हिंदुस्तान का मुस्लमान पिछड़ा क्यों? जी हा दोस्तों आज में बात कर रहा हूँ हिन्दुस्तान के मुसलमानों की, जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी है, और सब को पता है कि हिन्दुस्तान का मुसलमान पिछड़ा है। आखिर मुसलमानों के पिछड़ेपन का क्या कारण रहा होगा।
आज भारत के अन्दर मुसलमानों की जनसंख्या लगभग 25 करोड़ है। और मुसलमानों का कोई खास एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व नहीं है, हर राज्य में मुसलमान दूसरी पार्टियों के साथ जुड़े हुए है, वो संगठन उनका वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन उनकी मूलभूत सुविधाओं की ओर कोई भी संगठन ध्यान नही दे रहा है, मुख्य कारण ये है कि मुसलमानो के पास शिक्षा🎒🏫📚🎓 नहीं है और बिना शिक्षा के उनके अन्दर जागरूकता नहीं है, इस वजह से मुसलमान फिरका परस्त पार्टियों में बंटे हुए है और उनका ज़िम्मेदार कोई संगठन नहीं है।
आज भारत का मुसलमान किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि बहुत सारे क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है, कारण बस एक ही है वो है शिक्षा। हम लोग अपने परिवार के सदस्यों को शिक्षा हासिल नहीं करवाते हैं। अगर हमारे पास शिक्षा होती तो हम लोग राजनीति में चले जाते, हम लोग बहुत सारी नोकरियों में बड़े बड़े पदों पर चले जाते, हम लोग निजी क्षेत्र की कंपनियों में चले जाते, हम लोग बड़े बड़े बिजनेस मैन बन जाते थे, लेकिन हमने शिक्षा के ऊपर कभी भी महत्व नहीं दिया, अगर महत्व दिया होता तो आज ये हालात नही होते हमारे।
आज सरकार आरक्षण गरीबों को दे रही है, जैसे sc st को दिया, लेकिन उस आरक्षण से भील और मेघवाल समाज का भला नही बल्कि मीणा जाती का भला हुआ। क्योंकि मीणा सबसे ज्यादा है, और भील सबसे कम अनुपात में है इसलिए उस आरक्षण का फायदा मीणा जाती को मिल रहा है। वही आरक्षण OBC कोटे से अल्पसंख्यकों को भी आरक्षण दिया गया है, लेकिन उस आरक्षण का फायदा जाट समुदाय को मिल रहा है, और मुसलमानों का अनुपात बहुत ही कम है। लेकिन उस आरक्षण का फायदा मेहनत करने वालों के लिए कोई मायने नहीं रखता।
आज में आप लोगो को सच्चर कमेटी की कुछ तथ्य बताने जा रहा हूँ, आप लोग इन तथ्यों पर गौर करें और अपने आप को समझने की कोशिश करैं मतलब मेहनत करें।
U. P. A सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जस्टिस राजेन्द्र सच्चर की अध्यक्षता में समीति गठित की थी। उन्होंने 403 पैज वाली रिपोर्ट 30 नवम्बर 2006 को लोकसभा में पैश की, और उस रिपोर्ट में क्या क्या खुलासा किये गए हैं जो आप को जानना बहुत जरूरी है। बता दे ं इस समीति में तीन मुस्लिम सदस्य भी थे
सय्यद हामीद, ज़फ़र महमूद, और डो अबुसलेह शरीफ।
1.6-14 वर्ष के बच्चे 75 प्रतिशत विद्यालय छोड़ देते हैं।
2.17 वर्ष के बच्चे 26 % 10 वीं पास करते हैं।
3. 50 % 8 वीं पास करते हैं।
4. 62% 12 वीं उत्तीर्ण करते हैं।
5.मुसलमानो की कुल आबादी का 4.9 % सरकारी नोकरी में है।
6. 3.2% उच्च पदों पर लोग है, जबकि दलित जैसी जातियों में 15 %लोग सरकारी उच्च पदों पर है।
7.पुलिस कांस्टेबल में मात्र 6% ही मुस्लिम है ।
8.परिवहन क्षेत्र में 4.4% ही है।
9. रेलवे में 6.5 सरकारी कर्मचारी है।
9
10.बैंक में 4.5% ही सरकारी कर्मचारी हैं।
11.जो मुस्लिम लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं उन लोगों में 62% लोग ऐसे है जिनके पास पट्टा सुदा ज़मीन भी नहीं है।
12.100 में से 33% लोगों के पास ही रोजगार है, बाकी के सब बेरोजगार है।
13.भारत में 584 कुल मुसलमानो की जातियाँ हैं, जिनमें 80 जातियाँ पैशागत या जातीय कार्य करती है जो कि सख्त पिछड़ी जातियाँ हैं।
