मिट्टी का बर्तन

दोस्तों सलाम आदाब आज मैं आपको एक नए प्रयोग  की ओर ले जा रहा हूं क्योंकि आज उस पेशेवर जाति के पास ले जाता हूं जो मिट्टी के बर्तन बनाते हैं ।हर इंसान के दिमाग में यह प्रश्न उठता है कि ,मिट्टी के बर्तन जो बनाते हैं वह कुमार जाती है । लेकिन वह बर्तन को घड़े को उसका रूप कैसे देते हैं ,?उसको पकाते कैसे हैं? मिट्टी कहां से लाते हैं? चित्रकारी कैसे करते हैं य?दिमाग हर आदमी के दिमाग में उपस्थित होता है तो आइए मैं आपको यह सारी स्तिथि क्लियर करवा देता हूं।
कुम्हार के बर्तन बनाने की कार्य की कारीगरी विश्व प्रसिद्ध अपने आप में अद्भुत है। वाकई इस दुनिया में कुम्हार जितनी कोई मेहनत नहीं करता होगा ,क्योंकि जितने कुमार की मेहनत है उतना फल कुम्हार को नहीं मिल पाता है।
तो आइए मिट्टी के बर्तन कैसे बनाते हैं?
सबसे पहले कुमार मिट्टी लेने के लिए बहुत दूर जाता होगा वह मिट्टी हर जगह उपलब्ध नहीं होती है वह ऐसी जगह होती है जहां कोई पुराने जमाने में कोई तालाब हो या कोई टोबा हो तो वहां बहुत गहराई में मिट्टी मिलती है जो चिकनी मिट्टी होती है उस मिट्टी को ऊंट गाडा या गधे पर लादकर मिट्टी लाता है उसके बाद मिट्टी को कूटकर शंकर आटे की तरह गोदकर तैयार करता है फिर उस मिट्टी को जैसा रूप देना चाहे जैसा आकार देना चाहे तो वह दे सकता है क्योंकि जैसा बर्तन बनाना है उसे हिसाब से वह मिट्टी के पेड़े मिट्टी के ढेले बनाकर इकट्ठे करता है फिर बर्तन बनाने की मशीन होती है जिसको बोलते हैं उसको एक गोल आकृति होती है उसको लकड़ी से घुमाया जाता है फिर उसके ऊपर कोई सा भी बर्तन बनाना हो चाहे घड़ा हो या मटका हो कोई अन्य बर्तन हो आकार में बर्तन को रूप दे दिया जाता है
फिरौन बर्तनों को कुछ सूखने दिया जाता है फिर कुमार उन बर्तनों को अपने गोद में लेकर उनके अंदर एक गोल पत्थर होता है जिसको कुनेरा बोलते हैं ऊपर दूसरे हाथ में एक हाथ की आकृति की भरी होती है जो लकड़ी की बनी होती है उससे कूट-कूट कर बड़ा करते हैं इसी तरह पूरा दिन लग जाता है घुटने में फ्रेंड बर्तनों को बर्तनों में चित्रकारी की जाती है महिलाओं द्वारा किरण को पकाया जाता है

वतन का पैगाम

                       वतन का पैगाम
1
   हुब्बुल वतन है ईमान
   इसकी हिफाजत करना है ईमान

2
   वतन को मुसीबत से बचाना है ईमान
    वतन को अपनी जान समझना ईमान

3
   चाहे जंग हो या सामाजिक  मामला
   मगर राह ए वतन नेक काम है ईमान

4 कानून के मुताबिक  वतन कौ अव्वल रखना  ईमान
   आईन को अपने दिल में रखना है ईमान

5 वतन के रखवाली करने वालों को मुराद  करता है       सलाम
   कोरोना महामारी से लड़ने वाले चिकित्सकों को         मुराद करता है सलाम।।



