सेहत Health

जी हाँ आज का अध्याय है "सेहत" ये सेहत किसी ओर की नहीं है, ये सेहत हमारी खुद की है। हम हमारी सेहत की कितनी देखभाल करते हैं ये सबसे महत्वपूर्ण है। आज के समय हर इंसान शारीरिक रूप से अपने आप में अलग है, कोई मोटा, कोई पतला, कोई मध्यम अथवा कोई दुबला, कोई बड़ा कोई छोटा। ये सेहत का असर खान पान अथवा वातावरण पर निर्भर करता है, कितना खाते हैं और कैसा खाते है। प्रत्येक व्यक्ति के शरीर का रंग अलग अलग होता है, किसी का काला, कोई लाल रंग,सावला रंग, किसी का सफेद। तो हर व्यक्ति का रंग भी अलग अलग होता है ये भी वातावरण का ही प्रभाव पड़ता है।
व्यक्ति को अपनी सेहत सुधारने के लिए खान पान पर ज़्यादा तवज्जो देना होगा, और उस की पूरी जानकारी चिकित्सक से पूछ कर ही उस खान पान में बदलाव लाना होगा। आज कल समय तेजी से भाग रहा है तो व्यक्ति भी समय के साथ तेजी से दोड़ता नज़र आ रहा है, लेकिन वे व्यक्ति कठिन काम करते हैं या सरल कार्य करते हैं जो भी हो मगर उतना भोजन🍴 पर ध्यान नही देते हैं जो देना चाहिए था। आज कल व्यक्ति खाना खाते समय मोबाईल का उपयोग ज्यादा करते हैं जिनकी वजह से उनका ध्यान खाने पर नहीं होता है उन का ध्यान मोबाइल फोन पर चला जाता है, जिसे उनका खाना सही रुप से हजम नही हो पाता है।
दूसरा एक ओर कारण है कि व्यक्ति भागदौड़ की ज़िन्दगी में खाना भी जल्दी से खाता है और बारीक चबाता नहीं है जिनकी वजह से खाना सीधा आहार नाल में निगल जाता है जो कि सही रूप से पाचन नहीं हो पाता है।

तीसरा कारण है लोग पानी कम पीते हैं, लोग कठिन काम करने वाले बहुत कम पानी पीते हैं, क्योंकि उनको पानी💧की पीने पूरी जानकारी नहीं होती है। बहुत सारे बड़े बड़े वी आई पी लोग ज्यादा पानी पीते हैं और उनके पास काम बहुत कम होता है। फिर भी वे लोग पानी ज्यादा पीते हैं। खाना खाने से  तुरंत पहले पानी पीना चाहिए और उसके बाद खाना चबा चबा कर खाना चाहिए। खाना खाने के बाद आधा घंटा बाद पानी पीना चाहिए, ता की भोजन🍴 की पाचन क्रिया सही रुप से होनी चाहिए जिससे आप की सेहत सही रह सकें।

आप जो खाना खाते है वो उच्च पोष्टिक वाला होना चाहिए, न तो ज्यादा जला हूआ होना चाहिए और न ही कच्चा होना चाहिए खाना शुद्ध और स्वच्छ होना चाहिए। उस भोजन के अन्दर मिर्ची, हल्दी और  तेल की मात्रा कम होनी चाहिए।

अगला कारण है कि लोग अपने काम से इतराते है जिसकी वजह से उनके अन्दर आलस्य पन आ जाता है जिसे उनका शरीर मोटा होता चला जाता है।  वे लोग अपने काम को समय पर नहीं कर पाते हैं, जिससे उनका शरीर ढीला ढाला हो जाता है। एक ये है कि बहुत सारे लोग समय पर खाना नहीं खाते है और समय पर निश्चित समय तक नींद नहीं लेते हैं जिनकी वजह से शरीर में आलस आ जाता है। अगर खाना खाते भी है तो बाज़ार की चीज़ें ज्यादा खाते है जिससे उनके बदन में शिथिलता आ जाती है।

जो लोग कठिन कार्य करते हैं उनका शरीर मजबूत एवं हठ्ठा कट्टा होता है, जो कि बहुत क्षमता रखता है, जो लोग सिर्फ छाया में बैठ कर कार्य करते हैं उनका शरीर आलसी एव हलका होता है। जो लोग कठिन कार्य करते हैं वे खाना भी ज्यादा खाते है और पाचन क्रिया भी जल्दी से होती है। हाँ ये बात जरूर है कि कठिन कार्य करने वालों का शरीर काला तथा पतला जरूर होगा मगर अंदरूनी क्षमता बहुत मजबूत होगी। छाया अथवा आफीस में बैठ कर कार्य करने वालों का शरीर पर चमक एव साफ सुथरा जरूर होगा। फर्क बस इतना ही है।

शहर🌇 वासियों से ग्रामीण वासी ज्यादा ताकतवर होते हैं, क्योंकि वे लोग शुद्ध भोजन करते हैं, उनका शुद्ध वातावरण होता है। जो लोग शहरों में रहते हैं वे कमजोर होतें है क्योंकि शहरों में शुद्ध भोजन नहीं मिल पाता है, हर चीज में मिलावट की हुई मिलती है जिसे उनका शरीर कमजोर रहता है। शहर के लोग शारीरिक रूप से कमज़ोर होते हैं और गांव के लोग शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं।

इन्सान का शरीर चाहे मोटा, या पतला, दुबला कैसा भी हो ,लेकिन अपने शरीर को तंदरुस्त रखने के लिए लगातार खान पान पर ध्यान देना चाहिए और लगातार कार्य करना चाहिए, कुछ न कुछ काम करने की प्रवृत्ति डालनी चाहिए जिससे आप का शरीर मजबूत एवं तंदरुस्त रहेगा।

