1.What is this Uniform civil code in India ?
जी हां दोस्तों सलाम व आदाब जैसा कि आपको मालूम है कि हमारे मुल्क में कई तरह के मुद्दे आए दिन चलते रहते है अभी हाल फिलहाल भारत के अंदर उत्तराखंड राज्य के अंदर वहां की भाजपा सरकार ने UCC को लागू किया है । यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है ? UCC क्या है? और सरकार लागू क्यों करना चाहती है ?सरकार का क्या उद्देश्य है? और UCC का इतिहास कब का है ? UCC लागू करने के क्या फायदे हैं ? और क्या नुकसान है ? इन तमाम सवालों के एक-एक सवाल का जवाब बारीकी से मैं आपको बताने जा रहा हूं। आप मेरे इस लेख को जरूर पढ़िए ताकि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मजीद जानकारी मिलती रहेगी।
UCC क्या है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड ( समान नागरिक संहिता) है । देश में सभी समुदायों और धर्मों को जीवन में समानता लाने की वकालत करता है ।
ये कानून सभी धर्मो और समुदायों के एक समान कानून की बात करता है जो की भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में इसका उल्लेख है ।
UCC का इतिहास !
UCC का इतिहास आज से तकरीबन सो साल पहले का है ,जो भारत में अंग्रजों ने शुरुआत की थी । 19 वी शताब्दी में अंग्रेजो ने शासकों के अपराध ,अनुबंध,और शबुतो के बारे में में। भारतीय कानून संहिता का उल्लेख किए जाने का प्रावधान है ।
हालांकी अंग्रेजी हुकूमत ने इस कानून से मुस्लामनो और हिंदुओ को अलग रखा था। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानून से बाहर रखा था ।
क्योंकि ईसाई समुदाय एकेश्वर में। विश्वास करते थे और उन्हें भारत के अंदर हिंदू और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक रीति रिवाज को समझना चाह रहे थे लेकिन अंग्रेजो का मुख्य उद्देश्य भारत में पैसा लूटना और व्यापार करना था न को किसी विवाद में पड़ना ।
बीजेपी सरकार UCC को क्यों लागू करना चाहती है ?
बीजेपी सरकार का ये एक अहम मुद्दा है की देश के अंदर UCC लागू करके सभी धर्मो और समुदायों के पारिवारिक कानूनों को एक समान रूप से लागू करना ताकि एक देश में एक ही तरह का कानून हो और सभी नागरिकों किसी प्रकार की उलझन नही हो ,ये इनका एक लीगल बिंदु है ।
हिंदुस्तान के अंदर विश्व के लगभग सभी धर्म निवास करते है इसलिए ज़ाहिर सी बात है की सभी धर्मो के रीति रिवाज और पारिवारिक कानून और जीवन गुजारने के अलग अलग तरीके उनके अपने धर्म के अनुसार है ।
शायद ये बात बीजेपी सरकार को हज़म नहीं होती है की इस तरह भारत में सभी समुदायों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जाए जिसे कुछ नया परिवर्तन हो जाए ।
UCC लागू करने का उद्देश्य!
UCC की बात अंग्रेजी हुकूमत के बाद आजाद भारत में बीजेपी हुकूमत ने ही की है क्योंकि इनका मुख्य उद्देश्य जो इनकी भावना से जुड़ा हुआ ये है की इस मुल्क को आज़ाद करवाने के बाद सभी धर्म एक साथ भाई चारे के साथ केसे रह रहे है ? बीजेपी और आरएसएस को इसी बात से दर्द है ।
बीजेपी के मेनिफेस्टो में ये बात प्रमुख रूप से उल्लेखित है ,इस बात की प्रमुख दलील है की बीजेपी के बड़े बड़े नेता पब्लिक मीटिंग में कई बार ज़िक्र कर चुके है,की देश के अंदर UCC लागू हो कर ही रहेगा ।
यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का एक और उद्देश्य ये है की इस्लाम मज़हब को मानने वाले मुस्लमानो को निशाना बनाया जाए ताकि देश को कमजोर करके हम लोग इस मुल्क पर शासन करें । हिंदुस्तान के अंदर इस्लाम और मुसलमानो को निशाना बनाने के लिए आज ये पहला कानून नहीं लाई है बल्कि इसके अलावा बहुत सारे क्वानीन हमारे सामने आ चुके है और भी आयेंगे शायद। तीन तलाक, सी ए का कानून, लव जिहाद, UCC, एनआरसी, एनपीआर, घर वापसी ऐसे बहुत सारे कानून जो बीजेपी ने देश में लागू कर दिए है न जाने देश में और कौन कौन से कानून लाना चाहती है ।
ऐसे कानून लाने से साफ जाहिर होता है की बीजेपी और आरएसएस मुस्लमानों के सख्त खिलाफ है ,तरह तरह के उनके खिलाफ हथकंडे अपना रहे हैं जिसे मुसलमान कमजोर हो जाए और हमारे दबाव में रह कर हमारी गुलामी करे ये उनका असली मकसद है! लेकिन ऐसी उम्मीद है इंशा अल्लाह ऐसा हो नही पाएगा वो अपने मंसूबों में कामयाब नही होगी ।
UCC संविधान के खिलाफ़!
