँ हैं उसकी तरफ किसी का भी ध्यान⚠ नहीं है। फिर भी जनता एसे लोगों को चुन कर संसद में भेजती है और जो संसद में बोल ही नहीं पाते हैं। कोई 10  फीसदी जो प्रतिनिधि जनता के लिए क्षेत्र अच्छे कार्य करते हैं और जनता की समस्या संसद में उठाते हैं समस्या का समाधान निकलवाते है ं। अछा नेता वह होता है जो जनता की भलाई एवं कल्याण कारी काम करै और जनता को पूरा पूरा हिसाब देवे। जनता उनको अपना मसीहा मानती है। जनता के लिए विकास के कार्य करे वही सबसे अच्छा है। 

आज हमारा देश खतरे में है उसका एक उदाहरण नहीं है बल्कि बहुत बहुत सारे उदाहरण है जनता के सामने, जनता भी समझ चुकी है कि अब उसे ही चुन कर संसद में भैजैंगे जो ईमानदार, एवं कर्तव्य निष्ट हो
-जगह जगह पर साम्प्रदायिक हिंसा।
-निर्वाचन विभाग पर पक्ष पात का आरोप।
-देश के मुख्य न्यायाधीश पर झूठे आरोप।
ये सब देश को खतरे में  डालने वाले उदाहरण है। 
           धन्यवाद🙏💕 दौस्तो ं। 
में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, समाज सेवी, मुराद खान। 
 ।।  जय हिंद जय भारत। । 






Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...