शरीर को नष्ट करने वाली चीज है नशा, नशा चाहे कोई भी हो तम्बाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, दारू, मीठा गुटखा, डोडा अमल ये सारे नशे शरीर को नष्ट करने वाले होते हैं जिससे इन्सान का शरीर धीरे धीरे नष्ट हो जाता है। इन्सान के शरीर को दुबला पतला ये नशा बनाता है। जो कि शरीर के लिए हानिकारक है, इसका इस्तेमाल बहुत कम या सीमित मात्रा में करना चाहिए।



दीनी तालीम ( धार्मिक शिक्षा) Religious education

जी हाँ आज का नया अध्याय है" दीनी तालीम।  बात 
बहुत बड़ी है। व्यक्ति का अस्तित्व परिवार से है, और परिवार का अस्तित्व समाज से है और समाज का अस्तित्व  एक विशेष समुदाय से है और समुदाय का अस्तित्व मज़हब से है। बिना मजहब के व्यक्ति का अभी दुनिया में अस्तित्व तो हो सकता है मगर दुनिया से चले जाने के बाद उसका कोई अस्तित्व नहीं होता है। इस दुनिया में जन्म लेने वाला हर इंसान अपने अपने धर्म से जुडा़ हुआ रहता है और वही व्यक्ति जो अपने मज़हब की सच्ची शिक्षा  और अपने मज़हब के ऊसूलो पर  आगे बढ़ पाता है वही कामयाब होता है। इस पृथ्वी नामक गृह पर जो दुनिया बसी है, उनमें से हर एक व्यक्ति का अस्तित्व अपने अपने धर्म से जुड़ा हुआ है, मगर कोई व्यक्ति अपने धर्म के वास्तविक नियमों एवं रीति रिवाजों पर नहीं चलता है तो उन को दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। चाहे धर्म कोई भी, क्यों न हो मगर उसके उसूलों पर चलना अनिवार्य है, अगर हम नहीं चलते हैं तो यह गलती हमारी है किसी ओर की नहीं। हकीकत में देखा जाए तो कोई भी व्यक्ति  मज़हब से अगर बाहर है तो वो इंसान के लायक नहीं है उस को जानवर कहा जाएगा क्योंकि उस इंसान के अन्दर इंसानियत नाम की चीज नही होगी। इन्सान धर्म से जुडा़ हुआ है धर्म ही इंसान को लेकर चलता है। दुनिया और आखिरत की वास्तविक सच्ची शिक्षा धर्म से ही मिलती है। जो व्यक्ति मज़हब के नियमों पर चलता है उनके अन्दर  अच्छे अखलाक, इन्सानियत, प्रेम मोहब्बत, आपसी भाईचारा, दुख दर्द, सच और झूठ, अपने और सही और गलत ये सब बातें इन्सान मज़हब से ही सीखता है। तब वो व्यक्ति धर्म के रास्ते पर चल कर दूसरे लोगों को अच्छी सलाह और सही राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
हकीकत में असली शिक्षा धार्मिक शिक्षा ही है, कोई भी मज़हब  क्यों न हो , कोई भी मज़हब बुरी तालीम नहीं देता है, हर कोई धर्म अच्छी और सच्ची बात बताता है, अपने मज़हब की खूबी जरूर बताता है। हाँ यह भी बात सत्य है कि कोई भी धर्म आपस में भेदभाव रखने की सलाह  नहीं देता है। हाँ यह कुछ ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपने मज़हब की तालीम के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं होती है  जिसकी वजह से वै व्यक्तियों को  कयी तरफो में बांटते हैं और वे काल्पनिक विरोध उत्पन्न करते हैं। जिनकी वजह से हम उनको दौष देते हैं और लेकिन वे लोग धर्म के नियमों को समझते नही है।
##मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
    हम हिन्दी है हिन्दुस्तान हमारा।।
कोई भी मज़हब आपस में विरोध करने की शिक्षा नहीं देता है, विरोध या गन्दी हरकतों के कुछ दूसरे पहलू होते हैं जिनकी वजह से इन्सान के अन्दर उलफत और कलह पैदा होतीं हैं।
सभी धर्म अपनी अपनी जगह पर सब सही है मगर अपने अपने मज़हब की तालीम बहुत ही कम गिने चुने लोगों के पास होती है जिनकी वजह से लोगों के अन्दर नकारात्मकता, अंधविश्वास और छूआछूत जैसी भावनाएं भरी हुई है।इन्सान को धर्म ही बुरी बातों से बचाता है, इन्सान को पता है कि गलत कार्य करुंगा तो मुझे पापज्ञ( गुन्ना)  होगा और मुझे आगे भी सजा मिलेगी। इसलिए इन्सान थोड़ा सोच समझ कर कदम उठाता है। इन्सान की वास्तविक तालीम मजहबी तालीम है, बाकी दुनिया की तालीम तो रोजी रोटी कमाने के लिए है।

धन्यवाद, में आप का दोस्त लेखक  वक्ता, अध्यापक मुराद खान जयसिंधर। 






प्रेरणा और दिशा निर्देश

जी हाँ आज के ये दो शब्द बहुत ही अति महत्वपूर्ण है, आप लोग इन शब्दों से भली भाँति परिचित हैं कि इन शब्दों का उपयोग कहाँ पर क्यों किया जाता है। इन दोनों शब्दों का इस्तेमाल विद्यार्थी के जीवन में जरूर होता है ,इन शब्दों की ज्यादा जरूरत विद्यार्थी को होती है उतनी ही शायद किसी को होती होगी। छात्रों के संदर्भ में ही इन दोनों शब्दों का इस्तेमाल विशेष रूप मे किया जाता है क्योंकि विद्यार्थी का स्तर और सही लाईन पर आसानी से चल सके और अपनी मंजिल आराम से तय कर सके। 
आज कल हर स्कूली शिक्षा और कोलैज स्तरीय शिक्षा हासिल कर रहे है उन दोनों विद्यार्थियों के लिए बहुत ही जरूरी है, ता की छात्र सही रास्ता पकड़ कर अपने लक्ष्य को आसानी से पार  कर सके। और अपना उद्देश्य पूरा कर सके। 

