शाहीन बाग!!

दोस्तों सलाम आदाब।आज मैं आपके सामने एक नया अध्याय लेकर हाजिर हुआ हूँ, जो.शाहीन.बाग के नाम से प्रचलित है।
आज तकरीबन दो.महीने हो चुके है देश में सी.ए.ए लागू हुआ है।ये कानून लोकसभा में तो पास हो चुका है, राज्यसभा मे भी पास हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।अब यह कानून भी बन चुका है ।ये कानून अपने आप मैं गलत है और अधूरा है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हुए प्रताड़ित लोगों के लिये हैं, उनमें से हिंदू, सिख,बौद्ध, जैन, पारसी ईसाई इन छः धर्मों के लिए है बाकी.मुसलमानों का.नाम नहीं है,क्योंकि मुसलमानो की कोई. जरूरत नहीं है।

इन.लोगों की मुसलमानो के प्रति क्या है योजना?
इन्होंने देश के आसाम राज्य में एन.आर.सी करवाया उद्देश्य ये था कि मुसलमानों को बाहर खदेड़ना लेकिन इनका सपना उल्टा पड गया।19 लाख लोग एन.आर.सी से बाहर हो गए उनमें से 14लाख गैर मुस्लिम थे बाकी 5 लाख मुस्लिम जो एन आर सी से बाहर हो गए।अब ये आसाम की एन आर सी इन के गले पड़ गयी।तब इन लोगों ने विचार करके देश मैं सी.ए.ए लाया जाए ताकि देश मैं एन आर सी होगी तो अपने लोगौ को सी.ए.ए के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र दे देंगे।बाकी डिटेन्शन सेन्टर मैं सिर्फ और सिर्फ मुसलमान ही रहेंगे।

लेकिन ये सरकार देश मैं उस समय एन.आर.सी ला रही हैं जब मुल्क की जी.डी.पी 4%से नीचे लुढकी है।हर क्षेत्र मैं मंहगाई का दौर चल रहा।जनता को जवाब देने के लिये इनके पास कुछ नहीं है,यूवा बेरोजगार है ,

इन्तजार मत करो, कोशिश जारी रखें

दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब, आज के मेरे अध्याय का मतलब ये है कि बिना संघर्ष के काम कभी सफल नहीं होता।क्योंकि डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इन्तज़ार करनै वाले को उतना ही मिलता जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है।जी हां बिलकुल सही बात है, हमारे मुल्क कौ आजाद होने मैं 70साल से ऊपर हो चुके है, लेकिन आज भी हम मुसलमानों की स्थिति है जस की तस हैं।  क्योंकि हम लोगों ने भारत आजाद होने से लेकर अब तक उतना संघर्ष ,उतने कंपटीशन नहीं करें जितने अन्य कौम ने करें। इसलिए हमको उतना ही फल मिला जितना कोशिश करने वाले पीछे छोड़ चुके  है। आज भारत के अंदर भाजपा सत्ता  में जोकि मुसलमानों के खिलाफ आए दिन कानून पास करवा रही है, क्योंकि उनकी अपनी  बहुमत हैं।उनके सामने अपने लोग मुसलमान लोग अलग-अलग सड़कों में बैठे हुए इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन प्रभाव यह पड़ता है कि मुसलमानों के पास शिक्षा नहीं है, बड़े-बड़े विभागों में मुसलमानों का प्रतिशत बिलकुल कम है। इसलिए आज मुसलमानों के खिलाफ यह आवाज उठ रही है। और मुसलमान नींद में सो रहा है, तो डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इंतजार करने वालों को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते। सही बात है कि आज हमारे मुल्क को आजाद करने में 70 साल से अधिक समय लग चुका है। स
इस मुल्क  को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका मुसलमानों की ही रही है। मुसलमान अपने वतन के प्रति प्रेम रखता है और इसका एक सबूत है इंडिया गेट पर सबसे ज्यादा शहीद होने वाले मुसलमानों के नाम लिखे हुए ।जब तक हम अपने उद्देश्य अपने कर्म अपने ।लक्ष्य के प्रति मुसलसल मेहनत कोशिश जज्बा हिम्मत नहीं रखेंगे तब तक हम अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे कोई भी काम कितना भी आसान और कितना भी मुश्किल क्यों न हो उन सब के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां तक कि मैं कहूं खाना खाना भी एक कठिन काम है ।क्योंकि खाने का लुकमा  मुंह में डाल दो लेकिन बगैर चबाए निगल नहीं जाता है ।यह बात सत्य है। मैं मुसलमानाने हिन्द से अपील करता हूं आपको अपना दैनिक कार्य करते हुए अपने काम की अपने परिवार की अपने समाज के दर्द को भी समझ लिया करें। उनकी जरूरतों को भी समझें शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें आगे लाएं या उनको किसी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत है तो उनकी वह सहायता आप लोग पूरी करें। अगर हम एक दूसरे को शिक्षा के प्रति आगे नहीं बढ़ाएंगे ,जागरूक नहीं करेंगे, सकारात्मक कार्य के प्रति उनको जागरूक करना होगा।

