में आज बात कर रहा हूँ बाड़मेर के चमकते सितारे की जिन्होंने मुस्लिम समाज के हर पल सुख - दुख की घड़ी में साथ दिया, और समाज में जागरूक रह कर समाज के साथ खड़े रहे और खड़े है और आगे भी रहेंगे। और जहाँ भी जाते हैं अपने अन्दाज़ की खास एक खास पहचान रखते हैं और बेबाक अन्दाज में अपनी राय रखने के काबिले तारीफ है ं।
मुस्लिम समाज का एक ऐसा हीरो जो उभरता हुआ और समाज का नेतृत्व करने वाला जनाब अशरफ अली खिलजी साहब उर्दू एकेडमी चैयरमेन पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार।
मैं आप को बताना चाहता हूँ कि इस शख्सियत को हमने करीब से देखा है कि बच्चे के सामने बच्चा बन कर बातें करता है और बड़े लोगों के साथ बड़ा बन के बातें करता है। किसी भी किसी समय याद कर लो तो हर दम तैयार रहते हैं। इस बंदे ने पार्षद से लेकर राज्य स्तरीय मंत्री तक सफर तय किया है। चाहे वह किसी भी पार्टी में रहे उन्हें उस पर कोई शिकवा गिला नहीं है लेकिन गिला शिकवा तब होती है जब आप समाज को पीछे मुड़कर नहीं देखें , लेकिन हकीकत में आपने ऐसा नहीं किया ,क्योंकि हरदम समाज के अंदर उतार-चढ़ाव के पल आते रहते हैं, कुछ समस्याएं आती रहती है आप हमेशा समाज के साथ समाज के भीतर रहकर समाज की समस्याओं को आपने उठाया ।चाहे आपने अपने तेली समाज का भला किया ,आपने पूरी मुस्लिम समाज का भला किया। आपने जो काम किए वह हम भी जानते हैं आप ने क्या किए हैं कहने की जरूरत नहीं है। सब लोगों को पता है आपने यह सब काम किया तो बस तालीम के जरिए से आगे बढ़कर कानून को समझ कर अपने और पराए में फर्क करके नए और पुराने को परखा। जो कि आपका सफर बहुत महत्वपूर्ण रहा और आगे भी रहेगा इंशाल्लाह। हकीकत में देखा जाए तो आप छोटे से बच्चे से लेकर बड़े अजीब हंसते-हंसते के बीच आप सदा मुस्कुराते नजर आते हैं और यकीनन इंसान को मुस्कुराना भी चाहिए।आने वाली समस्याओं का मुस्कुराकर ही सामना करना चाहिए ।आपके अंदर यह बहुत बड़ी खूबी है। मैं आपको काफी दिनों के बाद लंबे अरसै से देख रहा हूं कि आप जगह-जगह जाते हैं और अपनी बात भी रखते हैं दिल खोल कर बोलते हैं जरा भी संकोच नहीं रखते हैं।
आप किसी भी पार्टी से हो हमें उस में कोई एतराज नहीं है, आप दिल खोलकर अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहे और समाज के साथ बिताया हुआ वक्त आप को पीछे मुड़ने नहीं देगा। क्योंकि राजनीति तो करना बहुत सख्त मसला है मगर उस राजनीति में हर समाज का सदस्य प्रतिनिधित्व को मत देता है, फिर आप का दायित्व बनता है कि आप प्रत्येक समाज को पीछे मुड़ कर देखते हैं या नहीं। ये आप के ऊपर निर्भर करता है। बड़े स्तर पर आप चुनाव अभी तक नहीं लड़े, लेकिन इन्शा अल्लाह आने वाले दिनों में आप जरूर बड़ा चुनाव लड़ैगै और अच्छी तरह जीत 🏆 भी मिलेगी। ये मेरी और मेरे जैसे हजारों यूवाओ की सोच है, हम लोग चाहते हैं कि आने वाले दिनों में आप किसी भी पार्टी से टिकट लाओ और चुनाव लडो,उसके लिए जगह जगह पर जाओ प्रत्येक समाज के सुख दुःख के भागीदारी बनोगे और जरूर कामयाबी मिलेगी।
तब एक शायर ने कहा था
" खुद ही को कर इतना बुलंद कि हर तकदीर से पहले खुदा खुद बंदे से पूछे, बता तेरी रज़ा क्या है? "
"रख होंसला वो मंजर भी आएगा, प्यासे के पास समन्दर भी चल कर आएगा।थक कर न बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर ,मंजिल भी मिलेगी, जीने का मजा भी आएगा।।
"मांझी तेरी कशती के तलब दार बहुत है, इस पार कुछ मगर उस पार बहुत हैं।
जिस शहर मैं खोली हैं तूने शीशे की दुकान उस शहर मैं पत्थर के खरिदार बहुत है।।"