प्रेरणा:- जी हाँ यह शब्द बहुत ही महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति किसी कार्य के लिए 
प्रेरित किया जाए तो वह उतना ही आत्मविश्वास के साथ प्रशन्नता से कार्य करने लगता है, क्योंकि उनके अन्दर एक नई ऊर्जा⚡ एवं सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा होता है। कोई भी व्यक्ति जो भी कार्य कर रहा है तो उसके अंदर नयी शक्ति या ऊर्जा अगर मिल जाए तो वो व्यक्ति उस काम को करने में देर नही लगाएगा। प्रेरणा व्यक्ति के अन्दर दो तरह से आती है, एक तो अपने आप व्यक्ति के अन्दर प्रेरित होती है उससे व्यक्ति खुद प्रेरित होकर काम करता है। दूसरी वे प्रेरणा जो व्यक्ति को जगाना पड़ता है अथवा उनके अन्दर नयी सोच और जोश जुनून पैदा करना पड़ता है जिससे कार्य करने वाला आदमी बाह्य शक्ति द्वारा प्रेरित होकर कार्य करता है तो उस के अन्दर एक नई ताकत मिल जाती है। प्रेरणा द्वारा किया जाने वाला कार्य ही महत्वपूर्ण है। बिना प्रेरणा द्वारा किया जाने वाला कार्य उतना संतुष्ट नहीं कर सकता जितना प्रेरणा द्वारा किया गया कार्य। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी दो तरह से कार्य करते हैं कुछ ऐसे छात्र होतें है जो खुद अपने आप में स्वंय प्रेरित होते हैं और उस कार्य के लिए लगातार कोशिश करता रहता है और अपना लक्ष्य एक दिन जरूर हासिल कर लेता है। दूसरी वे प्रेरणा जो छात्र को बाह्य स्रोत द्वारा मिली हो अथवा उस  कोमोटीवे किया गया हो। 

प्रशंसा

जी हाँ आज का शब्द बहुत ही महत्वपूर्ण है वो शब्द है प्रशंसा🙏। इस शब्द की अहमियत को आप कम मत आंकिये, जितनी जिसकी प्रशंसा करनी है उस की उतनी खूब करिये, उस में जरा भी कंजूसी न करें। आप अपने दोस्त या किसी स्टाफ की लोगों के सामने जितनी सकारात्मक तारीफ करना चाहो, उतनी खूब करो, उस तारीफ का फल आप को कयी गुना लाभ पहुंचा सकता है। चाहे आपका दोस्त हो, या आप का स्टाफ हो, या आप का कोई नोकर हो या आप का कोई छोटा मोटा मज़दूर हो, या आप का कोई घर का सदस्य ही क्यों न हो हां ये लोग आपके आस पास जरूर रहते होंगे मगर इनकी प्रशंसा करने से कभी मत चूके। हाँ इन लोगों के अन्दर कितनी भी बुरी आदतें क्यों न हो मगर प्रशंसा लोगों के सामने दिल 💜❤ खोल कर करिये और कोई गन्दी हरकत है तो या उनके अन्दर कोई कमी पायी जाती है तो उनको अकेले में कहिये और उनको सुधारने के लिए कहिये। अपने दोस्तों👭👬👫 की बुराई कभी लोगों के सामने मत करिये नहीं तो परिणाम बदलने में देर नही लगती। अगर किसी की तारीफ करनी है तो दिल💜❤ खोल कर लोगों के सामने करिये, तारीफ कभी अकेले में मत करिये। आज कल हर इंसान प्रशंसा का भूखा होता है। उन की जितनी प्रशंसा करनी है तो उतनी खूब करिये, उस में जरा भी कंजूसी न करें। अगर आप अपने साथी या दोस्त की तारीफ करते हैं तो वो आप को सकारात्मक परिणाम दैगै, अगर आप उनकी बुराई लोगों के सामने करते हैं तो आप को परिणाम नकारात्मक मिलेगा, ये बात सत्य है। 