आज के मुस्लिम अध्यापको से मेरी खास अपील।

मुस्लिम अध्यापकों से एक अहम अपील 


दोस्तों आज की बात मैं मुस्लिम अध्यापकों से विशेष अपील करना चाहता हूं । मुस्लिम  अध्यापकों से अपील इसलिए करना चाहता हूं, क्योंकि जो अध्यापक है वह समाज को कहेंं न कहेंं प्रत्यक्ष रूप से समाज को आगे ले जाने का काम करते हैंं। शिक्षा हर व्यक्ति को हासिल करनी चाहिए । शिक्षा से ही इंसान का, परिवार का ,एवं समाज का नाम रोशन  होता है । लेकिन समाज के परिवार के बच्चों को शिक्षा देने का काम कौन करता है?  यह काम एक सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों में एक अध्यापक हैंं, वही इन बच्चों को शिक्षा देते हैं। वे  बच्चे शिक्षित होकर आगे बढ़ते हैं। अपना नाम अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करते हैं । आज का समय बहुत ही नाजुक चल रहा है ,आप लोग इस मुल्क में हो रही तबाही और बर्बादी का मंजर अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं । जोकि  हमारे दिल को झकझोर कर देता है । आज भी मुस्लिम समाज में सबसे ज्यादा अगर कोई सरकारी कर्मचारी है , तो वह अध्यापक है , क्योंकि चार से पांच परसेंट मुस्लिम अध्यापक हैं बाकी कर्मचारियों का इतना प्रतिशत नहीं है ,मुसलमानों में सबसे ज्यादा अगर नोकरी का अनुपात देखा जाए तो  अध्यापक पद पर सबसे ज्यादा मुस्लिम ही हैंं ।यह अपील में इसलिए करना चाहता हूं आप जिस स्कूल में है। उस स्कूल में रहकर तन मन धन के साथ उस स्कूल में आने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उनको शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास  की भी शिक्षा दें ,और साथ में आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति उनका ध्यान आकर्षित करवाएं ।ताकि उनका शिक्षा के प्रति रुझान ज्यादा बढ़ेगा , इससे वे छात्र मन लगाकर पढ़ाई के प्रति सक्रिय रहेंगे । इस पहले से बच्चों में उत्सुकता बनी रहेगी और बच्चे अच्छी तैयारी करके आगे पढ़ेंगे बढ़ेंगे अच्छे पदों को सुशोभित करेंगे और अपना नाम देश में रोशन करेंगे । वे  लोग राष्ट्रहित में सच्ची सेवा करेंगे यह मेरी अपील सरकारी विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों के समस्त अध्यापकों से है । आप लोभ लालच को छोड़कर अपने स्वार्थ को छोड़कर अपने समाज को आगे लाने का काम करें आगे लाने के लिए बच्चों को शिक्षा के प्रति गाइडेंस करें ,अथवा मार्गदर्शन दे ।उन बच्चों को बुरी बातों से ,गंदी बातों से या गंदी आदतों से बचाकर अच्छे कामों में अच्छी शिक्षा में और शिक्षा के महत्व को बता कर शिक्षा के प्रति जागृत करें । समाज में फैली बुराइयों , कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास करें ।इस तरह आप अपना  कीमती वक्त इमानदारी ,संघर्ष के साथ इन बच्चों पर देंगे तो मैं समझता हूं यह बच्चे आपको दुआ देंगे उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

 मैं समझता हूं आप सब समझदार लोग हैं जो कि आज के वक्त को समझ रहे हैं ,आज की कंडीशन को परख रहे हैं ,और शिक्षा के महत्व को, कंपटीशन के महत्व को समझ चुके हैं ,इसलिए आप लोग कहीं भी है, कहां भी रहते हो अपने स्कूल में आने वाले प्रत्येक बच्चों पर विशेष तवज्जो देते होंगे । और वे बच्चे शिक्षा के प्रति जागृत होंगे। शिक्षा के महत्व को समझकर आगे बढ़ते रहेंगे । एक न एक दिन सरकारी नौकरी में देश की सेवा करते होंगे ।आज के दौर में इस मुल्क में शिक्षा के प्रति पिछड़ी हुई कौम  है तो, वह मुसलमान है उसके दूसरे नंबर दलित कौम  है । पिछड़ने का मकसद एक ही है शिक्षा की कमी ।अगर जिस कौम के पास शिक्षा है। वह आज हमारे मुल्क को अपनी उंगलियों पर देश को नचा रही है । देश में तरह तरह की घटनाएं घट रही है, लेकिन उस मुल्क के जिम्मेदार आज शांत बैठे हैं ।यह बात मैं इसलिए कहना चाह रहा हूं आप विशेष अध्यापकों को चाहै  निजी  अध्यापक हो ,चाहे  सरकारी अध्यापक हो, इस वक्त जो हमारे मुल्क के हालात बद से बदतर है आप सोचते होंगे सीएबी और एनआरसी की वजह से मैं कहता हूं । इसकी यह वजह नहीं है सीएबी और एनआरसी यह एक पर्दा है। इस पर्दे को खोल कर देखोगे या इसके पीछे देखोगे देश के  स्थिति गर्क    के रास्ते पर चली है ।वह देश की जीडीपी जो बहुत लो स्तर पर है ,लगभग तीन सौ कंपनियां बंद हो चुकी है ।और प्याज 120 किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। अब उसका दोस्त आलू भी ऊंचे दामों में बिकने लगा है। देश में हर तरह से वस्तुएं महंगी हो रही है ।पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते और घटते नजर आ रहे हैं । रसोई के गैस सिलेंडर महंगे हो रहे हैं। सरकार के पास कोई सिस्टम नहीं है देश को अपडेट करने के लिए और इन सब बुराइयों को छुपाने के लिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एनआरसी और सीएबी बिल धारा 370 वाला मसला तीन तलाक बिल बाबरी मंदिर और मस्जिद मसला यह सब खेल खेले रहे ।

 इन सब समस्याओं को देखकर मेरा दिल कांप रहा है , कि इस वक्त में हमें कैसे तैयार होना चाहिए ,उसके लिए मैंने एक छोटी सी अपील की है जो हमारे प्रिय अध्यापक चाहै  सरकारी स्कूल में हो , चाहै  निजी स्कूलों में हो वह अपने कॉम के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागृत करें ।शिक्षा के महत्व को समझाएं। ताकि वह बच्चे आगे जाकर अपना मुकाम हासिल कर सकें ।और अपने मुस्लिम बच्चों को दीनी तालीम जो उर्दू और अरबी की तालीम पर भी ध्यान आकर्षित करें ताकि वह बच्चा इलमेदीन पढ़कर इल्मी दुनिया को समझ सके।


