अभिभावकों से विनम्र अपील

वे अभिभावक जो अपने बच्चों को विद्यालय में  दाखिला देते हैं और वापस घूम कर भी विद्यालय के बारे में और अपने बच्चे के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं लेते हैं। अभिभावकों का दायित्व बनता है कि कम से कम तीस दिन☀ में एक बार जरूर जाऐं, जब पैरेंट्स मींटीग होती है तब। इससे आप के बच्चे और स्कूल के बीच समन्वय बरकरार रहेगा, आप के बच्चे की मुख्य रूचि किस काम में ज़्यादा है वो भी पता चल जाएगी यह एक सकारात्मक बदलाव है।
आगे में आप को कुछ बिंदु बताने जा रहा हूँ, जिससे आप इन बिन्दुओं को फोलो  करें।
1. आप महीने में एक बार विद्यालय का अवलोकन जरूर करें।
2 .अध्यापक से मिल कर बच्चे की स्थिति के बारे में जरूर जानकारी लें।
3.बच्चे को जो स्कूल में पढाया गया है उसका रीविजन  करने का मोका दें।
4.बच्चो के सामने गुस्से में कभी बात नहीं करैं। 5.बच्चे की हर जरूरत जो अनिवार्य है उसको समय पर पूरा करैं।
6.बच्चे  के  खानपान पर पूरा ध्यान दें।
7.बच्चो को गलत आदतों से बचाया जाऐ।
8.बच्चों का टाइम-टेबल निश्चित करैं।
9.बच्चों के खेलने का समय भी निश्चित करें।
10.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Motivetional speech of social workars

 *"जमाना तुम्हें जाहिल, अनपढ़ और भीख मांगता देखना चाहता है, हिंदुस्तान के मुस्तकबिल का हिस्सेदार नहीं बनाना चाहता, याद रखो अगर तुम आज न...