शुक्रिया, धन्यवाद🙏💕। 
में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर। 

शिक्षा क्यों जरूरी है? Why education is need

जी हाँ दोस्तों आज का अध्याय है शिक्षा क्यों जरूरी है?  इस बात से आप बिल्कुल वाकिफ हैं, आज के ज़माने में ताअ़लीम ज़रूरी है बिना तालीम के इन्सान का मुस्तकबिल नहीं सुधरता।हाँ यह बात भी सही है कि बिना तालीम के ज़िन्दगी को भी एडजस्टमेंट  सही  रुप से नहीं कर पाता है इन्सान, क्योंकि शिक्षा जीवन जीने के लिए जरूरी है बिना शिक्षा के जीवन भी अधूरा है और शिक्षा का इस्तेमाल हर क्षेत्र में और हर कार्य में होता है चाहे हिसाब किताब का कितना भी  बड़ा या छोटा कार्य  क्यों न हो। शिक्षा का उद्देश्य वास्तविक यह नहीं है कि  शिक्षा हासिल करके नोकरी लग जाए बस  शिक्षा पूरी हो गई,बल्कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ यह है कि शिक्षा हासिल करने से आप की सोच बड़ी और अच्छे गुण, अच्छी आदतें और अनुशासन होना जरूरी है, ये है हकीकी शिक्षा। लेकिन वास्तविक शिक्षा में अनुशासन का  होना  बहुत ही जरूरी है। अपनी सोच💭 को बड़ा रखना और एक दूसरे भाई ,यार की सहायता करना ही वास्तविक शिक्षा है। आज हमारी  सोच यह है कि जब लोगों को अपने बच्चों के बारे शिक्षा सबंधित बात करते हैं तो ये लोग ताना मारते हैं कि फलां आदमी नोकरी लग गया अब इन की बारी है ,उनका एक ही मकसद है नोकरी के बिना पढाई किस काम की, आज कल के लोग कठिन मेहनत  कर लैगै मगर उतना उनको पैसा नहीं मिलता है, लोग स्मार्ट काम कर के बहुत ज्यादा पैसा कमाने सकते हैं, जैसे इन्टरनेट, कम्प्यूटर, अध्यापन द्वारा । लैकिन आज का दौर बहुत ही नाजुक है क्योंकि ये दौर इन्टरनेट और विज्ञान अथवा तकनीकी का दौर है। इस दौर को अनपढ़ आदमी के लिए समझना बहुत ही मुश्किल है। पुराने जमाने में कोई भी बड़े काम कै लिए लोगों की सख्त जरूरत होती थी लेकिन आज का दौर विपरीत चल रहा है लोगों की संख्या कम और मशीनों से काम ज्यादा हो रहा है।
शिक्षा सबके लिए अनिवार्य है और बिना शिक्षा के जीवन स्तर नहीं सुधर पाएगा। यह सत्य है कि हमारा विकास, यानि सकारात्मक सोच, अनुशासन, तालीम से हासिल होगी। बिना तालीम के इन्सान की जिंदगी उस जानवर जेसी है, जिस मुल्क में पढी लिखी आबादी ज्यादा होती है उस मुल्क में तरक्की की रफ़्तार भी हाई होती है। इस उदाहरण से आप जरूर समझ गए होंगे तालीम की अहमियत को। आज के वर्तमान समय में मैने ऐसे कुछ सरकारी कर्मचारी देखे हैं जो यह कहते हुए सुना है कि आज शिक्षा कहीं पर भी नहीं है ,अपने बच्चों को पढा के क्या करोगे, आप इनको मजदूरी कराओ, ये बात पढ़ें लिखे और कर्मचारी करते हैं, अनपढ लोग बेचारे इन की बात कौ मानेंगे नही तो और क्या करैगै ।
शिक्षा हमारे लिए इसलिए भी जरूरी है कि शिक्षा हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती है और हमारे अन्दर नयी सोच और ऊर्जा पैदा करतीं हैं। में आप हज़रात को बड़े अदब से कहना चाहता हूँ कि अगर आप के पास तालीम नहीं है तो समझो आप के पास सब कुछ है। तालीम की तरबियत और अहमियत से ही आप की ज़िन्दगी में बदलाव आता है, आप के अन्दर अच्छे और बुरे का मालूम चलता है, और अपने और पराये का पता चलता है, हार और जीत 🏆 का पता चल पाता है, ठण्ड और गर्म का पता चलता है ,अपनौं के दुख दर्द का पता चलता है। आज कल के लोग  बड़ा र इस और ठाट बाट वाला उस को मानते हैं जिनके पास अधिक धन दोलत हो, में कहता हूँ कि ये सरासर गलत है, जिन के पास दीनी और दुनिया की तालीम का  ज्ञान है वो इंसान सबसे बड़ा दोलत मंद है। दुनिया के अन्दर धन दोलत बढने से कोई समाज का भला नही होता है बल्कि तालीम के फैलने से समाज के हर बच्चे का विकास होता है अथवा भला होता है।


में आप सभी हज़रात से अर्ज गुजारिश करना चाहता हूँ कि अपनी संतान को शिक्षा दिलावे, बिना शिक्षा के उनका कुछ भला नही हौ सकता है। शिक्षा से ही समाज का विकास और समाज से देश का विकास होता है।







मुल्क के अन्दर 💉🔪आत्महत्या का ग्राफ 📈 क्यों बढ रहा है?