बहुत बहुत धन्यवाद, जय हिंद जय भारत।।

      शुक्रिया तमाम दोस्तों का ।
ये लेख पढने और आगे शैयर करने के लिए।।


C. A. B बिल और N. R. C लागू करने का भाजपा सरकार असली राज जानिए!


 दोस्तों सलाम आदाब आज मैं बात करने जा रहा हूं एनआरसी और सी ए. बी के बारे में, जोकि भाजपा सरकार इस एजेंडे को लागू कर रही है। इनके लागू करने के मकसद एक नई बल्कि बहुत सारे हैं, जो आपको मैंने फोटो दिया हुआ है उसमें जो जानकारी दी गई है वह सर्वमान्य है। भाजपा ने मुसलमानों 
के ईमान को कमजोर करने के लिए यह एक मुहिम चलाई है।मुसलमानों को इस मसले पर डरना नहीं चाहिए, बल्कि अपना ज़मीर जिन्दा करके भाजपा का जबरदस्त विरोध करना चाहिए। वास्तविक तौर पर देखा जाए तो यह मोहिम किसी एक मजहब के खिलाफ नहीं बल्कि भारत में रहने वाले सभी धर्मों के खिलाफ है, बल्कि यह संविधान के खिलाफ है। हिंदुस्तान में रहने वाले हर नागरिक को इसका जबरदस्त विरोध करना चाहिए। 

भाजपा और आर एस एस यही चाहता है की इस मुल्क को मजहब के नाम पर बांटा जाए हिंदू और मुस्लिम अलग हो जाएंं। एक और देश बनाया जाए यह उनकी मंशा है।

दूसरा इनका कारण है मुसलमानों के इमान  को कमजोर करके धर्म परिवर्तन करवाया जाए।

इस देश में मुसलमान 30करोड़ हैं ,उनमे से 15 करोड़ मुसलमानों का ईमान कमजोर है ,वे जबरन धर्म परिवर्तन करवा सकते हैं।(ये खुफिया जानकारी मिली है।)

कुछ मुसलमान जो की गरीब हैं उनके पास कागजात नहीं मिलेंगे।उनको डिटेन्शन मैं डाला जाएगा जोकि जैल से भी सख्त सजा मिलेगी।

इनका एक ओर मुख्य कारण सामने आ रहा है कि इस मुल्क को हिन्दू राष्ट्र बनवाया जाए।

इस के पीछे एक ओर कारण निकल रहा है कि, देश के अन्दर लम्बी राजनीति खेली जाए ।

एक ओर अहम बात है कि बाबा साहब का संविधान बदल कर नया संविधान लागू हो जाए।मुस्लिम, दलितों के अधिकार और कृर्त्व्य छीने जाए।

एक महत्वपूर्ण बात ये है भी कि मुसलमानों के कागजात या सबूत पैश नही कर पाएगा तो निम्न परिणाम होंगे-
1.उनकि संम्पति या जो भी कीमती सामान है वो सब छीना जाएगा।
2.उनको वोट देने का अधिकार छिन जाएगा।
3.आप को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि आप को डिटेन्शन केम्प मैं डाला जाएगा।
4.अगर कोई सरकारी कर्मचारी हैं तो उसको नोकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
5.आप का किसी भी बैंक में जमा धन राशि जब्त की जाएगी।
6.आप घुसपैठिया घोषित होने के बाद आप डिटेन्शन कैम्प मैं डाला जाएगा।

हिन्दुस्तान की अज़ीम अवाम से दर्द भरी अपील:-
इस मुल्क की मिसाल है,"सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं इस की गुलिस्तां हमारा।" 
ये मुल्क पूरी दुनिया से भी खूबसूरत है, इस को गंन्दा मत होने दो, मेरे गय्यूर नौजवानों, क्योंकि ये मुल्क चन्द गन्दे लोगों के हाथ में चला गया, बराए मेहरबानी करके इस मुल्क को बचा लीजिए।आज सत्ताधारी लोग इस हमारे खूबसूरत आईन ( संविधान) को बदलने मैं लगे हैं और देश को बर्बाद करके हिन्दू और मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर रहे हैं, जो की इस मुहिम मैं अभी पूर्ण रूप से सफल नहीं हुएं हैं, लेकिन उनका प्रयास जारी है,।आप अपना ईमान जिन्दा रख कर संघर्ष जारी व सारी रखें।

इस मसले पर सभी विपक्षी पार्टियों को मैदान में आकर इस एक्ट का पुरजोर विरोध करना चाहिए और जो छात्र और छात्राएँ संघर्ष संविधान बचाने का कर रही हैं उनका समर्थन करें।उनकी होसला अफजाई भी करें।
सभी मुसलमानों को अपने करोबार को एक तरफ करके बाहर मेदान मैं आकर इस एक्ट की पुरजोर तरिके से मुखालिफत करनी चाहिए।क्योंकि सोने वालों की मदद अल्लाह कभी मदद नहीं करता।

दोस्तों बराए मेहरबानी करके इस ब्लोग को आप पढ करके कमसे कम पांच वाट्सएप समुह मैं शैयर करें ,ताकी लोगों को नयी जानकारी मिलती रहे।