  •           जय हिंद जय भारत

कोरोना वायरस महामारी - मुस्लिम अवाम से इल्तजा

 कोरोना वायरस महामारी- मुस्लिम आवाम  से                                     इल्तजा
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कोरोना वायरस नामक महामारी ने पूरे विश्व में तांडव मचा रखा है | मैं इस वक्त मुस्लिम आवाम से  इल्तजा करता हूं कि केंद्र सरकार और,राज्य सरकार की दिशा निर्देशों की पालना करें |यह पूरे विश्व के लिए एक मुश्किल घड़ी है | इस मुश्किल घड़ी का सामना करें| सरकार की दिशा  निर्देशों के अनुसार चले| सरकार के हर पल का पल का हुकुम माने |नहीं तो यह समस्या हमारे लिए नासूर बन जाएगी| जो कोरोनावायरस में पीड़ित है ,चाहे  कोई भी जाति का हो ,कोई भी धर्म का हो सरकार ने  मुख्यमंत्री सहायता राहत कोष के लिए एक बैंक खाता खोला है, जो व्यक्ति अपने क्षमता के अनुसार उसमें अपने राशि दान कर सकता है |राज्य स्तर पर जिला स्तर पर अलग-अलग कमेटी बनाकर बैंक अकाउंट खाता भी खोला है ,जो भी भामाशाह है दानदाता है वह दान देकर अपना फर्ज निभाए  ताकि उसमें हमारा भी योगदान हो सके | उसका फायदा कोरोना वायरस पीड़ितों को मिल सके|

मैं सभी मुसलमानों से निवेदन करता हूं कि इस महामारी से अपने आप को बचा कर कर रखें| हर समय किसी गरीब की मदद करें और वैश्विक महामारी का सामना करते हुए हर पीड़ित की मदद करें जो मुसलमान अमीर है या दानदाता है, सरपंच है या प्रधान है या जिला प्रमुख है या डेलिकेट है या एमएलए है या एमपी है या राज्यपाल है किसी भी लेवल का आदमी या गवर्नमेंट सर्विस में है या प्राइवेट बिजनेस सर्विस में है बिजनेसमैन है पैसे वाला है जो लोगों को कुछ दे सकता है मदद कर सकता है वह कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के लिए मदद करें | बाकि सभी मुस्लिम अपने अपने स्तर के अनुसार पंचायत समिति या ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटी बनाकर सहयोग करें| सरपंच है जो ग्राम पंचायत के प्रतिनिधित्व है वह अपने पंचायत में हमारे  मिलकर  अपने लोगों के साथ मिलकर पंचायत में गरीब या कोई बीमारी से ग्रसित है ,उनके लिए खर्च करें पैसा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ गरीब व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके |जो गरीब आदमी है| जितनी मदद मुसलमान करेगा उनके माल में बरकत होगी अल्लाह पाक सखी को पसंद करता है और कंजूस को पसंद नहीं करता है क्योंकि सखी वह होता है जो अपना माल गरीबों को दान करता  है |जो लोग पीड़ित या मार हैं उनके लिए खर्च करता है तो ऐसे सखी या दानदाता को अल्लाह पसंद करता है पसंद करता है|

, यह वायरस बीमारी एक किसी इंसान के द्वारा पैदा नहीं की गई है |यह बीमारी कुदरत के तौर पर पैदा की गई है यह एक प्रकार की आपदा हैं| यह बीमारी कुदरत के तौर पर आई हुई है| यह कोई बीमारी न तो किसी धर्म को,  न किसी जाति को देखती है |यह बीमारी किसी का रिश्ता नहीं रखती है |और कई हमारे साथी ऐसे समझ  रहे हैं, कि यह बीमारी मुसलमानों के कुछ नहीं कर सकती है, मैं कहता हूं इस बीमारी में जो भी चपेट में आया उसको ले डूबूगी |इस से अच्छा है कि अपने आप को बचा कर रखें| और जो इस वक्त आप लोग सरकार का साथ दें| नई नहीं तो चाइना और इटली जैसे हालात पैदा होंगे| अपने घरों से बिना काम बिल्कुल बाहर नहीं निकलना ह|हमें भीड़ में इकट्ठा नहीं होना ही क्योंकि धारा 144 लागू है | क्योंकि आप बिना  वजह है बाहर जाएंगे तो पुलिस  वालों के डंडे भी  बरसेंगे, क्योंकि आपने बहुत सारे वीडियो देखे होंगे अलग-अलग चौराहे पर अलग-अलग शहरों के, पुलिस डंडे बरसा रही है जो लोग बिना  वजह है बाहर जा रहे पुलिस वाले डंडे बरसा  रही है|
       