आज में आप के सामने एक विशेष टोपिक पर संवाद कर रहा हूँ, हमारे मुल्क के अन्दर हर दिन☀ एक पोधा पनपता है और हर दिन एक नया पौधा उजड़ता है, ये खबर सुन कर हम और आप दुख जरूर महसूस होता होगा, और साथ ही भारत सरकार और राज्य सरकार को भी दुख जरूर होता होगा। लेकिन वो सरकारैं  क्या कर सकती है, किसी की मौत को रोकना न तो सरकार के बस की बात है न ही किसी चिकित्सक की। हाँ ये बात जरूर है कि अगर जनसंख्या बढती है तो सरकार के लिए चिंता का विषय जरूर है कि इन मौतों को कैसे रोका जाए। सरकार उस दिशा में गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं जरूर लागू करतीं हैं, जिससे मोत का ग्राफ जरूर घटता नजर आता है।
लोग👫👬👭 आत्महत्या क्यों करते हैं? 
हमारे लिए और आपके लिए यानी हम सब के लिए चिंता का विषय जरूर है कि लोग आत्महत्या करने पर क्यों मजबूर हो जाते हैं, ये सबसे बड़ा चिंता का विषय है। लोगों का जो सपना होता है वो पूरा नहीं हो पाता है जिसके कारण लोग अपनी ही जान लेने पर उतारू हो जाते हैं। उनका सपना किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है, हाँ यह ज़रूर है कि अधिकतर आत्महत्या प्यार के चक्कर में पड़ने से होती है। कयी लोग ऐसे भी है जिनकी मैहनत का फल उनको पूरा नहीं मिलता है, या अच्छी सी नौकरी नहीं मिल पाती है, अधिक मेहनत करने के बाद भी, जिसके कारण भी आत्महत्याएं ज्यादा होती है। आत्महत्याओं का 📈ग्राफ बढना ये संकेत देता है कि उस देश में गरीबी की ओर इशारा करता है, उस देश के निवासियों का कोई भी छोटा मोटा काम हो कृषि / सरकारी नौकरी / निजी जाब / या किसी भी काम में असफल होना बार बार,  जिस के कारण आत्महत्याओं का ग्राफ बढ रहा है। आत्महत्याओं का ग्राफ प्यार के चक्कर में ज्यादा बढ रहा है, जिस को लेकर हम और सब दुख के भागीदार हैं।
किसी भी सपने को पूरा नहीं कर पाना क्या उसका इलाज आत्महत्या ही है?  
नहीं। इस प्रशन 💭❓ का उत्तर है कि जो भी आप काम कर रहे हौ चाहे वो काम कृषि का हो या अच्छी नोकरी का हो या कोई रिश्ता सबंध का हो, उस काम का आप डट कर मुकाबला कीजिये और संघर्ष जारी रखिये। बिना संघर्ष के तख्तो ताज हासिल नहीं होतें है। असली इन्सान तो वही है जो संघर्ष करके जीन्दगी को गुजारै और बिना संघर्ष किये इन्सान दुनिया से चला जाए वो इन्सान ही कैसा?  जिन्दगी का नाम ही संघर्ष है। तो क्यों न होंसले बुलंद करके ज़िन्दगी से क्यों  नहीं मुकाबला किया जाए। अपने आप के अन्दर झांक कर पहले प्रशन 💭❓ कीजिये 👉
में क्या  कर सकता हूँ?
में कोन हूँ? 
मेरा जीवन क्या है?
दोस्तों इन प्रश्नों के अन्दर झांकने से पता चल जाता है कि आप के अन्दर छुपी हुई योग्यता बाहर आ जाती है।
प्रशन 1। में क्या कर सकता हूँ?
इस प्रशन का उत्तर है आप वो कर सकते हैं जो आज तक नहीं किया, कोई भी काम क्यों न हो और कैसा भी आप से बड़ा नहीं होता है, बस आप की सोच का फर्क होता है अपनी सोच💭 बड़ी रख कर काम करैं।
प्रशन 2 में कोन हूँ?
इस प्रशन का उत्तर है कि आप कोन है, आप वो है इस दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। आप को खुद को पहचानने की जरूरत है अपने आप को।
प्रश्न 3 मेरा जीवन क्या है? 
इस प्रशन का उत्तर है कि आप का जीवन क्या है, अपनी योग्यता को पहचानीए और योग्यता के अनुरूप कार्य करिये।

दोस्तों आज में हमारे देश की बात कर रहा हूँ कि मुल्क के अन्दर आत्महत्या औं का ग्राफ बढ रहा है हर दिन न जाने कितने लोग आत्महत्या के फंदे को चूमते है ,अपनी ज़िंदगी से हारना  कोई गुनाह नहीं है लेकिन हार कर आत्महत्या करना यह सबसे बड़ा पाप है। आप अपनी जिंदगी को जैसी बनाना चाहते हैं वैसी ही बन जायेगी  आप जिनदगी को बड़ी बनाईए।

में उन माँ बाप और अभिभावकों से  अपील करता हूँ कि आप अपने बच्चों और बचियों का ख्याल रखिये और उनकी हर जरूरत उचित हो उसको पूरा करने की कोशिश कीजिये। आप का बच्चा या बच्ची कोई भी काम कर रहे हैं तो उन के ऊपर कोई दबाव न डाले जिससे आप का बच्चा आत्महत्या करने पर मजबूर न हो।
अभी राजस्थान का का बाड़मेर जिला आत्महत्या को लेकर सुर्खियों में  है हर दिन समाचार पत्र में कोई न कोई बुरी खबर जरूर सुनने को मिलती है।


