कोरोना वायरस महामारी- मुस्लिम आवाम से इल्तजा
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कोरोना वायरस नामक महामारी ने पूरे विश्व में तांडव मचा रखा है | मैं इस वक्त मुस्लिम आवाम से इल्तजा करता हूं कि केंद्र सरकार और,राज्य सरकार की दिशा निर्देशों की पालना करें |यह पूरे विश्व के लिए एक मुश्किल घड़ी है | इस मुश्किल घड़ी का सामना करें| सरकार की दिशा निर्देशों के अनुसार चले| सरकार के हर पल का पल का हुकुम माने |नहीं तो यह समस्या हमारे लिए नासूर बन जाएगी| जो कोरोनावायरस में पीड़ित है ,चाहे कोई भी जाति का हो ,कोई भी धर्म का हो सरकार ने मुख्यमंत्री सहायता राहत कोष के लिए एक बैंक खाता खोला है, जो व्यक्ति अपने क्षमता के अनुसार उसमें अपने राशि दान कर सकता है |राज्य स्तर पर जिला स्तर पर अलग-अलग कमेटी बनाकर बैंक अकाउंट खाता भी खोला है ,जो भी भामाशाह है दानदाता है वह दान देकर अपना फर्ज निभाए ताकि उसमें हमारा भी योगदान हो सके | उसका फायदा कोरोना वायरस पीड़ितों को मिल सके|
मैं सभी मुसलमानों से निवेदन करता हूं कि इस महामारी से अपने आप को बचा कर कर रखें| हर समय किसी गरीब की मदद करें और वैश्विक महामारी का सामना करते हुए हर पीड़ित की मदद करें जो मुसलमान अमीर है या दानदाता है, सरपंच है या प्रधान है या जिला प्रमुख है या डेलिकेट है या एमएलए है या एमपी है या राज्यपाल है किसी भी लेवल का आदमी या गवर्नमेंट सर्विस में है या प्राइवेट बिजनेस सर्विस में है बिजनेसमैन है पैसे वाला है जो लोगों को कुछ दे सकता है मदद कर सकता है वह कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के लिए मदद करें | बाकि सभी मुस्लिम अपने अपने स्तर के अनुसार पंचायत समिति या ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटी बनाकर सहयोग करें| सरपंच है जो ग्राम पंचायत के प्रतिनिधित्व है वह अपने पंचायत में हमारे मिलकर अपने लोगों के साथ मिलकर पंचायत में गरीब या कोई बीमारी से ग्रसित है ,उनके लिए खर्च करें पैसा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ गरीब व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके |जो गरीब आदमी है| जितनी मदद मुसलमान करेगा उनके माल में बरकत होगी अल्लाह पाक सखी को पसंद करता है और कंजूस को पसंद नहीं करता है क्योंकि सखी वह होता है जो अपना माल गरीबों को दान करता है |जो लोग पीड़ित या मार हैं उनके लिए खर्च करता है तो ऐसे सखी या दानदाता को अल्लाह पसंद करता है पसंद करता है|
, यह वायरस बीमारी एक किसी इंसान के द्वारा पैदा नहीं की गई है |यह बीमारी कुदरत के तौर पर पैदा की गई है यह एक प्रकार की आपदा हैं| यह बीमारी कुदरत के तौर पर आई हुई है| यह कोई बीमारी न तो किसी धर्म को, न किसी जाति को देखती है |यह बीमारी किसी का रिश्ता नहीं रखती है |और कई हमारे साथी ऐसे समझ रहे हैं, कि यह बीमारी मुसलमानों के कुछ नहीं कर सकती है, मैं कहता हूं इस बीमारी में जो भी चपेट में आया उसको ले डूबूगी |इस से अच्छा है कि अपने आप को बचा कर रखें| और जो इस वक्त आप लोग सरकार का साथ दें| नई नहीं तो चाइना और इटली जैसे हालात पैदा होंगे| अपने घरों से बिना काम बिल्कुल बाहर नहीं निकलना ह|हमें भीड़ में इकट्ठा नहीं होना ही क्योंकि धारा 144 लागू है | क्योंकि आप बिना वजह है बाहर जाएंगे तो पुलिस वालों के डंडे भी बरसेंगे, क्योंकि आपने बहुत सारे वीडियो देखे होंगे अलग-अलग चौराहे पर अलग-अलग शहरों के, पुलिस डंडे बरसा रही है जो लोग बिना वजह है बाहर जा रहे पुलिस वाले डंडे बरसा रही है|