भारत लोक डाउन -- प्राइम मिनिस्टर श्री नरेन्द्र मोदी

भारत लोक डाउन - प्राइम मिनिस्टर श्री नरेंद्र मोदी
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हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना   के चलते पूरे भारत को 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक लोक         डाउन रखा है| धारा 144 लागू है पुलिस प्रशासन मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है |अस्पताल, एटीएम पेट्रोल पंप खुले रहेंगे,बैंक ,किराना स्टोर, अन्य दफ्तर खुले रहेंगे| बाकी सभी प्रकार की दुकानें और सभी प्रकार की फैक्ट्रियां, कारखाने सब बंद रहेंगे |कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में तबाही मचा रखी है| हमारे देश में भी कम से कम 10 लोग  कोरोना की वजह से मर चुके हैं |बाकी स्थिति काफी सुधार में हो रहा है धीरे-धीरे |500 के पास मरीजों के ऊपर पॉजिटिव केस चल रहे| भारत  की राजधानी दिल्ली और राजस्थान राज्य में काफी सुधार आ रहा है| राजस्थान में  पिछले 12 घंटे से पॉजिटिव कोरोना का अभी तक पॉजिटिव केस नहीं मिला है ,यह अच्छी खबर आ रही है दिल्ली में 36 घंटे से एक भी करुणा का पॉजिटिस नहीं आया है, तो हर राज्य की सरकारें लोगों भी समय-समय पर दिशा निर्देश एवं जागरूकता अभियान चला रही है|  राज्य सरकारों ने और केंद्र सरकार ने पूरे देश में कर्फ्यू लगा रखा है |मीडिया जनता को जागरूक कर रही है ,प्रशासन जनता को जागरूक करने में लगा हुआ है |कोरोनावायरस के चलते आज शाम को हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भी घोषणा कर दी है कि 3 सप्ताह  तक लोक डाउन रखा गया है  | यह जनता का कर्फ्यू है और धारा 144 लागू है| उसको इसका कोई भी उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी| क्योंकि कोरोना का अभी परफेक्ट इलाज नहीं मिला है, सभी डॉक्टर कोशिश कर रहे हैं वैज्ञानिक कोशिश कर रहे हैं| और कानून तोड़ना सबसे बड़ा अपराध है| आपने आपका बचाव ही उपचार है | यह लॉकडाऊन  जनता का जनता के लिए जनता द्वारा सबको अनिवार्य कर दिया |  14 अप्रैल तक कोरोना से लड़ने के लिए अनावश्यक बाहर ना निकले| कोई जरूरी काम हो तो बाहर निकले| और अपने घरों में बैठे रहे अपने परिवार के साथ जिंदगी  बिताएं| अपने प्लानिंग बनाएं अपनी पढ़ाई करें अपने किताबों से मन लगाएं|  बिना फालतू मुसीबत मोल नहीं ले| और पुलिस प्रशासन की नजर नजर में नहीं आना चाहिए|