धन्यवाद दोस्तों👭👬👫, में आप का दोस्त लेखक  वक़्ता, अध्यापक मुराद खान जयसिंधर ।

जय हिंद जय भारत।।


मोबलिचीग Moblyching

मोबलिचीग :- जी हाँ दोस्तों👭👬👫 ये शब्द बहुत ही खतरनाक है, आपको मालूम है कि इस शब्द का उदय पिछले पांच साल में काफि चर्चा में चल रहा है, लेकिन इससे पहले भी था लेकिन इतना विस्तार इस शब्द का नहीं था। इस शब्द का निर्माण करने वालों ने काफी समय योजना बनाई है तब जा के मोबलिचीग इस मुकाम पर पहुँची है। 
आखिर मोबलिचीग करने वालों का मकसद क्या है? 
मोबलिचीग करने वाले उस समय से करते आ रहे हैं जब देश के अन्दर संविधान का निर्माण हो रहा था और उस समय देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले की हत्या हुई थी और उस घटना के बाद मोबलिचीग का गिरोह सक्रिय रूप से भूमिका निभा रहा है, उसके बाद राजीव गाँधी की हत्या होती है, फिर सिखों की गर्दनें काटी जाती है, उसके बाद 1992 में बाबरी कांड घटित होताहै। 2002 में गुजरात का दंगा भीड़ का रूप ले लेते हैं। और पिछले पांच साल में में अनगिनत घटनाओं ने वृहत रुप धारण कर लिया। आखिर क्या कारण है कि देश के संविधान निर्माण से लेकर आज तक ये सारी घटनाएं इतनी जल्दी क्यों फैल रही है। ये घटनाएं किसी एक या दो कोम, समुदाय के खिलाफ घटनाएं लगातार बढ़ रही है। 
आखिर इस मुल्क को हम कहाँ तक लेके जा रहे हैं, इस मुल्क का विकास किसी एक समुदाय को मारने से विकास की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अगर विकास की प्रक्रिया पूरी होती है तो एक समुदाय को मूल्क आजाद होने से पहले ही पूरा करना चाहिए था अब देश का निर्माण हो रहा है, और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
आखिर क्यों एक समुदाय को हाशिये का शिकार बना रहा है?  ये बड़ा सोचने लायक विषय है, क्या ये समुदाय कहीं बाहर से आया हुआ है या इस समुदाय का इस मुल्क में कोई योगदान नहीं है?  क्या ये समुदाय आप से भेदभाव करता है?  क्या ये समुदाय आप को बिना वजह परेशान कर रहा है। अगर नही। तो इतनी परेशानी आप को क्यों हो रही है?  आज जो समुदाय मोबलिचीग का शिकार है क्या उन्होंने देश के अन्दर भ्रष्टाचार किया है क्या?  अगर नही किया है तो आप ने एक बड़ी गलती कर दी! 😢😱😿।
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानों का योगदान
इस मुल्क के अन्दर मुसलमानो ने क्या किया वो में आप को बता रहा है आखिर कोई कमी रह जाए तो बता दैना। इस मुल्क को आजाद करवाने में मुसलमानों की भागीदारी सबसे पहले है और अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ जिहाद का फतवा लगाने वाला मुस्लिम उलेमा था। महात्मा गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मूस्लिम वर्ग ही खड़ा था, गाधीं जी के साथ कोई नोटंकी नहीं खैल रहे थे वो देश के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई💪👊🔫 लड रहे थे। देश का मुसलमान हर जगह देश की परेशानी में साथ खड़ा रहा, भूखे को खाना खिलाया और प्यासे को पानी पिलाया। गरीब और मजलूम लोगों की सहायता की। मुसलमान को आप ने जेसा संविधान में हक़ दिया उसी तक ही सीमित रहा ,उससे आगे बढ़ ही नहीं पाया, उससे आगे अपनी ज़बान खोली भी नहीं। लेकिन फिर भी आप मुसलमान से परेशान, एसा क्यों?  आखिर आप लोगो ने देश को बर्बाद करने में कोई कमी नहीं रखी, और अपनी समस्या सुलझाने के लिए देश के अन्दर रेलवे की लाईने तोड़ दी और  देश की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन मुसलमान यहाँ तक चुप बैठा है। आप ने मुसलमान की मस्जिद को तबाह व बर्बाद कर दिया और मुसलमान को गाय के नाम से हत्या🔪 की। और मुसलमान को दाड़ी देख कर आंतकवादी का इल्ज़ाम लगाया,फिर बैचारा मुसलमान परेशान होकर कानून के दायरे में रह कर काम किया, ता के देश को कोई परेशानी न आये, आखिर आप ही इस मुल्क का एक कदम नुकसान कर सकते हैं तो मुसलमान भी दो कदम नुकसान कर सकते थे और कर सकते हैं। आप ये मत समझो कि मुसलमान बहरे है और उनसे कुछ नहीं हो सकता है ये ख्याल आप के दिमाग़ से निकाल देना ।

लेकिन इस देश के अन्दर स्सता भाव मुसलमान का है इस को खरीद लैगै। मुसलमानो से मेरी अपील है कि इस मुल्क के अन्दर बहुत सारे अच्छे लोग रहते हैं और उनके साथ आप अच्छा बर्ताव करो और उनको साथ लेकर चलो। उनलोगों को बुरा मत कहो। उन को हकीकत बात बताओ ता की वो अपना समर्थन कर सके। और जो बुरे लोग है और अपने से जलते है उनको कानून के जरिये  उनको सबक सिखाया जाए। जब तक अपने को पुरा भरोसा है कानून पर। तब तक हम कानून के सहारे ही आगे बढेंगे।


इस लेख के माध्यम से हिन्दू और मुसलमानो से अपील करता हूँ कि आप सत्य और असत्य का पता लगाए, फिर आगे कदम उठाएं, सभी हिन्दू मुस्लिम मिल जुलाई कर रहे और देश के अन्दर एकता और भाईचारा बना कर रखें,  देश का माहौल बहुत ही खराब है जरा सतर्क रहे। देश का विकास अमन चैन से ही बढेगा।