धन्यवाद शुक्रिया।।
   जय हिंद जय भारत।।।




Sarpanch of Ability

दोस्तों सलाम आदाब ,आज मैं बात सरपंचों की काबिलियत पर करने जा रहा हूँ। राजस्थान के हर ग्राम पंचायत मैं आज लॉटरी निकल चुकी है। जोकि आरक्षण प्रक्रिया जो पहले से चलती है वही आ रही है बल्कि जो नयी ग्राम पंचायत बनी है उनमें सबसे ज्यादा एससी एसटी की सीटें निकली है । बाकी जो पुरानी ग्राम पंचायत है उनमें ओबीसी और जनरल की सीटें निकली है । सरपंच पद के लिए हर युवा वर्ग और अनुभवी सरपंच वर्तमान में जो  सरपंच  पद पर है, वह अपनी ताकत अपना प्रचार प्रसार  अपनी ग्राम पंचायत में लगातार जारी है । सरपंच पद की दावेदारी के लिए लगातार हर आदमी अपना प्रचार प्रसार सोशल मीडिया के जरिए और व्यक्तिगत संपर्क साधने में लगा है, लेकिन सरपंच पद के लिए दावेदार होना और अपने आप को सरपंच घोषित करना आसान है। यहां तक मैं कहूं कि सरपंच बनना भी आसान है उसके बाद उस ग्राम पंचायत का विकास किस नजरिए से करना यह मुद्दा सबसे अहम है। क्योंकि ग्राम पंचायत का वास्तविक विकास करवाया जाए तो उस आदमी को कहते हैं सरपंच के काबिल है। लेकिन कई पढ़े-लिखे सरपंच लाखों करोड़ों रुपए खर्च करके सरपंच बन जाते हैं, लेकिन सरपंच बनने के बाद आगे ग्राम पंचायत में विकास कार्य की प्रणाली किस तरह से बनानी पड़ती है, और किस तरह से काम करना पड़ता है । यह उनके उनके जहन में ख्याल नहीं होता है ।वह लोग अपने किसी चहेतों का काम कुछ करते हैं ,लेकिन जो उनके खिलाफ होते हैं उनका वे लोग काम नहीं करते हैं ।ये  भेदभाव रखते हैं ,जोकि सबसे बड़ी इनकी गलती है या सरपंच पद का आदमी अपने आप को बड़ा एमएलए या एमपी समझकर पंचायत में जिस तरह काम होने चाहिए उस तरह से न करके वह अपनी मनमर्जी के मुताबिक काम करता है । उस गांव में किसी की भी नहीं सुनता है ,तो वह एक नाकाम सरपंच कहलाता है आपके नजरिए से काबिल सरपंच कैसा होना चाहिए ,उस कार्य मैं आपको विकास कार्यों की   सूची दे रहा हूं और जो सरपंच बन रहा है आपकी अपनी पंचायत में चाहे कोई भी पंचायत हो उसमें सबसे पहले आपको यह ध्यान रखें उस उम्मीदवार के बारे में की वह उम्मीदवार कैसा है - पढ़ा लिखा है ,अनुभवी है , अच्छे परिवार से हो,शिक्षित हो,सरपंच पद की जानकारी रखता हो, अधिकारियों से मिलनसार हो , आगे की रणनीति के बारे में सोचता हो, उस आदमी को आप सरपंच पद के लिए योग्य बनाएं ।उस आदमी से दूर रहें या उस सरपंच से जो ज्यादा पैसा खर्च करता हो, क्योंकि सरपंच पद में जो सरपंच आपका उम्मीदवार है । वह ज्यादा पैसे खर्च करके वोट खरीद के सरपंच बन जाता है ।याद रखना सबसे पहले अपनी भरपाई करेगा आपका विकास तो दूर की बात है। दूसरी बात वह पक्षपात वाला नहीं होना चाहिए । निष्पक्ष हो ,और ग्राम पंचायत में कितने तरह के कार्य कर सकता है ,और 1 साल का बजट ग्राम पंचायत का कितना है, और ग्राम पंचायत में क्या क्या कार्य कर सकता है, उनके अपने अधिकार उनकी अपने पंचायत में क्या भूमिका है ,इन सब पृष्ठभूमि को अगर वह जानता है तो उसको वोट देकर निष्पक्ष बनाकर विजय घोषित करें अन्यथा आपकी पंचायत की नैया डूब सकती है।
1.ग्राम पंचायत मैं जो व्यक्ति वास्तविक ग़रीब हैं जो उन्हें बी.पी.एल सूची मैं जोड़ा जाए।
2.राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा प्रत्यक्ष लाभार्थी तक पहुंचे।
3.ग्राम पंचायत मैं शिक्षा, चिकित्सा, एव पेयजल आपूर्ति की मूल भूत सुविधा  समुचित रूप से मिले । 
4.जहाँ आंगनबाड़ी की जरूरत हो तो वहां पर केन्द्र खोलिये, और उस सुविधा का लाभ जरूरतमंदो को मिलना चाहिए।
5.जिस घर मैं बिजली की व्यवस्था नहीं है तो उस गांव मैं सोर ऊर्जा बिजली की पूर्ति करनी चाहिए।
6.जिस गांव मैं पानी लाईन की व्यवस्था नहीं है तो सरपंच उस गांंव मैं पेयजल आपूर्ति  करवाए।
7.जिस घर मैं वाटर टैंक या मकान की जरूरत है तो तुरंत उस कार्य को करवाइये।
8.जिस घर मैं शौचालय नही बने हैं, वहां शौचालय बनाया जाए।
9.ग्राम पंचायत स्तर पल हाई स्कूल होना जरुरी है, वहां पर अच्छी तरह से शिक्षा का लाभ छात्रों को मिलना चाहिए, उस स्कूलो  मैं रिक्त पदों को भरा जाए।
बाकी छोटे छोटे गाँव मैं जनसंख्या और बच्चों की संख्या के मुताबिक विद्यालय क्रमोन्नत करवाना।


इस तरह के कार्य सरपंच अपनी पंचायत मैं निष्पक्ष रूप से करवाए तो उस आदमी को पंचायत का काबिल नेता या मसीहा के नाम से जाना जाएगा।और उसकी तारीफों के पुल बांधे जाएंगे।उस पंचायत के सरपंच की वाहवाही होगी।इसी तरह अपनी पंचायत और समाज का विकास का होगा ,तब जा के राष्ट्र मजबूत होगा।
ये है असली सरपंच जो सरपंच पद के काबिल है ।आने वाली पंचायतोंं मैं सरपंच पद के उम्मीदवार को  नेक ,ईमानदारी, निष्पक्ष, अनुभवी, लंबी सोच रखने वाले को सरपंच पद पर निर्वाचित करें। लोभ लालच के चक्कर मैं न आकर चन्द रूपयों मैं बिक न.जाएं ।