थैंक यू धन्यवाद बहुत-बहुत शुक्रिया जय हिंद जय भारत||

कोरोना वायरस कैसे फैलता है, CORONA VIRUS

कोरोना वायरस नामक बीमारी बहुत ही खतरनाक है ।  पूरा विश्व इस बीमारी की चपेट में आ चुका है । इस कू  बारे में अपने आप को बचाना बहुत ही जरूरी है ।पहली बात तो यह यह वायरस हवा में हवा मैं नहीं फैलता है। एक वायरस किसी कोरोना के संक्रमित व्यक्ति से फैलता है।,उसने अपने शरीर को कहीं पर छुआ है या कोई उसने ऐसी चीज पकड़ी हो उसके तुरंत बाद हम लोगों ने उस चीज को छुआ तो हो सकता है वह हमारे भी हो सकता है । क्योंकि जिस चीज पर यह जो वायरस फैलता है कोरोना का मरीज   किसी वस्तु को छूता है तो  उस वस्तु पर 10 से 12 घंटे तक वह वायरस एक्टिव रहता है । उसके बाद डीएक्टिवेट हो जाता है। अगर हमने उस वस्तु को छुआ है तो उसके बाद तुरंत हाथ धोने से  या साबुन से हाथ धोने से वह खत्म हो जाता है । अगर हमने हाथ नहीं धोऐं तो वह हाथ हमारे चेहरे या मुंह पर किसी भी भाग पर पर टच होते हैं तो हमसे संपर्क हो सकता है।
 बीमारी में शामिल हो जाते हैं।
 यह  वायरस एक व्यक्ति के  पास में बैठै व्यक्ति के संपर्क में हो सकता है । छींकने वाले व्यक्ति को यह सावधानी रखनी है, की वह अपने मुंह पर रुमाल या टिशू पेपर से ढके । ताकि पास में बैठे व्यक्ति को दखल ना हो।
# इस  वायरस मैं  अभी आपको यह सावधानी        रखनी जरूरी है -
1.आप लोग अपने घरों से बाहर ना निकले।
 2.अपने आसपास की जगह को साफ रखें।
 3.अपने हाथ और मुंह बार बार धोएँ। कोई भी कार्य      करते हो तो तुरंत बाद में  हाथ जरूर धोएं।
4. किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में न जाए उनसे दूरी      बनाए रखें।
5. अपने मुंह पर रुमाल  या टिशू पेपर लगाना चाहिए।6. अगर किसी अपने परिवार में या रिश्तेदार में किसी    को  स्वास्थ्य संबंधितकोई परेशानी है  तो तुरंत ही   नजदीकी अस्पताल में जाकर इलाज करवाएं।
7.घर से अनावश्यक बाहर ना निकले।
8.प्रशासन की गाईड लाईन का जरूर ध्यान रखें।
9.समय समय पय अपने आप को अपडेट रखें।
10.लोगों की हर समय मदद करें।
11.जनता कर्फ्यू का ध्यान रखें, धारा 144 का ध्यान        रखें

              कोरोना के लक्षण

1. नाक में पानी बहना।
2. गले में खराश होना।
3.खासी होना।
4.बुखार आना।
5.सांस  लेने में तकलीफ होना।

 कोरोना वायरस से  बिल्कुल ना घबराएं इसका इलाज बचाव ही उपचार है। आपको जरूर जरूर सावधानी रखनी चाहिए।


Corona virus, World🌏 Alert 🚨

कोरोना वायरस को लेकर विशैष जानकारी
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लेकर भारत भी अलर्ट मोड पर है ।भारत और सरकार राज्य सरकारों ने देश में चल रही सभी प्रकार की परीक्षाएं ,स्कूल, कॉलेज ,सिनेमाघर ,होस्टल. वगैरह मदरसे, मस्जिदें, दरगाहें, मंदिर,सम्मेलन किसी भी प्रकार के भीड़भाड़ वाले संस्थान बंद करा दिए हैं। 30 मार्च तक किसी प्रकार का सार्वजनिक कार्य नहीं होगा। केंद्र सरकार हमारे भारतीयों को अलर्ट मोड पू रखा है।हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री जी ने भी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू रखा है ।,इसमें सभी को सहयोग करने की आवश्यकता है ।भारत सरकार व राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि ,आप लोग इस वायरस से बिल्कुल ना घबराएंं और अपने आप को बचाए और सक्रिय रखें ।दूसरों की हर समय मदद करें । अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज स्पष्ट रूप से नहीं निकला है ।इसका इलाज बचाव ही उपचार है । हर देश के निवासी अपने अपने देश में डॉक्टर और वैज्ञानिक
ऐन्टी प्रतिरोधक दवाओं की खोजबीन चल रही है 
कोरोना वायरस को लैकर पूरा
विश्व अलर्ट मोड पर है । यह बीमारी चाइना के वुआन शहर से शुरू हुई थी, आज पूरी दुनिया में तांडव मचा रखा है । दुनिया के कुछ ऐसे शहर जहां भीड़-भाड़ इतनी होती की पैर रखने की जगह नहीं मिलती। आज वो भीड़भाड़ वाले शहर कोरोना कै  कारण वीरान नजर आ रहे हैं ।कोरोना को लैकर दवाओं की खोज कर रहे हैं। एंटी  प्रतिरोध दवाइयां बना रहे हैं। भारत में कोरोन वायरस के लगभग  केस 200 के पॉजिटिव पाए गए हैं और 4 की मौत हुई है अभी तक और स्थिति गंभीर होती जा रही है, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है 31 मार्च तक सभी प्रकार के इंस्टिट्यूट  शहर भीड़भाड़ वाले संस्थान बंद रहेंगे। इस महत्वपूर्ण जानकारी को आप आगे फॉरवर्ड करें, और सरकार और प्रशासन का के द्वारा जो भी सूचना आती है, आप तुरंत उसका फॉलो करें ।उनके नियमों का उल्लंघन न करें । सरकार जनता के हित में और जनता के कल्याण के लिए यह कार्य करती है।

