मुस्लिम अध्यापकों से एक अहम अपील
दोस्तों आज की बात मैं मुस्लिम अध्यापकों से विशेष अपील करना चाहता हूं । मुस्लिम अध्यापकों से अपील इसलिए करना चाहता हूं, क्योंकि जो अध्यापक है वह समाज को कहेंं न कहेंं प्रत्यक्ष रूप से समाज को आगे ले जाने का काम करते हैंं। शिक्षा हर व्यक्ति को हासिल करनी चाहिए । शिक्षा से ही इंसान का, परिवार का ,एवं समाज का नाम रोशन होता है । लेकिन समाज के परिवार के बच्चों को शिक्षा देने का काम कौन करता है? यह काम एक सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों में एक अध्यापक हैंं, वही इन बच्चों को शिक्षा देते हैं। वे बच्चे शिक्षित होकर आगे बढ़ते हैं। अपना नाम अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करते हैं । आज का समय बहुत ही नाजुक चल रहा है ,आप लोग इस मुल्क में हो रही तबाही और बर्बादी का मंजर अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं । जोकि हमारे दिल को झकझोर कर देता है । आज भी मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा अगर कोई सरकारी कर्मचारी है , तो वह अध्यापक है , क्योंकि चार से पांच परसेंट मुस्लिम अध्यापक हैं बाकी कर्मचारियों का इतना प्रतिशत नहीं है ,मुसलमानों में सबसे ज्यादा अगर नोकरी का अनुपात देखा जाए तो अध्यापक पद पर सबसे ज्यादा मुस्लिम ही हैंं ।यह अपील में इसलिए करना चाहता हूं आप जिस स्कूल में है। उस स्कूल में रहकर तन मन धन के साथ उस स्कूल में आने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उनको शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास की भी शिक्षा दें ,और साथ में आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति उनका ध्यान आकर्षित करवाएं ।ताकि उनका शिक्षा के प्रति रुझान ज्यादा बढ़ेगा , इससे वे छात्र मन लगाकर पढ़ाई के प्रति सक्रिय रहेंगे । इस पहले से बच्चों में उत्सुकता बनी रहेगी और बच्चे अच्छी तैयारी करके आगे पढ़ेंगे बढ़ेंगे अच्छे पदों को सुशोभित करेंगे और अपना नाम देश में रोशन करेंगे । वे लोग राष्ट्रहित में सच्ची सेवा करेंगे यह मेरी अपील सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों के समस्त अध्यापकों से है । आप लोभ लालच को छोड़कर अपने स्वार्थ को छोड़कर अपने समाज को आगे लाने का काम करें आगे लाने के लिए बच्चों को शिक्षा के प्रति गाइडेंस करें ,अथवा मार्गदर्शन दे ।उन बच्चों को बुरी बातों से ,गंदी बातों से या गंदी आदतों से बचाकर अच्छे कामों में अच्छी शिक्षा में और शिक्षा के महत्व को बता कर शिक्षा के प्रति जागृत करें । समाज में फैली बुराइयों , कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास करें ।इस तरह आप अपना कीमती वक्त इमानदारी ,संघर्ष के साथ इन बच्चों पर देंगे तो मैं समझता हूं यह बच्चे आपको दुआ देंगे उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।
मैं समझता हूं आप सब समझदार लोग हैं जो कि आज के वक्त को समझ रहे हैं ,आज की कंडीशन को परख रहे हैं ,और शिक्षा के महत्व को, कंपटीशन के महत्व को समझ चुके हैं ,इसलिए आप लोग कहीं भी है, कहां भी रहते हो अपने स्कूल में आने वाले प्रत्येक बच्चों पर विशेष तवज्जो देते होंगे । और वे बच्चे शिक्षा के प्रति जागृत होंगे। शिक्षा के महत्व को समझकर आगे बढ़ते रहेंगे । एक न एक दिन सरकारी नौकरी में देश की सेवा करते होंगे ।आज के दौर में इस मुल्क में शिक्षा के प्रति पिछड़ी हुई कौम है तो, वह मुसलमान है उसके दूसरे नंबर दलित कौम है । पिछड़ने का मकसद एक ही है शिक्षा की कमी ।अगर जिस कौम के पास शिक्षा है। वह आज हमारे मुल्क को अपनी उंगलियों पर देश को नचा रही है । देश में तरह तरह की घटनाएं घट रही है, लेकिन उस मुल्क के जिम्मेदार आज शांत बैठे हैं ।यह बात मैं इसलिए कहना चाह रहा हूं आप विशेष अध्यापकों को चाहै निजी अध्यापक हो ,चाहे सरकारी अध्यापक हो, इस वक्त जो हमारे मुल्क के हालात बद से बदतर है आप सोचते होंगे सीएबी और एनआरसी की वजह से मैं कहता हूं । इसकी यह वजह नहीं है सीएबी और एनआरसी यह एक पर्दा है। इस पर्दे को खोल कर देखोगे या इसके पीछे देखोगे देश के स्थिति गर्क के रास्ते पर चली है ।वह देश की जीडीपी जो बहुत लो स्तर पर है ,लगभग तीन सौ कंपनियां बंद हो चुकी है ।और प्याज 120 किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। अब उसका दोस्त आलू भी ऊंचे दामों में बिकने लगा है। देश में हर तरह से वस्तुएं महंगी हो रही है ।पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते और घटते नजर आ रहे हैं । रसोई के गैस सिलेंडर महंगे हो रहे हैं। सरकार के पास कोई सिस्टम नहीं है देश को अपडेट करने के लिए और इन सब बुराइयों को छुपाने के लिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एनआरसी और सीएबी बिल धारा 370 वाला मसला तीन तलाक बिल बाबरी मंदिर और मस्जिद मसला यह सब खेल खेले रहे ।
इन सब समस्याओं को देखकर मेरा दिल कांप रहा है , कि इस वक्त में हमें कैसे तैयार होना चाहिए ,उसके लिए मैंने एक छोटी सी अपील की है जो हमारे प्रिय अध्यापक चाहै सरकारी स्कूल में हो , चाहै निजी स्कूलों में हो वह अपने कॉम के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागृत करें ।शिक्षा के महत्व को समझाएं। ताकि वह बच्चे आगे जाकर अपना मुकाम हासिल कर सकें ।और अपने मुस्लिम बच्चों को दीनी तालीम जो उर्दू और अरबी की तालीम पर भी ध्यान आकर्षित करें ताकि वह बच्चा इलमेदीन पढ़कर इल्मी दुनिया को समझ सके।
बहुत बहुत धन्यवाद, जय हिंद जय भारत।।
शुक्रिया तमाम दोस्तों का ।
ये लेख पढने और आगे शैयर करने के लिए।।