All India Muslim Parsonal Board ?
जी हां दोस्तों आज बात हिंदुस्तान के अंदर एक ऐसी संस्थान की बात हो रही है जिसका नाम है all India Muslim Parsonal low board
है जो की अपने आप में एक हिंदुस्तान के अंदर मुस्लिम समुदाय के लिए एक अहम किरदार अदा करता हैं,जिससे हर मुसलमान को जानना जरूरी है ।ये संस्थान एक गैर राजनीतिक है ,जो अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिम को संविधान सभा ने जो मौलिक अधिकार दिए हैं अनुच्छेमें
द 29और 30 ,उनकी सुरक्षा करना ।हिंदुस्तान के अंदर जो भी कानून संसद में बनते है उनकी कहीं शरीयत से टकराव की स्तिथि उत्पन्न न हो । एआईएमपीएलबी बना इसी मकसद के लिए है बना है की किसी भाई हाल में इस्लामी शरीयत की हिफाजत की जाए ।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ?
1937 में गठित एक गैर सरकारी संगठन है ,जिसने भारत में मुस्लिम पर्सनल लॉ को सुरक्षा और निरंतर प्रायोज्यता को अपनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है । मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरिया (1937) का आवेदन अधिनियम का ,व्यक्तिगत मामलों में भारत शरिया की हिफाजत करने के लिए गारंटी देता है ।
अधिनियम इस तरह की उतराधिकारियों को छोड़ कर व्यक्तिगत मामलों में कानून के सभी मामलों में लागू होता है ।
संक्षेपाक्षर ए आई एम पी लो बो
स्थापना 27 अप्रैल,1972
संस्थापक मुस्लिम धर्म गुरुओं द्वारा
प्रकार गैर राजनीतिक
वैधानिक स्थिति। सक्रिय
मकसद। शरिया क़ानून की
हिफाजत करना
मुख्यालय। ओखला , नई दिल्ली ,भारत
सेवा क्षेत्र भारत
विधि। राय मशोरे से शरिया
कानून की हिफाजत करना।
सदस्य। 201
आधिकारिक भाषा उर्दू और अंग्रेजी
महासचिव मौलाना मोहम्मद वली
रहमानी
सदर मौलाना खालिद सैफुल्लाह
संबंधित भारत में मुस्लिम पर्सनल लॉ
ध्येय वाक्य। शरिया कानूनों का संरक्षण
करना ।
जी हां दोस्तों ये जानकारी आप के लिए बहुत ही कहा है की आप के पास आप का अपना मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड है जो गैर राजनीतिक संगठन है । बोर्ड का काम ही इस्लामी शरिया की हिफाजत करता है ।जो की भारतीय सविंधन सभा ने मुसलमानो को मौलिक अधिकार और मूल कर्तव्य दिए है जो हमारे लिए एक खास तोहफा है जो हम ने ये सब संघर्ष करके हासिल किए है ,इन मौलिक अधिकरो की सुरक्षा करने का जिम्मा aimp का है जो सभी 51 उलेमाओं की समिति है जिसमे सभी मसलक के ulma उपस्थित है सिवाय कादयान के ।
धन्यवाद आपका दोस्त लेखक साथी
मुराद खान जयसिंधर।

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