 धन्यवाद आप इस समाचार को आगे से आगे फॉरवर्ड करें।

शाहीन बाग!!

दोस्तों सलाम आदाब।आज मैं आपके सामने एक नया अध्याय लेकर हाजिर हुआ हूँ, जो.शाहीन.बाग के नाम से प्रचलित है।
आज तकरीबन दो.महीने हो चुके है देश में सी.ए.ए लागू हुआ है।ये कानून लोकसभा में तो पास हो चुका है, राज्यसभा मे भी पास हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।अब यह कानून भी बन चुका है ।ये कानून अपने आप मैं गलत है और अधूरा है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हुए प्रताड़ित लोगों के लिये हैं, उनमें से हिंदू, सिख,बौद्ध, जैन, पारसी ईसाई इन छः धर्मों के लिए है बाकी.मुसलमानों का.नाम नहीं है,क्योंकि मुसलमानो की कोई. जरूरत नहीं है।

इन.लोगों की मुसलमानो के प्रति क्या है योजना?
इन्होंने देश के आसाम राज्य में एन.आर.सी करवाया उद्देश्य ये था कि मुसलमानों को बाहर खदेड़ना लेकिन इनका सपना उल्टा पड गया।19 लाख लोग एन.आर.सी से बाहर हो गए उनमें से 14लाख गैर मुस्लिम थे बाकी 5 लाख मुस्लिम जो एन आर सी से बाहर हो गए।अब ये आसाम की एन आर सी इन के गले पड़ गयी।तब इन लोगों ने विचार करके देश मैं सी.ए.ए लाया जाए ताकि देश मैं एन आर सी होगी तो अपने लोगौ को सी.ए.ए के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र दे देंगे।बाकी डिटेन्शन सेन्टर मैं सिर्फ और सिर्फ मुसलमान ही रहेंगे।

लेकिन ये सरकार देश मैं उस समय एन.आर.सी ला रही हैं जब मुल्क की जी.डी.पी 4%से नीचे लुढकी है।हर क्षेत्र मैं मंहगाई का दौर चल रहा।जनता को जवाब देने के लिये इनके पास कुछ नहीं है,यूवा बेरोजगार है ,

