तापमान Temperatur

जी हाँ दोस्तों👭👬👫 आज में आप के सामने एक नया अध्याय लेकर हाज़िर हुआ हूँ, वो है तापमान। आज हमारे वातावरण में कितने डिग्री सेल्सियस तापमान पाया जाता है इस पर कभी मालूम किया या नहीं। तो आज में इस पर बात करना चाहता हूं। 
आज हमारे वातावरण का तापमान क्यों बढ रहा है?  क्या कारण है इसका? 
तो आइये इस के बारे में आप को बताने जा रहा हूँ, क्योंकि हमारे वातावरण में पेड़🌳🌲🌳🌴 पोधों की भयंकर😱 कमी के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। आज हम पेड़ों का उपयोग आए दिन☀ अंधाधुंध से करते आ रहें हैं, जिससे पेड़ों की संख्या कम हो रही है। आज पेड़🌳 पोधों के अनेक उपयोग हो रहै है, जेसे फर्नीचर, कुर्सी, टैबल, कागज, पलंग, रसोई सामान, इत्यादि। 
हम पेड़🌳 पोधों पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर है, क्योंकि बिना पेड़🌳 पोधों के जीवन भी दुष्कर है। जी हाँ हमें खाने से लेकर पहनने तक हम पेड़ों पर निर्भर है, फिर भी हम हम इन पेड़ों का उपयोग अंधाधुंध से कर रहे हैं, हमें इन की चिंता बिलकुल भी नहीं है, पेड़ों की कमी के चलते हमें ज़रा भी फिक्र नही है। पेड़🌳 पोधों की भयंकर कमी के कारण निम्नलिखित परिणाम सामने आ रहे हैं- 
1.तापमान का बढना। 
2.बरसात की भयंकर कमी। 
3.सूखी वनस्पति। 
4.जल की भयंकर कमी। 
5.गर्म लू का अत्यधिक चलना। 
पेड़🌳 पोधों से न जाने क्या सामग्री क्या क्या सामग्री मिलती है जिसकी वजह से इन्सान पैड़ो  को काट रहा है। तापमान का बढना और बरसात का न होना ये मुख्य कारण है उस क्षेत्र में पेड़ पोधों की कमी। प्रकृति🌿🍃 का हर प्राणी पेड़🌳 पोधों पर निर्भर है, चाहे प्रत्यक्ष रूप से हो या अप्रत्यक्ष रूप से, लेकिन वो पैड़ो को जरूर प्रभावित करता है।

पेड़🌳 पोधों से मिलने वाली सामग्री। 
फल-फूल, अनाज, लकड़ी, आक्सीजन, छाया, ओषधि आदि। 
ये सारी वस्तुएँ हमें पेड़ पोधों से मिलती है और हम इसका सदुपयोग तो करते हैं लेकिन पेड़ों का भयंकर😱 दुरूपयोग भी करते हैं। कभी हमने एक पेड़ लगाने की सोची भी नहीं है न जाने कितने समय में एक नया पोधा पैड बनता है , प्रकृति🌿🍃 से हर प्राकृतिक वस्तु का उपयोग तो कर रहे है मगर इस का दुरूपयोग तो भी कर रहे हैं। लेकिन प्रकृति की वस्तु को कभी सींचने के बारे में सोचते तक भी नहीं है। न जाने कैसा समय आ गया है  प्रकृति🌿🍃 हमें खाने के लिए दे रही है हम आराम से खा रहे हैं और, प्रकृति🌿🍃 शान्त अवस्था में बैठी हूई है। उस बिचारी की ज़बान है नहीं आखिर बोले तो बोले कैसे। हाँ एक बात है वो बोलती नहीं है मगर अहसास जरूर करवाती है मानव, मानव समझ भी रहा है, लेकिन उसकी पीड़ा की तरफ कदम नहीं बढ़ा रहा है। 
                 विनम्र  अपील 

आप समस्त भाईयों और बहनों से निवेदन🙏😊 है कि पैड पोधों को बचाया जाए और इनका संरक्षण किया जाए, ये पेड पोधै अमूल्य है, इनकी दैखभाल करें ।अपने घरों में और खतों में एक पेड़ पोधा जरूर लगाएं। 


धन्यवाद🙏💕 में आप का दोस्त लेखक, वक्ता, स्वतंत्र विचारक  मुराद खान। 


   ।। जय हिंद जय भारत।।


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