शुक्रिया। धन्यवाद

भ्रष्टाचार Curption

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ वो है "भ्रष्टाचार"।  भ्रष्टाचार क्यों और कैसे हो रहा है, मुख्यतः क्या कारण है इन्ही कारणों का हम पता लगाएंगे। 
भ्रष्टाचार क्यों फैल रहा है?  
भ्रष्टाचार का मतलब होता है भ्रष्ट से डूबा हुआ अथार्त रिश्वत लेना। रिश्वत इसलिए लेते हैं उस   देश के निवासियों की अपनी तनख्वाह से पूर्ति नहीं होती है, जिस के कारण वो कर्मचारी पैसों की लालच लेकर काम करते हैं, अगर सामने वाला भी पैसे🤑💸💵💴💶💰💳 न दे तो उनका काम  भी नहीं हो रहा है, आखिर वो करे तो क्या करे बेचारा। अगर वो आदमी जागरूक हे तो एन्टी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवा सकता है। भ्रष्टाचार फैलने का मुख्य कारण है उस देश में गरीबी की मारा मारी  ये सबसे बड़ी समस्या है।
भ्रष्टाचार कहाँ पर ज्यादा फैलता है? 
भ्रष्टाचार वहाँ पर सबसे ज्यादा फैलता है जहाँ पर रोजगार की कमी पायी जाती हो और उस देश में जनसंख्या ज्यादा हो, तो एसे मुल्कों में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा को छूता हुआ नज़र आता है। उस देश के निवासियों में कम्पीटीशन ज्यादा हो चाहे कोई भी क्षेत्र क्यों न हो,सरकारी क्षेत्र हो या गैर सरकारी क्षेत्र हो  लेकीन रोजगार सब को बराबर मात्रा में नहीं मिलता है। हर जगह आदमी रोजी रोटी कमाने के लिए परेशान  नजर आता है। उस देश के अधिकतर लोग👫👬👭 विदेश में जाकर मेहनत मजदूरी करते हैं।
भ्रष्टाचार की समस्या कैसे हल हो सकती है?  
जिस देश में अगर भ्रष्टाचार की समस्या अधिक है उस मुल्क को अपने क्षेत्र में रोजगार के उपाय लागू करने पडेंगे और रोजगार के नये नये स्किल पैदा करने पड़ेंगे। जिससे उस देश के निवासी सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे हैं उनको अच्छी मजदूरी देनी होगी जिससे वो आदमी संतुष्ट रह कर देश के लिए काम कर सके। और निजी क्षेत्र में भी रोजगार के माडल को विकसित करने की सख्त जरूरत पड़ती है, बहुत सारे यूवा साथी अपना खुद का व्यवसाय चलाने के लिए तैयार होतें है तो क्षेत्र उन के लिए अवसर पैदा करने की सख्त जरूरत होती है।
भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगै? 
जिस देश में अगर करप्शन ज्यादा चल रहा है तो उस देश की सरकार को हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार ब्यूरो खोलने पड़ेगा और देश की जनता को जागरूक करना पड़ेगा, और उन के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे जिससे उस देश की जनता सुखी रह कर अपना जीवन गुजार सके और भ्रष्टाचार मुक्त करवाने में सहायता कर सके।
 भ्रष्टाचार फैलने के क्या नुकसान होते हैं?  
जिस देश में भ्रष्टाचार ज्यादा फैलता है उस देश में शांति और समानता नहीं रहेगी, इसमें अमीर और मध्यम वर्ग के लोग👫👬👭 ही पैसे🤑💸💵💴💶💰💳 के बलबूतेबढैंगे  बढैंगे और गरीब तबका पीछे रह जाएगा, जिससे समाज में अशांति और भ्रष्टाचार का अड्डा फैलता जाएगा, आखिर में जनता तंग आकर देश में विद्रोह करेगी। जिससे राज्य को नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
 
धन्यवाद 🙏💕 शुक्रिया। 
      में आप का दोस्त लेखक मुराद खान। 

  जय हिंद जय भारत।। 





एक देश एक चुनाव One country one election

जी हाँ आज का विषय देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये देश के लिए सौभाग्य की बात है या दुर्भाग्य की बात है कि  देश के लिए अब एक ही समय में चुनाव होने जा रहे हैं, ये निर्णय आज देश के वज़ीर ए आज़म श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लिया है, उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलायी और कहा एक देश है तो चुनाव भी एक ही बार, एक समय में होना चाहिए। जी हाँ ये बातें कहाँ तक उचित है या अनुचित है।  लेकिन इन दलों में दो टुकड़े हो गये हैं एक दल भाजपा एवं अन्य सहयोगी पार्टियां, दूसरे पक्ष में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल। कांग्रेस के पक्ष में दलों ने बैंठक में हिस्सा लेना बंद कर दिया। आखिर क्या कारण है कि विपक्ष सर्व दलीय बेठक में हिस्सा क्यों नहीं ले रहा है?  आईए विपक्ष के आरोप जानते हैं। 
.मोदी की चुनावी क्रांति पर कोहराम क्यों? 
1. एक देश एक चुनाव पर सरकार की सबसे बड़ी पहल। 
2.प्रधान मंत्री की बेठक का कांग्रेस ने किया बायकाट। 
3.बीजेपी पर असली समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप। 
4.एक देश एक चुनाव को संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। 
5.एक देश एक चुनाव देश की तरक्की के लिए क्या जरुरी?  

देश के वज़ीर ए आज़म जब सर्व दलीय बेठक बुलाने का निर्णय लिया तो कुछ लोग और पार्टियों ने बेठक में न जाने से मना कर दिया, क्या ये उनका निर्णय सही है?  बल्कि उस बैठक का हिस्सा बन कर तर्क और वितर्क करके समस्या का समाधान करते, बल्कि ये एक साथ चुनाव करवाना इतना संभव नहीं है  फिर भी इस संवैधानिक मान्यता के तहत इस समस्या को सही करना था। एक साथ चुनाव करवाना कितना सही है और कितना गलत है?  ये बताना मुश्किल है मेरे हिसाब से,  एक साथ चुनाव करवाना देश के विकास के लिए काफी लाभदायक रहेगा  इस के पीछे दो कारण है , एक देश को आर्थिक बोझ से बचाना, और दूसरे देश के अलग अलग हिस्सों में आदर्श आचार संहिता का पालन की वजह से देश के विकास की गति का रुक जाना। ,जिससे देश का विकास काफी सही गति से चलता रहे। शायद आज सर्व दलीय बेठक में एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में दो गुट हो गये हैं और सबसे ज्यादा लोग एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है,  हा ये उनका अपना निर्णय है।, इस निर्णय का न तो संविधान में ज़िक्र है, बस एक आदमी के निर्णय का फैसला है, अब इसका भी इन्तजार है जनता को। 


धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया। 
          ।   जय हिंद जय भारत।।   ,  