इन्तजार मत करो, कोशिश जारी रखें

दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब, आज के मेरे अध्याय का मतलब ये है कि बिना संघर्ष के काम कभी सफल नहीं होता।क्योंकि डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इन्तज़ार करनै वाले को उतना ही मिलता जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है।जी हां बिलकुल सही बात है, हमारे मुल्क कौ आजाद होने मैं 70साल से ऊपर हो चुके है, लेकिन आज भी हम मुसलमानों की स्थिति है जस की तस हैं।  क्योंकि हम लोगों ने भारत आजाद होने से लेकर अब तक उतना संघर्ष ,उतने कंपटीशन नहीं करें जितने अन्य कौम ने करें। इसलिए हमको उतना ही फल मिला जितना कोशिश करने वाले पीछे छोड़ चुके  है। आज भारत के अंदर भाजपा सत्ता  में जोकि मुसलमानों के खिलाफ आए दिन कानून पास करवा रही है, क्योंकि उनकी अपनी  बहुमत हैं।उनके सामने अपने लोग मुसलमान लोग अलग-अलग सड़कों में बैठे हुए इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन प्रभाव यह पड़ता है कि मुसलमानों के पास शिक्षा नहीं है, बड़े-बड़े विभागों में मुसलमानों का प्रतिशत बिलकुल कम है। इसलिए आज मुसलमानों के खिलाफ यह आवाज उठ रही है। और मुसलमान नींद में सो रहा है, तो डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इंतजार करने वालों को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते। सही बात है कि आज हमारे मुल्क को आजाद करने में 70 साल से अधिक समय लग चुका है। स
इस मुल्क  को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका मुसलमानों की ही रही है। मुसलमान अपने वतन के प्रति प्रेम रखता है और इसका एक सबूत है इंडिया गेट पर सबसे ज्यादा शहीद होने वाले मुसलमानों के नाम लिखे हुए ।जब तक हम अपने उद्देश्य अपने कर्म अपने ।लक्ष्य के प्रति मुसलसल मेहनत कोशिश जज्बा हिम्मत नहीं रखेंगे तब तक हम अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे कोई भी काम कितना भी आसान और कितना भी मुश्किल क्यों न हो उन सब के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां तक कि मैं कहूं खाना खाना भी एक कठिन काम है ।क्योंकि खाने का लुकमा  मुंह में डाल दो लेकिन बगैर चबाए निगल नहीं जाता है ।यह बात सत्य है। मैं मुसलमानाने हिन्द से अपील करता हूं आपको अपना दैनिक कार्य करते हुए अपने काम की अपने परिवार की अपने समाज के दर्द को भी समझ लिया करें। उनकी जरूरतों को भी समझें शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें आगे लाएं या उनको किसी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत है तो उनकी वह सहायता आप लोग पूरी करें। अगर हम एक दूसरे को शिक्षा के प्रति आगे नहीं बढ़ाएंगे ,जागरूक नहीं करेंगे, सकारात्मक कार्य के प्रति उनको जागरूक करना होगा।

आज के मुस्लिम अध्यापको से मेरी खास अपील।

मुस्लिम अध्यापकों से एक अहम अपील 


दोस्तों आज की बात मैं मुस्लिम अध्यापकों से विशेष अपील करना चाहता हूं । मुस्लिम  अध्यापकों से अपील इसलिए करना चाहता हूं, क्योंकि जो अध्यापक है वह समाज को कहेंं न कहेंं प्रत्यक्ष रूप से समाज को आगे ले जाने का काम करते हैंं। शिक्षा हर व्यक्ति को हासिल करनी चाहिए । शिक्षा से ही इंसान का, परिवार का ,एवं समाज का नाम रोशन  होता है । लेकिन समाज के परिवार के बच्चों को शिक्षा देने का काम कौन करता है?  यह काम एक सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों में एक अध्यापक हैंं, वही इन बच्चों को शिक्षा देते हैं। वे  बच्चे शिक्षित होकर आगे बढ़ते हैं। अपना नाम अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करते हैं । आज का समय बहुत ही नाजुक चल रहा है ,आप लोग इस मुल्क में हो रही तबाही और बर्बादी का मंजर अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं । जोकि  हमारे दिल को झकझोर कर देता है । आज भी मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा अगर कोई सरकारी कर्मचारी है , तो वह अध्यापक है , क्योंकि चार से पांच परसेंट मुस्लिम अध्यापक हैं बाकी कर्मचारियों का इतना प्रतिशत नहीं है ,मुसलमानों में सबसे ज्यादा अगर नोकरी का अनुपात देखा जाए तो  अध्यापक पद पर सबसे ज्यादा मुस्लिम ही हैंं ।यह अपील में इसलिए करना चाहता हूं आप जिस स्कूल में है। उस स्कूल में रहकर तन मन धन के साथ उस स्कूल में आने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उनको शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास  की भी शिक्षा दें ,और साथ में आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति उनका ध्यान आकर्षित करवाएं ।ताकि उनका शिक्षा के प्रति रुझान ज्यादा बढ़ेगा , इससे वे छात्र मन लगाकर पढ़ाई के प्रति सक्रिय रहेंगे । इस पहले से बच्चों में उत्सुकता बनी रहेगी और बच्चे अच्छी तैयारी करके आगे पढ़ेंगे बढ़ेंगे अच्छे पदों को सुशोभित करेंगे और अपना नाम देश में रोशन करेंगे । वे  लोग राष्ट्रहित में सच्ची सेवा करेंगे यह मेरी अपील सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों के समस्त अध्यापकों से है । आप लोभ लालच को छोड़कर अपने स्वार्थ को छोड़कर अपने समाज को आगे लाने का काम करें आगे लाने के लिए बच्चों को शिक्षा के प्रति गाइडेंस करें ,अथवा मार्गदर्शन दे ।उन बच्चों को बुरी बातों से ,गंदी बातों से या गंदी आदतों से बचाकर अच्छे कामों में अच्छी शिक्षा में और शिक्षा के महत्व को बता कर शिक्षा के प्रति जागृत करें । समाज में फैली बुराइयों , कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास करें ।इस तरह आप अपना  कीमती वक्त इमानदारी ,संघर्ष के साथ इन बच्चों पर देंगे तो मैं समझता हूं यह बच्चे आपको दुआ देंगे उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

