Aimim party

AIMIM पार्टी का परिचय -आल इंडिया मजलिस इत्तिहादुल मुसलिमीन के नाम इस पार्टी की स्थापना पुराने शहर हैदराबाद मैं कायम हुई थी ।भारत की सबसे प्राचीन पार्टी के रुप मैं पहचानी जाती है।एम आई एम पार्टी का संस्थापक अब्दुल वाहेद ओवेसी और उनके पुत्र सलाहुद्दीन औवेसी उनके पुत्र असद्दुदीन औवेसी है जो पांचवीं बार हैदराबाद से सांसद बने हैं और वर्तमान पार्टी कै बतोर अध्यक्ष भी हैं।

एम आई एम पार्टी का विस्तार -एम आई एम पार्टी भारत के मशहूर शहर हैदराबाद से निकल कर भारत के दूसरे शहरों और राज्यों में अपना पैर पसार रही है, इसका मतलब है कि पार्टी अपना आए दिन विस्तार कर रही हैं और लोगों के दिलों पर राज़ भी कर रही है ।एम आई एम पार्टी के दो सांसद सदस्य हैं, तेलंगाना राज्य मैं सात विधायक है और बिहार में पांच विधायक हैं, और महाराष्ट्र में दो विधायक है ,एक महाराष्ट्र से सांसद सदस्य हैं। वर्तमान उत्तर प्रदेश मेंं चुनाव दम खम के साथ मैदान मैं उतर चुकी है, उनका क्या इतिहास बनता है ये अब वक्त  ही बताएगा । 


एम आई एम पार्टी के विस्तार का क्या मतलब है? 

हिन्दुस्तान की एकमात्र शायद ही एसी पार्टी है जो हर किसी वर्ग, जाती ,धर्म के बिना भेदभाव के हर मज़लूम इन्सान के साथ खड़ी है । विशेष अल्पसंख्यक और दलितों के साथ हर दम उनकी आवाज को उठाती हुई नज़र आ रही है ।क्योंकि संविधान ने जो उनको अधिकार दिये हैं, उनका अपना हक पूरा नहीं मिल रहा है जिनकी वजह से असद्दुदीन औवेसी हर वर्ग की पुरजोर तरीक़े से पार्लियामेंट हो या रैली मैं हो ,हर तरह  से सब के हक की आवाज़ उठा रहे है ।भारत के एकमात्र सांसद औवेसी हैं जिनहें संसद रत्न पुरस्कार से 
नवाजा गया है और सो प्रतिशत जनता की और देश के विकास के लिए आवाज उठाते हैं।

एम आई एम की लीडरशिप क्यों ?

एम आई एम पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो सब के हित की आवाज उठाती है, संविधान के दायरे में रहकर अपने हकुक की मांग करती है।एम आई एम पार्टी में जो भी उम्मीदवार और नेता हैं सब बड़े विद्वान और जागरूक प्रतिनिधित्व करनेवाले हैं।एम आई एम पार्टी के हर कार्यकर्ता के अन्दर लीडरशिप की भावना मौजूद हैं।जिसके कारण आम जनता की आवाज सरकार के कानों तक जरूर गूंजती हुई सुनाई देती हैं।

एम.आई.एम एम.आई.एम पार्टी पर इल्ज़ाम क्यों पार्टी पर इल्ज़ाम क्यों?

जब से एम आई एम पार्टी अपने शहर हैदराबाद से बाहर अन्य शहरों मैं हक की आवाज को उठाती है और अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान मैं उतारकर सियासत में अपना लेना चाहती है, तब विपक्षी पार्टियां इस पर बहुत सारे इल्ज़ाम लगाती है, ये मजलिस भाजपा की बी टीम है, ये जिन्ना की पार्टी है, फलां फलां, एसे आरोप लगते रहे, मगर ये सब आरोप निराधार है।एम आई एम पार्टी देश के हर मध्यम वर्ग, अल्पसंख्यक, और दलित वर्ग के साथ हरदम खड़ी नजर आती है ,दबे कुचले लोगों की आवाज को उठाती है।विपक्षी पार्टियां इल्जाम इसलिए लगाती है कि उनका पीढी दर पीढी का वोट कट कर मजलिस के साथ जा रहा है।इसलिए उनके सीने में दर्द होता है।

मुसलमानों और दलित समाज की असल पार्टी कौन ?
जिस कांग्रेस पार्टी को मुसलमान और दलित समाज, और ओबी।सी वर्ग दशको से वोट देता आ रहा है मगर क्या उनकी आवाज को हकीकत में सुनी जा रही हैं या अभी भी कमी रह गई है।1947 से लेकर 2014 तक मुसलमानों औल दलित समाज का विकास कितना हुआ,विकास का मतलब ,आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, और शैक्षणिक ,स्वास्थ्य सेवा संम्बन्धित सभी पहलुओं से देखा जाऐ तो आज भी विकास के हर पैमाने पर सरकार फैल नज़र आ रही है।मुसलमानों और दलित समाज के लोगों ने आज त बीजेपी और कांग्रेस को वोट देती आई मगर इनको क्या मिला, दो बूंद के सिवा कुछ नहीं।आपकी आवाज के ऊपर कोई पार्टी ध्यान देती है तो वो एम.आई.एम पार्टी है।

असदुद्दीन ओवैसी एक दमदार लीडर और मुस्लिम कौम का हक़ीक़ी रहनुमा है।हर क्षेत्र मे शिक्षा, खेलकूद, समाज, राजनीति धर्म एवं आर्थिक मामलों में हर क्षेत्र में सबसे आगे, जिसमें कोई शक नहीं। उनको सच,हक और 
ईमानदरी के मसले पर बोलने से कोई रोक नहीं सकता है, संविधान के दायरे में रहकर ही बात करते हैं।भारत के अन्दर जितने भी नेता है उनमें 50 प्रतिशत राजनेताओं के ऊपर बड़े -बड़े मुकदमे दर्ज हैं,जबकि औवेसी एकमात्र ऐसे लीडर हैं जिनके ऊपर कोई मुकदमा है नहीं।
औवेसी की पार्टी के और भी सदस्य हैं जो बोलने मैं कभी हिचकिचाते नहीं है।


धन्यवाद !आपका दोस्त लेखक मुराद खान ।

1 टिप्पणी:

Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...