सच्चर समिति द्वारा दिए गए सुझाव-
मुस्लिम बहुल इलाकों में स्कूल, आई टी आई, पोलोटेक्निक कोलेज। मुसलमानो को छात्रवृत्तियां देना, बैंक शाखाएँ उपलब्ध करवाना ,ऋण सुविधा उपलब्ध करवाना । रंगनाथ मिश्रा जी की कमेटी का प्रमुख सुझाव था कि मुसलमानो को अल्पसंख्यक कोटे से 10 फीसदी आरक्षण देना।
जब कांग्रेस सरकार ने इस रिपोर्ट को लोकसभा में पैश किया गया तब लोकसभा सदस्यों से प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के बारे में ली गयी तब भाजपा के कयी सदस्यों ने इस रिपोर्ट के बारे में विरोध किया
#गिरिराज - अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त होना चाहिए मुसलमानो का।
#शिवराज सिंह चौहान- ये रिपोर्ट साम्प्रदायिकता की भावना को बढ़ावा वाली रिपोर्ट है, इस को नहीं लागू करना चाहिए।
#दीन दयाल उपाध्याय- मुसलमानो को परिषकृत करने की जरूरत है।
#सावरकर - मुसलमान और ईसाई भारत के नहीं है ब्लकि ये लोग बाहर के है।
तो दोस्तों ये थी कुछ सच्चर समिति की सिफारिश और खुलासे, और उस समिति की प्रति क्रिया भी आप लोगो ने पढ ली है, जो लोग भाजपा को वोट देते हैं वो सावधान और जो बाकी पार्टियों के वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल होते हैं वो भी सावधान। तो दोस्तों में आप से गुजारिश करना चाहता हूँ कि आप लोग अपने भाई बहनों और संतान को दुनिया की तालीम और दीनी तालीम जरूर दिलावें, ता की आप का बच्चा एक बड़ा अफसर तो न पर छोटा सा कर्मचारी जरूर बनेगा, फिर उसी रास्ते धीरे धीरे प्रगति भी कर लेगा । आज हम मुसलमान फालतू के खर्चे ज्यादा करते हैं, अपने पास हिसाब किताब निश्चित नहीं रहता है, हम लोग शादी ब्याह में और औसर में कयी गुना फालतू में खर्च करते हैं जो कि ये इस्लाम के खिलाफ कर रहे है। हमें अपना पैसा सोच समझ कर खर्च करना चाहिए। हमारी सहायता सरकार करे या ना करे ये कोई जरूरी नही है, मगर हमें जो अल्लाह पाक ने जो दिमाग़ दिया है उसके ज़रिए जरूर सोच समझ कर कदम उठाएं।
आज भारत का मुसलमान किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि बहुत सारे क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है, कारण बस एक ही है वो है शिक्षा। हम लोग अपने परिवार के सदस्यों को शिक्षा हासिल नहीं करवाते हैं। अगर हमारे पास शिक्षा होती तो हम लोग राजनीति में चले जाते, हम लोग बहुत सारी नोकरियों में बड़े बड़े पदों पर चले जाते, हम लोग निजी क्षेत्र की कंपनियों में चले जाते, हम लोग बड़े बड़े बिजनेस मैन बन जाते थे, लेकिन हमने शिक्षा के ऊपर कभी भी महत्व नहीं दिया, अगर महत्व दिया होता तो आज ये हालात नही होते हमारे।
आज सरकार आरक्षण गरीबों को दे रही है, जैसे sc st को दिया, लेकिन उस आरक्षण से भील और मेघवाल समाज का भला नही बल्कि मीणा जाती का भला हुआ। क्योंकि मीणा सबसे ज्यादा है, और भील सबसे कम अनुपात में है इसलिए उस आरक्षण का फायदा मीणा जाती को मिल रहा है। वही आरक्षण OBC कोटे से अल्पसंख्यकों को भी आरक्षण दिया गया है, लेकिन उस आरक्षण का फायदा जाट समुदाय को मिल रहा है, और मुसलमानों का अनुपात बहुत ही कम है। लेकिन उस आरक्षण का फायदा मेहनत करने वालों के लिए कोई मायने नहीं रखता।
आज में आप लोगो को सच्चर कमेटी की कुछ तथ्य बताने जा रहा हूँ, आप लोग इन तथ्यों पर गौर करें और अपने आप को समझने की कोशिश करैं मतलब मेहनत करें।
U. P. A सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जस्टिस राजेन्द्र सच्चर की अध्यक्षता में समीति गठित की थी। उन्होंने 403 पैज वाली रिपोर्ट 30 नवम्बर 2006 को लोकसभा में पैश की, और उस रिपोर्ट में क्या क्या खुलासा किये गए हैं जो आप को जानना बहुत जरूरी है। बता दे ं इस समीति में तीन मुस्लिम सदस्य भी थे