"अगर आप जलेबी की तरह उलझ ही गए है तो फिर क्यों न डूब कर चाशनी का मज़ा लिया जाए।।"
धन्यवाद ,शुक्रिया।
मुस्लिम समाज का एक ऐसा हीरो जो उभरता हुआ और समाज का नेतृत्व करने वाला जनाब अशरफ अली खिलजी साहब उर्दू एकेडमी चैयरमेन पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार।
मैं आप को बताना चाहता हूँ कि इस शख्सियत को हमने करीब से देखा है कि बच्चे के सामने बच्चा बन कर बातें करता है और बड़े लोगों के साथ बड़ा बन के बातें करता है। किसी भी किसी समय याद कर लो तो हर दम तैयार रहते हैं। इस बंदे ने पार्षद से लेकर राज्य स्तरीय मंत्री तक सफर तय किया है। चाहे वह किसी भी पार्टी में रहे उन्हें उस पर कोई शिकवा गिला नहीं है लेकिन गिला शिकवा तब होती है जब आप समाज को पीछे मुड़कर नहीं देखें , लेकिन हकीकत में आपने ऐसा नहीं किया ,क्योंकि हरदम समाज के अंदर उतार-चढ़ाव के पल आते रहते हैं, कुछ समस्याएं आती रहती है आप हमेशा समाज के साथ समाज के भीतर रहकर समाज की समस्याओं को आपने उठाया ।चाहे आपने अपने तेली समाज का भला किया ,आपने पूरी मुस्लिम समाज का भला किया। आपने जो काम किए वह हम भी जानते हैं आप ने क्या किए हैं कहने की जरूरत नहीं है। सब लोगों को पता है आपने यह सब काम किया तो बस तालीम के जरिए से आगे बढ़कर कानून को समझ कर अपने और पराए में फर्क करके नए और पुराने को परखा। जो कि आपका सफर बहुत महत्वपूर्ण रहा और आगे भी रहेगा इंशाल्लाह। हकीकत में देखा जाए तो आप छोटे से बच्चे से लेकर बड़े अजीब हंसते-हंसते के बीच आप सदा मुस्कुराते नजर आते हैं और यकीनन इंसान को मुस्कुराना भी चाहिए।आने वाली समस्याओं का मुस्कुराकर ही सामना करना चाहिए ।आपके अंदर यह बहुत बड़ी खूबी है। मैं आपको काफी दिनों के बाद लंबे अरसै से देख रहा हूं कि आप जगह-जगह जाते हैं और अपनी बात भी रखते हैं दिल खोल कर बोलते हैं जरा भी संकोच नहीं रखते हैं।
आप किसी भी पार्टी से हो हमें उस में कोई एतराज नहीं है, आप दिल खोलकर अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहे और समाज के साथ बिताया हुआ वक्त आप को पीछे मुड़ने नहीं देगा। क्योंकि राजनीति तो करना बहुत सख्त मसला है मगर उस राजनीति में हर समाज का सदस्य प्रतिनिधित्व को मत देता है, फिर आप का दायित्व बनता है कि आप प्रत्येक समाज को पीछे मुड़ कर देखते हैं या नहीं। ये आप के ऊपर निर्भर करता है। बड़े स्तर पर आप चुनाव अभी तक नहीं लड़े, लेकिन इन्शा अल्लाह आने वाले दिनों में आप जरूर बड़ा चुनाव लड़ैगै और अच्छी तरह जीत 🏆 भी मिलेगी। ये मेरी और मेरे जैसे हजारों यूवाओ की सोच है, हम लोग चाहते हैं कि आने वाले दिनों में आप किसी भी पार्टी से टिकट लाओ और चुनाव लडो,उसके लिए जगह जगह पर जाओ प्रत्येक समाज के सुख दुःख के भागीदारी बनोगे और जरूर कामयाबी मिलेगी।
तब एक शायर ने कहा था
" खुद ही को कर इतना बुलंद कि हर तकदीर से पहले खुदा खुद बंदे से पूछे, बता तेरी रज़ा क्या है? "
"रख होंसला वो मंजर भी आएगा, प्यासे के पास समन्दर भी चल कर आएगा।थक कर न बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर ,मंजिल भी मिलेगी, जीने का मजा भी आएगा।।
"मांझी तेरी कशती के तलब दार बहुत है, इस पार कुछ मगर उस पार बहुत हैं।
जिस शहर मैं खोली हैं तूने शीशे की दुकान उस शहर मैं पत्थर के खरिदार बहुत है।।"
"अगर आप जलेबी की तरह उलझ ही गए है तो फिर क्यों न डूब कर चाशनी का मज़ा लिया जाए।।"
धन्यवाद ,शुक्रिया।
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