मुस्लिम अवाम से इल्तिजा

 दोस्तों नमस्कार आज मैं बात करने जा रहा हूँ,
मुस्लिम अवाम जो कि अभी हमारे मुल्क में हालात बहुत ही नाजुक चल रहे हैं।बता.दें ये हालात उस.वक्त से खराब हो रहे हैं जब से दुबारा भाजपा सरकार इस.मुल्क में सत्ता मैं आई.तब से लेकर आज तक ये सरकार उल्टे फैसले ले रही है जो की संविधान के खिलाफ कदम उठाती नजर आ रही है।आए दिन किसी एक वर्ग के खिलाफ निर्णय लेकर अपने दम पर फैसला लेकर उनकी आवाज को दबा रही है।धारा 370और 35ए को हटाना ।ये निर्णय एक विशेष मुस्लिम वर्ग को नजर मैं रख कर एसा कर रही हैं।उसके बाद तीन तलाक बिल लाया गया जो कि एक मुस्लिम वर्ग के खिलाफ लाया गया।उसके मंदिर और मस्जिद का फैसला पलट देना जो कि अपने आप मैं गलत था और गलत हैं भी इसमेँ कोई शक नहीं।
इतने तीन फैसले भारत मैं मुस्लिम धर्म के खिलाफ लिए और संविधान मैं कानून का रूप ले लिया,उसके बाद जब मुसलमानों ने धैर्य रखा ,तब भी इनको आनंद नही आया ,क्योंकि मुसलमानों को संविधान मैं इनका हक दबा कर एक अलग हाशिये पर धकेला जाए।उसके लिए इन्होंने एक महत्वपूर्ण योजना बनाई गई ,सबसे पहले देश के आसाम राज्य में एन आर सी लागू की तब मुसलमानों की तादाद मैं काफी कमी नजर आयी और गैर मुस्लिम की तादाद ज्यादा होने के कारण अपने ही लोग उस लिस्ट से गायब हो गई, तब उन्होंने ही इस एन आर सी  बंद करवाई ,उस के बाद सी.ए.बी बिल केबिनेट मैं पास करके लोकसभा मैं लाया गया, वहां से पास होते ही राज्यसभा में भी ब हुमत से पास हो गया।और कानून का रूप ले लिया ।ये कानून एक.कहावत के मुताबिक है "जिसकी हर्जी उसकी मर्जी','जिसकी लाठी उसकी भेंस 'यही हाल है हमारी सरकार का।
जब सी.ए .बी  बिल पास हो गया और देश की जनता जो जागरूक है उन्होंने इस कानून का पुरजोर विरोध किया और विरोध कर रहे है, लेकिन उन के सामने पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया गया किस हद तक सही हैं।ये किस हद तक सही है? देश आपसे सवाल पूछ रहा है।सी.ए .बी बिल मैं आप संविधान के खिलाफ भेदभाव कर रहे हैं और जो शर्राणार्थ हैं उनको आप नागरिकता प्रमाण पत्र दे रहे हो ये स्वागत योग्य हैं मगर किसी एक धर्म को आप दर किनार क्यों कर रहे हैं असली सवाल तो ये है.।आज लोग इस कानून से सब.लोग जागरूक हैं और ये मुस्लिम के खिलाफ नहीं बल्कि संविधान के खिलाफ हत्या है।बाबा साहब के द्वारा बनाया हुआ संविधान को ताक मैं रख कर अपनी मन.मर्जी के मुताबिक फैसले ले रहे हैं जो कि सरासर गलत है।एन.आर .सी लागू करने से मुसलमानों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा हालांकि देश जरूर बर्बाद होगा ,क्योंकि कागजात चैक करते समय नोटबंदी के जितना समय लगेगा ,उससे कहीं ज्यादा ही लगेगा और देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चोपट हो जाएगी, जो की देश की स्थिति गरीबी की और जाएगी।इस बिल पर और एन आर सी पर किसका प्रभाव पड़ेगा? इस मुहिम मैं सबसे ज्यादा गरीब तबका और जिनके दादाजी के कागजात नहीं होगे.और उनके दादा जी दुनिया से चले गये हों,फिर वो कागजात कहाँ से लाएगा आप बताओ। 
देश में इस तरह का माहौल बना कर हिन्दू और मुसलमानों के रिश्तों को जड़ों से खत्म कर रहे है।मुसलमानों के खिलाफ लड़ कर आप लंबी  राजनीति करना  चाहते हैं, आप की सोच आप के नजरिए से लंबी है, मगर आप की ये  सोच गलत है।क्योंकि इस मुल्क की अवाम हिन्दुस्तान को आजाद करवाने मैं दोनों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।आज भी आपके खिलाफ जो लड़ाई है ये किसी एक धर्म की नहीं है मगर संविधान के रक्षा की लड़ाई हैं, इसमें हर सच्चा भारतीय है वही इस लड़ाई में हिस्सा ले रहे हैं और भाजपा के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।

         मुसलमानों से मेरी अपील

आप हजरात से गुजारिश है कि इस वक्त भारत की हर युनिवर्सिटी शायद मुस्लिम युनिवर्सिटी हो या गैर मुस्लिम युनिवर्सिटी हो,सभी धर्म के लोग या छात्र मिल कर  कानूनी तरीक़े से अपना विरोध कर रहे है,लेकिन पुलिस प्रशासन छात्रों के खिलाफ कैसा  कैसा व्यवहार कर रही है, ये सब आप लोगो ने देख लिया।अब सोने का वक्त नहीं ,ख्वाबे गफलत की नींद से जागना होगा और हमें हमारे हक की लड़ाई लड़नी होगी नही तो ये आफत हमारे ऊपर कल भी आ सकती है, इसलिए समय के चलते तैयार रहना चाहिए।जो भाई हमारे हक और इन्साफ के लिए लड़ रहे है उनका साथ दो,और हो सके तो उन लोगों के लिये आर्थिक मदद भी करेंं या उनके लिये अल्लाह से उनके हक मैं दुआ मांगे ,अल्लाह उन्हें इस मुसीबत से बचा दें।राजस्थान के लोगों को अब जरूर जागना होगा।नही तो कल हमारा भी नंबर न आए,क्योंकि हम अभी सोए हुए हैं ,मुसीबत कभी भी आ सकती है ।