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कोरोना वायरस नामक महामारी ने पूरे विश्व में तांडव मचा रखा है | मैं इस वक्त मुस्लिम आवाम से इल्तजा करता हूं कि केंद्र सरकार और,राज्य सरकार की दिशा निर्देशों की पालना करें |यह पूरे विश्व के लिए एक मुश्किल घड़ी है | इस मुश्किल घड़ी का सामना करें| सरकार की दिशा निर्देशों के अनुसार चले| सरकार के हर पल का पल का हुकुम माने |नहीं तो यह समस्या हमारे लिए नासूर बन जाएगी| जो कोरोनावायरस में पीड़ित है ,चाहे कोई भी जाति का हो ,कोई भी धर्म का हो सरकार ने मुख्यमंत्री सहायता राहत कोष के लिए एक बैंक खाता खोला है, जो व्यक्ति अपने क्षमता के अनुसार उसमें अपने राशि दान कर सकता है |राज्य स्तर पर जिला स्तर पर अलग-अलग कमेटी बनाकर बैंक अकाउंट खाता भी खोला है ,जो भी भामाशाह है दानदाता है वह दान देकर अपना फर्ज निभाए ताकि उसमें हमारा भी योगदान हो सके | उसका फायदा कोरोना वायरस पीड़ितों को मिल सके|
मैं सभी मुसलमानों से निवेदन करता हूं कि इस महामारी से अपने आप को बचा कर कर रखें| हर समय किसी गरीब की मदद करें और वैश्विक महामारी का सामना करते हुए हर पीड़ित की मदद करें जो मुसलमान अमीर है या दानदाता है, सरपंच है या प्रधान है या जिला प्रमुख है या डेलिकेट है या एमएलए है या एमपी है या राज्यपाल है किसी भी लेवल का आदमी या गवर्नमेंट सर्विस में है या प्राइवेट बिजनेस सर्विस में है बिजनेसमैन है पैसे वाला है जो लोगों को कुछ दे सकता है मदद कर सकता है वह कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के लिए मदद करें | बाकि सभी मुस्लिम अपने अपने स्तर के अनुसार पंचायत समिति या ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटी बनाकर सहयोग करें| सरपंच है जो ग्राम पंचायत के प्रतिनिधित्व है वह अपने पंचायत में हमारे मिलकर अपने लोगों के साथ मिलकर पंचायत में गरीब या कोई बीमारी से ग्रसित है ,उनके लिए खर्च करें पैसा सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ गरीब व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सके |जो गरीब आदमी है| जितनी मदद मुसलमान करेगा उनके माल में बरकत होगी अल्लाह पाक सखी को पसंद करता है और कंजूस को पसंद नहीं करता है क्योंकि सखी वह होता है जो अपना माल गरीबों को दान करता है |जो लोग पीड़ित या मार हैं उनके लिए खर्च करता है तो ऐसे सखी या दानदाता को अल्लाह पसंद करता है पसंद करता है|
, यह वायरस बीमारी एक किसी इंसान के द्वारा पैदा नहीं की गई है |यह बीमारी कुदरत के तौर पर पैदा की गई है यह एक प्रकार की आपदा हैं| यह बीमारी कुदरत के तौर पर आई हुई है| यह कोई बीमारी न तो किसी धर्म को, न किसी जाति को देखती है |यह बीमारी किसी का रिश्ता नहीं रखती है |और कई हमारे साथी ऐसे समझ रहे हैं, कि यह बीमारी मुसलमानों के कुछ नहीं कर सकती है, मैं कहता हूं इस बीमारी में जो भी चपेट में आया उसको ले डूबूगी |इस से अच्छा है कि अपने आप को बचा कर रखें| और जो इस वक्त आप लोग सरकार का साथ दें| नई नहीं तो चाइना और इटली जैसे हालात पैदा होंगे| अपने घरों से बिना काम बिल्कुल बाहर नहीं निकलना ह|हमें भीड़ में इकट्ठा नहीं होना ही क्योंकि धारा 144 लागू है | क्योंकि आप बिना वजह है बाहर जाएंगे तो पुलिस वालों के डंडे भी बरसेंगे, क्योंकि आपने बहुत सारे वीडियो देखे होंगे अलग-अलग चौराहे पर अलग-अलग शहरों के, पुलिस डंडे बरसा रही है जो लोग बिना वजह है बाहर जा रहे पुलिस वाले डंडे बरसा रही है|
