मुस्लिम अवाम से इल्तिजा

 दोस्तों नमस्कार आज मैं बात करने जा रहा हूँ,
मुस्लिम अवाम जो कि अभी हमारे मुल्क में हालात बहुत ही नाजुक चल रहे हैं।बता.दें ये हालात उस.वक्त से खराब हो रहे हैं जब से दुबारा भाजपा सरकार इस.मुल्क में सत्ता मैं आई.तब से लेकर आज तक ये सरकार उल्टे फैसले ले रही है जो की संविधान के खिलाफ कदम उठाती नजर आ रही है।आए दिन किसी एक वर्ग के खिलाफ निर्णय लेकर अपने दम पर फैसला लेकर उनकी आवाज को दबा रही है।धारा 370और 35ए को हटाना ।ये निर्णय एक विशेष मुस्लिम वर्ग को नजर मैं रख कर एसा कर रही हैं।उसके बाद तीन तलाक बिल लाया गया जो कि एक मुस्लिम वर्ग के खिलाफ लाया गया।उसके मंदिर और मस्जिद का फैसला पलट देना जो कि अपने आप मैं गलत था और गलत हैं भी इसमेँ कोई शक नहीं।
इतने तीन फैसले भारत मैं मुस्लिम धर्म के खिलाफ लिए और संविधान मैं कानून का रूप ले लिया,उसके बाद जब मुसलमानों ने धैर्य रखा ,तब भी इनको आनंद नही आया ,क्योंकि मुसलमानों को संविधान मैं इनका हक दबा कर एक अलग हाशिये पर धकेला जाए।उसके लिए इन्होंने एक महत्वपूर्ण योजना बनाई गई ,सबसे पहले देश के आसाम राज्य में एन आर सी लागू की तब मुसलमानों की तादाद मैं काफी कमी नजर आयी और गैर मुस्लिम की तादाद ज्यादा होने के कारण अपने ही लोग उस लिस्ट से गायब हो गई, तब उन्होंने ही इस एन आर सी  बंद करवाई ,उस के बाद सी.ए.बी बिल केबिनेट मैं पास करके लोकसभा मैं लाया गया, वहां से पास होते ही राज्यसभा में भी ब हुमत से पास हो गया।और कानून का रूप ले लिया ।ये कानून एक.कहावत के मुताबिक है "जिसकी हर्जी उसकी मर्जी','जिसकी लाठी उसकी भेंस 'यही हाल है हमारी सरकार का।
जब सी.ए .बी  बिल पास हो गया और देश की जनता जो जागरूक है उन्होंने इस कानून का पुरजोर विरोध किया और विरोध कर रहे है, लेकिन उन के सामने पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया गया किस हद तक सही हैं।ये किस हद तक सही है? देश आपसे सवाल पूछ रहा है।सी.ए .बी बिल मैं आप संविधान के खिलाफ भेदभाव कर रहे हैं और जो शर्राणार्थ हैं उनको आप नागरिकता प्रमाण पत्र दे रहे हो ये स्वागत योग्य हैं मगर किसी एक धर्म को आप दर किनार क्यों कर रहे हैं असली सवाल तो ये है.।आज लोग इस कानून से सब.लोग जागरूक हैं और ये मुस्लिम के खिलाफ नहीं बल्कि संविधान के खिलाफ हत्या है।बाबा साहब के द्वारा बनाया हुआ संविधान को ताक मैं रख कर अपनी मन.मर्जी के मुताबिक फैसले ले रहे हैं जो कि सरासर गलत है।एन.आर .सी लागू करने से मुसलमानों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा हालांकि देश जरूर बर्बाद होगा ,क्योंकि कागजात चैक करते समय नोटबंदी के जितना समय लगेगा ,उससे कहीं ज्यादा ही लगेगा और देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चोपट हो जाएगी, जो की देश की स्थिति गरीबी की और जाएगी।इस बिल पर और एन आर सी पर किसका प्रभाव पड़ेगा? इस मुहिम मैं सबसे ज्यादा गरीब तबका और जिनके दादाजी के कागजात नहीं होगे.और उनके दादा जी दुनिया से चले गये हों,फिर वो कागजात कहाँ से लाएगा आप बताओ। 
देश में इस तरह का माहौल बना कर हिन्दू और मुसलमानों के रिश्तों को जड़ों से खत्म कर रहे है।मुसलमानों के खिलाफ लड़ कर आप लंबी  राजनीति करना  चाहते हैं, आप की सोच आप के नजरिए से लंबी है, मगर आप की ये  सोच गलत है।क्योंकि इस मुल्क की अवाम हिन्दुस्तान को आजाद करवाने मैं दोनों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।आज भी आपके खिलाफ जो लड़ाई है ये किसी एक धर्म की नहीं है मगर संविधान के रक्षा की लड़ाई हैं, इसमें हर सच्चा भारतीय है वही इस लड़ाई में हिस्सा ले रहे हैं और भाजपा के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।

         मुसलमानों से मेरी अपील

आप हजरात से गुजारिश है कि इस वक्त भारत की हर युनिवर्सिटी शायद मुस्लिम युनिवर्सिटी हो या गैर मुस्लिम युनिवर्सिटी हो,सभी धर्म के लोग या छात्र मिल कर  कानूनी तरीक़े से अपना विरोध कर रहे है,लेकिन पुलिस प्रशासन छात्रों के खिलाफ कैसा  कैसा व्यवहार कर रही है, ये सब आप लोगो ने देख लिया।अब सोने का वक्त नहीं ,ख्वाबे गफलत की नींद से जागना होगा और हमें हमारे हक की लड़ाई लड़नी होगी नही तो ये आफत हमारे ऊपर कल भी आ सकती है, इसलिए समय के चलते तैयार रहना चाहिए।जो भाई हमारे हक और इन्साफ के लिए लड़ रहे है उनका साथ दो,और हो सके तो उन लोगों के लिये आर्थिक मदद भी करेंं या उनके लिये अल्लाह से उनके हक मैं दुआ मांगे ,अल्लाह उन्हें इस मुसीबत से बचा दें।राजस्थान के लोगों को अब जरूर जागना होगा।नही तो कल हमारा भी नंबर न आए,क्योंकि हम अभी सोए हुए हैं ,मुसीबत कभी भी आ सकती है ।

शुक्रिया धन्यवाद

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मैं आप का दोस्त, लेखक, ब्लोगर मुराद खान ।

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