शुक्रिया धन्यवाद

आप इस लेख को जरूर जरूर आगे शैयर करें अपने लोगों के पास जाए और इस लेख को पढें।
मैं आप का दोस्त, लेखक, ब्लोगर मुराद खान ।

C. A. B, और N. R. C के मायने क्या❓

 दोस्तों नमस्कार सी ए बी और एनआरसी के मायने क्या जब से मोदी सरकार 2014 से सत्ता में आई है तब से लेकर आज तक विशेष 1 वर्ग के खिलाफ आए दिन संविधान से लेकर हमले हो रहे हैं । यह सरकार आर एस एस के एजेंडे पर काम करती  है । इसमें कोई शक नहीं ,क्योंकि इनके अपने संकल्प पत्र में इन्होंने आरएसएस बहुत सारे वादे कर चुका  हैं ,और उन वादों को पूरा करने के लिए देश में आग फैलाने का काम कर रहे यह लोग  धारा 370 जम्मू कश्मीर का मसला हो या ट्रिपल तलाक का कानून हो।हिन्दू. मुस्लिम के नाम पर ये. लोग मुल्क के दो टुकड़े कर रहे है।अब जो भाजपा देश मैं खैल खेल रही हैं ये सब उन की सोची समझी प्लानिंग हैं, क्योंकि इनका एक ही मकसद है मुसलमानों को इस मुल्क से बाहर खदेड़ना जैसे अभी रोहंगिया मुसलमानों को खदेड़ा था।मुसलमानों से मेरी गुजारिश है कि आप इस मुल्क के बा इज्ज्त शहरी हैं और बा इज्ज्त बाशिंदे भी हैं आपको डरने की कोई जरुरत नहीं हैं,।आपको बाबा साहब.भीमराव अंम्बेडकर का बनाया हुआ संविधान बोलने का हक दे रहा है तब तक मत रूको.जब तक संविधान ज़िन्दा है।  विरोध कानून के मुताबिक आगे बढाते रहो ।ये मुल्क जितना आप का है. उतना ही हमारा है , इस मुल्क को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका मुसलमानों की रही हैं,अगर किसी को शक है. तो इण्डिया गेट पर जा के इतिहास देखो ।
ये.लोग मुसलमानों को बाहर भगाने के लिए देश मैं जो.लोग गैर मुस्लिम हैं उनको नागरिक प्रमाण पत्र दे देंगे और मुसलमानों को नागरिक प्रमाण पत्र नही होगा ,उसके बाद एन आर सी का सिस्टम चालू होगा ,उसके जरिए दादा के कागजात मागे जाएंगे फिर अगर वो कागजात नही हो ने पर उस को देश से बाहर कर दिया जाएगा।।
मुसलमानों से नहीं बल्कि सच्चे हमारे भाई हिन्दुओं से भी इल्तिजा हैं कि आप इन्सानियत के नाते आप संविधान को बचाएं ।ये लोग कुछ मक्खी के बराबर हैं जो मुल्क को बरबाद करने मैं लगै हैं।
इनको देश से कोई पड़ी नहीं हैं, क्योंकि देश मैं बेरोजगारी, शिक्षा ,स्वास्थ्य, पानी  आए दिन ब्लात्कार की घटनाएं. और न  जाने कैसी कैसी समस्याएं देश मैं उठ खडी हुई है।
 उन समस्याओं से आम लोगों का ध्यान भटकाने के लिये ये नफरत के बीज बो रहे है।
चुनाव के समय हिन्दू मुसलमान के मुद्दे बना कर चुनाव जीत जाते हैं।फिर जब सत्ता में आते ही असली समस्याएं भूल जाते हैं जिससे किसान और बेरोजगार यूवा दर दर की ठोकरें खाता हुआ घूमता फिरता है।इन लोगों को यूवा, किसान, मजदूर से कोई पडी नहीं है।
मैं सभी भारतीय आम जनता से अनुरोध करता हूँ कि देश मैं तरह तरह की समस्याएं उठ खड़ी हुई है इनका पुरजोर विरोध करें।अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहैं।जाती या धर्म के चक्कर मैं न पडें ,अपने आप को भारतीय मान कर देश पर गर्व करें औरदेश के लिये अच्छा काम करें।याद रखें बुरा काम करने वाले को बुरा नतीजा ही मिलता है।