सय्यद हामीद, ज़फ़र महमूद, और डो अबुसलेह शरीफ।
1.6-14 वर्ष के बच्चे 75 प्रतिशत विद्यालय छोड़ देते हैं।
2.17 वर्ष के बच्चे 26 % 10 वीं पास करते हैं।
3. 50 % 8 वीं पास करते हैं।
4. 62% 12 वीं उत्तीर्ण करते हैं।
5.मुसलमानो की कुल आबादी का 4.9 % सरकारी नोकरी में है।
6. 3.2% उच्च पदों पर लोग है, जबकि दलित जैसी जातियों में 15 %लोग सरकारी उच्च पदों पर है।
7.पुलिस कांस्टेबल में मात्र 6% ही मुस्लिम है ।
8.परिवहन क्षेत्र में 4.4% ही है।
9. रेलवे में 6.5 सरकारी कर्मचारी है।
9
10.बैंक में 4.5% ही सरकारी कर्मचारी हैं।
11.जो मुस्लिम लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं उन लोगों में 62% लोग ऐसे है जिनके पास पट्टा सुदा ज़मीन भी नहीं है।
12.100 में से 33% लोगों के पास ही रोजगार है, बाकी के सब बेरोजगार है।
13.भारत में 584 कुल मुसलमानो की जातियाँ हैं, जिनमें 80 जातियाँ पैशागत या जातीय कार्य करती है जो कि सख्त पिछड़ी जातियाँ हैं।
सच्चर समिति द्वारा दिए गए सुझाव-
मुस्लिम बहुल इलाकों में स्कूल, आई टी आई, पोलोटेक्निक कोलेज। मुसलमानो को छात्रवृत्तियां देना, बैंक शाखाएँ उपलब्ध करवाना ,ऋण सुविधा उपलब्ध करवाना । रंगनाथ मिश्रा जी की कमेटी का प्रमुख सुझाव था कि मुसलमानो को अल्पसंख्यक कोटे से 10 फीसदी आरक्षण देना।
जब कांग्रेस सरकार ने इस रिपोर्ट को लोकसभा में पैश किया गया तब लोकसभा सदस्यों से प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के बारे में ली गयी तब भाजपा के कयी सदस्यों ने इस रिपोर्ट के बारे में विरोध किया
#गिरिराज - अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त होना चाहिए मुसलमानो का।
#शिवराज सिंह चौहान- ये रिपोर्ट साम्प्रदायिकता की भावना को बढ़ावा वाली रिपोर्ट है, इस को नहीं लागू करना चाहिए।
#दीन दयाल उपाध्याय- मुसलमानो को परिषकृत करने की जरूरत है।
#सावरकर - मुसलमान और ईसाई भारत के नहीं है ब्लकि ये लोग बाहर के है।
तो दोस्तों ये थी कुछ सच्चर समिति की सिफारिश और खुलासे, और उस समिति की प्रति क्रिया भी आप लोगो ने पढ ली है, जो लोग भाजपा को वोट देते हैं वो सावधान और जो बाकी पार्टियों के वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल होते हैं वो भी सावधान। तो दोस्तों में आप से गुजारिश करना चाहता हूँ कि आप लोग अपने भाई बहनों और संतान को दुनिया की तालीम और दीनी तालीम जरूर दिलावें, ता की आप का बच्चा एक बड़ा अफसर तो न पर छोटा सा कर्मचारी जरूर बनेगा, फिर उसी रास्ते धीरे धीरे प्रगति भी कर लेगा । आज हम मुसलमान फालतू के खर्चे ज्यादा करते हैं, अपने पास हिसाब किताब निश्चित नहीं रहता है, हम लोग शादी ब्याह में और औसर में कयी गुना फालतू में खर्च करते हैं जो कि ये इस्लाम के खिलाफ कर रहे है। हमें अपना पैसा सोच समझ कर खर्च करना चाहिए। हमारी सहायता सरकार करे या ना करे ये कोई जरूरी नही है, मगर हमें जो अल्लाह पाक ने जो दिमाग़ दिया है उसके ज़रिए जरूर सोच समझ कर कदम उठाएं।
भाईयों आप लोगो से गुजारिश है कि मेरी बात को आप आगे तक पहुंचाए और सुझाव भी दे मुझे। धन्यवाद🙏💕 शुक्रिया।
में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर।
में आप का दोस्त लेखक मुराद खान जयसिंधर।
Masha Allah brother
जवाब देंहटाएंShukriya bhai shab
हटाएंVah... gajb.. dost.. good fect
जवाब देंहटाएंधन्यवाद🙏💕 भाई सुझाव लिखने के लिए।
जवाब देंहटाएंShaandar bhai.
जवाब देंहटाएंYou are doing a great work for society empowerment