बीजेपी की सरकार ने आज उत्तराखंड में UCC को लागू कर दिया है जिससे वहां की आवाम ने इस कानून का सख्त विरोध भी किया ,वही प्रदेश की बीजेपी की सरकार ने बहमत के जरिए कानून पास भी करा लिया। वहां की सरकार ने एससी और एसटी ( अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति ) को इस कानून के दायरे से बाहर रखा है,इससे साफ जाहिर होता है की हुकूमत मुसलमानो के खिलाफ है ।
UCC कानून संविधान के खिलाफ इसलिए है की देश के अंदर रहने वाले सभी नागरिकों को अनुच्छेद 25,26,29,30 नागरिकों के समानता और धर्म के अनुच्छेद का उल्लघंन करता है ।
दूसरा पहलू ये है की जब प्रदेश की सरकार ने अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति को इस कानून के दायरे से बाहर कर दिया है ,तो मुसलमानो को इस कानून से बाहर क्यों नही कर सकते ये बिलकुल मुसलमानो के साथ धोखा है ।
UCC लागू करने का वैध तरीका क्या है ?
UCC लागू तभी हो सकता है जब एक संप्रदाय के लोग समान विचार धारा वाले लोग हो उनके अंदर अलग अलग कानून हो इसीलिए भारत के अंदर UCC सभी धर्मो के लोगो के लिए ठीक नहीं है । हालांकि UCC कानून सबसे ज्यादा प्रभावित इस्लाम धर्म को कर रहा है इसीलिए मुस्लिम समुदाय ही इस कानून का विरोध कर रहा है ,क्योंकि बाकी सिख, हिंदू ,जैन और बौद्ध अन्य धर्म के पारिवारिक कानून सभी के मिलते जुलते है इसलिए ओर कोई भी समुदाय मुखर कर सरकार के सामने नहीं आ रहे है ।
UCC के महत्वपूर्ण बिंदु जिन्हे सरकार लागू करने जा रही है
1. लड़कियों की शादी की उम्र अधिक करने पर विचार, ताकी लड़की ग्रेजुएट बन सके
2.ग्राम पंचायत स्तर पर शादी का रजिस्टर बनेगा ,पंजीकरण करवाना अनिवार्य है अन्यथा सरकारी सुविधाएं मिलनी बंद हो जाएगी।
3.तलाक का मामला पति पत्नी समान रूप से अब तलाक दे सकेंगे ।
4. बहु विवाह पर प्रतिबंध
5.उतराधिकार में लड़के और लड़कियों का समान अधिकार ।
6.नोकरी पैसा, बेटे की मौत पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में माता पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी ।
7.पत्नी की मौत के बाद उसके अकेले माता पिता का बनेगा पति ।
8. गोद लेना , मुस्लिम महिलाए जिनके संतान नहीं हैं तो अब वह अपने परिवार के बचे और बच्ची को गोद ले सकती है ।
9. हलाला और इद्दत पर रोक
10. लिव इन रिलेशन शिप पर सरकार को कानूनी सूचना देना अनिवार्य है ।
11. अनाथ बच्चों की परवरिश करने का अधिकार
12. पति पत्नी का झगडा होने पर बचे दादा दादी या नाना नानी के पास उनके सरंक्षण में रहेंगे ।
13. जनसंख्या नियंत्रण पर रोक ।
इन 13 बिंदुओ पर सरकार UCC लागू करने जा रही है,इससे इस्लाम कितना प्रभावित होगा आप लोग इस लेख को पढ़ कर कॉमेंट करके जरूर बताएं।
बहुत बहुत धन्यवाद आपका।
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लेखक मुराद खान जयसिंधर,बाड़मेर
7023347607

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