भारत की संसद / पंचायत का हाल

जी हाँ दोस्तों सलाम आदाब, आज में आप को एक बेहद आश्चर्यजनक जानकारी बताने जा रहा हूँ आप ज़रा इसे ध्यान से पढियेगा। 
वो नया अध्याय है "भारत की सबसे बड़ी पंचायत का हाल" जी हाँ यह सच है कि कल दिनांक 18-06-2019को जब सांसद पांच साल के कार्य काल की शपथ लेते हैं तब बीच में धार्मिक नारे कहाँ से ये जगह लेते हैं, ये बातें समझ में तो पहले भी आ चुकी है लेकिन अब पूर्ण रूप से समझ में आ चुकी है कि भारत कहने क्या जा रहा है?  और करने क्या जा रहा है?  इन दोनों बातों में कल की घटना नै स्पष्ट कर दिया। देश का वज़ीर ए आज़म देश के उत्थान की बात करता है सबको साथ लेकर चलने की बात करता, लेकिन वही उस के मंत्री / वज़ीर देश में अन्य पार्टी के सांसद जब संसद भवन में शपथ ग्रहण करते हैं तब बीच में धार्मिक नारे लगाते हैं और पूरा संसद भवन  शोर से खलबला  उठता है।, क्या यह सब देश के उत्थान के लिए हो रहा है?  
आज हम बड़े बड़े गर्व से कहते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, इस देश के अन्दर सभी हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई साथ रहकर  देश के लिए अच्छा पैगाम देते हैं, हाँ यह बात भी सत्य है, लेकिन इसके उलट स्थिति कुछ ओर ही है। 
आज हम 21 वीं सदी की बात करने जा रहे हैं, क्योंकि ये घटनाएं भी 21 वीं सदी में घटित हो रही है, तो इन बातों को हमें ज़रूर समझना चाहिए और उस पर विशलेषण करना चाहिए कि देश के अन्दर ऐसी नोबत क्यों आ पड़ी जिससे देश की सबसे बड़ी पंचायत में धार्मिक नारे लगाने पडते है और एक दूसरे की भावना को ठेस पहुँचाया जाता है, तो इन सब बातों के पीछे का राज क्या है और पिछले 18 सालों की स्थिति का जायज़ा लेते हैं देश के अन्दर कितना विकास हुआ है और कितना विकास बाकि है तो आईये मे आप को पिछले अठारह साल की स्थिति के बारे में स्पष्ट करवा देता हूँ जरा आप इन आंकड़ों को पढ कर चोंक जाएंगे। 


पिछले अठारह साल के आंकड़े और देश की स्थिति- 
1.पिछले अठारह साल से देश में पुलिस👮🚔 के 5लाख पद खाली पड़े हैं। 
2.शिक्षा विभाग में अध्यापकों के प्राईमरी और उच्च प्राईमरी के 10 लाख पद खाली पड़े हैं। 
3.सैना के 55हजार पद खाली पड़े हैं। 
4.देश में 543 सांसद है, एक सांसद के पिछे 22लाख 20हजार 38 लोग है। 
5. 21वीं सदी में बीते अठारह साल में 1लाख 15 हजार छात्रों👦📖🎒 ने ख़ुद कुशी की है। 
6 बीते अठारह साल से 3लाख किसानों ने ख़ुद कुशी की है। 
7 बीते अठारह साल में वायु प्रदूषण से 10 लाख बच्चों की मौत हुई है। 
8.बीते अठारह साल में खराब पानी की वजह से 15 लाख लोगों की मौत हो जाती है। 
9. महिला के रेप में एक घंटे में एक केस दर्ज हो जाता है, बताओ देश की क्या स्थिति है?  
10. दलित उत्पीड़न प्रति दिन☀ 25 केस थाने में दर्ज होतै है। 
11. देश के अन्दर 85फसदी असमानता बढ गई है। 

दोस्तों तो आप ने ये आंकड़े जरूर पढ़ें होंगे, और आप समझ भी गये होंगे कि देश के अन्दर क्या हालात हैं, और सबसे बड़ी पंचायत में क्या माजरा चल रहा है,, वाकई में देश बदल रहा है या धर्म बदल रहा है, बात समझ में नहीं आ रही है  लोगों की भीड़ किधर जा रही है, क्या ये भीड़ जिस तरफ खड़ी है क्या ये सच्चाई की तरफ है। 
जिस तरफ बहुत ही कम लोग खड़े हैं, शायद ही वो झूठ में डूबे हुए है, समझना आप लोगो को है कि सत्य क्या है?  और असत्य क्या है?   दोस्तों फैसला आप के हाथ में है, सही और गलत का निर्णय करना आप को है, क्योंकि आप एज्टेयूकेटेड  है। 
ये वही लोग है जिन्हें आप लोगो ने चुन कर संसद तक भेजा है, क्या ये लोग आप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, अगर आप को सही अर्थों में महसूस हो भी रहा है कि हमारा प्रतिनिधित्व हो रहा है, तो देश की सबसे बड़ी संसद में ये धार्मिक नारे एक- दूसरे के प्रति नहीं लगाते, देश के सांसदों के अन्दर अन्दर इतनी एकता नहीं है जो, जो मिल कर भारतीय🇮🇳👳 जनता का विकास करा सके।, देश का विकास तो आप ने देख लिया है  बल्कि आप का प्रतिनिधित्व करने वालों ने देश का विनाश करवा दिया। ये में नहीं कह रहा हूँ, ब्लकि ये ऊपर दिये गये आंकड़े कह रहे हैं। 

तो दोस्तों आप ने देश के हालात जान लिए, और देश के अन्दर आंकड़ों कि स्थिति भी जान ली।  देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को भी जान लिया, कुछ समय पहल कांफ्रेंस करने सड़क पर बाहर आ गयी थी। देश के अन्दर भर्षटचारीयो के अड्डे को देख लिया करोड़ों, अरबों का घोटाला करके बाहर विदेश चले गए। अब आपने ई वी एम मशीन को भी देख लिया बस एक पार्टी की तरफ खडी़ है। 

समझ में नहीं आ रहा है कि ये सब क्या हो रहा है हमारे देश में, लगता है सबको नींद  आ गयी। 


धन्यवाद दोस्तों, में आप का दोस्त, लैखक, वक्ता, स्वतंत्र विचारक, मुराद खान। 


आप मेरे लेख को जरूर पढ़ें और आगे भी शैयर करें, कमैंट करके जरूर अपनी राय दे ं

धन्यवाद🙏💕, शुक्रिया।। 


।।  जय हिंद जय भारत।। 


Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...