धन्यवाद।आप इस लेख को पढैं और आगे से आगे शैयर करें ंं धन्यवाद।

पंचायती राज चुनाव,एक खास नज़र में।

 दोस्तों नमस्कार !आज मैं बात कर रहा हूं  राजस्थान के पंचायती राज चुनाव की, क्योंकि चुनाव का समय नजदीक आने वाला है। राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनाव के समय सारणी भी बना दी है। चुनाव लड़ने वाले जो प्रतिनिधित्व होंगे उनकी योग्यता क्या रखी है, जरा आप सोचो बिना योग्यता वाला आदमी वह प्रतिनिधित्व ग्राम पंचायत का या पंचायत समिति का नेतृत्व कैसे कर पाएगा नेतृत्व करने का मतलब यह है की की जनता के लिए कल्याणकारी कार्य करना , जनता के अनुरूप योजनाएं बनाना और उसको पूर्ण रुप से लागू करना। यह जो कांग्रेस सरकार ने जो ग्राम पंचायत के लिए प्रतिनिधित्व करने वाले सरपंचों के लिए जो आठवीं पास योग्यता थी उस योग्यता को हटाया। ये  बिल्कुल गलत है इससे राजशाही शासन ग्राम पंचायतों में चलता रहता है । जो उस ग्राम पंचायत का युवा वर्ग शिक्षित और बड़ी सोच वाला जनता की सेवा करने के लिए मौका तलाश रहा है। मगर उस बेचारे को यह मौका नहीं मिल रहा है क्योंकि उनके पास योग्यता है लेकिन उनके सामने वाला आदमी पैसे से लबालब है ,वह अपनी पंचायत को पैसे के बलबूते पर दबा लेता है। भ्रष्टाचार करके चुनाव जीत जाता है। मेरे जैसे हजारों युवाओं की इच्छा होती है चुनाव लड़ने की उनका चुनाव लड़ने का मकसद होता है कि जनता की सेवा की जाए । जनता की समस्याओं को हल किया जाए युवाओं से पूछना चाहता हूं। आप चुनाव लड़ना क्यों चाहते हैं ? उन युवाओं का उत्तर निकल कर आता है कि इतने साल हो गए 60 से 70 साल हो गए। पंचायती राज चल रहा है लेकिन तब से लेकर आज तक अनपढ़ लोग ज्यादातर चुनाव में हिस्सा लेते हैं क्योंकि उनके पास पैसा ज्यादा है और वह चुनाव आते हैं तब खर्चा ज्यादा करते हैं । लेकिन जब चुनाव जीत जाते हैं तब वे आदमी खर्चा किया हुआ सबसे पहले अपनी भरपाई करते हैं। फिर बचा खुचा माल जो अपने नजदीकी आदमी होते हैं उनके लिए कुछ काम करते हैं उनके काम और नजरिए को देखकर युवाओं में नौजवान साथियों में यह आक्रोश है । सरकार की बडी बडी योजनाओं मैं धांधली करके अपना बिजनैस करते हैं , सरकारी पैसे का दुरुपयोग  करते हैं।
 जब पिछली सरकार ने पंचायती राज चुनाव में कुछ निश्चित योग्यताएं लागू की थी। योग्यताएं थी ग्राम पंचायत में प्रतिनिधित्व सरपंच डेलिकेट प्रधान सबकी अलग-अलग योग्यताएं थी। सरपंच की योग्यता आठवीं पास योग्यता थी। पिछली भाजपा सरकार ने लागू की थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही बदल दी ।
आज की तारीख मैं नौजवान यूवा ही. देश की तकदीर को बदलने की ख्वाहिश रख के बैठा है, मगर उन्हें मौका नही मिल रहा है।
उनके आगे परेशानियां बहुत है,क्योंकि उनके पास सबसे बडी आर्थिक स्थिति की किल्लत और नेटवर्क की कमी ।एक देश का नोजवान देश को बदलने का ख्वाब लेकर मन मैं बैठा है मगर करे तो क्या करें, क्योंकि उनकी सुनने वाला कोई नहीं है, अगर सरकार चाहे तो अच्छा कदम उठा सकती है । ग्रामपंचायत मैं सरपंच के रूप में चुनाव लडऩे वाले प्रतिनिधित्व की योग्यता आठवीं से ऊपर की जाए और चुनावी खर्चे को कम किया जाए तो नौजवान की आस जग सकती है। ग्राम पंचायत का मुखिया के रूप में भूमिका निभाने वाला सरपंच के पास अगर शिक्षा और सोच है तो ग्राम पंचायत की तकदीर भी बदल सकता है।
उससे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती। मैं आप लोगों से विनम्र निवेदन करता हूँ कि मत देने का अधिकार आप को है ,मगर आप का फर्ज बनता है चुनाव मैं एसै प्रतिनिधित्व को वोट दें जो शिक्षित हो, ईमानदार हो ,काम करने योग्य हो, सबसे अहम बात ये है कि जो चुनाव में अधिक खर्चा करता है उस को मत कभी न  देना क्योंकि वो चुनाव जीतने के बाद अपनी भरपायी करने मैं लग जाएगा और खुद का कर्ज दूर करेगा।आप लोगों की तरफ शायद ही देख पायेगा। ऐसै उदाहरण देखने को बहुत मिलते है
पंचायती राज के पा 29 विषय है कार्य करने के ,जिससे वो.उन पर काम कर सकता है।
आज.कल हमारे सरपंचों मैं एक ये परम्परा बैठी हुई है कि ,ग्राम पंचायत में चुनाव लडऩे वाले प्रतिनिधित्व दो खेमों मैं बंटे होते है ,उनको जनता वोट देती ,जनता अपना फर्ज पूरा करती ,जनता को भी यह इख्तियार हासिल है कि वो जिसको चाहे उसको अपना  मत दे सकती है, लेकिन वे सरपंच चुनाव जीतने के बाद वे अपने कार्यकाल तक नाराज रहते है कि आप ने मुझे वोट नहीं दिये और आप को काम नही दूंगा।वो बेचारा आदमी कहांं जाए? ये है हमारे अनपढ़ सरपंचों की स्थिति ।तो फिर विकास क्या करेगा सरपंच उस पंचायत का ,भला कैसे पंचायत का.सपना पूरा कर सकता है।
आज की.तारीख मैं हर.यूवा अपनी पंचायत में चुनाव. लडऩे के लिए अपना प्रचार प्रसार कर रहे है,सोशल मीडिया पर ज्यादा और धरातल पर कम । सोशल मीडिया पर बडी बडी बातें फेंक रहे हैं ,मानो.ऐसा लगता हैं कि ये सारा काम आज ही कर लेंगे.और पंचायत को वाकई सुधारने का सपना संजो के बैठे हैं। आप अपने शिक्षित और ईमानदार आदमी, जनता और पंचायत की भलाई करने वाला होना चाहिए। 

