दोस्तों👭👬👫 सलाम आदाब, आज के मेरे अध्याय का मतलब ये है कि बिना संघर्ष के काम कभी सफल नहीं होता।क्योंकि डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इन्तज़ार करनै वाले को उतना ही मिलता जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है।जी हां बिलकुल सही बात है, हमारे मुल्क कौ आजाद होने मैं 70साल से ऊपर हो चुके है, लेकिन आज भी हम मुसलमानों की स्थिति है जस की तस हैं। क्योंकि हम लोगों ने भारत आजाद होने से लेकर अब तक उतना संघर्ष ,उतने कंपटीशन नहीं करें जितने अन्य कौम ने करें। इसलिए हमको उतना ही फल मिला जितना कोशिश करने वाले पीछे छोड़ चुके है। आज भारत के अंदर भाजपा सत्ता में जोकि मुसलमानों के खिलाफ आए दिन कानून पास करवा रही है, क्योंकि उनकी अपनी बहुमत हैं।उनके सामने अपने लोग मुसलमान लोग अलग-अलग सड़कों में बैठे हुए इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन प्रभाव यह पड़ता है कि मुसलमानों के पास शिक्षा नहीं है, बड़े-बड़े विभागों में मुसलमानों का प्रतिशत बिलकुल कम है। इसलिए आज मुसलमानों के खिलाफ यह आवाज उठ रही है। और मुसलमान नींद में सो रहा है, तो डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इंतजार करने वालों को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते। सही बात है कि आज हमारे मुल्क को आजाद करने में 70 साल से अधिक समय लग चुका है। स
इस मुल्क को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका मुसलमानों की ही रही है। मुसलमान अपने वतन के प्रति प्रेम रखता है और इसका एक सबूत है इंडिया गेट पर सबसे ज्यादा शहीद होने वाले मुसलमानों के नाम लिखे हुए ।जब तक हम अपने उद्देश्य अपने कर्म अपने ।लक्ष्य के प्रति मुसलसल मेहनत कोशिश जज्बा हिम्मत नहीं रखेंगे तब तक हम अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे कोई भी काम कितना भी आसान और कितना भी मुश्किल क्यों न हो उन सब के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां तक कि मैं कहूं खाना खाना भी एक कठिन काम है ।क्योंकि खाने का लुकमा मुंह में डाल दो लेकिन बगैर चबाए निगल नहीं जाता है ।यह बात सत्य है। मैं मुसलमानाने हिन्द से अपील करता हूं आपको अपना दैनिक कार्य करते हुए अपने काम की अपने परिवार की अपने समाज के दर्द को भी समझ लिया करें। उनकी जरूरतों को भी समझें शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें आगे लाएं या उनको किसी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत है तो उनकी वह सहायता आप लोग पूरी करें। अगर हम एक दूसरे को शिक्षा के प्रति आगे नहीं बढ़ाएंगे ,जागरूक नहीं करेंगे, सकारात्मक कार्य के प्रति उनको जागरूक करना होगा।
इस मुल्क को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका मुसलमानों की ही रही है। मुसलमान अपने वतन के प्रति प्रेम रखता है और इसका एक सबूत है इंडिया गेट पर सबसे ज्यादा शहीद होने वाले मुसलमानों के नाम लिखे हुए ।जब तक हम अपने उद्देश्य अपने कर्म अपने ।लक्ष्य के प्रति मुसलसल मेहनत कोशिश जज्बा हिम्मत नहीं रखेंगे तब तक हम अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे कोई भी काम कितना भी आसान और कितना भी मुश्किल क्यों न हो उन सब के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहां तक कि मैं कहूं खाना खाना भी एक कठिन काम है ।क्योंकि खाने का लुकमा मुंह में डाल दो लेकिन बगैर चबाए निगल नहीं जाता है ।यह बात सत्य है। मैं मुसलमानाने हिन्द से अपील करता हूं आपको अपना दैनिक कार्य करते हुए अपने काम की अपने परिवार की अपने समाज के दर्द को भी समझ लिया करें। उनकी जरूरतों को भी समझें शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें आगे लाएं या उनको किसी अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत है तो उनकी वह सहायता आप लोग पूरी करें। अगर हम एक दूसरे को शिक्षा के प्रति आगे नहीं बढ़ाएंगे ,जागरूक नहीं करेंगे, सकारात्मक कार्य के प्रति उनको जागरूक करना होगा।
हाफिज साहब अरबी में लिखा है, पता नहीं चल रहा है।
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