 मैं समझता हूं आप सब समझदार लोग हैं जो कि आज के वक्त को समझ रहे हैं ,आज की कंडीशन को परख रहे हैं ,और शिक्षा के महत्व को, कंपटीशन के महत्व को समझ चुके हैं ,इसलिए आप लोग कहीं भी है, कहां भी रहते हो अपने स्कूल में आने वाले प्रत्येक बच्चों पर विशेष तवज्जो देते होंगे । और वे बच्चे शिक्षा के प्रति जागृत होंगे। शिक्षा के महत्व को समझकर आगे बढ़ते रहेंगे । एक न एक दिन सरकारी नौकरी में देश की सेवा करते होंगे ।आज के दौर में इस मुल्क में शिक्षा के प्रति पिछड़ी हुई कौम  है तो, वह मुसलमान है उसके दूसरे नंबर दलित कौम  है । पिछड़ने का मकसद एक ही है शिक्षा की कमी ।अगर जिस कौम के पास शिक्षा है। वह आज हमारे मुल्क को अपनी उंगलियों पर देश को नचा रही है । देश में तरह तरह की घटनाएं घट रही है, लेकिन उस मुल्क के जिम्मेदार आज शांत बैठे हैं ।यह बात मैं इसलिए कहना चाह रहा हूं आप विशेष अध्यापकों को चाहै  निजी  अध्यापक हो ,चाहे  सरकारी अध्यापक हो, इस वक्त जो हमारे मुल्क के हालात बद से बदतर है आप सोचते होंगे सीएबी और एनआरसी की वजह से मैं कहता हूं । इसकी यह वजह नहीं है सीएबी और एनआरसी यह एक पर्दा है। इस पर्दे को खोल कर देखोगे या इसके पीछे देखोगे देश के  स्थिति गर्क    के रास्ते पर चली है ।वह देश की जीडीपी जो बहुत लो स्तर पर है ,लगभग तीन सौ कंपनियां बंद हो चुकी है ।और प्याज 120 किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। अब उसका दोस्त आलू भी ऊंचे दामों में बिकने लगा है। देश में हर तरह से वस्तुएं महंगी हो रही है ।पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते और घटते नजर आ रहे हैं । रसोई के गैस सिलेंडर महंगे हो रहे हैं। सरकार के पास कोई सिस्टम नहीं है देश को अपडेट करने के लिए और इन सब बुराइयों को छुपाने के लिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एनआरसी और सीएबी बिल धारा 370 वाला मसला तीन तलाक बिल बाबरी मंदिर और मस्जिद मसला यह सब खेल खेले रहे ।

 इन सब समस्याओं को देखकर मेरा दिल कांप रहा है , कि इस वक्त में हमें कैसे तैयार होना चाहिए ,उसके लिए मैंने एक छोटी सी अपील की है जो हमारे प्रिय अध्यापक चाहै  सरकारी स्कूल में हो , चाहै  निजी स्कूलों में हो वह अपने कॉम के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागृत करें ।शिक्षा के महत्व को समझाएं। ताकि वह बच्चे आगे जाकर अपना मुकाम हासिल कर सकें ।और अपने मुस्लिम बच्चों को दीनी तालीम जो उर्दू और अरबी की तालीम पर भी ध्यान आकर्षित करें ताकि वह बच्चा इलमेदीन पढ़कर इल्मी दुनिया को समझ सके।


बहुत बहुत धन्यवाद, जय हिंद जय भारत।।

      शुक्रिया तमाम दोस्तों का ।
ये लेख पढने और आगे शैयर करने के लिए।।


Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...