थार मुस्लिम एज्युकेशन एण्ड वेलफेयर सोसाइटी, बाड़मेर


थार मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी बाडमेर, जिला बाडमेर आपका.बहुत बहुत स्वागत एव अभिन्नदन।
कल दिनांक 15सितंबर,2019 को बहुत ही शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।मैं थार सोसाइटी के अध्यक्ष जनाब आदिल भाई साहब और सभी सदस्यों को बधाई।मुझे उम्मीद है और पूरा यकीन है कि आप इस तरह.के सम्मान समारोह जैसे कार्यक्रम आगे भी जारी रखें मुस्लिम।प्रतिभाओं को इस तरह हमेशां सम्मानित करते रहैं।ये सोसायटी पूरे मुस्लिम समाज को एक साझा मंच प्रदान करती है।ये बहुत खुशी की बात है।
ये मुस्लिम समाज का दूसरा प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम रखा गया है, लगातार सिलसिला जारी है।इस कार्यक्रम में हर वर्ग के प्रतिभा को सम्मानित आप ने किया और सभी प्रतिभा अपने आप को गोर्वानित महसूस कर रहे हैं ।इस तरह के कार्यक्रम करने वालों की सराहनीय पहल है।अभी आप के द्वारा छोटी सी शुरुआत हुई है, लैकिन आने वाला वक्त ही बताएगा कि आप और आप की सोसायटी कहाँ पर खड़ी होगी। आपकी मेहनत और लगन से ही ये काम हो रहा है , नहीं तो यहाँ पर साझा मंच के बारे में किसने सोचा था। सोसायटी में जो सदस्य हैं उनके अन्दर वाकई ये गुण जरूर झलकते होंगे -मेहनत, लग्न, ईमानदारी, सच्चाई, मोहब्बत, प्रेम उत्साह आदि गुणों की अहमियत आपके अन्दर पायी जाती है, तभी ये सब कुछ कर पाना संभव है। 

इस प्रकार के पास प्रोग्राम करने से बच्चों में उत्साह और प्रेम का संचार होता है, जिससे सम्मानित व्यक्ति के अन्दर नयी ऊर्जा पैदा होती है और अपना ध्यान लक्ष्य कीओर केन्द्रीत करता है सम्मान। पिछले चार से पांच सालों में बाड़मेर के अन्दर बहुत बड़ा बदलाव आया है शिक्षा को लेकर, क्योंकि जगह जगह मुस्लिम प्राईवेट हास्टल खुल रहैं है, और स्कूलों में बढती मुस्लिम बच्चों की तादाद। और शहर से बाहर जगह जगह पर मुस्लिम समाज के स्कूल खुलना। सरकार द्वारा भी सरकारी छात्रावास में रहने वाले बच्चों को मदद दी जा रही है बहुत बहुत अच्छी पहल है। 

आजकल सरकारी नौकरी के क्षेत्र में देखा जाए तो, जरूर अब मुसलमान दैखनै को मिल रहा है, पिछली रीट में बाडमेर के 24 छात्रों का सलेक्शन हुआ था, और अभी आर्मी की भर्ती का परिणाम आया तो उसमें जोधपुर संभाग के 16 छात्रों का और बाड़मेर के पांच छात्रों का सलेक्शन हुआ है बड़ी खुशी की बात है, पिछली पुलिस की भर्ती में बाड़मेर के तीन लोगों का सलेक्शन हुआ, जो कि अभी तक हमारा अनुपात कम है। फिर भी अच्छे प्रयास है। ।

मेरा थार मुस्लिम एज्युकेशन ऐण्ड वेलफेयर सोसाइटी, बाड़मेर को सुझाव:- 
1.प्रतिभा सम्मान समारोह को दो हिस्सों में रखने की कोशिश करैं
(१) एक वै छात्र जो कक्षा 10 वीं से लैकर हाई एज्युकेशन तक। जो 70%से ऊपर हैं। 
(२) दूसरे वे अभ्यर्थी है जो सरकारी नये  नौकर हो, उनको  अलग से सम्मानित किया जाए। 

2.एक छात्रों का बडे़ स्तर पर मार्गदर्शन अथवा Get Together👭👫 कार्यक्रम रखा जाए, इस कार्यक्रम में केवल उन्ही  लोगों को बुलाया जाए जो  शिक्षा के क्षेत्र में विद्वान हों, विषय विशैषज्ञ हो, ता की प्रत्येक छात्रों को सुनने और समझने का मोका मिले। इस कार्यक्रम में किसी नेता वगैरह को बुलाने की कोई जरूरत नही है। 
जरूरत इन लोगों की है- डाक्टर, इंजीनियर, वकील, अध्यापक व्याख्याता, आर ए एस अधिकारी जो मुस्लिम हौ, और आर्मी आफिसर। इत्यादि।। 

3.गरीब छात्रों के लिए फण्ड की व्यवस्था जरूर करवाएं। ता की शिक्षा अपना भविष्य बना सकें। 



ये मेरे सुझाव थे, अगर आप को बडि़या लगे हो तो अच्छी बात है, नहीं तो फिर सोसायटी की मर्जी। हमारा कहना फर्ज है  आप का करना फर्ज है। इतने बड़े मुस्लिम समाज में आप फण्ड की व्यवस्था आराम से कर सकते हैं।। 

राजस्थान पुलिस की भर्ती प्रक्रिया जारी,2019

दोस्तों आप के लिए खुशखबरी।5500 पदों पर होगी पुलिस की भर्ती
जी हाँ राजस्थान सरकार पुलिस की जिले वार भर्ती निकालने जा रही हैं।सितंबर के अन्तिम महीने से फार्म भरना चालू हो जाएगा ।आप अपनी तैयारी जारी रखें।इसकी तैयारी मैं गृह विभाग जुट चुका है, जल्द ही फार्म सितंबर माह के अंत मैं चालू  हो जाएगा।
योग्यता:-1. 10  वीं पास होना चाहिए।
             2.18-28 तक होनी चाहिए।
            
1.लिखित परीक्षा
2.शारीरक दक्षता
3.मेडिकल टेस्ट
4.डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन
5.फाईनल मेरीट

पाठ्यक्रम:- 
राजस्थान का सामान्य ज्ञान
भारत का.सामान्य ज्ञान/सामान्य विज्ञान
करंट जी.के.
गणित
मानसिक योग्यता( तर्क शक्ति) 


Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...